Tuesday, 13 Oct 2026 | 03:50 PM

Trending :

Ranveer Shorey Death Threat | CJP Protest Controversy शूटिंग के लिए जयपुर पहुंचे ईशान खट्टर-जीनत अमान:वेब सीरीज रॉयल्स का सामोद और मंडावा की ऐतिहासिक लोकेशन पर शूट होगा कंगना रनोट ने एआई अपराधों पर जताई चिंता:जर्मनी में रोबोट पर लड़की से गलत हरकत करने का आरोप; बोलीं- भविष्य में क्या होगा? ‘ब्रेकिंग बैड’ एक्टर आरजे मिटे ने किया सुसाइड:34 साल उम्र थी, अमेरिकी सीरीज में वॉल्टर व्हाइट जूनियर का किरदार निभाया था नुसरत भरूचा ने सर्जरी के बाद दिखाई अपनी हालत:हादसे के बाद शेयर किया हेल्थ अपडेट; हाथों में ड्रिप्स, नर्स खिलाती दिखीं खाना नुसरत भरूचा ने सर्जरी के बाद दिखाई अपनी हालत:हादसे के बाद शेयर किया हेल्थ अपडेट; हाथों में ड्रिप्स, नर्स खिलाती दिखीं खाना
EXCLUSIVE

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

अमेरिका ने भारत से आने वाले सोलर पैनलों और सेल पर 126% की शुरुआती ड्यूटी लगा दी है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि भारत अपने मैन्युफैक्चरर्स को गलत तरीके से सब्सिडी दे रहा है, जिससे अमेरिकी घरेलू कंपनियों को नुकसान हो रहा है। भारत के अलावा लाओस और इंडोनेशिया पर भी 81% से 143% तक की लेवी लगाई गई है। शुरुआती जांच के आधार पर यह फैसला लिया गया है। जांच पर अंतिम फैसला 6 जुलाई को आएगा। यानी सब्सिडी की बात साबित हो जाती है, तो यह टैक्स स्थायी हो जाएगा। महंगे होंगे सोलर पैनल, अब अमेरिकी मार्केट में टिकना मुश्किल इस फैसले से भारतीय सोलर एक्सपोर्टर्स के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना मुश्किल हो सकता है। 126% ड्यूटी लगने का मतलब है कि इन पैनलों की कीमत अमेरिका में दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारतीय माल के बजाय लोकल कंपनियों या अन्य देशों से पैनल खरीदना पसंद करेंगे क्योंकि भारतीय प्रोडक्ट अब कॉम्पिटिशन से बाहर हो जाएंगे। इंडोनेशिया पर सबसे ज्यादा 143% टैक्स
ट्रम्प के 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है यह ड्यूटी यह टैक्स उन 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है, जिसकी घोषणा ट्रम्प ने हाल ही में की थी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ट्रम्प के पुराने टैरिफ प्लान को रद्द कर दिया था जिसके बाद उन्होंने नए सिरे से टैरिफ लगाए थे। अब इस नए फैसले ने इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी बाजार में 57% हिस्सेदारी इन तीन देशों की चीनी प्रोडक्ट को भारत-इंडोनेशिया के जरिए भेजने का आरोप एक्सपर्ट बोले- भारतीय कंपनियों के लिए रास्ता बंद सिटीग्रुप इंक के एनालिस्ट विक्रम बागरी का कहना है कि इतनी ऊंचे टैरिफ लगने के बाद अमेरिकी बाजार अब भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरर्स के लिए लगभग बंद हो जाएगा। अमेरिकी कंपनियों का आरोप- सस्ते विदेशी माल से मार्केट को नुकसान अमेरिकी सोलर ग्रुप ‘अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड’ ने वाणिज्य विभाग से सब्सिडी की जांच करने की अपील की थी। ग्रुप का कहना था कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने के लिए यह जांच जरूरी है। उन्होंने अब टैरिफ के इस फैसले का स्वागत किया है। अलायंस के मुख्य वकील टिम ब्राइटबिल ने कहा कि आज का फैसला अमेरिकी सोलर मार्केट में निष्पक्ष कॉम्पिटिशन को फिर से बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने ये भीकहा कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स देश की क्षमता बढ़ाने और अच्छी नौकरियां पैदा करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। अगर गलत तरीके से आयात किए गए माल को मार्केट बिगाड़ने की अनुमति दी गई, तो यह निवेश कभी सफल नहीं हो पाएगा। सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच कर रहा है। आरोप है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस की कंपनियां अमेरिका में अपने माल को लागत से भी कम कीमत पर बेच रही हैं। ऐसा वो अमेरिकी बाजार पर कब्जे के लिए कर रही है। अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स ने इसे लेकर जुलाई में याचिका दायर की थी। आरोप लगाए थे कि चीनी कंपनियां भारत जैसे देशों के जरिए सस्ता माल अमेरिका भेज रही हैं। इन शिकायतों के बाद इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन ने एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी के दावों की जांच शुरू कर दी थी। नॉलेज बॉक्स: क्या है एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी?

