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Beans Health Benefits | Heart, Metabolic, Gut Health Study India

Beans Health Benefits | Heart, Metabolic, Gut Health Study India

8 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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क्या आप बीन्स खाते हैं? खाते तो होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि बीन्स एक सुपरफूड है यानी हेल्दी मील का ‘रॉकस्टार।’ यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी मिनरल्स का अच्छा सोर्स है। इसमें जिंक और आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है।

बीन्स गट हेल्थ को बेहतर बनाती है। शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करती है।

अमेरिकन सोसाइटी फॉर न्यूट्रिशन के समिट ‘न्यूट्रिशन 2025’ में पेश एक स्टडी में सामने आया कि रोज 1 कप बीन्स (काले बीन्स या छोले) खाने से कोलेस्ट्रॉल और इंफ्लेमेशन कम होता है, जो हार्ट और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए फायदेमंद है।

इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि-

  • बीन्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
  • हार्ट हेल्थ के लिए यह कितना फायदेमंद है?
  • इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है?

एक्सपर्ट: डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली

सवाल- बीन्स को लंबी उम्र का भोजन क्यों कहा जाता है?

जवाब- ये पोषण से भरपूर, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का ऐसा सोर्स है, जो दुनिया के सभी पांच ‘ब्लू जोन’ (वो क्षेत्र जहां के लोगों की औसत उम्र 100 साल से ज्यादा होती है) की रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा है।

कई स्टडीज के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति रोज कम-से-कम आधा कप बीन्स खाता है, तो उसकी उम्र औसतन चार साल तक बढ़ सकती है। साल 2023 में ‘एडवांस इन न्यूट्रिशन’ जर्नल में पब्लिश एक मेटा-एनालिसिस के मुताबिक, रोज 50 ग्राम बीन्स खाने से समय से पहले मौत का जोखिम लगभग 6% तक कम हो जाता है। इसमें 10 लाख से ज्यादा लोगों के डेटा की एनालिसिस की गई है।

सवाल- बीन्स कितनी तरह की होती हैं?

जवाब- बीन्स कई तरह की होती हैं। इन्हें उनके इस्तेमाल और पकाने के तरीके के आधार पर समझा जा सकता है। सूखी बीन्स सबसे आम होती हैं। इन्हें खाने से पहले भिगोकर अच्छी तरह पकाना जरूरी होता है, ताकि ये नरम हो जाएं और पचने में आसान रहें। फ्रोजन बीन्स पहले से पकी हुई होती हैं, जिन्हें सिर्फ गैस या माइक्रोवेव में हल्का गरम करके खाया जा सकता है। दुनियाभर में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ लोकप्रिय बीन्स को ग्राफिक में देखिए-

सवाल- बीन्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या होती है?

जवाब- बीन्स प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, आयरन, पोटेशियम और फोलेट का बेहतरीन सोर्स हैं। साथ ही इनमें सोडियम कम होता है और ये पूरी तरह कोलेस्ट्रॉल-फ्री होती हैं। हालांकि, बीन्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू उसके प्रकार के अनुसार थोड़ी बदल सकती है। 100 ग्राम पकी हुई बीन्स में औसतन इतने पोषक तत्व होते हैं।

सवाल- बीन्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?

जवाब- बीन्स पोषण से भरपूर फूड है, जिसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का अच्छा संतुलन होता है। इसलिए इसे सुपरफूड भी माना जाता है। ग्राफिक से इसके हेल्थ बेनिफिट्स समझते हैं-

सवाल- बीन्स हार्ट को हेल्दी बनाए रखने में कैसे मददगार है?

जवाब- इसमें सॉल्युबल फाइबर भरपूर होता है, जो शरीर के खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाने में मदद करता है। इससे धमनियों में चर्बी (प्लाक) जमा होने का खतरा कम हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा घटता है। बीन्स में मैग्नीशियम, पोटैशियम और फोलेट जैसे जरूरी मिनरल्स भी होते हैं। ये ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हैं और शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करते हैं।

सवाल- क्या डायबिटिक लोग बीन्स खा सकते हैं?

जवाब- हां, डायबिटिक लोग बीन्स खा सकते हैं और ये उनके लिए फायदेमंद भी होता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, डायबिटिक लोगों को अपने भोजन में सूखी बीन्स जैसे राजमा या पिंटो बीन्स शामिल करनी चाहिए।

सवाल- गहरे रंग की बीन्स हल्के रंग की बीन्स की तुलना में ज्यादा फायदेमंद क्यों मानी जाती हैं?

