Thursday, 05 Nov 2026 | 03:53 PM

Trending :

मूवी रिव्यू-'वाइब':कुणाल खेमू की फिल्म पहले हंसाती है, लेकिन इंटरवल के बाद समझना मुश्किल हो जाता है- क्या हो रहा है?

मूवी रिव्यू-'वाइब':कुणाल खेमू की फिल्म पहले हंसाती है, लेकिन इंटरवल के बाद समझना मुश्किल हो जाता है- क्या हो रहा है?

रेटिंग: 2/5
अवधि: 2 घंटे 25 मिनट
शैली: कॉमेडी
निर्देशक: कुणाल खेमू
मुख्य कलाकार: कुणाल खेमू, स्पर्श श्रीवास्तव, प्रीति जिंटा, वंशिका धीर, यशपाल शर्मा, दिनेश लाल यादव
रिलीज डेट: 18 सितंबर 2026 कुणाल खेमू की फिल्म ‘वाइब’ शुरू होते ही पुरानी याद ताजा करती है। ‘मडगांव एक्सप्रेस’ में तीन दोस्तों की जिंदगी में बवाल था, यहां दो दोस्त हैं और बवाल सीधा देश की सुरक्षा तक पहुंच गया है। हार्दिक और बग्स की जोड़ी शुरू में कमाल लगती है। दोनों की केमिस्ट्री, कुणाल का टाइमिंग वाला ह्यूमर और कुछ मजेदार संवाद फिल्म को अच्छी रफ्तार देते हैं। पहला हाफ देखकर लगता हैचलो भाई, कुणाल फिर फॉर्म में हैं। फिर इंटरवल होता है और फिल्म अपना ट्रैक बदल देती है। फिल्म की कहानी कैसी है हार्दिक यानी कुणाल खेमू नशे की लत से बाहर निकलकर जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। उसका दोस्त बग्स यानी स्पर्श श्रीवास्तव उसे अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी दिला देता है। लेकिन हार्दिक का ध्यान नौकरी से ज्यादा नई इंटर्न करीना यानी वंशिका धीर पर है। दोनों के बीच बात आगे बढ़ती है और फिर एक ऐसा मामला सामने आता है, जिसकी वजह से हार्दिक और बग्स की एंट्री हो जाती है मैडम एच यानी प्रीति जिंटा की दुनिया में। अब ये दोनों पहुंच जाते हैं एक ऐसे मिशन में, जिसके लिए शायद इनसे ज्यादा गलत लोगों को चुनना मुश्किल था। यहीं तक फिल्म काफी मजेदार है। इसके बाद कहानी में गैंगस्टर, आतंकवाद, एआई, सॉफ्टवेयर अटैक, बड़ी साजिश और सुपर-स्ट्रेंथ वाला सीरम तक आ जाता है। मतलब दो दोस्तों की कॉमेडी से शुरू हुई फिल्म अचानक बोलती है,भाई, अब देश बचाना है। फिल्म में एक्टिंग कैसी है कुणाल खेमू हार्दिक के रोल में शानदार काम किया है। वह बेवकूफ दिखते हुए भी प्यारे लगते हैं और उनकी बॉडी लैंग्वेज कई बार खुद ही हंसा देती है। हालांकि परेशानी यह है कि उनका यह अंदाज अब थोड़ा जाना-पहचाना लगता है। ‘मडगांव एक्सप्रेस’, ‘लूटकेस’ और ‘गो गोवा गॉन’ के बाद इस बार वही मजाकिया कुणाल कुछ नया कम देते हैं। स्पर्श श्रीवास्तव सबसे बड़ा सरप्राइज हैं। बग्स के रोल में उनकी घबराहट और चेहरे के एक्सप्रेशन कई बार कुणाल से भी ज्यादा हंसा देते हैं। प्रीति जिंटा की मैडम एच स्टाइलिश है और उनका एक्शन सीन फिल्म के मजेदार हिस्सों में आता है। वंशिका धीर खूबसूरत