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IDFC First Bank Q1 Results

IDFC First Bank Q1 Results

मुंबई8 मिनट पहले

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प्राइवेट सेक्टर के IDFC फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 132.2% बढ़कर 1,075 करोड़ रुपए हो गया है।

एक साल पहले इसी अवधि में बैंक को 463 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ था। बैंक के मुनाफे में यह बड़ी बढ़ोतरी मजबूत नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और कम प्रोविजनिंग की वजह से हुई है।

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 21% बढ़ी

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी कमाए गए ब्याज और दिए गए ब्याज का अंतर सालाना आधार पर 21% बढ़कर 5,972 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,933 करोड़ रुपए था। यह बढ़त बैंक के कोर लेंडिंग बिजनेस में आई मजबूती को दर्शाती है।

बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) जून 2026 तिमाही में बढ़कर 5.96% हो गया है, जो जून 2025 तिमाही में 5.71% था। यानी इसमें सालाना आधार पर 25 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है।

वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर NIM में 3 bps की बढ़त दर्ज की गई है। इस दौरान बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 14% बढ़कर 2,553 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 2,239 करोड़ रुपए था।

प्रोविजनिंग घटी, एसेट क्वालिटी में सुधार

पहली तिमाही में बैंक का प्रोविजनिंग खर्च घटकर 1,144 करोड़ रुपए पर आ गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 1,659 करोड़ रुपए था। हालांकि, यह पिछली तिमाही (मार्च 2026) के 869 करोड़ रुपए के मुकाबले ज्यादा है।

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक की स्थिति सुधरी है। जून तिमाही के अंत में बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 1.51% पर आ गया, जो मार्च तिमाही में 1.61% था। नेट एनपीए भी पिछली तिमाही के 0.48% से सुधरकर 0.44% पर आ गया।

कुल कस्टमर बिजनेस ₹6.04 लाख करोड़ पार

30 जून 2026 तक बैंक का कुल कस्टमर बिजनेस (जिसमें लोन और कस्टमर डिपॉजिट शामिल हैं) 18.6% की सालाना बढ़त के साथ 6,04,776 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। एक साल पहले यह 5,10,031 करोड़ रुपए था। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 5.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) Q1 FY27 में बढ़कर 1.06% हो गया, जो पिछले साल समान तिमाही में 0.54% था। इसके अलावा, बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15.05% रहा, जिसमें कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-I) रेशियो 13.33% शामिल है।

लोन बुक 20.6% बढ़ी, होलसेल सेगमेंट में 30% ग्रोथ

बैंक का लोन और एडवांस (क्रेडिट सब्स्टीट्यूट्स सहित) 20.6% YoY बढ़कर 3,05,370 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 2,53,233 करोड़ रुपए था।

क्रमिक आधार पर इसमें 5.2% की ग्रोथ हुई। इस बढ़त में मॉर्गेज, व्हीकल लोन, कॉरपोरेट लोन और कंज्यूमर लोन का मुख्य योगदान रहा।

  • RAM पोर्टफोलियो: रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) पोर्टफोलियो 18.2% YoY बढ़कर 2,41,118 करोड़ रुपए पर पहुंच गया (QoQ 3.8% ग्रोथ)।
  • होलसेल बुक: होलसेल लोन बुक में ज्यादा तेज ग्रोथ देखी गई, जो 30.4% YoY और 11% QoQ बढ़कर 64,252 करोड़ रुपए हो गई।

कस्टमर डिपॉजिट्स 16.6% बढ़े, CASA रेशियो 50.8%

  • 30 जून 2026 तक बैंक के कस्टमर डिपॉजिट्स 16.6% YoY बढ़कर 2,99,405 करोड़ रुपए हो गए, जो मार्च तिमाही की तुलना में 5.3% ज्यादा हैं।
  • बैंक का कासा (CASA) डिपॉजिट्स सालाना आधार पर 24.6% और तिमाही आधार पर 8.1% बढ़कर 1,58,492 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
  • इससे बैंक का कासा रेशियो सुधरकर 50.8% हो गया है, जो एक साल पहले 48% और मार्च तिमाही में 49.8% था।

CASA और NIM क्या होते हैं?

  • करंट अकाउंट सेविंग अकाउंट (CASA) रेशियो: यह बैंक के कुल डिपॉजिट में करेंट और सेविंग्स अकाउंट के पैसे का प्रतिशत दिखाता है। कासा रेशियो जितना ज्यादा होता है, बैंक की फंड जुटाने की लागत उतनी ही कम होती है, क्योंकि इन खातों पर कम ब्याज देना पड़ता है।
  • नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): यह बैंक के वित्तीय प्रदर्शन का पैमाना है। यह बैंक द्वारा दिए गए लोन से मिले ब्याज और डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज के अंतर का कुल एसेट्स के मुकाबले प्रतिशत दिखाता है।

ये खबर भी पढ़ें…

PF का ब्याज अकाउंट में आना शुरू हुआ: मिस्ड कॉल और SMS सहित 4 तरीकों से पता कर सकते हैं PF बैलेंस, देखें इसकी प्रोसेस

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए PF अकाउंट होल्डर्स के खातों में 8.25% की दर से ब्याज डालना शुरू कर दिया है। कई सब्सक्राइबर्स को ब्याज का पैसा क्रेडिट होने के SMS मैसेज भी मिलने लगे हैं। हालांकि, अगर आपको अभी तक EPFO से कोई मैसेज नहीं मिला है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ब्याज क्रेडिट करने का प्रोसेस चालू है। पूरी खबर पढ़ें…

