Friday, 18 Sep 2026 | 06:12 PM

Trending :

Swara Bhaskar Statement | Aamir Shah Rukh Salman Khan Ayodhya Verdict

Swara Bhaskar Statement | Aamir Shah Rukh Salman Khan Ayodhya Verdict

1 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ‘निल बटे सन्नाटा’, ‘रांझणा’ और ‘तनु वेड्स मनु’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है।

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने हाल ही में कहा कि साल 2019 के अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वो बहुत दुखी थीं। स्वरा ने बताया कि फैसले के बाद उन्होंने अपने मोबाइल पर मौजूद मुस्लिम कॉन्टेक्ट्स को मैसेज कर माफी मांगी थी।

दरअसल, द मिडनाइट आवर को दिए इंटरव्यू में स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने अपनी लव स्टोरी पर बात की। दोनों की लव स्टोरी की शुरुआत एक प्रोटेस्ट से हुई थी, जहां दोनों पहली बार मिले थे।

इसके बाद दोनों लगातार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर साथ काम करने लगे। स्वरा ने बताया कि फहाद का काम करने का तरीका उन्हें काफी पसंद आया।

स्वरा और फहाद की पहली मुलाकात साल 2019-2020 में सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुई थी।

स्वरा और फहाद की पहली मुलाकात साल 2019-2020 में सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुई थी।

इंटरव्यू में स्वरा भास्कर ने कहा, “और फिर राम जन्मभूमि का मुद्दा आया। यह 2019 की बात है, जब इस मामले में फैसला आया था। मुझे लगता है कि वह भी एक बहुत बड़ा मुद्दा था। उस फैसले से मैं बहुत दुखी थी। मैं सोच रही थी कि यह कैसा देश है और ऐसा फैसला कैसे आ सकता है?”

उन्होंने आगे कहा, “मैं उस फैसले से बहुत परेशान थी, क्योंकि मुझे लगा कि यह बहुत गलत और अन्यायपूर्ण था। इसलिए मैंने फेसबुक पर अपने सभी मुस्लिम दोस्तों को मैसेज किया। आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान से लेकर फहाद अहमद तक, मैंने सभी को मैसेज किया।”

उन्होंने यह भी कहा, “मैं बहुत दुखी थी और बस सभी मुस्लिम लोगों तक अपनी बात पहुंचाना चाहती थी। मैं एक हिंदू हूं, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहती थी कि मुझे इस बात का सच में अफसोस है। मुझे शर्मिंदगी महसूस हो रही है और मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं। यह मेरी अपनी सोच है। हालांकि, कुछ लोगों ने जवाब में कहा कि सब ठीक है और मुझे इस तरह का मैसेज करने की जरूरत नहीं है।”

इसके बाद स्वरा और फहाद के बीच बातचीत और बढ़ गई। जब भी देश में कोई बड़ा मुद्दा होता, दोनों मिलकर उस पर चर्चा करते थे।

स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने 16 फरवरी 2023 को कोर्ट मैरिज की थी।

स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने 16 फरवरी 2023 को कोर्ट मैरिज की थी।

2019 में आया था सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में फैसला सुनाते हुए विवादित 2.77 एकड़ जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए देने का आदेश दिया था। साथ ही मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का निर्देश दिया गया था।

स्वरा भास्कर के खिलाफ अवमानना केस की मांग हुई थी

वहीं साल 2020 में भी एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अयोध्या जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में आई थीं। दरअसल, 1 फरवरी 2020 को मुंबई कलेक्टिव के एक कार्यक्रम में स्वरा ने अयोध्या फैसले पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद का विध्वंस गैरकानूनी माना, लेकिन उसी फैसले में मस्जिद गिराने वालों को जमीन दे दी। उन्होंने यह भी कहा था कि देश ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जहां अदालतों के संविधान में विश्वास को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्वरा के इस बयान के खिलाफ अधिवक्ता अनुज सक्सेना ने आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल से मंजूरी मांगी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि स्वरा की टिप्पणी से सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

के.के. वेणुगोपाल का पूरा नाम कोट्टायन कटंकॉट वेणुगोपाल है। वे 1 जुलाई 2017 से 30 सितंबर 2022 तक भारत के अटॉर्नी जनरल रहे हैं।

के.के. वेणुगोपाल का पूरा नाम कोट्टायन कटंकॉट वेणुगोपाल है। वे 1 जुलाई 2017 से 30 सितंबर 2022 तक भारत के अटॉर्नी जनरल रहे हैं।

