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क्या बीपी मरीज भी रख सकते हैं रोज, इनके लिए भूखा रहना कितना ठीक, डॉक्टर ने बताया सही तरीका

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रमजान का महीना चल रहा है. मुस्लिम समुदाय इस दौरान पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करता हैा. कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो बीपी की समस्या से ग्रस्त हैं. सवाल उठता है कि उनके लिए रोजा रखना कितना सुरक्षित है. लोकल 18 ने इस बारे में अलीगढ़ के चिकित्सक डॉ. इरफान अहमद खान से बात की. वे बताते हैं कि ऐसे लोगों को रोजा रखते समय सावधानी बरतने की जरूरत है. जिन मरीजों की पहले से ब्लड प्रेशर की दवा चल रही है, उन्हें रोजा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श कर दवाइयों का सही शेड्यूल तय कर लेना चाहिए.

अलीगढ़. रमजान का पवित्र महीना इबादत, संयम और आत्मअनुशासन का संदेश देता है. इस दौरान रोजेदार पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं. हालांकि कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो ब्लड प्रेशर (बीपी) की समस्या से ग्रस्त हैं और उन्हें रोजा रखते समय अपनी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. लोकल 18 ने इस विषय पर अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मकोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इरफान अहमद खान से बात की. डॉ. इरफान अहमद खान बताते हैं कि रमजान केवल इबादत का महीना ही नहीं, बल्कि शरीर को संतुलित करने का भी समय होता है. सही खान-पान और दिनचर्या अपनाने से शरीर को डिटॉक्स होने में भी मदद मिलती है.

रोजे से पहले डॉक्टर की सलाह

डॉ. इरफान के मुताबिक, जिन मरीजों की पहले से ब्लड प्रेशर की दवा चल रही है, उन्हें रोजा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर परामर्श लेना चाहिए, ताकि दवाइयों का सही शेड्यूल तय किया जा सके. डॉक्टर की सलाह से यह तय किया जाता है कि दवा इफ्तार और सहरी के बीच किस समय लेनी है, जिससे बीपी नियंत्रित बना रहे और रोजा भी आसानी से पूरा हो सके.

डॉ. इरफान ने बताया कि रोजे के दौरान जीवनशैली और खान-पान में बदलाव करना बेहद जरूरी है. तेल, ज्यादा चिकनाई और मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थ ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं. नमक का सेवन कम रखना चाहिए, जिससे बीपी बेहतर तरीके से नियंत्रित रहता है. फल और हरी सब्जियों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद है. डॉ. इरफान के अनुसार, जिन लोगों को माइल्ड हाइपरटेंशन है, यानी जिनका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा हुआ है, वे नियमित सावधानियों से बिना अतिरिक्त दवा के भी काफी हद तक बीपी नियंत्रित रख सकते हैं. इसके लिए रोजाना कम से कम 20 मिनट की ब्रिस्क वॉक, संतुलित आहार और नमक की मात्रा कम करना बेहद असरदार उपाय हैं. तनाव से दूर रहना और सकारात्मक पारिवारिक व सामाजिक माहौल बनाए रखना भी ब्लड प्रेशर नियंत्रण में भूमिका निभाता है.

हालात बिगड़ने पर करें क्या

डॉ. इरफान बताते हैं कि अगर अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी स्थिति महसूस हो, जैसे तेज सिरदर्द, घबराहट, चक्कर या बेचैनी हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उनकी सलाह का पालन करना चाहिए. ऐसी स्थिति में स्वयं से दवा बदलना या नजरअंदाज करना सही नहीं होता. सही मेडिकल सलाह, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाकर बीपी मरीज भी सुरक्षित तरीके से रोजा रख सकते हैं और रमजान की इबादत को मुकम्मल कर सकते हैं.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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अलीगढ़. रमजान का पवित्र महीना इबादत, संयम और आत्मअनुशासन का संदेश देता है. इस दौरान रोजेदार पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत करते हैं. हालांकि कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो ब्लड प्रेशर (बीपी) की समस्या से ग्रस्त हैं और उन्हें रोजा रखते समय अपनी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. लोकल 18 ने इस विषय पर अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मकोलॉजी में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इरफान अहमद खान से बात की. डॉ. इरफान अहमद खान बताते हैं कि रमजान केवल इबादत का महीना ही नहीं, बल्कि शरीर को संतुलित करने का भी समय होता है. सही खान-पान और दिनचर्या अपनाने से शरीर को डिटॉक्स होने में भी मदद मिलती है.

रोजे से पहले डॉक्टर की सलाह

डॉ. इरफान के मुताबिक, जिन मरीजों की पहले से ब्लड प्रेशर की दवा चल रही है, उन्हें रोजा शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर परामर्श लेना चाहिए, ताकि दवाइयों का सही शेड्यूल तय किया जा सके. डॉक्टर की सलाह से यह तय किया जाता है कि दवा इफ्तार और सहरी के बीच किस समय लेनी है, जिससे बीपी नियंत्रित बना रहे और रोजा भी आसानी से पूरा हो सके.

डॉ. इरफान ने बताया कि रोजे के दौरान जीवनशैली और खान-पान में बदलाव करना बेहद जरूरी है. तेल, ज्यादा चिकनाई और मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थ ब्लड प्रेशर बढ़ा सकते हैं. नमक का सेवन कम रखना चाहिए, जिससे बीपी बेहतर तरीके से नियंत्रित रहता है. फल और हरी सब्जियों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद है. डॉ. इरफान के अनुसार, जिन लोगों को माइल्ड हाइपरटेंशन है, यानी जिनका ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा नहीं बढ़ा हुआ है, वे नियमित सावधानियों से बिना अतिरिक्त दवा के भी काफी हद तक बीपी नियंत्रित रख सकते हैं. इसके लिए रोजाना कम से कम 20 मिनट की ब्रिस्क वॉक, संतुलित आहार और नमक की मात्रा कम करना बेहद असरदार उपाय हैं. तनाव से दूर रहना और सकारात्मक पारिवारिक व सामाजिक माहौल बनाए रखना भी ब्लड प्रेशर नियंत्रण में भूमिका निभाता है.

हालात बिगड़ने पर करें क्या

डॉ. इरफान बताते हैं कि अगर अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी स्थिति महसूस हो, जैसे तेज सिरदर्द, घबराहट, चक्कर या बेचैनी हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उनकी सलाह का पालन करना चाहिए. ऐसी स्थिति में स्वयं से दवा बदलना या नजरअंदाज करना सही नहीं होता. सही मेडिकल सलाह, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाकर बीपी मरीज भी सुरक्षित तरीके से रोजा रख सकते हैं और रमजान की इबादत को मुकम्मल कर सकते हैं.

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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

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