नई दिल्ली, 11 अगस्त, मंगलवार। सरकार ने 10 और 20 रुपए के पॉलीमर बैंकनोट के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने मंगलवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश पर RBI एक्ट, 1934 की धारा 25 के तहत सरकार को यह प्रस्ताव भेजा था। सफल ट्रायल के बाद नियमित जारी होंगे नोट RBI ने 10 और 20 रुपए के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल का प्रस्ताव दिया था। ट्रायल सफल होने के बाद इन दोनों मूल्यवर्ग के पॉलीमर नोट नियमित रूप से जारी करने की योजना है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। RBI के मुताबिक, पॉलीमर नोट कागज से बने नोटों के साथ जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पॉलीमर नोटों की खरीद की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए फिलहाल इनके जारी होने की सही समय सीमा और इस पर होने वाले खर्च का व्यावहारिक तौर पर आकलन करना संभव नहीं है। महंगाई 2025-26 में घटकर 2.1% रही एक अन्य सवाल के जवाब में सीतारमन ने बताया कि कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) से मापी जाने वाली औसत खुदरा महंगाई 2023-24 में 5.4% से घटकर 2024-25 में 4.6% और 2025-26 में 2.1% रह गई। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से जिंसों की कीमतों में आए झटके और दुनिया भर में ऊर्जा की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ी। सब्जियों की कीमतों में मौसमी तेजी और अल नीनो की प्रतिकूल परिस्थितियों की आशंका से 2026-27 की पहली तिमाही में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.9% हो गई। हालांकि, यह अब भी RBI के 4% महंगाई लक्ष्य से कम है। GST में 18%, 5% और 40% की दरें वित्त मंत्री ने कहा कि GST काउंसिल की 56वीं बैठक में दो-दर वाला ढांचा लाया गया है। इसमें सामान्य दर 18%, मेरिट दर 5% और कुछ चुनिंदा वस्तुओं व सेवाओं के लिए विशेष डिमेरिट दर 40% रखी गई है। उन्होंने कहा कि 40% की दर में पहले का मुआवजा उपकर भी शामिल है। इसलिए कुल टैक्स बोझ में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस बदलाव से कई वस्तुओं और सेवाओं की दरों को 28% से घटाकर 18%, 18% से घटाकर 12% या 5% और 12% से घटाकर 5% या शून्य किया गया है। पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए घटी सीतारमन ने कहा कि इनपुट लागत कम करने, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने, निर्यात प्रतिस्पर्धा मजबूत करने और रणनीतिक क्षेत्रों को समर्थन देने के लिए सरकार ने कई वस्तुओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में बदलाव किया। केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित ये बदलाव 2 फरवरी 2026 से लागू हुए। जरूरी वस्तुओं की कीमतों का दबाव कम करने के लिए क्रूड पाम ऑयल, क्रूड सोयाबीन ऑयल और क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर BCD घटाई गई। इसके अलावा, मसूर पर कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट सेस कम किया गया। मार्च 2026 में पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर घटाई गई। 12 लाख रुपए तक की सालाना आय पर टैक्स छूट वित्त मंत्री ने कहा कि अप्रत्यक्ष करों में सुधार के साथ सरकार ने लोगों की खर्च करने योग्य आय भी बढ़ाई है। सालाना 12 लाख रुपए तक की आय को इनकम टैक्स से छूट दी गई है। सैलरी पाने वाले लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद 12.75 लाख रुपए तक की सालाना आय टैक्स से मुक्त है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से घरेलू खपत को समर्थन मिला है। GDP में निजी अंतिम उपभोग खर्च का हिस्सा 2022-23 के आधार वर्ष पर 56.5% से 56.7% के बीच लगभग स्थिर रहा। सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के जारी ताजा GDP अनुमान के मुताबिक, 2025-26 में प्रति व्यक्ति निजी अंतिम उपभोग खर्च (PFCE) 6.8% बढ़ा। 2023-24 में इसकी वृद्धि 4.8% रही थी। सीतारमन ने कहा कि सरकार देश में कीमतों की स्थिति पर लगातार नजर रखती है। बदलती आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार लोगों की क्रय शक्ति बचाने के लिए वित्तीय, प्रशासनिक और सप्लाई से जुड़े कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इन उपायों का खास ध्यान निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों पर रहता है।















































