Sunday, 08 Nov 2026 | 02:20 PM

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अनीता आडवाणी की राजेश खन्ना संग शादी की याचिका खारिज:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसका कोई ठोस आधार नहीं; डिंपल कपाड़िया और अक्षय कुमार को मिली राहत

Supreme Court Dismisses Anita Advani Plea on Rajesh Khanna Relationship

32 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस अनीता आडवाणी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी के रूप में कानूनी मान्यता देने की मांग की थी। जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए इसे ‘लक्जरी लिटिगेशन’ (शौकिया या फिजूल मुकदमेबाजी) करार दिया। इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अनीता आडवाणी के लिए कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं। अनीता लंबे समय से राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को कानूनी पहचान दिलाने के प्रयास में थीं। दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत मामला भी दर्ज कराया था। दिवंगत एक्टर राजेश खन्ना के साथ एक्ट्रेस अनीता आडवाणी। ‘सम्मान के लिए लड़ी कानूनी लड़ाई’, वकील की दलील सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस याचिका में आगे सुनवाई का कोई ठोस आधार नहीं है। वहीं अनीता आडवाणी के वकील ने अदालत में तर्क दिया की यह याचिका किसी आर्थिक लालच के लिए नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान और गरिमा के लिए है। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 1 अप्रैल को अनीता की अपील खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने मुंबई की डिंडोशी सत्र अदालत के 2017 के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें राजेश खन्ना के निधन के बाद दाखिल किए गए उनके सिविल सूट को खारिज कर दिया गया था। 2012 में बंगला छोड़ने से शुरू हुआ विवाद अनीता आडवाणी का दावा है कि वे राजेश खन्ना के साथ उनके जीवन के अंतिम वर्षों में कई सालों तक लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। जुलाई 2012 में 69 वर्ष की उम्र में राजेश खन्ना के निधन के बाद विवाद शुरू हुआ। अनीता का आरोप था कि राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने उन्हें बांद्रा स्थित बंगले ‘आशीर्वाद’ से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद 2013 में अनीता ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून (DVA) के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बांद्रा में 3-बीएचके फ्लैट और हर महीने मेंटेनेंस की मांग की थी। अनीता ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत मामला भी दर्ज कराया था। 2015 में हाईकोर्ट ने खारिज की थी घरेलू हिंसा की शिकायत 2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अनीता आडवाणी की शिकायत को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अनीता का राजेश खन्ना के साथ रिश्ता शादी जैसा नहीं था, इसलिए वे घरेलू हिंसा कानून के तहत राहत पाने की हकदार नहीं हैं। इसके अलावा अदालत ने यह भी माना था कि राजेश खन्ना के परिवार के सदस्यों को इस मामले में घसीटना सही नहीं है क्योंकि अनीता उनके साथ कभी नहीं रहीं। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में दोबारा अपील की। अप्रैल 2026 में कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। ‘शालिमार’ से किया था डेब्यू, बिग बॉस में भी दिखीं 60 के दशक की उम्र में पहुंच चुकीं अनीता आडवाणी ने 1978 में धर्मेंद्र और ज़ीनत अमान की फिल्म ‘शालिमार’ में एक डांसर के रोल से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘साजिश’ और ‘दासी’ जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2013 में वे सलमान खान के रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में भी नजर आई थीं। दो साल पहले उन्होंने राजेश खन्ना की जयंती पर ‘द एंडियरिंगली विकेड वेज ऑफ राजेश खन्ना’ नाम से अपनी किताब भी लॉन्च की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनके रिश्ते के बारे में उनके और राजेश खन्ना के दोस्तों को सब पता था और उन्होंने इसे कभी छुपाया नहीं। ये खबर भी पढ़ें तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के ‘दूधिया बदन’ वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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अमिताभ बच्चन की सेहत के लिए अजमेर दरगाह में दुआ:पंजाब से आए 50 जायरीन, ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर चढ़ाई चादर

अमिताभ बच्चन की सेहत के लिए अजमेर दरगाह में दुआ:पंजाब से आए 50 जायरीन, ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर चढ़ाई चादर