हालांकि, अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने इस मामले में मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि स्वरा का पहला बयान उनकी अपनी धारणा थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट की संस्था को बदनाम करने या उसकी गरिमा कम करने वाली बात नहीं थी।

उन्होंने स्वरा के दूसरे बयान को भी सामान्य और अस्पष्ट बताया। उनके मुताबिक, यह बयान किसी खास अदालत के खिलाफ नहीं था। इसलिए इसे आपराधिक अवमानना का मामला नहीं माना जा सकता।

अटॉर्नी जनरल से अनुमति नहीं मिलने के बाद याचिकाकर्ताओं ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी संपर्क किया था। उन्होंने भी इस मामले में सहमति देने से इनकार कर दिया था।

तुषार मेहता को 10 अक्टूबर 2018 को पहली बार भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं।

तुषार मेहता को 10 अक्टूबर 2018 को पहली बार भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अमेरिका ने ईरान के 5 शहरों पर बम बरसाए:लगातार 11वीं रात हमला; जंग में US 3 लाख करोड़ खर्च कर चुका

July 22, 2026/
7:11 am

अमेरिका ने बुधवार तड़के ईरान के पांच शहरों में एक साथ एयर और मिसाइल स्ट्राइक की। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक...

चार बार की चैंपियन जर्मनी फुटबॉल वर्ल्ड कप से बाहर:पराग्वे ने पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराया; ब्राजील ने आखिरी मिनट में जापान को हराया

June 30, 2026/
7:18 am

फुटबॉल वर्ल्ड कप में मंगलवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला। जब पराग्वे ने चार बार की वर्ल्ड चैंपियन...

बंगाल चुनाव 2026: 'जब तक एक भी बीजेपी कार्यकर्ता जिंदा है, बंगाल में नहीं बनेगा बाबरी मस्जिद', अमित शाह का बड़ा बयान

April 24, 2026/
10:14 pm

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को पश्चिम बंगाल के अयोध्या में आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम...

अडाणी एंटरप्राइजेज को ₹1,160 करोड़ का घाटा हुआ:पहली तिमाही में रेवेन्यू 50% बढ़ा,  यह ₹32,924 करोड़ पर पहुंचा

July 29, 2026/
3:08 pm

अडाणी एंटरप्राइजेज ने 29 जुलाई को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में कंपनी...

50 फीट ऊंचे पुल से कूदा युवक, मौत:मृतक दमोह में घाट पिपरिया का रहने वाला, मजदूरी करता था

April 26, 2026/
9:22 pm

दमोह-कटनी मार्ग पर स्थित घाट पिपरिया पुल से रविवार शाम एक 40 वर्षीय युवक ने छलांग लगाकर जान दे दी।...

स्टीव बकनर ने माना- तेंदुलकर को LBW देना गलती थी:22 साल बाद कहा- आज भी लोग पूछते हैं आउट क्यों दिया; गाबा टेस्ट में आउट दिया था

February 24, 2026/
5:25 pm

दिग्गज अंपायर स्टीव बकनर ने सचिन तेंदुलकर को गाबा टेस्ट में आउट होने पर मना है कि उनसे गलती हो...

कर्नाटक कांग्रेस संकट: खड़गे, सिद्धरमैया, शिवकुमार की बैठक, क्या कर्नाटक में बेटियां ठीक नहीं?

May 20, 2026/
9:04 am

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (मठ) के प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने कर्नाटक में नेतृत्व के मुद्दे को लेकर नए अटकलों के...

राजनीति

Swara Bhaskar Statement | Aamir Shah Rukh Salman Khan Ayodhya Verdict

Swara Bhaskar Statement | Aamir Shah Rukh Salman Khan Ayodhya Verdict

1 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अभिनेत्री स्वरा भास्कर ‘निल बटे सन्नाटा’, ‘रांझणा’ और ‘तनु वेड्स मनु’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है।

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने हाल ही में कहा कि साल 2019 के अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वो बहुत दुखी थीं। स्वरा ने बताया कि फैसले के बाद उन्होंने अपने मोबाइल पर मौजूद मुस्लिम कॉन्टेक्ट्स को मैसेज कर माफी मांगी थी।

दरअसल, द मिडनाइट आवर को दिए इंटरव्यू में स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने अपनी लव स्टोरी पर बात की। दोनों की लव स्टोरी की शुरुआत एक प्रोटेस्ट से हुई थी, जहां दोनों पहली बार मिले थे।

