Tuesday, 04 Aug 2026 | 12:16 PM

Trending :

EXCLUSIVE

FSSAI Bans Dabur Honey And Ghee Over Misleading 100% Claims

FSSAI Bans Dabur Honey And Ghee Over Misleading 100% Claims

नई दिल्ली9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने डाबर इंडिया पर भ्रामक और ‘100% शुद्ध’ दावों के साथ अपने कई खाद्य प्रोडक्ट्स को बेचने पर रोक लगा दी है। इसमें डाबर का शहद और गाय का घी भी शामिल है।

FSSAI ने इन दावों को गुमराह करने वाला बताया है और कंपनी को तुरंत इन चिह्रित सामानों की बिक्री बंद करने का निर्देश दिया है। FSSAI ने डाबर से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

FSSAI की जांच में क्या पता चला

FSSAI के अनुसार, कंपनी की वेबसाइट पर बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों पर कई प्रकार के भ्रामक ‘100%’ दावे पाए गए थे। इनमें ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योर’, ‘100% प्योरिटी गारंटेड’, ‘100% ऑर्गनिक’ और ‘100% टेंडर कोकोनट वॉटर’ जैसे लेबल शामिल थे।

रेगुलेटर का कहना है कि ‘100 प्रतिशत’ दावों का यह उपयोग FSS (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन करता है। ये दावे अस्पष्ट, असत्यापित और आम उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले हैं।

नियमों के अन्य बड़े उल्लंघन

  • ‘जैविक भारत’ लोगो: डाबर हिमालयन ऑर्गनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गनिक हनी पर बिना किसी वैध FSSAI ऑर्गनिक एंडोर्समेंट के ‘जैविक भारत’ लोगो पाया गया।
  • कंपाउंड फूड्स पर गलत दावा: डाबर होममेड कोकोनट मिल्क को “100% Purity” के दावे के साथ मार्केट किया जा रहा था। FSS नियम, 2018 के तहत कंपाउंड फूड्स (मिश्रित खाद्य पदार्थों) के लिए ऐसा दावा करने की अनुमति बिल्कुल नहीं है।

पहले भी दिया गया था नोटिस

FSSAI ने बताया कि उसने पहले भी डाबर को नोटिस जारी कर इस प्रकार के भ्रामक “100%” दावों को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया था। हालांकि, कंपनी की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया।

इसके बाद FSSAI को यह कड़ा प्रोहिबिशन (बैन) ऑर्डर जारी करना पड़ा। अब डाबर को 15 दिनों के अंदर यह बताना होगा कि उन्होंने FSSAI के आदेश के बाद क्या कदम उठाए हैं।

भास्कर नॉलेज

‘100%’ के दावे के लिए वैज्ञानिक प्रमाण जरूरी

FSSAI के अनुसार ‘100%’ शब्द की फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018 में कोई तय परिभाषा नहीं है। इसलिए ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योर’, ‘100% प्योरिटी गारंटीड’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावे लोगों को गुमराह कर सकते हैं। इसी वजह से FSSAI ने फूड कंपनियों को ऐसे दावे करने से बचने की सलाह दी है।

नियमों के मुताबिक किसी भी खाद्य उत्पाद पर किया गया दावा सच, स्पष्ट और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित होना चाहिए। अगर कोई कंपनी भ्रामक या बिना सबूत के दावा करती है, तो FSSAI उसे नोटिस भेज सकता है, लेबल बदलने का आदेश दे सकता है, उत्पाद की बिक्री रोक सकता है और दूसरी कार्रवाई भी कर सकता है।

पहले भी आए ऐसे मामले 1. पतंजलि (2024: सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि के भ्रामक स्वास्थ्य संबंधी विज्ञापनों पर कड़ी टिप्पणी की थी। कंपनी और उसके अधिकारियों को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। अदालत के निर्देश के बाद कई विज्ञापन वापस लिए गए।

‘हेल्थ ड्रिंक’ विवाद (2024): FSSAI ने स्पष्ट किया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस में ‘Health Drink’ नाम की कोई कानूनी श्रेणी नहीं है। इसके बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने ‘Health Drink’ कैटेगरी हटाकर ऐसे उत्पादों को उनकी उपयुक्त श्रेणी में दिखाना शुरू किया।

—————–

ये खबर भी पढ़ें…

वॉट्सएप ने संदिग्ध यूजर्स के अकाउंट रिव्यू में डाले: बिना किसी वार्निंग के सभी फीचर्स ब्लॉक; कंपनी बोली- कभी-कभी हमसे गलती हो जाती है

मैसेजिंग एप वॉट्सएप ने भारत समेत कुछ अन्य देशों में कई यूजर्स के अकाउंट्स 24 घंटे के लिए रिव्यू में डाल दिए हैं। इस दौरान एप के सभी मैसेजिंग और कॉलिंग फीचर्स को ब्लॉक कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Dehradun Train Tickets Sold Out, Fares Double

February 24, 2026/
5:30 am

होली पर ट्रेनों में भारी भीड़, कन्फर्म टिकट मुश्किल। होली से पहले ट्रेनें फुल हैं, फ्लाइट के किराए महंगे हो...

बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर:टीम में 8 मैच विनर; कोहली ने 675 रन बनाए, भुवनेश्वर ने 28 विकेट लिए

June 1, 2026/
4:30 am

18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार… फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल...

अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

June 26, 2026/
3:00 am

सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे...

