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9 मिनट पहले
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1. INS मालवन भारतीय नौसेना में कमीशन हुआ
- 22 जुलाई को भारतीय नौसेना ने INS मालवन को औपचारिक रूप से कमीशन किया।
- INS मालवन माहे-क्लास का एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है।
- INS मालवन का मुख्य कार्य समुद्र के उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना और उन्हें नष्ट करना है।
- लाइटवेट टॉरपीडो, RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर तथा अन्य उन्नत हथियार प्रणालियों से सुसज्जित है।
- INS मालवन को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है और ये 80% स्वदेशी सामाग्री से बना है।
- INS मालवन का कमीशनिंग समारोह कर्नाटक के कारवार में आयोजित किया गया।
- INS मालवन के कमीशनिंग समारोह की अध्यक्षता वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने की।
- इस मौके पर पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वत्स्यायन भी मौजूद रहे।
- ‘मालवन’ नाम महाराष्ट्र के एक तटीय शहर के नाम पर रखा गया है और ये जहाज आधुनिक सेंसर और हथियारों से लैस है।

INS मालवन आधुनिक हुल-माउंटेड सोनार और लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार से लैस है।
स्पोर्ट्स (SPORTS)
2. मीराबाई चानू, लवलीना ग्लासगो कॉमनवेल्थ की ध्वजावाहक होंगी
- 23 जुलाई को स्कॉटलैंड में ग्लासगो कॉमनवेल्थ का उद्घाटन होगा। ये समारोह ‘द ओवीओ हाइड्रो’ में होगा। ये 2 अगस्त तक चलेंगे।
- इस समारोह में वेट लिफ्टर मीराबाई चानू, बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो कॉमनवेल्थ उद्घाटन समारोह में ध्वजवाहक होंगी।
- मीराबाई चानू तिरंगा थामेंगी, जबकि लवलीना बोरगोहेन समारोह की प्रतीकात्मक किंग्स बैटन लेकर भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगी।
- इस साल कॉमनवेल्थ में संस्कृति और पहचान को दर्शाने वाले विशेष रूप से डिजाइन किए गए अलग-अलग बैटन सौंपे गए हैं।
- इस ग्लासगो कॉमनवेल्थ 2026 में भारत के 125 एथलीट हिस्सा लेंगे।
- इस ग्रुप में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल होंगी और भारतीय खिलाड़ी कुल 13 जेनर्स में खेलेंगे।
- मीरा बाई चानू ने 2021 में टोक्यो ओलंपिक में सिल्वर जीता था। वे करीब एक दशक से भारत की प्रमुख वेटलिफ्टर हैं। उन्होंने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ में गोल्ड भी जीता था।
- लवलीना बोरगोहेन ने टोक्यो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। 2023 में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था।
- बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के उद्घाटन समारोह में भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु और पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह भारतीय दल के ध्वजवाहक थे।
- वहीं समापन समारोह में विश्व चैंपियन मुक्केबाज निखत जरीन और टेबल टेनिस के दिग्गज शरत कमल ने तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुआई की थी।
कॉमनवेल्थ 2026
- ग्लासगो 12 सालों के भीतर कॉमनवेल्थ गेम्स के दो संस्करण आयोजित करने वाला दूसरा देश है।
- इस बार कॉमनवेल्थ में सिर्फ 10 गेम्स को शामिल किया गया है।
- बैडमिंटन, हॉकी, रेसलिंग, क्रिकेट और टेबल टेनिस जैसे लोकप्रिय खेल इस बार इसमें शामिल नहीं किये गए हैं।
- अगस्त 2022 में बोली जीतने के बाद मूल रूप से 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया स्टेट को मिली थी।
- जुलाई 2023 में विक्टोरिया सरकार ने अचानक मेजबानी वापस ले ली। जब कोई और मेजबान देश सामने नहीं आया तो ग्लासगो ने अप्रैल 2024 में मेजबानी ली।
- 1994 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 10 खेल शामिल थे. उस समय इवेंट केवल पारंपरिक व्यक्तिगत खेलों तक सीमित थी और टीम खेलों को शामिल नहीं किया गया था।
कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत
- कॉमनवेल्थ गेम्स (राष्ट्रमंडल खेल) की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी।
- शुरुआत में ये खेल आयोजन ‘ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से जाना जाता था।
- भारत ने पहली बार 1934 में लंदन कॉमनवेल्थ में हिस्सा लिया था।
- भारत के लिए पहला मेडल (ब्रॉन्ज) 1934 में कुश्ती खिलाड़ी राशिद अनवर ने जीता था।
- भारत ने पहली और एकमात्र बार 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी की है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में बर्मिंघम (इंग्लैंड) में आयोजित किया गया था।
निधन (DEATH)
3. हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन
- 22 जुलाई को हॉलीवुड एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन हो गया, वे 18 साल की थीं।
- केली गॉडजिला वर्सेस कॉन्ग और गॉडजिला एक्स कॉन्ग, द न्यू एम्पायर जैसी फिल्मों में अपने किरदार के लिए जानी जाती थीं।
- केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी।
- केली के परिवार में पिछली चार पीढ़ियों से मूक बधिर सदस्य हैं।
- ताल्लुक रखने वाली हॉटल अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और किंग कॉन्ग के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन बॉन्डिंग के लिए जानी जाती थीं।