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Dehradun Student Murder: UP B.Tech Student Killed, 3 Arrested

March 24, 2026/
10:08 am

देहरादून में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के छात्र दिव्यांशु जटराणा की हत्या कर दी गई। देहरादून में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के छात्र दिव्यांशु...

Dhanda Nyoliwala Mirzapur Movie Debut

September 5, 2026/
5:00 am

ढांडा न्यौलीवाली के साथ उसके गाने पर थिरकते हुए कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), गुड्डू भैया (अली फजल), मुन्ना भैया (दिव्येंदु)...

PF Withdrawal Rule Change: 75% Limit Explained

July 2, 2026/
10:34 am

नई दिल्ली29 मिनट पहले कॉपी लिंक अब नौकरीपेशा लोग बीमारी, शिक्षा, शादी और घर जैसी जरूरतों के लिए अपने PF...

Tamil Nadu Government Formation: TVK’s Vijay likely to take oath as Tamil Nadu’s chief minister on May 7.

May 6, 2026/
10:35 am

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 10:35 IST सुवेंदु अधिकारी ने भबनीपुर में ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया।...

राजनीति

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

अमेरिका ने भारत से आने वाले सोलर पैनलों और सेल पर 126% की शुरुआती ड्यूटी लगा दी है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि भारत अपने मैन्युफैक्चरर्स को गलत तरीके से सब्सिडी दे रहा है, जिससे अमेरिकी घरेलू कंपनियों को नुकसान हो रहा है। भारत के अलावा लाओस और इंडोनेशिया पर भी 81% से 143% तक की लेवी लगाई गई है। शुरुआती जांच के आधार पर यह फैसला लिया गया है। जांच पर अंतिम फैसला 6 जुलाई को आएगा। यानी सब्सिडी की बात साबित हो जाती है, तो यह टैक्स स्थायी हो जाएगा। महंगे होंगे सोलर पैनल, अब अमेरिकी मार्केट में टिकना मुश्किल इस फैसले से भारतीय सोलर एक्सपोर्टर्स के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना मुश्किल हो सकता है। 126% ड्यूटी लगने का मतलब है कि इन पैनलों की कीमत अमेरिका में दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारतीय माल के बजाय लोकल कंपनियों या अन्य देशों से पैनल खरीदना पसंद करेंगे क्योंकि भारतीय प्रोडक्ट अब कॉम्पिटिशन से बाहर हो जाएंगे। इंडोनेशिया पर सबसे ज्यादा 143% टैक्स
ट्रम्प के 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है यह ड्यूटी यह टैक्स उन 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है, जिसकी घोषणा ट्रम्प ने हाल ही में की थी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ट्रम्प के पुराने टैरिफ प्लान को रद्द कर दिया था जिसके बाद उन्होंने नए सिरे से टैरिफ लगाए थे। अब इस नए फैसले ने इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी बाजार में 57% हिस्सेदारी इन तीन देशों की चीनी प्रोडक्ट को भारत-इंडोनेशिया के जरिए भेजने का आरोप एक्सपर्ट बोले- भारतीय कंपनियों के लिए रास्ता बंद सिटीग्रुप इंक के एनालिस्ट विक्रम बागरी का कहना है कि इतनी ऊंचे टैरिफ लगने के बाद अमेरिकी बाजार अब भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरर्स के लिए लगभग बंद हो जाएगा। अमेरिकी कंपनियों का आरोप- सस्ते विदेशी माल से मार्केट को नुकसान अमेरिकी सोलर ग्रुप ‘अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड’ ने वाणिज्य विभाग से सब्सिडी की जांच करने की अपील की थी। ग्रुप का कहना था कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने के लिए यह जांच जरूरी है। उन्होंने अब टैरिफ के इस फैसले का स्वागत किया है। अलायंस के मुख्य वकील टिम ब्राइटबिल ने कहा कि आज का फैसला अमेरिकी सोलर मार्केट में निष्पक्ष कॉम्पिटिशन को फिर से बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने ये भीकहा कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स देश की क्षमता बढ़ाने और अच्छी नौकरियां पैदा करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। अगर गलत तरीके से आयात किए गए माल को मार्केट बिगाड़ने की अनुमति दी गई, तो यह निवेश कभी सफल नहीं हो पाएगा। सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच कर रहा है। आरोप है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस की कंपनियां अमेरिका में अपने माल को लागत से भी कम कीमत पर बेच रही हैं। ऐसा वो अमेरिकी बाजार पर कब्जे के लिए कर रही है। अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स ने इसे लेकर जुलाई में याचिका दायर की थी। आरोप लगाए थे कि चीनी कंपनियां भारत जैसे देशों के जरिए सस्ता माल अमेरिका भेज रही हैं। इन शिकायतों के बाद इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन ने एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी के दावों की जांच शुरू कर दी थी। नॉलेज बॉक्स: क्या है एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी?

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.