दिखती हैं, लेकिन उनके रोल में करने को ज्यादा कुछ नहीं है। यशपाल शर्मा और दिनेश लाल यादव ठीक हैं, जबकि शर्मिला टैगोर का छोटा-सा कैमियो अच्छा लगता है। फिल्म का निर्देशन कैसा है कुणाल खेमू को कॉमेडी की समझ है। दिक्कत यह है कि उन्हें अपनी फिल्म पर थोड़ा और भरोसा करना चाहिए था। पहले हाफ में हार्दिक और बग्स ही काफी हैं। उनकी छोटी-छोटी बेवकूफियां ही फिल्म चला रही हैं। लेकिन दूसरे हाफ में फिल्म परत-दर-परत चीजें जोड़ती जाती है। एक गैंगस्टर चाहिए। डाल दो।
एआई चाहिए। डाल दो।
सॉफ्टवेयर अटैक चाहिए। डाल दो।
सीरम चाहिए। वो भी डाल दो। नतीजा कहानी आगे कम बढ़ती है, सामान ज्यादा बढ़ता जाता है। फिल्म का सबसे बड़ा मजा वहीं था जहां वह खुद को ज्यादा गंभीर नहीं ले रही थी। काश, कुणाल ने उसी रास्ते पर फिल्म को आखिर तक चलाया होता। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैसा है फिल्म दिखने में अच्छी है। लोकेशन अच्छी हैं, कैमरा वर्क बढ़िया है और एक्शन सीक्वेंस में पैसा साफ दिखाई देता है। लेकिन दूसरे हाफ में फिल्म की रफ्तार गिर जाती है। कुछ सीन्स जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और कहानी कई जगह खिंचती हुई महसूस होती है। फिल्म में कमियां क्या हैं सबसे बड़ी कमी है ओवरडोज। फिल्म में कॉमेडी चाहिए थी, लेकिन बाद में एक्शन भी चाहिए, थ्रिल भी चाहिए, बड़ा विलेन भी चाहिए और देश बचाने वाला ड्रामा भी चाहिए। सब कुछ चाहिए और जब फिल्म सब कुछ देने लगती है, तो जो सबसे अच्छा था हार्दिक और बग्स की कॉमेडी वही पीछे छूट जाती है। रोमांस भी थोड़ा लंबा है और क्लाइमेक्स तक आते-आते फिल्म जरूरत से ज्यादा ओवर-द-टॉप हो जाती है और कुणाल का शर्ट उतारकर मसल्स दिखाने वाला सीन। भाई, ये कॉमेडी फिल्म है या अचानक फिटनेस विज्ञापन? फिल्म का म्यूजिक कैसा है म्यूजिक ठीक है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं जो फिल्म खत्म होने के बाद साथ बाहर आए। कुछ गाने अच्छे लगते हैं, लेकिन कुछ जगह ये कहानी की रफ्तार को और धीमा करते हैं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘वाइब’ का पहला हाफ बताता है कि कुणाल खेमू एक और शानदार कॉमेडी दे सकते थे। दूसरा हाफ बताता है कि उन्होंने खुद ही फिल्म को ज्यादा बड़ा बनाने के चक्कर में मामला बिगाड़ दिया। कुणाल और स्पर्श की जोड़ी फिल्म की जान है। कुछ संवाद और सीन्स सच में मजेदार हैं। बस दिक्कत यही है कि फिल्म को जितना कम दिखाना चाहिए था, उससे ज्यादा दिखा दिया गया। शुरुआत में वाइब सेट होती है, इंटरवल के बाद फिल्म खुद ही उसे बिगाड़ देती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Mukesh Ambani Zero Salary | Tata Tiago Launch