जवाब- इनमें एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा अधिक होती है। पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बीन्स का रंग जितना गहरा होता है, उसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स उतने ही ज्यादा होते हैं।
  • मैक्सिको के रिसर्च जर्नल ‘मॉलिक्यूल्स’ में साल 2021 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गहरे रंग की बीन्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बेहतर तरीके से बचाती हैं, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है और बीमारियों का खतरा कम होता है।
  • जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल और फूड केमिस्ट्री में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, काली बीन्स के छिलके में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा सफेद बीन्स के छिलकों की तुलना में लगभग 40 गुना ज्यादा होती है।

सवाल- रोज कितनी मात्रा में बीन्स खानी चाहिए?

जवाब- 2020–2025 की अमेरिकन डाइटरी गाइडलाइंस के अनुसार, हफ्ते में 1 से 3 कप बीन्स, मटर और दालें खाना सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है। इसे अगर रोज की मात्रा में समझें, तो यह करीब आधा कप (½ कप) बीन्स प्रतिदिन के बराबर होता है।

सवाल- बीन्स किन्हें नहीं खानी चाहिए?

जवाब- जिन लोगों को गैस, पेट फूलने या एसिडिटी की शिकायत रहती है, उन्हें बीन्स खाने से परेशानी हो सकती है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) या कमजोर पाचन वाले लोगों में बीन्स से पेट दर्द, ऐंठन या दस्त की समस्या हो सकती है। जिन्हें किडनी स्टोन, खासकर यूरिक एसिड या ऑक्सलेट स्टोन की समस्या है, उन्हें भी बीन्स सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए। इसके अलावा, कच्ची या अधपकी बीन्स कभी नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

सवाल- रोजमर्रा की डाइट में बीन्स को शामिल करने का सबसे आसान और उपयोगी तरीका क्या है?

जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • पकी हुई बीन्स को दाल या सब्जी की तरह पकाकर रोटी-चावल के साथ खाया जा सकता है।
  • उबला हुआ काबुली चना, राजमा या लोबिया को सलाद में मिलाकर हल्का, फाइबर-रिच भोजन तैयार किया जा सकता है।
  • सुबह या शाम के नाश्ते में इन्हें चाट या स्प्राउट्स की तरह इस्तेमाल करना भी आसान तरीका है।
  • सूप, खिचड़ी या सब्जियों में थोड़ी-सी बीन्स मिलाने से पोषण बढ़ जाता है।

…………………………..

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जरूरत की खबर- काला लहसुन है सेहत का खजाना:ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट, पचने में आसान, जानें हेल्थ बेनिफिट्स, किन्हें नहीं खाना चाहिए

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8 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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क्या आप बीन्स खाते हैं? खाते तो होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि बीन्स एक सुपरफूड है यानी हेल्दी मील का ‘रॉकस्टार।’ यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी मिनरल्स का अच्छा सोर्स है। इसमें जिंक और आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है।

बीन्स गट हेल्थ को बेहतर बनाती है। शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करती है।

अमेरिकन सोसाइटी फॉर न्यूट्रिशन के समिट ‘न्यूट्रिशन 2025’ में पेश एक स्टडी में सामने आया कि रोज 1 कप बीन्स (काले बीन्स या छोले) खाने से कोलेस्ट्रॉल और इंफ्लेमेशन कम होता है, जो हार्ट और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए फायदेमंद है।

इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि-

  • बीन्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
  • हार्ट हेल्थ के लिए यह कितना फायदेमंद है?
  • इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है?

एक्सपर्ट: डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली

सवाल- बीन्स को लंबी उम्र का भोजन क्यों कहा जाता है?

जवाब- ये पोषण से भरपूर, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का ऐसा सोर्स है, जो दुनिया के सभी पांच ‘ब्लू जोन’ (वो क्षेत्र जहां के लोगों की औसत उम्र 100 साल से ज्यादा होती है) की रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा है।

कई स्टडीज के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति रोज कम-से-कम आधा कप बीन्स खाता है, तो उसकी उम्र औसतन चार साल तक बढ़ सकती है। साल 2023 में ‘एडवांस इन न्यूट्रिशन’ जर्नल में पब्लिश एक मेटा-एनालिसिस के मुताबिक, रोज 50 ग्राम बीन्स खाने से समय से पहले मौत का जोखिम लगभग 6% तक कम हो जाता है। इसमें 10 लाख से ज्यादा लोगों के डेटा की एनालिसिस की गई है।

सवाल- बीन्स कितनी तरह की होती हैं?

