Saturday, 30 May 2026 | 09:09 PM

Trending :

EXCLUSIVE

EAT Lancet Diet Health Benefits; Chronic Kidney Disease

EAT Lancet Diet Health Benefits; Chronic Kidney Disease
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • EAT Lancet Diet Health Benefits; Chronic Kidney Disease | Plant Based Diet Advice

12 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

  • कॉपी लिंक

आजकल की बिजी लाइफस्टाइल में लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए तरह-तरह की डाइट फॉलो करते हैं। इन्हीं में से एक है ‘EAT-Lancet डाइट’, जो न सिर्फ सेहत बल्कि पर्यावरण को भी ध्यान में रखकर बनाई गई है। ये डाइट कई गंभीर बीमारियों के रिस्क को कम करने में मदद करती है।

कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, ये डाइट क्रॉनिक किडनी डिजीज के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकती है।

भारत में हार्ट डिजीज के बाद क्रॉनिक किडनी डिजीज दूसरी सबसे बड़ी बीमारी बन चुकी है। हेल्थ जर्नल ‘द लैंसेट’ में पब्लिश एक ग्लोबल स्टडी के मुताबिक, साल 2023 में भारत में करीब 13.8 करोड़ लोग क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थे।

इसलिए आज जरूरत की खबर में इसी के बारे में बात जानेंगे साथ ही जानेंगे कि-

  • EAT लैंसेट डाइट के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
  • ये डाइट लेते हुए किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटिशियन, ‘वनडाइटटुडे’ की फाउंडर

सवाल- EAT लैंसेट (EAT Lancet) डाइट क्या है?

जवाब- EAT फोरम और द लैंसेट कमीशन ने मिलकर EAT–लैंसेट डाइट तैयार की है। यह एक तरह की फ्लेक्सिटेरियन डाइट है। यानी इसमें ज्यादातर खाना प्लांट-बेस्ड होता हैं, जैसे- दालें, अनाज, फल, सब्जियां और मेवे। एनिमल प्रोडक्ट्स की मात्रा बहुत कम रखी जाती है। इसे ‘प्लैनेटरी हेल्थ डाइट’ भी कहा जाता है।

सवाल- EAT लैंटेस (EAT Lancet) डाइट की शुरुआत कब और कैसे हुई?

जवाब- इसकी शुरुआत 17 जनवरी 2019 को ओस्लो, नॉर्वे में हुई। इसे 16 देशों के 37 साइंटिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने मिलकर तैयार किया था। इन विशेषज्ञों का मकसद सिर्फ एक डाइट चार्ट बनाना नहीं था, बल्कि ऐसा फूड मॉडल सुझाना था, जो हमारी सेहत के साथ साथ नेचर के भी अनुकूल रख सके। इससे पहले हेल्थ और पर्यावरण दोनों को बैलेंस करने वाली कोई ग्लोबल कंसेंसस डाइट मौजूद नहीं थी। ग्लोबल कंसेसस यानी-

  • जो शरीर के लिए पोषणयुक्त हो।
  • पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए।
  • सस्टेनेबल हो यानी भविष्य की पीढ़ियों के लिए टिकाऊ हो।

सवाल- EAT लैंसेंट (EAT Lancet) डाइट पर हुई नई स्टडी क्या कहती है?

जवाब- नई स्टडी के मुताबिक, प्लांट बेस्ड, बैलेंस और कम मीट वाली डाइट फॉलो करने से क्रॉनिक किडनी डिजीज का रिस्क काफी हद तक कम हो जाता है। यह डाइट प्लांट बेस्ड फूड पर फोकस्ड होती है।

इसमें सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, नट्स और हेल्दी ऑयल शामिल हैं। ये स्टडी ‘कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल’ में पब्लिश हुई है।

सवाल- EAT लैंसेंट (EAT Lancet) डाइट के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?