श्योपुर में आंधी-बारिश से बदला मौसम:पकी फसलों को होगा नुकसान, किसानों की चिंता बढ़ी

March 20, 2026/
4:39 pm

श्योपुर जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे तेज आंधी के साथ...

arw img

March 20, 2026/
12:05 pm

होमवीडियोकृषि आपने देखा है सिंदूर का पौधा? कई बीमारियों में भी कारगर, जानें फायदे X आपने देखा है सिंदूर का...

New Zealand vs South Africa Live Score, 5th T20I: Follow latest updates from the 5th match of the series from Christchurch's Hagley Oval. (X)

March 25, 2026/
4:57 pm

आखरी अपडेट:मार्च 25, 2026, 16:57 IST कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की टिप्पणी तब आई जब विपक्ष ने बताया कि उन्होंने...

राजनीति

FSSAI Bans Dabur Honey And Ghee Over Misleading 100% Claims

FSSAI Bans Dabur Honey And Ghee Over Misleading 100% Claims

नई दिल्ली9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने डाबर इंडिया पर भ्रामक और ‘100% शुद्ध’ दावों के साथ अपने कई खाद्य प्रोडक्ट्स को बेचने पर रोक लगा दी है। इसमें डाबर का शहद और गाय का घी भी शामिल है।

FSSAI ने इन दावों को गुमराह करने वाला बताया है और कंपनी को तुरंत इन चिह्रित सामानों की बिक्री बंद करने का निर्देश दिया है। FSSAI ने डाबर से 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

FSSAI की जांच में क्या पता चला

FSSAI के अनुसार, कंपनी की वेबसाइट पर बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों पर कई प्रकार के भ्रामक ‘100%’ दावे पाए गए थे। इनमें ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योर’, ‘100% प्योरिटी गारंटेड’, ‘100% ऑर्गनिक’ और ‘100% टेंडर कोकोनट वॉटर’ जैसे लेबल शामिल थे।

रेगुलेटर का कहना है कि ‘100 प्रतिशत’ दावों का यह उपयोग FSS (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन करता है। ये दावे अस्पष्ट, असत्यापित और आम उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले हैं।

नियमों के अन्य बड़े उल्लंघन

  • ‘जैविक भारत’ लोगो: डाबर हिमालयन ऑर्गनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गनिक हनी पर बिना किसी वैध FSSAI ऑर्गनिक एंडोर्समेंट के ‘जैविक भारत’ लोगो पाया गया।
  • कंपाउंड फूड्स पर गलत दावा: डाबर होममेड कोकोनट मिल्क को “100% Purity” के दावे के साथ मार्केट किया जा रहा था। FSS नियम, 2018 के तहत कंपाउंड फूड्स (मिश्रित खाद्य पदार्थों) के लिए ऐसा दावा करने की अनुमति बिल्कुल नहीं है।

पहले भी दिया गया था नोटिस

FSSAI ने बताया कि उसने पहले भी डाबर को नोटिस जारी कर इस प्रकार के भ्रामक “100%” दावों को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया था। हालांकि, कंपनी की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया।

इसके बाद FSSAI को यह कड़ा प्रोहिबिशन (बैन) ऑर्डर जारी करना पड़ा। अब डाबर को 15 दिनों के अंदर यह बताना होगा कि उन्होंने FSSAI के आदेश के बाद क्या कदम उठाए हैं।

भास्कर नॉलेज

‘100%’ के दावे के लिए वैज्ञानिक प्रमाण जरूरी

FSSAI के अनुसार ‘100%’ शब्द की फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस, 2018 में कोई तय परिभाषा नहीं है। इसलिए ‘100% नेचुरल’, ‘100% प्योर’, ‘100% प्योरिटी गारंटीड’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावे लोगों को गुमराह कर सकते हैं। इसी वजह से FSSAI ने फूड कंपनियों को ऐसे दावे करने से बचने की सलाह दी है।

नियमों के मुताबिक किसी भी खाद्य उत्पाद पर किया गया दावा सच, स्पष्ट और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित होना चाहिए। अगर कोई कंपनी भ्रामक या बिना सबूत के दावा करती है, तो FSSAI उसे नोटिस भेज सकता है, लेबल बदलने का आदेश दे सकता है, उत्पाद की बिक्री रोक सकता है और दूसरी कार्रवाई भी कर सकता है।

पहले भी आए ऐसे मामले 1. पतंजलि (2024: सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि के भ्रामक स्वास्थ्य संबंधी विज्ञापनों पर कड़ी टिप्पणी की थी। कंपनी और उसके अधिकारियों को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी। अदालत के निर्देश के बाद कई विज्ञापन वापस लिए गए।

‘हेल्थ ड्रिंक’ विवाद (2024): FSSAI ने स्पष्ट किया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशंस में ‘Health Drink’ नाम की कोई कानूनी श्रेणी नहीं है। इसके बाद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने ‘Health Drink’ कैटेगरी हटाकर ऐसे उत्पादों को उनकी उपयुक्त श्रेणी में दिखाना शुरू किया।

—————–

ये खबर भी पढ़ें…

वॉट्सएप ने संदिग्ध यूजर्स के अकाउंट रिव्यू में डाले: बिना किसी वार्निंग के सभी फीचर्स ब्लॉक; कंपनी बोली- कभी-कभी हमसे गलती हो जाती है

मैसेजिंग एप वॉट्सएप ने भारत समेत कुछ अन्य देशों में कई यूजर्स के अकाउंट्स 24 घंटे के लिए रिव्यू में डाल दिए हैं। इस दौरान एप के सभी मैसेजिंग और कॉलिंग फीचर्स को ब्लॉक कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.