अजमेर दरगाह में गुरुवार को पंजाब से आए 50 जायरीनों ने चादर चढ़ा कर अमिताभ बच्चन की सेहत के लिए दुआ मांगी, साथ ही देश में अमन-चैन और शांति के लिए भी अरदास की। जायरीनों ने बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन की अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए विशेष दुआ की। इस दौरान जायरीनों ने ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की मजार पर मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश कर जियारत की। जायरीन पंजाब के होशियारपुर से अजमेर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने गरीब नवाज के दरबार में सभी लोगों की सलामती और देश में शांति बने रहने के लिए भी अरदास की है। बॉलीवुड खादिम ने करवाई जियारत, दस्तारबंदी कर भेंट किया तबर्रुक पंजाब से आए जायरीनों को बॉलीवुड खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी ने दरगाह में जियारत करवाई। इस दौरान जायरीनों ने मजार पर चादर और फूल पेश कर अपनी अकीदत जाहिर की। जियारत के बाद खादिम ने जायरीनों की दस्तारबंदी की और उन्हें तबर्रुक भेंट किया। जायरीन बोलीं- अमिताभ बच्चन जल्द स्वस्थ हों, सब सलामत रहें पंजाब के होशियारपुर से आईं जायरीन बेबी ने बताया कि वे ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार में सभी की सलामती और खुशहाली की दुआ मांगने पहुंची हैं। उन्होंने अमिताभ बच्चन की अच्छी सेहत के लिए विशेष रूप से दुआ की, ताकि वे जल्द स्वस्थ और तंदुरुस्त हों। इसके साथ ही देश में शांति और भाईचारा कायम रहने की भी अरदास की। (फोटो वीडियो सहयोग- नजीर कादरी)

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यूपी में एक्ट्रेस सारा अली खान के खिलाफ फतवा:मौलाना बोले- मुस्लिम का केदारनाथ जाना हराम; अल्लाह से माफी मांगो

यूपी में एक्ट्रेस सारा अली खान के खिलाफ फतवा:मौलाना बोले- मुस्लिम का केदारनाथ जाना हराम; अल्लाह से माफी मांगो