जवाब- यह ऐसा बैलेंस्ड फूड मॉडल है, जो हार्ट डिजीज, डायबिटीज, मोटापा और सभी लाइफस्टाइल से जुड़ी डिजीज का रिस्क कम करता है। नीचे दिए ग्राफिक में इसके हेल्थ बेनिफिट्स देखिए-

सवाल- इस स्टडी के मुताबिक EAT लैंटेस डाइट किडनी हेल्थ के लिए फायदेमंद है। लेकिन सवाल ये है कि ये डाइट किडनी के लिए अच्छी क्यों है? ये किडनी फंक्शन को कैसे सपोर्ट करती है?

जवाब- EAT- लैंसेट डाइट किडनी फंक्शन को कई तरीकों से सपोर्ट करती है।

  • इसमें मौजूद प्लांट बेस्ड प्रोटीन (दालें, नट्स, बीज) एनिमल प्रोटीन की तुलना में किडनी पर कम प्रेशर डालते हैं।
  • हाई फाइबर फूड गट माइक्रोबायोम (आंतों में माइक्रोब्स का संतुलन) को बेहतर करता है। इससे ऐसे टॉक्सिन कम बनते हैं, जो ब्लड के जरिए किडनी तक पहुंचकर उसे नुकसान पहुंचाते हैं।
  • इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी-इन्फ्लेमेटरी पोषक तत्व इंफ्लेमेशन कम करके किडनी टिश्यूज को डैमेज से बचाते हैं।

सवाल- क्या यह डाइट किडनी स्टोन के जोखिम को भी कम करती है?

जवाब- हां, इस डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें ज्यादा होती हैं। ये यूरिन में साइट्रेट की मात्रा बढ़ाती हैं। साइट्रेट एक ऐसा तत्व है, जिसमें कैल्शियम चिपक जाता है और पथरी बन जाती है।

सवाल- EAT लैंसेट डाइट में कौन सा फूड कितनी मात्रा में खाना चाहिए?

जवाब- EAT लैंसेट डाइट लगभग 2500 कैलोरी/दिन के औसत सेवन पर आधारित है। इसमें अलग-अलग फूड ग्रुप की सुझाई गई मात्रा (प्रतिदिन औसतन) ग्राफिक में देखें-

सवाल- ये डाइट लेते हुए किन लोगों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है?

जवाब- यह डाइट आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन हर किसी के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होती। कुछ लोगों को यह डाइट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, पूरी लिस्ट ग्राफिक में देखिए-

सवाल- इस डाइट को फॉलो करने के अलावा किडनी को हेल्दी रखने के लिए लाइफस्टाइल में और क्या सुधार करें?

जवाब- हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें भी किडनी की सेहत पर बड़ा असर डालती हैं। इसलिए हेल्दी किडनी के लिए लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी सुधार करने चाहिए, ग्राफिक में देखिए-

कुल मिलाकर, किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ सही डाइट ही नहीं, बल्कि बैलेंस लाइफस्टाइल भी उतनी ही अहम भूमिका निभाती है।

…………………..

ये खबर भी पढ़ें…

जरूरत की खबर– सुबह उठकर खाली पेट पहले पानी पिएं:जानें इसके 11 हेल्थ बेनिफिट्स, पीने का सही तरीका, पीते हुए न करें ये 7 गलतियां

हम हमेशा से ये सुनते आए हैं कि सुबह खाली पेट पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये आदत बॉडी को रीस्टार्ट का मैसेज देती है। कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स इस आदत को ‘साइलेंट हीलर’ भी कहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

February 26, 2026/
1:42 pm

Last Updated:February 26, 2026, 13:42 IST Truth About Antidepressants: एंजायटी और डिप्रेशन की अधिकतर दवाएं सुरक्षित होती हैं, लेकिन ये...

RBSE 12th Result 2026 Date Live: Scorecards soon at rajeduboard.rajasthan.gov.in.

March 30, 2026/
10:45 am

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 10:45 IST न्यूज18 राज्यसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे...

ट्रम्प ने PM मोदी को फोन किया, 40 मिनट बातचीत:ईरान जंग पर चर्चा, दोनों ने कहा- होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बहुत जरूरी

April 14, 2026/
7:50 pm

PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद...