May 29, 2026/
5:01 am

31 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सएप से जुड़ी रही। इनकी पेरेंट कंपनी मेटा...

PM Modi, Putin & Jinping Meeting Updates

August 31, 2026/
5:30 am

बिश्केक9 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी रविवार रात किर्गिस्तान पहुंचे। 26वां SCO समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर को...

सागर में नर्सरी से कक्षा 5वीं के विद्यार्थियों की छुट्टी:बढ़ती गर्मी को देख कलेक्टर ने जारी किया आदेश, गुरुवार से 30 अप्रैल तक रहेगी छुट्टी

April 22, 2026/
9:42 pm

सागर में लगातार गर्मी का असर बढ़ रहा है। दिन का तापमान 41 डिग्री के पार पहुंच गया। जिससे स्कूल...

दिल्ली पासिंग पुलिस लिखी कार से पकड़ाई शराब:हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस, ड्राइवर को बाहर निकाला, कार में देखा 9 पेटी शराब मिली

April 22, 2026/
4:30 pm

सागर जिले की गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने दिल्ली पासिंग कार से अवैध शराब बरामद की है। मामले में एक आरोपी...

जिस जहाज पर हंतावायरस फैला, उस पर 2 भारतीय:अब तक 3 की मौत; डॉक्टर बोले- यह कोरोना की तरह तेजी से नहीं फैलता

May 8, 2026/
1:00 pm

अटलांटिक महासागर में क्रूज शिप MV होंडियस पर 2 भारतीय नागरिक शामिल है। यह वही शिप हैं, जिस पर हंतावायरस...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

मूवी रिव्यू-'वाइब':कुणाल खेमू की फिल्म पहले हंसाती है, लेकिन इंटरवल के बाद समझना मुश्किल हो जाता है- क्या हो रहा है?

मूवी रिव्यू-'वाइब':कुणाल खेमू की फिल्म पहले हंसाती है, लेकिन इंटरवल के बाद समझना मुश्किल हो जाता है- क्या हो रहा है?