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प्राइवेट सेक्टर के IDFC फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 132.2% बढ़कर 1,075 करोड़ रुपए हो गया है।

एक साल पहले इसी अवधि में बैंक को 463 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ था। बैंक के मुनाफे में यह बड़ी बढ़ोतरी मजबूत नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और कम प्रोविजनिंग की वजह से हुई है।

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम 21% बढ़ी

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी कमाए गए ब्याज और दिए गए ब्याज का अंतर सालाना आधार पर 21% बढ़कर 5,972 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 4,933 करोड़ रुपए था। यह बढ़त बैंक के कोर लेंडिंग बिजनेस में आई मजबूती को दर्शाती है।

बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) जून 2026 तिमाही में बढ़कर 5.96% हो गया है, जो जून 2025 तिमाही में 5.71% था। यानी इसमें सालाना आधार पर 25 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है।

वहीं, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर NIM में 3 bps की बढ़त दर्ज की गई है। इस दौरान बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 14% बढ़कर 2,553 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 2,239 करोड़ रुपए था।

प्रोविजनिंग घटी, एसेट क्वालिटी में सुधार

पहली तिमाही में बैंक का प्रोविजनिंग खर्च घटकर 1,144 करोड़ रुपए पर आ गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 1,659 करोड़ रुपए था। हालांकि, यह पिछली तिमाही (मार्च 2026) के 869 करोड़ रुपए के मुकाबले ज्यादा है।

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक की स्थिति सुधरी है। जून तिमाही के अंत में बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 1.51% पर आ गया, जो मार्च तिमाही में 1.61% था। नेट एनपीए भी पिछली तिमाही के 0.48% से सुधरकर 0.44% पर आ गया।

कुल कस्टमर बिजनेस ₹6.04 लाख करोड़ पार

30 जून 2026 तक बैंक का कुल कस्टमर बिजनेस (जिसमें लोन और कस्टमर डिपॉजिट शामिल हैं) 18.6% की सालाना बढ़त के साथ 6,04,776 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। एक साल पहले यह 5,10,031 करोड़ रुपए था। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 5.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) Q1 FY27 में बढ़कर 1.06% हो गया, जो पिछले साल समान तिमाही में 0.54% था। इसके अलावा, बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 15.05% रहा, जिसमें कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-I) रेशियो 13.33% शामिल है।

लोन बुक 20.6% बढ़ी, होलसेल सेगमेंट में 30% ग्रोथ

बैंक का लोन और एडवांस (क्रेडिट सब्स्टीट्यूट्स सहित) 20.6% YoY बढ़कर 3,05,370 करोड़ रुपए हो गया, जो एक साल पहले 2,53,233 करोड़ रुपए था।

क्रमिक आधार पर इसमें 5.2% की ग्रोथ हुई। इस बढ़त में मॉर्गेज, व्हीकल लोन, कॉरपोरेट लोन और कंज्यूमर लोन का मुख्य योगदान रहा।

  • RAM पोर्टफोलियो: रिटेल, एग्रीकल्चर और एमएसएमई (RAM) पोर्टफोलियो 18.2% YoY बढ़कर 2,41,118 करोड़ रुपए पर पहुंच गया (QoQ 3.8% ग्रोथ)।
  • होलसेल बुक: होलसेल लोन बुक में ज्यादा तेज ग्रोथ देखी गई, जो 30.4% YoY और 11% QoQ बढ़कर 64,252 करोड़ रुपए हो गई।

कस्टमर डिपॉजिट्स 16.6% बढ़े, CASA रेशियो 50.8%

  • 30 जून 2026 तक बैंक के कस्टमर डिपॉजिट्स 16.6% YoY बढ़कर 2,99,405 करोड़ रुपए हो गए, जो मार्च तिमाही की तुलना में 5.3% ज्यादा हैं।
  • बैंक का कासा (CASA) डिपॉजिट्स सालाना आधार पर 24.6% और तिमाही आधार पर 8.1% बढ़कर 1,58,492 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
  • इससे बैंक का कासा रेशियो सुधरकर 50.8% हो गया है, जो एक साल पहले 48% और मार्च तिमाही में 49.8% था।

CASA और NIM क्या होते हैं?

  • करंट अकाउंट सेविंग अकाउंट (CASA) रेशियो: यह बैंक के कुल डिपॉजिट में करेंट और सेविंग्स अकाउंट के पैसे का प्रतिशत दिखाता है। कासा रेशियो जितना ज्यादा होता है, बैंक की फंड जुटाने की लागत उतनी ही कम होती है, क्योंकि इन खातों पर कम ब्याज देना पड़ता है।
  • नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): यह बैंक के वित्तीय प्रदर्शन का पैमाना है। यह बैंक द्वारा दिए गए लोन से मिले ब्याज और डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज के अंतर का कुल एसेट्स के मुकाबले प्रतिशत दिखाता है।

ये खबर भी पढ़ें…

PF का ब्याज अकाउंट में आना शुरू हुआ: मिस्ड कॉल और SMS सहित 4 तरीकों से पता कर सकते हैं PF बैलेंस, देखें इसकी प्रोसेस

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए PF अकाउंट होल्डर्स के खातों में 8.25% की दर से ब्याज डालना शुरू कर दिया है। कई सब्सक्राइबर्स को ब्याज का पैसा क्रेडिट होने के SMS मैसेज भी मिलने लगे हैं। हालांकि, अगर आपको अभी तक EPFO से कोई मैसेज नहीं मिला है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ब्याज क्रेडिट करने का प्रोसेस चालू है। पूरी खबर पढ़ें…

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