Friday, 11 Sep 2026 | 02:49 AM

Trending :

Book Review; Apne Har Vichaar Par Na Karein Vishwas | Overthinking

Book Review; Apne Har Vichaar Par Na Karein Vishwas | Overthinking

12 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

किताब का नाम- अपने हर विचार पर न करें विश्वास

(‘डोंट बिलीव एवरीथिंग यू थिंक’ का हिंदी अनुवाद)

लेखक- जोसेफ नूयेन

अनुवाद- डॉ. सुधीर दीक्षित

प्रकाशक- मंजुल प्रकाशन

मूल्य- 299 रुपए

ओवरथिंकिंग एक ऐसी समस्या है, जो व्यक्ति को अंदर-ही-अंदर खोखला कर सकती है। इसके कारण लोग भविष्य की चिंता में परेशान होते हैं या अतीत के पछतावे में जलते रहते हैं। जोसेफ नूयेन की किताब इसी मानसिक जाल को तोड़ने का एक मॉडर्न मैनुअल है।

यह किताब मुश्किलों से निजात दिलाने का कोई जादुई फॉर्मूला नहीं देती, बल्कि बताती है कि हम पहले से ही शांति और खुशी की अवस्था में हैं। बस ओवरथिंकिंग की आदत ने इसे हमसे दूर कर दिया है। अगर आप शांति, प्यार, संतुष्टि या आनंद की तलाश में हैं, तो यह किताब आपके लिए है।

किताब क्या कहती है?

यह किताब एक बेहद सरल, लेकिन क्रांतिकारी विचार पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि सोचना और विचार आना दो अलग-अलग चीजें हैं। लेखक का तर्क है कि हमारे दिमाग में विचार आना स्वाभाविक है, लेकिन जब उन विचारों पर ‘सोचना’ शुरू कर देते हैं, तो उससे ही सुख-दुख का एहसास होता है।

नूयेन के अनुसार, हमारी तकलीफ का कारण हमारे जीवन की परिस्थितियां नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों के बारे में हमारी लगातार एनालिसिस और ओवरथिंकिंग है।

क्या सिखाती है ये किताब?

सोशल मीडिया, भागदौड़ और तनाव वाले दौर में यह किताब ‘नॉन-थिंकिंग’ का पावर सिखाती है। यह उन लोगों के लिए है, जो एंग्जाइटी, सेल्फ-डाउट और ओवरथिंकिंग से परेशान हैं। किताब सिखाती है कि असली जवाब फैक्ट्स में नहीं, फीलिंग्स में है।

नीचे दिए ग्राफिक से किताब के मुख्य सबक समझिए-

लेखक ने किताब में खुद की कहानियां, दर्द और उससे मिली समझ साझा की है। किताब के कुछ प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं–

विचार और सोच में फर्क होता है

विचार (थॉट्स) अपने आप आते हैं, उन्हें रोकना मुश्किल है। लेकिन सोचने (थिंकिंग) का मतलब है, उन विचारों पर रुकना, जज करना और उन्हें एनालाइज करना।

किताब कहती है कि विचार अपने आप में क्रिएशन हैं, लेकिन उनके बारे में देर तक सोचना डिस्ट्रक्शन की वजह बनता है।

सच्चाई से दूर भागना है दुख की वजह

ज्यादातर लोग वास्तविकता में नहीं, अपनी काल्पनिक दुनिया (विचारों की दुनिया) में जीते हैं। उदाहरण के तौर पर कोई एक घटना कई लोगों के साथ घटती है, लेकिन उसे लेकर सबके अनुभव अलग-अलग होते हैं। इसका मतलब है कि असल में घटनाएं न्यूट्रल होती हैं, लेकिन उनके बारे में हमारी सोच-समझ उन्हें अच्छा-बुरा बनाती है। अगर दुख रोकना है तो ओवरथिंकिंग बंद करें।