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान के खिलाफ फतवा जारी हुआ है। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा, इस्लाम और शरीयत के मुताबिक किसी मुस्लिम का मंदिर में पूजा-पाठ करना नाजायज और हराम है। उन्हें अल्लाह से माफी मांगनी चाहिए। सारा 25 अक्टूबर को केदारनाथ धाम गई थीं। वहां उन्होंने दर्शन और पूजा-अर्चना की थी। 2017 में सारा अली अपनी फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान करीब 2 महीने तक वहां रही थीं। अब तक करीब 5 बार वह केदारनाथ और भगवान तुंगनाथ के मंदिर में पूजा कर चुकी हैं। अब मौलाना की पूरी बात पढ़िए… ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में पूजा-पाठ करने पर अपना धार्मिक मत व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कई मुस्लिम युवाओं ने उनसे सवाल किया था कि क्या शरीयत-ए-इस्लामिया इसकी इजाजत देती है। इसी के जवाब में उन्होंने अपना पक्ष रखा। मौलाना ने कहा, “मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि शरीयत-ए-इस्लामिया अपने अनुयायियों को शिर्क करने की इजाजत नहीं देती। यानी दूसरे धर्म की धार्मिक परंपराओं को अपनाने या मंदिर में पूजा-पाठ करने की इजाजत किसी मुसलमान, चाहे वह पुरुष हो या महिला, को नहीं है।” उन्होंने कहा कि सारा अली खान भारत की मशहूर अभिनेत्री हैं। उन्होंने केदारनाथ मंदिर जाकर पूजा-पाठ और दर्शन किए और करीब आधे घंटे तक कतार में रहीं। मौलाना के मुताबिक, शरीयत की रोशनी में उनके ये काम नाजायज और हराम हैं। उन्होंने सारा को शरीयत की नजर में मुजरिम और गुनहगार भी बताया। मौलाना ने कहा कि सारा अली खान को तौबा करके खुदा की बारगाह में माफी मांगनी चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसा न करने पर वह शरीयत की नजर में बड़े गुनाह की दोषी होंगी। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने स्पष्ट किया कि यह उनका निजी धार्मिक मत और बयान है। इसे सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं या पूरे इस्लामी समुदाय की एकमत राय नहीं माना जाना चाहिए। सारा अली खान 3 दिन केदारनाथ में रहीं, बोलीं- बाबा का धाम मेरा घर सारा अली खान 25 से 27 अक्टूबर तक उत्तराखंड में रहीं। वह हेलिकॉप्टर से धाम पहुंची थीं। यहां वह सादे कपड़ों और टोपी में नजर आईं। जिससे कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। जो लोग सारा को पहचान पाए वे उन्होंने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई। सारा पहले दिन से सुबह और शाम की आरती में शामिल हो रही थीं। इसके बाद दोस्तों के साथ आसपास घूमने निकल जाती थीं। सारा ने स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी जिंदगी के बारे में पूछा। इस दौरान उन्होंने केदारघाटी में 6 से 7 नए दोस्त भी बनाए। उनसे आसपास ट्रैकिंग की जगहों के बारे में जानकारी ली। सारा के धाम पहुंचने के बाद यहां बर्फबारी भी हुई थी। ठंड के कारण वह गर्म कपड़ों में नजर आईं। सारा मंगलवार देर शाम हेलिकॉप्टर से देहरादून पहुंचीं और यहां से मुंबई के लिए रवाना हो गईं। तस्वीरें देखिए- सारा बोलीं- केदारनाथ मेरा घर, 2017 से लगाव केदारनाथ में कई महीनों से रुके अंकित बाजपेई को सारा ने बताया कि केदारनाथ मेरा घर जैसा है। 2017 से मैं हर साल कोशिश करती हूं कि धाम में आकर बाबा के दर्शन कर सकूं। उन्होंने अंकित बाजपेई के साथ कई रील भी बनाईं। सारा ने अपने फोन से केदारनाथ धाम की फोटो भी खींची हैं, जिन्हें वे बाद में शेयर करेंगी। रात के समय में सारा ने लोगों के साथ मिलकर चाय भी पी। एक्ट्रेस तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर भी जा सकती हैं। पिछले साल भी 22 अक्टूबर को सारा ने केदारनाथ और तुंगनाथ धाम के दर्शन किए थे और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। सारा बाबा के दर्शन के लिए आधे घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं रविवार, 25 अक्टूबर को सारा करीब आधे घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं। इस दौरान वहां मौजूद लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। सारा को ठिठुरते हुए देखकर वहां खड़ी महिलाओं ने उन्हें शॉल देने की पेशकश की, लेकिन वे उन्हें पहचान नहीं सकीं। सारा अपने दोस्तों के साथ धाम पहुंची थीं। उन्होंने केदारनाथ के रक्षक बाबा भुकुंट भैरव के दर्शन भी किए। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने इस साल गैर-सनातनियों के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही थी। समिति ने तब कहा था कि केदारनाथ में प्रवेश के लिए सारा अली खान को पहले एफिडेविट देकर यह बताना होगा कि उनकी सनातन धर्म में आस्था है। विवाद बढ़ने पर BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा था कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाले सभी लोगों का स्वागत है। 22 अक्टूबर 2025 की तस्वीरें- दिवाली से पहले आती हैं केदारनाथ सारा का केदारनाथ से पहला आध्यात्मिक और पेशेवर जुड़ाव 2017 में उनकी डेब्यू फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान हुआ था। इसके बाद वह लगातार यहां आती रही हैं। अक्टूबर 2024 में दिवाली से ठीक पहले उन्होंने केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और फोटो शेयर की थीं। वहीं, 2023 में उन्होंने दो बार धाम की यात्रा की। 6 मई 2023 को केदारनाथ और तुंगनाथ के दर्शन किए, जबकि करीब छह महीने बाद अक्टूबर 2023 में वह फिर केदारनाथ पहुंचीं। इसके अलावा नवंबर 2021 में सारा अली खान अपनी दोस्त और अभिनेत्री जान्हवी कपूर के साथ भी केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंची थीं। 6 साल पहले सारा अली खान ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे सारा अली खान ने 2020 में काशी में श्री विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया था। वह उन दिनों मां अमृता सिंह के साथ वाराणसी में फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। सारा इससे दो दिन पहले गंगा आरती में शामिल हुईं और काशी विश्वनाथ मंदिर में षोडशोपचार पूजा-अर्चना की और शिवलिंग को स्पर्श किया। इस पर संतों व विद्वानों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। 3 साल पहले की थी महाकाल की पूजा सारा अली खान 2022 में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुई थीं। भस्म आरती के बाद उन्होंने गर्भगृह में जाकर शिवलिंग के दर्शन किए थे। नंदी हॉल में बैठकर करीब आधे घंटे तक मंत्रों का जाप किया था।