जवाब- बीन्स कई तरह की होती हैं। इन्हें उनके इस्तेमाल और पकाने के तरीके के आधार पर समझा जा सकता है। सूखी बीन्स सबसे आम होती हैं। इन्हें खाने से पहले भिगोकर अच्छी तरह पकाना जरूरी होता है, ताकि ये नरम हो जाएं और पचने में आसान रहें। फ्रोजन बीन्स पहले से पकी हुई होती हैं, जिन्हें सिर्फ गैस या माइक्रोवेव में हल्का गरम करके खाया जा सकता है। दुनियाभर में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ लोकप्रिय बीन्स को ग्राफिक में देखिए-

सवाल- बीन्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या होती है?

जवाब- बीन्स प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, आयरन, पोटेशियम और फोलेट का बेहतरीन सोर्स हैं। साथ ही इनमें सोडियम कम होता है और ये पूरी तरह कोलेस्ट्रॉल-फ्री होती हैं। हालांकि, बीन्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू उसके प्रकार के अनुसार थोड़ी बदल सकती है। 100 ग्राम पकी हुई बीन्स में औसतन इतने पोषक तत्व होते हैं।

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जवाब- बीन्स पोषण से भरपूर फूड है, जिसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का अच्छा संतुलन होता है। इसलिए इसे सुपरफूड भी माना जाता है। ग्राफिक से इसके हेल्थ बेनिफिट्स समझते हैं-

सवाल- बीन्स हार्ट को हेल्दी बनाए रखने में कैसे मददगार है?

जवाब- इसमें सॉल्युबल फाइबर भरपूर होता है, जो शरीर के खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाने में मदद करता है। इससे धमनियों में चर्बी (प्लाक) जमा होने का खतरा कम हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा घटता है। बीन्स में मैग्नीशियम, पोटैशियम और फोलेट जैसे जरूरी मिनरल्स भी होते हैं। ये ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हैं और शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करते हैं।

सवाल- क्या डायबिटिक लोग बीन्स खा सकते हैं?

जवाब- हां, डायबिटिक लोग बीन्स खा सकते हैं और ये उनके लिए फायदेमंद भी होता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, डायबिटिक लोगों को अपने भोजन में सूखी बीन्स जैसे राजमा या पिंटो बीन्स शामिल करनी चाहिए।

सवाल- गहरे रंग की बीन्स हल्के रंग की बीन्स की तुलना में ज्यादा फायदेमंद क्यों मानी जाती हैं?

जवाब- इनमें एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा अधिक होती है। पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बीन्स का रंग जितना गहरा होता है, उसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स उतने ही ज्यादा होते हैं।
  • मैक्सिको के रिसर्च जर्नल ‘मॉलिक्यूल्स’ में साल 2021 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गहरे रंग की बीन्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बेहतर तरीके से बचाती हैं, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है और बीमारियों का खतरा कम होता है।
  • जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल और फूड केमिस्ट्री में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, काली बीन्स के छिलके में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा सफेद बीन्स के छिलकों की तुलना में लगभग 40 गुना ज्यादा होती है।

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जवाब- जिन लोगों को गैस, पेट फूलने या एसिडिटी की शिकायत रहती है, उन्हें बीन्स खाने से परेशानी हो सकती है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) या कमजोर पाचन वाले लोगों में बीन्स से पेट दर्द, ऐंठन या दस्त की समस्या हो सकती है। जिन्हें किडनी स्टोन, खासकर यूरिक एसिड या ऑक्सलेट स्टोन की समस्या है, उन्हें भी बीन्स सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए। इसके अलावा, कच्ची या अधपकी बीन्स कभी नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

सवाल- रोजमर्रा की डाइट में बीन्स को शामिल करने का सबसे आसान और उपयोगी तरीका क्या है?

जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • पकी हुई बीन्स को दाल या सब्जी की तरह पकाकर रोटी-चावल के साथ खाया जा सकता है।
  • उबला हुआ काबुली चना, राजमा या लोबिया को सलाद में मिलाकर हल्का, फाइबर-रिच भोजन तैयार किया जा सकता है।
  • सुबह या शाम के नाश्ते में इन्हें चाट या स्प्राउट्स की तरह इस्तेमाल करना भी आसान तरीका है।
  • सूप, खिचड़ी या सब्जियों में थोड़ी-सी बीन्स मिलाने से पोषण बढ़ जाता है।

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जरूरत की खबर- काला लहसुन है सेहत का खजाना:ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट, पचने में आसान, जानें हेल्थ बेनिफिट्स, किन्हें नहीं खाना चाहिए

लहसुन से तो आप परिचित ही होंगे। ये हमारी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा है। इसके हेल्थ बेनिफिट्स भी किसी से छुपे नहीं हैं। लेकिन क्या आपने कभी ‘काले लहसुन’ के बारे में सुना है। यह नाम सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। पूरी खबर पढ़ें…

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