रेटिंग: 2/5
अवधि: 2 घंटे 25 मिनट
शैली: कॉमेडी
निर्देशक: कुणाल खेमू
मुख्य कलाकार: कुणाल खेमू, स्पर्श श्रीवास्तव, प्रीति जिंटा, वंशिका धीर, यशपाल शर्मा, दिनेश लाल यादव
रिलीज डेट: 18 सितंबर 2026 कुणाल खेमू की फिल्म ‘वाइब’ शुरू होते ही पुरानी याद ताजा करती है। ‘मडगांव एक्सप्रेस’ में तीन दोस्तों की जिंदगी में बवाल था, यहां दो दोस्त हैं और बवाल सीधा देश की सुरक्षा तक पहुंच गया है। हार्दिक और बग्स की जोड़ी शुरू में कमाल लगती है। दोनों की केमिस्ट्री, कुणाल का टाइमिंग वाला ह्यूमर और कुछ मजेदार संवाद फिल्म को अच्छी रफ्तार देते हैं। पहला हाफ देखकर लगता हैचलो भाई, कुणाल फिर फॉर्म में हैं। फिर इंटरवल होता है और फिल्म अपना ट्रैक बदल देती है। फिल्म की कहानी कैसी है हार्दिक यानी कुणाल खेमू नशे की लत से बाहर निकलकर जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। उसका दोस्त बग्स यानी स्पर्श श्रीवास्तव उसे अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी दिला देता है। लेकिन हार्दिक का ध्यान नौकरी से ज्यादा नई इंटर्न करीना यानी वंशिका धीर पर है। दोनों के बीच बात आगे बढ़ती है और फिर एक ऐसा मामला सामने आता है, जिसकी वजह से हार्दिक और बग्स की एंट्री हो जाती है मैडम एच यानी प्रीति जिंटा की दुनिया में। अब ये दोनों पहुंच जाते हैं एक ऐसे मिशन में, जिसके लिए शायद इनसे ज्यादा गलत लोगों को चुनना मुश्किल था। यहीं तक फिल्म काफी मजेदार है। इसके बाद कहानी में गैंगस्टर, आतंकवाद, एआई, सॉफ्टवेयर अटैक, बड़ी साजिश और सुपर-स्ट्रेंथ वाला सीरम तक आ जाता है। मतलब दो दोस्तों की कॉमेडी से शुरू हुई फिल्म अचानक बोलती है,भाई, अब देश बचाना है। फिल्म में एक्टिंग कैसी है कुणाल खेमू हार्दिक के रोल में शानदार काम किया है। वह बेवकूफ दिखते हुए भी प्यारे लगते हैं और उनकी बॉडी लैंग्वेज कई बार खुद ही हंसा देती है। हालांकि परेशानी यह है कि उनका यह अंदाज अब थोड़ा जाना-पहचाना लगता है। ‘मडगांव एक्सप्रेस’, ‘लूटकेस’ और ‘गो गोवा गॉन’ के बाद इस बार वही मजाकिया कुणाल कुछ नया कम देते हैं। स्पर्श श्रीवास्तव सबसे बड़ा सरप्राइज हैं। बग्स के रोल में उनकी घबराहट और चेहरे के एक्सप्रेशन कई बार कुणाल से भी ज्यादा हंसा देते हैं। प्रीति जिंटा की मैडम एच स्टाइलिश है और उनका एक्शन सीन फिल्म के मजेदार हिस्सों में आता है। वंशिका धीर खूबसूरत दिखती हैं, लेकिन उनके रोल में करने को ज्यादा कुछ नहीं है। यशपाल शर्मा और दिनेश लाल यादव ठीक हैं, जबकि शर्मिला टैगोर का छोटा-सा कैमियो अच्छा लगता है। फिल्म का निर्देशन कैसा है कुणाल खेमू को कॉमेडी की समझ है। दिक्कत यह है कि उन्हें अपनी फिल्म पर थोड़ा और भरोसा करना चाहिए था। पहले हाफ में हार्दिक और बग्स ही काफी हैं। उनकी छोटी-छोटी बेवकूफियां ही फिल्म चला रही हैं। लेकिन दूसरे हाफ में फिल्म परत-दर-परत चीजें जोड़ती जाती है। एक गैंगस्टर चाहिए। डाल दो।
एआई चाहिए। डाल दो।
सॉफ्टवेयर अटैक चाहिए। डाल दो।
सीरम चाहिए। वो भी डाल दो। नतीजा कहानी आगे कम बढ़ती है, सामान ज्यादा बढ़ता जाता है। फिल्म का सबसे बड़ा मजा वहीं था जहां वह खुद को ज्यादा गंभीर नहीं ले रही थी। काश, कुणाल ने उसी रास्ते पर फिल्म को आखिर तक चलाया होता। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैसा है फिल्म दिखने में अच्छी है। लोकेशन अच्छी हैं, कैमरा वर्क बढ़िया है और एक्शन सीक्वेंस में पैसा साफ दिखाई देता है। लेकिन दूसरे हाफ में फिल्म की रफ्तार गिर जाती है। कुछ सीन्स जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और कहानी कई जगह खिंचती हुई महसूस होती है। फिल्म में कमियां क्या हैं सबसे बड़ी कमी है ओवरडोज। फिल्म में कॉमेडी चाहिए थी, लेकिन बाद में एक्शन भी चाहिए, थ्रिल भी चाहिए, बड़ा विलेन भी चाहिए और देश बचाने वाला ड्रामा भी चाहिए। सब कुछ चाहिए और जब फिल्म सब कुछ देने लगती है, तो जो सबसे अच्छा था हार्दिक और बग्स की कॉमेडी वही पीछे छूट जाती है। रोमांस भी थोड़ा लंबा है और क्लाइमेक्स तक आते-आते फिल्म जरूरत से ज्यादा ओवर-द-टॉप हो जाती है और कुणाल का शर्ट उतारकर मसल्स दिखाने वाला सीन। भाई, ये कॉमेडी फिल्म है या अचानक फिटनेस विज्ञापन? फिल्म का म्यूजिक कैसा है म्यूजिक ठीक है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं जो फिल्म खत्म होने के बाद साथ बाहर आए। कुछ गाने अच्छे लगते हैं, लेकिन कुछ जगह ये कहानी की रफ्तार को और धीमा करते हैं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘वाइब’ का पहला हाफ बताता है कि कुणाल खेमू एक और शानदार कॉमेडी दे सकते थे। दूसरा हाफ बताता है कि उन्होंने खुद ही फिल्म को ज्यादा बड़ा बनाने के चक्कर में मामला बिगाड़ दिया। कुणाल और स्पर्श की जोड़ी फिल्म की जान है। कुछ संवाद और सीन्स सच में मजेदार हैं। बस दिक्कत यही है कि फिल्म को जितना कम दिखाना चाहिए था, उससे ज्यादा दिखा दिया गया। शुरुआत में वाइब सेट होती है, इंटरवल के बाद फिल्म खुद ही उसे बिगाड़ देती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.