होर्मुज के बाद अब ट्रम्प की मलक्का स्ट्रेट पर नजर:इंडोनेशिया से रक्षा करार किया, अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशियाई इलाके में जाने की इजाजत

April 15, 2026/
3:54 pm

हॉर्मुज स्ट्रेट में इस समय हालात काफी तनाव भरे हैं। अमेरिका वहां ईरान से जुड़ी जहाजों की गतिविधियों पर सख्ती...

ग्वालियर में घर में घुसकर नाबालिग छात्रा से रेप:पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की दी धमकी; भागने से पहले आरोपी अरेस्ट

April 11, 2026/
12:05 am

ग्वालियर के हजीरा में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने छात्रा और उसके...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

EAT Lancet Diet Health Benefits; Chronic Kidney Disease

EAT Lancet Diet Health Benefits; Chronic Kidney Disease
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • EAT Lancet Diet Health Benefits; Chronic Kidney Disease | Plant Based Diet Advice

12 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

  • कॉपी लिंक

आजकल की बिजी लाइफस्टाइल में लोग फिट और हेल्दी रहने के लिए तरह-तरह की डाइट फॉलो करते हैं। इन्हीं में से एक है ‘EAT-Lancet डाइट’, जो न सिर्फ सेहत बल्कि पर्यावरण को भी ध्यान में रखकर बनाई गई है। ये डाइट कई गंभीर बीमारियों के रिस्क को कम करने में मदद करती है।

कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, ये डाइट क्रॉनिक किडनी डिजीज के रिस्क को काफी हद तक कम कर सकती है।

भारत में हार्ट डिजीज के बाद क्रॉनिक किडनी डिजीज दूसरी सबसे बड़ी बीमारी बन चुकी है। हेल्थ जर्नल ‘द लैंसेट’ में पब्लिश एक ग्लोबल स्टडी के मुताबिक, साल 2023 में भारत में करीब 13.8 करोड़ लोग क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थे।

इसलिए आज जरूरत की खबर में इसी के बारे में बात जानेंगे साथ ही जानेंगे कि-

  • EAT लैंसेट डाइट के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
  • ये डाइट लेते हुए किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटिशियन, ‘वनडाइटटुडे’ की फाउंडर

सवाल- EAT लैंसेट (EAT Lancet) डाइट क्या है?

जवाब- EAT फोरम और द लैंसेट कमीशन ने मिलकर EAT–लैंसेट डाइट तैयार की है। यह एक तरह की फ्लेक्सिटेरियन डाइट है। यानी इसमें ज्यादातर खाना प्लांट-बेस्ड होता हैं, जैसे- दालें, अनाज, फल, सब्जियां और मेवे। एनिमल प्रोडक्ट्स की मात्रा बहुत कम रखी जाती है। इसे ‘प्लैनेटरी हेल्थ डाइट’ भी कहा जाता है।

सवाल- EAT लैंटेस (EAT Lancet) डाइट की शुरुआत कब और कैसे हुई?

जवाब- इसकी शुरुआत 17 जनवरी 2019 को ओस्लो, नॉर्वे में हुई। इसे 16 देशों के 37 साइंटिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट्स ने मिलकर तैयार किया था। इन विशेषज्ञों का मकसद सिर्फ एक डाइट चार्ट बनाना नहीं था, बल्कि ऐसा फूड मॉडल सुझाना था, जो हमारी सेहत के साथ साथ नेचर के भी अनुकूल रख सके। इससे पहले हेल्थ और पर्यावरण दोनों को बैलेंस करने वाली कोई ग्लोबल कंसेंसस डाइट मौजूद नहीं थी। ग्लोबल कंसेसस यानी-

  • जो शरीर के लिए पोषणयुक्त हो।
  • पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए।
  • सस्टेनेबल हो यानी भविष्य की पीढ़ियों के लिए टिकाऊ हो।

सवाल- EAT लैंसेंट (EAT Lancet) डाइट पर हुई नई स्टडी क्या कहती है?