तीन सिद्धांतों से बनता है जीवन

जीवन का अनुभव तीन सिद्धांतों से बनता है-

  1. ‘यूनिवर्सल माइंड‘ यानी प्राकृति का इंटेलिजेंस
  2. ‘कॉन्शसनेस‘ यानी जिसे हम जीवन को महसूस करते हैं और समझते हैं।
  3. ‘थॉट‘ यानी विचार, हमारे अनुभवों और भावनाओं को आकार देते हैं।

अगर हम सोचना छोड़ दें तो सीधे प्रकृति के इंटेलिजेंस (दिव्य शक्ति) से जुड़ जाते हैं, नेचर खुद हमें गाइड करने लगता है।

नॉन-थिंकिंग कैसे अपनाएं

सोचना पूरी तरह बंद नहीं हो सकता है, लेकिन इसे कम किया जा सकता है। विचारों को आने दें, उन पर रुकें नहीं। अवेयरनेस सबसे बड़ा हथियार है। विचारों और परिस्थितियों में बहुत उलझने की बजाय उन्हें जाने दें।

नकारात्मकता से निपटने का 5-स्टेप प्लान

लेखक ने नकारात्मक भावनाओं से निपटने के लिए एक व्यावहारिक तरीका बताया है, जिसे वे ‘पॉज’ (PAUSE) कहते हैं। जब भी आप बुरा महसूस करें। इसे ट्राई करके देखें-

  • P-Ponder (विचार करें): रुकें और देखें कि आप क्या महसूस कर रहे हैं।
  • A-Acknowledge (स्वीकारें): स्वीकार करें कि ये केवल एक ‘थिंकिंग’ है, हकीकत नहीं है।
  • U-Understand (समझें): समझें कि आपकी भावनाएं आपकी सोच का आईना हैं।
  • S-Settle (व्यवस्थित रहें): कुछ देर शांत होकर बैठें, विचारों से लड़ें नहीं।
  • E-Enlighten (शिक्षा लें): विचारों से सीख लेकर वर्तमान में वापस आ जाएं।

यह किताब किसे पढ़नी चाहिए?

हर उस व्यक्ति को पढ़नी चाहिए, जो जीवन में शांति चाहता है। ग्राफिक में देखें ये किताब किन्हें पढ़नी चाहिए-

किताब के बारे में मेरी राय

‘अपने हर विचार पर न करें विश्वास’ कोई जादुई किताब नहीं है, जो एक रात में आपकी जिंदगी बदल देगी, लेकिन यह आपको एक नया ‘चश्मा’ देती है, जिससे आप दुनिया को देखते हैं।

नूयेन ने लिखा है कि बिना सोचे भी काम किया जा सकता है। शुरुआत में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन जैसे-जैसे आप गहराई में उतरते हैं, इसकी सार्थकता समझ आने लगती है।

किताब की एक छोटी कमी यह कही जा सकती है कि इसमें कुछ बातें बार-बार दोहराई गई हैं। हालांकि, शायद लेखक का उद्देश्य ये है कि पाठक के अवचेतन मन में यह बात बैठ जाए कि विचार ही भ्रम हैं।

……………… ये खबर भी पढ़िए बुक रिव्यू- जो राह भूलो तो कहानियों के पास जाओ:मिट्टी से उपजी हैं गोरखनाथ की कहानियां, जो दिखातीं रोशनी और नया रास्ता

भारतीय संत परंपरा में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ आध्यात्मिक मार्ग नहीं दिखाया, बल्कि समाज और संस्कृति को भी प्रभावित किया। संत गोरखनाथ ऐसे ही व्यक्तित्व हैं। ‘लोककथाएं प्रेम की और संत गोरखनाथ‘ किताब में गोरखनाथ के विचारों और लोकजीवन पर पड़े उनके प्रभाव को समझाया गया है। आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…

  • बुक रिव्यू: ताकत बाहर नहीं, भीतर है: हर दिन एक नया मौका है, कुछ सीखने, जीतने, विनम्र होने का, अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें

    हर दिन एक नया मौका है, कुछ सीखने, जीतने, विनम्र होने का, अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:31