इसके बाद दोनों लगातार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर साथ काम करने लगे। स्वरा ने बताया कि फहाद का काम करने का तरीका उन्हें काफी पसंद आया।

स्वरा और फहाद की पहली मुलाकात साल 2019-2020 में सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुई थी।

स्वरा और फहाद की पहली मुलाकात साल 2019-2020 में सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुई थी।

इंटरव्यू में स्वरा भास्कर ने कहा, “और फिर राम जन्मभूमि का मुद्दा आया। यह 2019 की बात है, जब इस मामले में फैसला आया था। मुझे लगता है कि वह भी एक बहुत बड़ा मुद्दा था। उस फैसले से मैं बहुत दुखी थी। मैं सोच रही थी कि यह कैसा देश है और ऐसा फैसला कैसे आ सकता है?”

उन्होंने आगे कहा, “मैं उस फैसले से बहुत परेशान थी, क्योंकि मुझे लगा कि यह बहुत गलत और अन्यायपूर्ण था। इसलिए मैंने फेसबुक पर अपने सभी मुस्लिम दोस्तों को मैसेज किया। आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान खान से लेकर फहाद अहमद तक, मैंने सभी को मैसेज किया।”

उन्होंने यह भी कहा, “मैं बहुत दुखी थी और बस सभी मुस्लिम लोगों तक अपनी बात पहुंचाना चाहती थी। मैं एक हिंदू हूं, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहती थी कि मुझे इस बात का सच में अफसोस है। मुझे शर्मिंदगी महसूस हो रही है और मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं। यह मेरी अपनी सोच है। हालांकि, कुछ लोगों ने जवाब में कहा कि सब ठीक है और मुझे इस तरह का मैसेज करने की जरूरत नहीं है।”

इसके बाद स्वरा और फहाद के बीच बातचीत और बढ़ गई। जब भी देश में कोई बड़ा मुद्दा होता, दोनों मिलकर उस पर चर्चा करते थे।

स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने 16 फरवरी 2023 को कोर्ट मैरिज की थी।

स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने 16 फरवरी 2023 को कोर्ट मैरिज की थी।

2019 में आया था सुप्रीम कोर्ट का फैसला

अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में फैसला सुनाते हुए विवादित 2.77 एकड़ जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए देने का आदेश दिया था। साथ ही मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का निर्देश दिया गया था।

स्वरा भास्कर के खिलाफ अवमानना केस की मांग हुई थी

वहीं साल 2020 में भी एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अयोध्या जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में आई थीं। दरअसल, 1 फरवरी 2020 को मुंबई कलेक्टिव के एक कार्यक्रम में स्वरा ने अयोध्या फैसले पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद का विध्वंस गैरकानूनी माना, लेकिन उसी फैसले में मस्जिद गिराने वालों को जमीन दे दी। उन्होंने यह भी कहा था कि देश ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जहां अदालतों के संविधान में विश्वास को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्वरा के इस बयान के खिलाफ अधिवक्ता अनुज सक्सेना ने आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल से मंजूरी मांगी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि स्वरा की टिप्पणी से सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।

के.के. वेणुगोपाल का पूरा नाम कोट्टायन कटंकॉट वेणुगोपाल है। वे 1 जुलाई 2017 से 30 सितंबर 2022 तक भारत के अटॉर्नी जनरल रहे हैं।

के.के. वेणुगोपाल का पूरा नाम कोट्टायन कटंकॉट वेणुगोपाल है। वे 1 जुलाई 2017 से 30 सितंबर 2022 तक भारत के अटॉर्नी जनरल रहे हैं।

हालांकि, अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने इस मामले में मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि स्वरा का पहला बयान उनकी अपनी धारणा थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट की संस्था को बदनाम करने या उसकी गरिमा कम करने वाली बात नहीं थी।

उन्होंने स्वरा के दूसरे बयान को भी सामान्य और अस्पष्ट बताया। उनके मुताबिक, यह बयान किसी खास अदालत के खिलाफ नहीं था। इसलिए इसे आपराधिक अवमानना का मामला नहीं माना जा सकता।

अटॉर्नी जनरल से अनुमति नहीं मिलने के बाद याचिकाकर्ताओं ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी संपर्क किया था। उन्होंने भी इस मामले में सहमति देने से इनकार कर दिया था।

तुषार मेहता को 10 अक्टूबर 2018 को पहली बार भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं।

तुषार मेहता को 10 अक्टूबर 2018 को पहली बार भारत का सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.