अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसेना के जहाजों की टक्कर हुई। भारत के मुताबिक, तेज रफ्तार में आ रहे पाकिस्तानी जहाज ने अचानक गलत दिशा में मोड़ लिया, जिससे वह भारतीय नौसेना की यूनिट से टकरा गया। हादसे में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध जताया। भारत ने पाकिस्तानी नौसेना के इस व्यवहार को गैर-पेशेवर और अस्वीकार्य बताया। 35 साल पुराने समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने कहा कि पाकिस्तानी नौसेना के जहाज का व्यवहार अप्रैल 1991 में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के आर्टिकल 10 का सीधा उल्लंघन है। इस समझौते के तहत दोनों देशों को सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिकों की आवाजाही की पहले से जानकारी देनी होती है। भारत और पाकिस्तान पहले भी समुद्र में हुई घटनाओं के मामलों में इस समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला दे चुके हैं। भारत बोला- समुद्र में सैन्य यूनिट्स पूरी सावधानी बरतें भारत ने पाकिस्तान से ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही, पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा गया कि वे अपने संबंधित अधिकारियों को सभी सैन्य यूनिट्स को समुद्र में पूरी सावधानी बरतने की सलाह दें। भारत ने दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों के प्रावधानों का पालन करने पर भी जोर दिया।
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