अमेरिका ने दुनिया भर के देशों को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दे दी है। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि ईरान जंग की वजह से दुनिया में ऑयल सप्लाई पर असर पड़ रहा है। इस छूट के तहत देश सीमित मात्रा में रूसी तेल खरीद सकेंगे। अमेरिका का कहना है कि इससे बाजार में ऑयल सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों को कंट्रोल रखने में मदद मिलेगी। जंग की वजह से कच्चे तेल की कीमत भी 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो अगस्त 2022 के बाद पहली बार हुआ है। युद्ध की वजह से ग्लोबल ऑयल मार्केट में चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह इजाजत सिर्फ उस रूसी तेल के लिए है जो पहले से जहाजों में लोड होकर समुद्र में फंसा हुआ है। इसका मकसद बाजार में सप्लाई बढ़ाना है। इराक में अमेरिकी प्लेन क्रैश, शिया गुट ने जिम्मेदारी ली इराक में अमेरिकी सेना का एक KC-135 सैन्य विमान क्रैश हो गया है। इसके बाद इराक के एक विद्रोही गुट ने दावा किया है कि विमान को उसी ने मार गिराया। इससे पहले 2 मार्च को कुवैत में फ्रेंडली फायरिंग में भी तीन अमेरिका विमान क्रैश हो गए थे। ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ नाम के संगठन ने कहा कि उसके लड़ाकों ने पश्चिमी इराक में अमेरिकी विमान पर एयर डिफेंस सिस्टम से हमला किया, जिससे वह गिर गया। यह संगठन ईरान समर्थित कई गुटों का गठबंधन है। हालांकि अमेरिकी सेना ने इस दावे को गलत बताया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक दो अमेरिकी विमानों से जुड़ी एक घटना हुई थी। इसमें एक विमान पश्चिमी इराक में क्रैश हो गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित रूप से इजराइल में उतर गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि विमान किसी हमले या गोलीबारी की वजह से नहीं गिरा। सेना के मुताबिक हादसा ऐसे इलाके में हुआ जिसे वह फ्रेंडली एयरस्पेस कहती है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…














