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • बुक रिव्यू- फीलिंग से हीलिंग तक: जो भी महसूस करते हैं, उसे दबाएं नहीं, समझें और सही दिशा दें, यही सिखाती है किताब ‘फील टू हील’

    जो भी महसूस करते हैं, उसे दबाएं नहीं, समझें और सही दिशा दें, यही सिखाती है किताब ‘फील टू हील’|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:49

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • बुक रिव्यू- मंजिल तक पहुंचने का ‘फ्लाइट प्लान’: मुश्किलें तो आएंगी, लेकिन उनसे लड़ें कैसे, यही सीक्रेट बताती है ये किताब

    मुश्किलें तो आएंगी, लेकिन उनसे लड़ें कैसे, यही सीक्रेट बताती है ये किताब|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:27

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • बुक रिव्यू- मंजिल तक पहुंचाने वाले ‘सक्सेस प्रिंसिपल्स’: चुनौतियों से कैसे लड़ें, आगे बढ़ें, सफलता के 52 गुरु मंत्र सिखाती किताब

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन, पंजाबी एक्टर-सिंगर बंटे:बब्बू मान बोले- हर बार हम ही क्यों लाठी खाएं; सोनम बाजवा ने टूटे दिल की इमोजी लगाई

July 22, 2026/
5:00 am

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन पर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री बंट गई है। एक तरफ दिलजीत दोसांझ और सोनू सूद...

केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को:पीएम मोदी अध्यक्षता करेंगे; कैबिनेट में फेरबदल की संभावना, बचत पर चर्चा हो सकती है

May 15, 2026/
4:01 am

मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक 21 मई को होने की संभावना है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली...

नशे में धुत चालक ने बाइक को मारी टक्कर:सतना में भागते हुए नाली में जा फंसी कार; लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

April 13, 2026/
7:54 am

सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत राजीव नगर नईबस्ती में रविवार देर रात नशे में धुत एक तेज रफ्तार...

15 किसानों को 40 लाख की चपत लगाकर व्यापारी फरार:MSP से ज्यादा दाम का लालच; 1 महीने की उधारी पर गेहूं-चना खरीदकर परिवार समेत भागा

April 12, 2026/
11:30 am

पिपलोद थाना क्षेत्र के ग्राम जलकुआं (सिंगोट) में 15 किसानों को सरकारी खरीदी से ज्यादा भाव का लालच देकर 40...

Delhi Capitals vs Punjab Kings Live Score, IPL 2026 Today Match Updates, Scorecard & Commentary

April 25, 2026/
1:16 pm

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 13:16 IST भाजपा, जो विकास की कमी को लेकर राज्य सरकार पर हमला करती रही है...

उत्तराखंड के दो बार CM रहे बीसी खंडूरी का निधन:कल हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार, तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा

May 19, 2026/
11:40 am

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया है। वह 91 साल के थे और पिछले करीब...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Book Review; Apne Har Vichaar Par Na Karein Vishwas | Overthinking

Book Review; Apne Har Vichaar Par Na Karein Vishwas | Overthinking

12 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

किताब का नाम- अपने हर विचार पर न करें विश्वास

(‘डोंट बिलीव एवरीथिंग यू थिंक’ का हिंदी अनुवाद)

लेखक- जोसेफ नूयेन

अनुवाद- डॉ. सुधीर दीक्षित

प्रकाशक- मंजुल प्रकाशन

मूल्य- 299 रुपए

ओवरथिंकिंग एक ऐसी समस्या है, जो व्यक्ति को अंदर-ही-अंदर खोखला कर सकती है। इसके कारण लोग भविष्य की चिंता में परेशान होते हैं या अतीत के पछतावे में जलते रहते हैं। जोसेफ नूयेन की किताब इसी मानसिक जाल को तोड़ने का एक मॉडर्न मैनुअल है।

यह किताब मुश्किलों से निजात दिलाने का कोई जादुई फॉर्मूला नहीं देती, बल्कि बताती है कि हम पहले से ही शांति और खुशी की अवस्था में हैं। बस ओवरथिंकिंग की आदत ने इसे हमसे दूर कर दिया है। अगर आप शांति, प्यार, संतुष्टि या आनंद की तलाश में हैं, तो यह किताब आपके लिए है।

किताब क्या कहती है?

