बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से गोवा के डोना पाउला में निधन हो गया। उनका उत्तराखंड से भी गहरा जुड़ाव रहा है। सितंबर-अक्टूबर 2022 में चमोली की नीती घाटी में मराठी फिल्म ‘ओले आले’ की शूटिंग के दौरान वे करीब नौ दिन पहाड़ों में रहे थे। चमोली की खूबसूरत वादियों, शांत वातावरण और स्थानीय लोगों की सादगी से वे काफी प्रभावित हुए। उन्होंने भविष्य में उत्तराखंड में जमीन खरीदकर घर बनाने की इच्छा जताई थी। शूटिंग के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से पहाड़ी रहन-सहन, वेशभूषा, मौसम और आसपास के तीर्थ-पर्यटन स्थलों के बारे में भी जानकारी ली थी। नाना पाटेकर ने नीती गांव, तपोवन, लाता और मलारी क्षेत्र में फिल्म की शूटिंग की थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, उन्होंने यहां मकान बनाने की बात भी कही थी, जिसके बाद जोशीमठ की तत्कालीन SDM कुमकुम जोशी ने उनसे मुलाकात कर स्थानीय सेब और अखरोट भेंट किए थे। इसी दौरान 29 सितंबर 2022 को नाना पाटेकर ने ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में भी हिस्सा लिया था। नाना पाटेकर की उत्तराखंड से जुड़ी दो तस्वीरें- सेना के जवानों से भी मिले, स्थानीय बोली में की बातचीत शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने सेना की ब्रिगेड में अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की थी। मराठी और तेलुगु भाषी जवानों से उन्होंने उनकी ही बोली में बातचीत की और खूब हंसी-मजाक किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि नाना का व्यवहार बेहद सहज और सरल था। वे शूटिंग से इतर आसपास के जीवन को जानने में भी काफी रुचि लेते थे। करीब नौ दिन चमोली में रहने के बाद नाना पाटेकर हेलिकॉप्टर से रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी पहुंचे थे। कोकोनट मोशन पिक्चर्स के बैनर तले निर्माता रिश्मन मजेठिया की फिल्म की शूटिंग नीती घाटी के लाता और मलारी क्षेत्र में हुई थी। फिल्म में नाना पाटेकर पिता की भूमिका निभा रहे थे। सीएम धामी से भी कही थी घर बनाने की बात उत्तराखंड को लेकर नाना पाटेकर की पसंद सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं रही। 1 अक्टूबर 2022 को देहरादून में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। सीएम धामी ने पहाड़ी टोपी पहनाकर उनका स्वागत किया था। बातचीत के दौरान नाना ने उत्तराखंड के लोगों के व्यवहार और यहां के वातावरण की तारीफ करते हुए प्रदेश में अपना घर बनाने की इच्छा जताई थी। नाना पाटेकर का यह सपना पूरा नहीं हो सका। पहाड़ों में घर बसाने की उनकी इच्छा अब उत्तराखंड से जुड़ी उनकी खास यादों में शामिल हो गई है। नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट हुआ था। उन्हें करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ। उनके निधन के बाद मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। ‘परिंदा’ में विलेन बने, 3 नेशनल अवॉर्ड जीते नाना ने 100 से ज्यादा फिल्में कीं। 1989 की फिल्म ‘परिंदा’ में नाना पाटेकर ने अन्ना का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 1994 की ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। 1996 की ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह उन्हें करियर में 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया। पीएम मोदी बोले- कई पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, कुछ ही अभिनेता ऐसे थे, जिनमें नाना पाटेकर जैसी गहराई, अलग पहचान और खास मौजूदगी थी। उन्होंने हर किरदार में शानदार विविधता और रचनात्मकता दिखाई। उनके निभाए किरदार कई पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे। अक्षय कुमार ने कहा- नाना जी के निधन की खबर से बहुत दुखी हूं। वह उन चुनिंदा कलाकारों में से एक थे, जिन्हें आपको रुककर देखने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे उनके साथ (वेलकम) और फिर हाल ही में (हाउसफुल 5) में काम करने का मौका मिला। उन दोनों फिल्मों के सेट की बहुत सारी यादें हैं, जिन्हें मैं हमेशा अपने दिल के करीब रखूंगा। रितेश देशमुख ने कहा- मेरे पास शब्द नहीं हैं। नाना पाटेकर जी के निधन की खबर से ऐसा लग रहा है, जैसे मुझ पर कोई ट्रक चढ़ गया हो। मैं बेहद दुखी हूं। वह एक बेहतरीन अभिनेता थे और उनका कोई मुकाबला नहीं था। वह पर्दे से बाहर भी हीरो थे। लोगों की भलाई के लिए उन्होंने अपनी चैरिटी के जरिए लगातार काम किया। शिखर धवन ने कहा- भारतीय सिनेमा ने आज एक बेहद खास प्रतिभा को खो दिया है। नाना पाटेकर साहब, आपका काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ॐ शांति। ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी बनकर कॉमेडी में भी छाए 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया था। इस कॉमेडी रोल को काफी पसंद किया गया। वे इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए। फिल्म प्रहार के लिए मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी नाना पाटेकर ने फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में आर्मी मेजर की भूमिका निभाने के लिए भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ सैन्य प्रशिक्षण लिया था। इस दौरान उन्होंने करीब तीन साल तक ट्रेनिंग की थी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नाना पाटेकर टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े। उन्हें मानद कैप्टन के रूप में कमीशन मिला। बाद में उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद तक सेवाएं दीं और 2013 में रिटायर हुए।
कारगिल युद्ध के दौरान भी सेना के साथ रहे नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से विशेष अनुमति लेकर करीब 2 महीने सेना के साथ अग्रिम इलाकों में बिताए। इस दौरान वह द्रास, लेह, कुपवाड़ा और सोपोर जैसे क्षेत्रों में गए।















