केली जन्म से ही मूक-बधिर थीं और उनकी मातृभाषा अमेरिकन साइन लैंग्वेज थी।
इंटरनेशनल
4. मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक हुई
- 22 जुलाई को फिलीपींस की राजधानी मनीला में क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक हुई।
- इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया इसकी बैठक की मेजबानी फिलीपींस ने की।
- इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व एस. जयशंकर ने किया। इस दौरान जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की।
- क्वाड की ये बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा और दक्षिण चीन सागर में तनाव के बीच आयोजित हो रही है।
- इस बैठक में फ्री,ओपन इंडो- पेसिफिक और क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
- इस बैठक में सभी सदस्यों ने मरीन सिक्योरिटी, सप्लाई चैन की मजबूती, साइबर सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, आतंकवाद-रोधी सहयोग और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे विषयों पर चर्चा की।
- क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग (QUAD) एक इनफॉर्मल फोरम है।
- क्वाड मेंबर भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की भी मई में भारत में बैठक हो सकती है।

क्वाडिलेटरल सिक्युरिटी डायलॉग क्वाड एक इनफॉर्मल फोरम है।
5. महाराष्ट्र में भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य बनेगा
- 21 जुलाई को महाराष्ट्र सरकार ने भारत का पहला AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य विकसित करने का ऐलान किया।
- इस परियोजना के लिए लगभग 45 करोड़ की मंजूरी दी गई है। ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य मुंबई के ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो सैंक्चुअरी में बनाया जाएगा।
- भारत में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किसी पक्षी अभयारण्य के प्रबंधन और संरक्षण में बड़े पैमाने पर किया जाएगा।
- ये फैसला राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में लिया गया है।
- ये AI-पावर्ड पक्षी अभयारण्य उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण को आधुनिक तकनीक से मजबूत करना और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना।
- इस परियोजना में मैंग्रोव नेचर ट्रेल, बर्ड वॉचिंग सेंटर और वॉच टावर, नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, पर्यावरण-अनुकूल पर्यटक सुविधाएं और AI आधारित निगरानी प्रणाली से लैस इको-नेचर पार्क बनाए जाएंगे।
- इस अभयारण्य में लगभग 20.09 हेक्टेयर में फैला भारत का पहला एआई-आधारित पक्षी पहचान और निगरानी केंद्र स्थापित किया जाएगा।
- इसके माध्यम से पक्षियों की रियल टाइम ट्रैकिंग और प्रजातियों की पहचान की जा सकेगी।
- इससे ऑटोमेटिक बर्ड आईडेंटिफिकेशन सिस्टम, रियल टाइम बर्ड मॉनिटरिंग, ऑटोमेटिक बर्ड ट्रेकिंग, रिकॉर्डिंग इंटरैक्टिव डिजिटल सिस्टम होगा।
6. फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन
- 21 जुलाई को फ्रांस की संसद ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह बैन कर दिया है।
- इस कानून को फ्रांस की संसद ने मंजूरी दी है। ये कानून 1 सितंबर 2026 से लागू किया जाएगा।
- इस नियम के अनुसार 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया पर अकाउंट नहीं बना सकेंगे।
- इसका नियम का उद्देश्य बच्चों की मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाना और साइबर बुलिंग को रोकना है।
- इस नियम के अनुसार यदि बच्चा सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहता है, तो उसे अपने पेरेंट्स की सहमति लेना अनिवार्य होगा।
- इन नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफार्मों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- बता दें कि फ्रांस के स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर पहले से ही प्रतिबंध है।
- फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने वाला दुनिया का पहले देश है।
- इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का कानून बनाया था।
- सरकार ने ये प्रतिबंध फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सएप, टिकटॉक, स्नैपचैट, ट्विटर और यू ट्यूब जैसे सभी प्रमुख सोशल प्लेटफॉर्म्स पर लागू होगा।
- सरकार ने ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया, शैक्षिक और वैज्ञानिक निर्देशिकाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा है।
आज का इतिहास
- 1856 में स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद बाल गंगाधर तिलक का जन्म हुआ।
- 1927 में भारतीय प्रसारण सेवा (इंडियन ब्रॉडकास्टिंग सर्विस) की स्थापना हुई और 1957 में बदलकर इसे आकाशवाणी नाम दिया गया।














