जवाब- नई स्टडी के मुताबिक, प्लांट बेस्ड, बैलेंस और कम मीट वाली डाइट फॉलो करने से क्रॉनिक किडनी डिजीज का रिस्क काफी हद तक कम हो जाता है। यह डाइट प्लांट बेस्ड फूड पर फोकस्ड होती है।

इसमें सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, नट्स और हेल्दी ऑयल शामिल हैं। ये स्टडी ‘कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल’ में पब्लिश हुई है।

सवाल- EAT लैंसेंट (EAT Lancet) डाइट के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?

जवाब- यह ऐसा बैलेंस्ड फूड मॉडल है, जो हार्ट डिजीज, डायबिटीज, मोटापा और सभी लाइफस्टाइल से जुड़ी डिजीज का रिस्क कम करता है। नीचे दिए ग्राफिक में इसके हेल्थ बेनिफिट्स देखिए-

सवाल- इस स्टडी के मुताबिक EAT लैंटेस डाइट किडनी हेल्थ के लिए फायदेमंद है। लेकिन सवाल ये है कि ये डाइट किडनी के लिए अच्छी क्यों है? ये किडनी फंक्शन को कैसे सपोर्ट करती है?

जवाब- EAT- लैंसेट डाइट किडनी फंक्शन को कई तरीकों से सपोर्ट करती है।

  • इसमें मौजूद प्लांट बेस्ड प्रोटीन (दालें, नट्स, बीज) एनिमल प्रोटीन की तुलना में किडनी पर कम प्रेशर डालते हैं।
  • हाई फाइबर फूड गट माइक्रोबायोम (आंतों में माइक्रोब्स का संतुलन) को बेहतर करता है। इससे ऐसे टॉक्सिन कम बनते हैं, जो ब्लड के जरिए किडनी तक पहुंचकर उसे नुकसान पहुंचाते हैं।
  • इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी-इन्फ्लेमेटरी पोषक तत्व इंफ्लेमेशन कम करके किडनी टिश्यूज को डैमेज से बचाते हैं।

सवाल- क्या यह डाइट किडनी स्टोन के जोखिम को भी कम करती है?

जवाब- हां, इस डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें ज्यादा होती हैं। ये यूरिन में साइट्रेट की मात्रा बढ़ाती हैं। साइट्रेट एक ऐसा तत्व है, जिसमें कैल्शियम चिपक जाता है और पथरी बन जाती है।

सवाल- EAT लैंसेट डाइट में कौन सा फूड कितनी मात्रा में खाना चाहिए?

जवाब- EAT लैंसेट डाइट लगभग 2500 कैलोरी/दिन के औसत सेवन पर आधारित है। इसमें अलग-अलग फूड ग्रुप की सुझाई गई मात्रा (प्रतिदिन औसतन) ग्राफिक में देखें-

सवाल- ये डाइट लेते हुए किन लोगों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है?

जवाब- यह डाइट आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन हर किसी के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होती। कुछ लोगों को यह डाइट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, पूरी लिस्ट ग्राफिक में देखिए-

सवाल- इस डाइट को फॉलो करने के अलावा किडनी को हेल्दी रखने के लिए लाइफस्टाइल में और क्या सुधार करें?

जवाब- हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें भी किडनी की सेहत पर बड़ा असर डालती हैं। इसलिए हेल्दी किडनी के लिए लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी सुधार करने चाहिए, ग्राफिक में देखिए-

कुल मिलाकर, किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ सही डाइट ही नहीं, बल्कि बैलेंस लाइफस्टाइल भी उतनी ही अहम भूमिका निभाती है।

…………………..

ये खबर भी पढ़ें…

जरूरत की खबर– सुबह उठकर खाली पेट पहले पानी पिएं:जानें इसके 11 हेल्थ बेनिफिट्स, पीने का सही तरीका, पीते हुए न करें ये 7 गलतियां

हम हमेशा से ये सुनते आए हैं कि सुबह खाली पेट पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ये आदत बॉडी को रीस्टार्ट का मैसेज देती है। कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स इस आदत को ‘साइलेंट हीलर’ भी कहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.