यह किताब एक बेहद सरल, लेकिन क्रांतिकारी विचार पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि सोचना और विचार आना दो अलग-अलग चीजें हैं। लेखक का तर्क है कि हमारे दिमाग में विचार आना स्वाभाविक है, लेकिन जब उन विचारों पर ‘सोचना’ शुरू कर देते हैं, तो उससे ही सुख-दुख का एहसास होता है।

नूयेन के अनुसार, हमारी तकलीफ का कारण हमारे जीवन की परिस्थितियां नहीं, बल्कि उन परिस्थितियों के बारे में हमारी लगातार एनालिसिस और ओवरथिंकिंग है।

क्या सिखाती है ये किताब?

सोशल मीडिया, भागदौड़ और तनाव वाले दौर में यह किताब ‘नॉन-थिंकिंग’ का पावर सिखाती है। यह उन लोगों के लिए है, जो एंग्जाइटी, सेल्फ-डाउट और ओवरथिंकिंग से परेशान हैं। किताब सिखाती है कि असली जवाब फैक्ट्स में नहीं, फीलिंग्स में है।

नीचे दिए ग्राफिक से किताब के मुख्य सबक समझिए-

लेखक ने किताब में खुद की कहानियां, दर्द और उससे मिली समझ साझा की है। किताब के कुछ प्रमुख पहलू इस प्रकार हैं–

विचार और सोच में फर्क होता है

विचार (थॉट्स) अपने आप आते हैं, उन्हें रोकना मुश्किल है। लेकिन सोचने (थिंकिंग) का मतलब है, उन विचारों पर रुकना, जज करना और उन्हें एनालाइज करना।

किताब कहती है कि विचार अपने आप में क्रिएशन हैं, लेकिन उनके बारे में देर तक सोचना डिस्ट्रक्शन की वजह बनता है।

सच्चाई से दूर भागना है दुख की वजह

ज्यादातर लोग वास्तविकता में नहीं, अपनी काल्पनिक दुनिया (विचारों की दुनिया) में जीते हैं। उदाहरण के तौर पर कोई एक घटना कई लोगों के साथ घटती है, लेकिन उसे लेकर सबके अनुभव अलग-अलग होते हैं। इसका मतलब है कि असल में घटनाएं न्यूट्रल होती हैं, लेकिन उनके बारे में हमारी सोच-समझ उन्हें अच्छा-बुरा बनाती है। अगर दुख रोकना है तो ओवरथिंकिंग बंद करें।

तीन सिद्धांतों से बनता है जीवन

जीवन का अनुभव तीन सिद्धांतों से बनता है-

  1. ‘यूनिवर्सल माइंड‘ यानी प्राकृति का इंटेलिजेंस
  2. ‘कॉन्शसनेस‘ यानी जिसे हम जीवन को महसूस करते हैं और समझते हैं।
  3. ‘थॉट‘ यानी विचार, हमारे अनुभवों और भावनाओं को आकार देते हैं।

अगर हम सोचना छोड़ दें तो सीधे प्रकृति के इंटेलिजेंस (दिव्य शक्ति) से जुड़ जाते हैं, नेचर खुद हमें गाइड करने लगता है।

नॉन-थिंकिंग कैसे अपनाएं

सोचना पूरी तरह बंद नहीं हो सकता है, लेकिन इसे कम किया जा सकता है। विचारों को आने दें, उन पर रुकें नहीं। अवेयरनेस सबसे बड़ा हथियार है। विचारों और परिस्थितियों में बहुत उलझने की बजाय उन्हें जाने दें।

नकारात्मकता से निपटने का 5-स्टेप प्लान

लेखक ने नकारात्मक भावनाओं से निपटने के लिए एक व्यावहारिक तरीका बताया है, जिसे वे ‘पॉज’ (PAUSE) कहते हैं। जब भी आप बुरा महसूस करें। इसे ट्राई करके देखें-

