Thursday, 01 Oct 2026 | 08:17 PM

Trending :

EXCLUSIVE

PM Narendra Modi Ali Khamenei Funeral Invitation; India Iran Relations

PM Narendra Modi Ali Khamenei Funeral Invitation; India Iran Relations

तेहरान/नई दिल्ली25 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कजान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात करते हुए।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है।

अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 4 मार्च को उनका अंतिम संस्कार होना था लेकिन जंग की वजह से इसे टाल दिया गया था।

अब इसकी शुरुआत 4 जुलाई से होगी। उनके शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा।

अधिकारियों को उम्मीद है कि तेहरान, कुम और मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं।

ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी।

ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी।

मोदी का ईरान जाने पर सस्पेंस

ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए दुनिया के कई देशों को निमंत्रण भेजा है। खास तौर पर पड़ोसी और मित्र देशों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं। भारत सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में भारत की ओर से कौन इस समारोह में शामिल होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की मई 2024 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद भी भारत ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था।

उस समय भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए तेहरान पहुंचे थे और अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए थे।

खामेनेई मशहद में क्यों दफनाए जाएंगे

खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह तेहरान में होगा, जो कम से कम 24 घंटे तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां इमाम रजा के दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा।

मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है और शिया मुसलमानों का सबसे प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है।

शहर की सबसे बड़ी पहचान इमाम रजा की दरगाह है। इमाम रजा शिया मुस्लिम परंपरा के आठवें इमाम थे। उनका दरगाह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

खामेनेई को मशहद में दफनाने से उनका नाम शिया इस्लाम के सबसे सम्मानित धार्मिक नेताओं की श्रेणी में और मजबूती से जुड़ जाएगा।

मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां इमाम रजा की दरगाह है।

मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां इमाम रजा की दरगाह है।

IRGC के पास खामेनेई के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी

अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम संस्कार में हुई देरी इस्लामी परंपरा के लिहाज से असामान्य मानी जा रही है। आमतौर पर इस्लाम में किसी व्यक्ति को मौत के एक-दो दिन के भीतर दफना दिया जाता है। हालांकि ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, भारी भीड़ की उम्मीद और युद्ध के हालात के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई।

तेहरान नगर निगम में सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों के उपप्रमुख मोहम्मद अली तवक्कोलीजादेह ने अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी टेलीविजन से कहा कि खामेनेई के लिए तीन दिन का सार्वजनिक जनाजा आयोजित किया जाएगा।

अधिकारी ने यह नहीं बताया कि जनाजा कब होगा, लेकिन कहा कि यह इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की शुरुआत में हो सकता है, जो 21 जून के आसपास में पड़ता है। पूरे कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी IRGC के पास है।

खोमैनी के जनाजे में 1 करोड़ लोग जुटे थे

ईरान में इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के 1989 के जनाजे में करीब 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यह उस समय ईरान की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा था।

इस कार्यक्रम को आज भी दुनिया के सबसे बड़े जनाजों में गिना जाता है। इतनी भारी भीड़ उमड़ी थी कि भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे।

इस बार अधिकारी इससे भी बड़ी भीड़ को संभालने और किसी हादसे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन युद्ध के प्रभाव से उबर रहे देश में इतना बड़ा आयोजन कराना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

ईरान के नेता अयातुल्ला रूहल्ला खोमैनी का 6 जून, 1989 को तेहरान में जनाजा। शोक में लोगों की भीड़ उनके शरीर को छूने की कोशिश कर रही है।

ईरान के नेता अयातुल्ला रूहल्ला खोमैनी का 6 जून, 1989 को तेहरान में जनाजा। शोक में लोगों की भीड़ उनके शरीर को छूने की कोशिश कर रही है।

अमेरिका-इजराइल हमलों में खामेनेई की मौत हुई थी

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गईं। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर और उनके कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था।

खामेनेई बंकर में मौजूद थे, लेकिन लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में ईरानी सुरक्षा सूत्रों ने उनकी मौत की पुष्टि की। हमलों में खामेनेई के साथ ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे।

———————–

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ask search icon

March 30, 2026/
8:31 pm

  Best Drops for Dry Eyes: आजकल ज्यादा स्क्रीम टाइम और खराब लाइफस्टाइल के कारण आई ड्राइनेस की समस्या बढ़...

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का बीम महिला पर गिरा, मौत:बैतूल में पंचायत निधि से बना; दीवार में दरार की आने पर की थी तोड़फोड़

March 21, 2026/
3:34 pm

बैतूल में खेड़ी सांवलीगढ़ के नवनिर्मित पंचायती शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में एक बड़ा हादसा हो गया। दीवार तोड़ते समय छत का...

बस हादसे की कवरेज करने पहुंचा अमेरिकी न्यूज हेलिकॉप्टर क्रैश:पायलट और पत्रकार समेत 3 की मौत, हादसे के बाद चैनल ने लाइव कवरेज रोकी

September 16, 2026/
12:38 pm

अमेरिका के लॉस एंजिल्स में मंगलवार शाम NBC न्यूज का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में 3 लोगों की मौत...

