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यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

यूजर्स का डेटा भारत से बाहर भेजने पर रोक:देश में ही स्टोर होगा रिकॉर्ड, टेलीकॉम सेक्टर में लाइसेंस राज खत्म; अब ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी

अब आपकी प्राइवेसी और पर्सनल डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा, क्योंकि अब टेलीकॉम कंपनियों को आपके फोन, इंटरनेट इस्तेमाल और कॉलिंग से जुड़ा सभी तरह का डेटा और लॉग्स अब भारत में ही स्टोर करना होगा। कोई भी कंपनी आपका पर्सनल डेटा देश के बाहर नहीं भेज पाएगी और न ही किसी विदेशी संस्था के साथ शेयर कर सकेगी। दरअसल, दूरसंचार विभाग (DoT) ने बुधवार को टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम जारी किए हैं। आइए टेलीकॉम सेक्टर से जुड़े सरकार के नए नियम और उनसे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं… 1. लाइसेंस राज खत्म, टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल शुरू DoT ने कंपनियों के लिए टेलीकॉम सेक्टर में दशकों पुराना लाइसेंस राज खत्म कर एक नया और आसान मंजूरी सिस्टम शुरू किया है। इसके साथ ही सरकार ने ‘टेलीकॉम ई-सर्विसेज पोर्टल’ नाम की एक वेबसाइट भी बनाई है, ताकि सारा काम डिजिटल हो सके। अब तक कंपनियों को मोबाइल या इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए सरकार से जटिल और लंबी ‘लाइसेंस’ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिसमें महीनों लग जाते थे। पुराने लाइसेंस वाले भी नए सिस्टम में आ सकेंगे जो टेलीकॉम कंपनियां पहले से काम कर रही हैं और जिनके पास पुराने सिस्टम के तहत अलग-अलग तरह के लाइसेंस (जैसे इंटरनेट या कॉलिंग के लिए) हैं, सरकार ने उन्हें भी इस नए और आसान सिस्टम में शिफ्ट होने की सुविधा दी है। इसका मतलब है कि पुरानी कंपनियों को भी अब कागज़ी कार्रवाई से राहत मिलेगी। 2. सस्ते और नए प्लान्स मिल सकते हैं नए नियमों के तहत अब कंपनियां एक ही डिजिटल पोर्टल से नेटवर्क और इंटरनेट सर्विस के लिए एक साथ अप्लाई कर सकती हैं। 3. सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर सरकार सख्त अगर आप आने वाले समय में इलॉन मस्क की स्टारलिंक या अमेजॉन जैसी कंपनियों से सीधे सैटेलाइट (बिना तार या टावर वाला डायरेक्ट इंटरनेट) लेने की सोच रहे हैं, तो सरकार ने आपकी सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए हैं। 4. आपका पर्सनल डेटा सुरक्षित रहेगा आजकल सबसे बड़ा डर डेटा चोरी या लीक होने का होता है। सरकार ने इस पर बेहद सख्त नियम बनाया है। टेलीकॉम कंपनियों के लिए अब यह जरूरी कर दिया गया है कि वे भारतीय यूजर्स का सारा डेटा और रिकॉर्ड भारत के अंदर ही स्टोर कर रखेंगी। 5. देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं जम्मू-कश्मीर या उत्तर-पूर्व जैसे संवेदनशील इलाकों में नेटवर्क लगाने के लिए कंपनियों को विशेष सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, देश विरोधी या संदिग्ध संदेशों पर नजर रखने के लिए भी कंपनियों को सिस्टम बनाना होगा।

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