  • P-Ponder (विचार करें): रुकें और देखें कि आप क्या महसूस कर रहे हैं।
  • A-Acknowledge (स्वीकारें): स्वीकार करें कि ये केवल एक ‘थिंकिंग’ है, हकीकत नहीं है।
  • U-Understand (समझें): समझें कि आपकी भावनाएं आपकी सोच का आईना हैं।
  • S-Settle (व्यवस्थित रहें): कुछ देर शांत होकर बैठें, विचारों से लड़ें नहीं।
  • E-Enlighten (शिक्षा लें): विचारों से सीख लेकर वर्तमान में वापस आ जाएं।

यह किताब किसे पढ़नी चाहिए?

हर उस व्यक्ति को पढ़नी चाहिए, जो जीवन में शांति चाहता है। ग्राफिक में देखें ये किताब किन्हें पढ़नी चाहिए-

किताब के बारे में मेरी राय

‘अपने हर विचार पर न करें विश्वास’ कोई जादुई किताब नहीं है, जो एक रात में आपकी जिंदगी बदल देगी, लेकिन यह आपको एक नया ‘चश्मा’ देती है, जिससे आप दुनिया को देखते हैं।

नूयेन ने लिखा है कि बिना सोचे भी काम किया जा सकता है। शुरुआत में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन जैसे-जैसे आप गहराई में उतरते हैं, इसकी सार्थकता समझ आने लगती है।

किताब की एक छोटी कमी यह कही जा सकती है कि इसमें कुछ बातें बार-बार दोहराई गई हैं। हालांकि, शायद लेखक का उद्देश्य ये है कि पाठक के अवचेतन मन में यह बात बैठ जाए कि विचार ही भ्रम हैं।

……………… ये खबर भी पढ़िए बुक रिव्यू- जो राह भूलो तो कहानियों के पास जाओ:मिट्टी से उपजी हैं गोरखनाथ की कहानियां, जो दिखातीं रोशनी और नया रास्ता

भारतीय संत परंपरा में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ आध्यात्मिक मार्ग नहीं दिखाया, बल्कि समाज और संस्कृति को भी प्रभावित किया। संत गोरखनाथ ऐसे ही व्यक्तित्व हैं। ‘लोककथाएं प्रेम की और संत गोरखनाथ‘ किताब में गोरखनाथ के विचारों और लोकजीवन पर पड़े उनके प्रभाव को समझाया गया है। आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…

  • बुक रिव्यू: ताकत बाहर नहीं, भीतर है: हर दिन एक नया मौका है, कुछ सीखने, जीतने, विनम्र होने का, अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें

    हर दिन एक नया मौका है, कुछ सीखने, जीतने, विनम्र होने का, अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:31

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • बुक रिव्यू- फीलिंग से हीलिंग तक: जो भी महसूस करते हैं, उसे दबाएं नहीं, समझें और सही दिशा दें, यही सिखाती है किताब ‘फील टू हील’

    जो भी महसूस करते हैं, उसे दबाएं नहीं, समझें और सही दिशा दें, यही सिखाती है किताब ‘फील टू हील’|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:49

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • बुक रिव्यू- मंजिल तक पहुंचने का ‘फ्लाइट प्लान’: मुश्किलें तो आएंगी, लेकिन उनसे लड़ें कैसे, यही सीक्रेट बताती है ये किताब

    मुश्किलें तो आएंगी, लेकिन उनसे लड़ें कैसे, यही सीक्रेट बताती है ये किताब|लाइफस्टाइल,Lifestyle - Dainik Bhaskar1:27

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

  • बुक रिव्यू- मंजिल तक पहुंचाने वाले ‘सक्सेस प्रिंसिपल्स’: चुनौतियों से कैसे लड़ें, आगे बढ़ें, सफलता के 52 गुरु मंत्र सिखाती किताब

    Play video

    • कॉपी लिंक

    शेयर

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.