Iran Offers Secret Talks to US; Trump Says Time Ran Out

March 5, 2026/
6:37 am

तेल अवीव/तेहरान19 मिनट पहले कॉपी लिंक अजरबैजान ने खुद पर हुए ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है।...

Sabarimala Women Entry SC Hearing Live

April 16, 2026/
5:45 am

नई दिल्ली4 घंटे पहले कॉपी लिंक सबरीमाला मंदिर में 15 अप्रैल को मलयालम नव वर्ष ‘विशु’ के मौके पर बड़ी...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

PM Narendra Modi Ali Khamenei Funeral Invitation; India Iran Relations

PM Narendra Modi Ali Khamenei Funeral Invitation; India Iran Relations

तेहरान/नई दिल्ली25 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 में 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कजान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात करते हुए।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है।

अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 4 मार्च को उनका अंतिम संस्कार होना था लेकिन जंग की वजह से इसे टाल दिया गया था।

अब इसकी शुरुआत 4 जुलाई से होगी। उनके शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा।

अधिकारियों को उम्मीद है कि तेहरान, कुम और मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं।

ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी।

ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी।

मोदी का ईरान जाने पर सस्पेंस

ईरान ने अंतिम संस्कार समारोह के लिए दुनिया के कई देशों को निमंत्रण भेजा है। खास तौर पर पड़ोसी और मित्र देशों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं। भारत सरकार ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में भारत की ओर से कौन इस समारोह में शामिल होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

ईरान के तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी की मई 2024 में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद भी भारत ने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा था।

उस समय भारत सरकार ने एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए तेहरान पहुंचे थे और अंतिम संस्कार समारोह में शामिल हुए थे।

खामेनेई मशहद में क्यों दफनाए जाएंगे

खामेनेई का मुख्य अंतिम संस्कार समारोह तेहरान में होगा, जो कम से कम 24 घंटे तक चलने की उम्मीद है। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक शहर कुम ले जाया जाएगा और फिर मशहद पहुंचाया जाएगा, जहां इमाम रजा के दरगाह परिसर में दफनाया जाएगा।

मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यह देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित है और शिया मुसलमानों का सबसे प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है।

शहर की सबसे बड़ी पहचान इमाम रजा की दरगाह है। इमाम रजा शिया मुस्लिम परंपरा के आठवें इमाम थे। उनका दरगाह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

खामेनेई को मशहद में दफनाने से उनका नाम शिया इस्लाम के सबसे सम्मानित धार्मिक नेताओं की श्रेणी में और मजबूती से जुड़ जाएगा।

मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां इमाम रजा की दरगाह है।

मशहद ईरान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। यहां इमाम रजा की दरगाह है।

IRGC के पास खामेनेई के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी

अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम संस्कार में हुई देरी इस्लामी परंपरा के लिहाज से असामान्य मानी जा रही है। आमतौर पर इस्लाम में किसी व्यक्ति को मौत के एक-दो दिन के भीतर दफना दिया जाता है। हालांकि ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, भारी भीड़ की उम्मीद और युद्ध के हालात के कारण अंतिम संस्कार में देरी हुई।

तेहरान नगर निगम में सामाजिक और सांस्कृतिक मामलों के उपप्रमुख मोहम्मद अली तवक्कोलीजादेह ने अंतिम संस्कार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने सरकारी टेलीविजन से कहा कि खामेनेई के लिए तीन दिन का सार्वजनिक जनाजा आयोजित किया जाएगा।

अधिकारी ने यह नहीं बताया कि जनाजा कब होगा, लेकिन कहा कि यह इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम की शुरुआत में हो सकता है, जो 21 जून के आसपास में पड़ता है। पूरे कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी IRGC के पास है।

खोमैनी के जनाजे में 1 करोड़ लोग जुटे थे

ईरान में इस्लामिक गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी के 1989 के जनाजे में करीब 1 करोड़ लोग शामिल हुए थे। यह उस समय ईरान की कुल आबादी का लगभग छठा हिस्सा था।

इस कार्यक्रम को आज भी दुनिया के सबसे बड़े जनाजों में गिना जाता है। इतनी भारी भीड़ उमड़ी थी कि भगदड़ मच गई थी। इसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे।

इस बार अधिकारी इससे भी बड़ी भीड़ को संभालने और किसी हादसे से बचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन युद्ध के प्रभाव से उबर रहे देश में इतना बड़ा आयोजन कराना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

ईरान के नेता अयातुल्ला रूहल्ला खोमैनी का 6 जून, 1989 को तेहरान में जनाजा। शोक में लोगों की भीड़ उनके शरीर को छूने की कोशिश कर रही है।

ईरान के नेता अयातुल्ला रूहल्ला खोमैनी का 6 जून, 1989 को तेहरान में जनाजा। शोक में लोगों की भीड़ उनके शरीर को छूने की कोशिश कर रही है।

अमेरिका-इजराइल हमलों में खामेनेई की मौत हुई थी

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू किया था। इस दौरान तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गईं। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर और उनके कार्यालय को भी निशाना बनाया गया था।

खामेनेई बंकर में मौजूद थे, लेकिन लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में ईरानी सुरक्षा सूत्रों ने उनकी मौत की पुष्टि की। हमलों में खामेनेई के साथ ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारी भी मारे गए थे।

———————–

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.