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रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में आलिया भट्ट को प्रपोज करने का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2022 में केन्या के मासाई मारा में आलिया को प्रपोज किया था। शो में रणबीर ने बताया कि वह अंगूठी घर से लेकर गए थे। वह चाहते थे कि आलिया को प्रपोज करते समय तस्वीरें भी खींची जाएं। रणबीर ने कहा, “मैंने हमारे गाइड और ड्राइवर को पहले ही पैसे दे दिए थे। उनसे कहा था कि जंगल के बीच कहीं गाड़ी रोक दें।” उन्होंने बताया, “मैं अंगूठी लेकर गया था। चाहता था कि घुटनों पर बैठूं और वे दूर से तस्वीरें लें। लड़कियों को तस्वीरें पसंद होती हैं, ताकि वे उन्हें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सकें। इसलिए मैंने सोचा कि आलिया के लिए यह बहुत जरूरी है।” प्रपोजल के वक्त पास थे तीन शेर रणबीर ने बताया कि यह पल उनकी उम्मीद से ज्यादा रोमांचक हो गया था। जब वह आलिया के सामने घुटनों पर बैठे, तब तीन शेर करीब 100 फीट दूर थे। रणबीर की बात पर अमिताभ बच्चन ने मजाक में कहा, “लेकिन सर, इसका कोई सबूत भी होना चाहिए।” इस पर रणबीर ने कहा, “सबूत होना चाहिए। अंगूठी तो थी, मैं उसे घर से लेकर गया था, लेकिन माहौल ऐसा था कि एक तरफ करीब 100 फीट दूर तीन बब्बर शेर थे।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी शेरनी मेरे सामने खड़ी थी। मैं चूहा बनकर घुटनों पर बैठा था और कह रहा था- बेबी, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” रणबीर और आलिया का रिश्ता रणबीर और आलिया ने 14 अप्रैल 2022 को शादी की। यह शादी मुंबई स्थित रणबीर और आलिया के घर पर हुई थी। इसमें परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों 6 नवंबर 2022 को बेटी राहा के माता-पिता बने।

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रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में आलिया भट्ट को प्रपोज करने का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2022 में केन्या के मासाई मारा में आलिया को प्रपोज किया था। शो में रणबीर ने बताया कि वह अंगूठी घर से लेकर गए थे। वह चाहते थे कि आलिया को प्रपोज करते समय तस्वीरें भी खींची जाएं। रणबीर ने कहा, “मैंने हमारे गाइड और ड्राइवर को पहले ही पैसे दे दिए थे। उनसे कहा था कि जंगल के बीच कहीं गाड़ी रोक दें।” उन्होंने बताया, “मैं अंगूठी लेकर गया था। चाहता था कि घुटनों पर बैठूं और वे दूर से तस्वीरें लें। लड़कियों को तस्वीरें पसंद होती हैं, ताकि वे उन्हें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सकें। इसलिए मैंने सोचा कि आलिया के लिए यह बहुत जरूरी है।” प्रपोजल के वक्त पास थे तीन शेर रणबीर ने बताया कि यह पल उनकी उम्मीद से ज्यादा रोमांचक हो गया था। जब वह आलिया के सामने घुटनों पर बैठे, तब तीन शेर करीब 100 फीट दूर थे। रणबीर की बात पर अमिताभ बच्चन ने मजाक में कहा, “लेकिन सर, इसका कोई सबूत भी होना चाहिए।” इस पर रणबीर ने कहा, “सबूत होना चाहिए। अंगूठी तो थी, मैं उसे घर से लेकर गया था, लेकिन माहौल ऐसा था कि एक तरफ करीब 100 फीट दूर तीन बब्बर शेर थे।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी शेरनी मेरे सामने खड़ी थी। मैं चूहा बनकर घुटनों पर बैठा था और कह रहा था- बेबी, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” रणबीर और आलिया का रिश्ता रणबीर और आलिया ने 14 अप्रैल 2022 को शादी की। यह शादी मुंबई स्थित रणबीर और आलिया के घर पर हुई थी। इसमें परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों 6 नवंबर 2022 को बेटी राहा के माता-पिता बने। प्रपोजल को लेकर विजय को ट्रोल किया गया गौरतलब है कि हाल ही में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ‘कॉफी विद करण’ में पहुंचे थे, जहां प्रपोजल की कहानी सामने आने के बाद विजय को ट्रोल किया गया था। दरअसल, शो में रश्मिका ने बताया था कि शादी के लिए उन्होंने विजय से करीब एक साल तक बात की। विजय ने उनसे इस बारे में 100 बार पूछने की बात कही थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर विजय को ‘रेड फ्लैग’ कहकर ट्रोल किया जाने लगा। बाद में रश्मिका ने सफाई देते हुए कहा कि लोगों ने उनकी बातों का गलत मतलब निकाला। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में विजय ने उनका साथ दिया था। वह अपने पति के साथ खुश हैं। वहीं, विजय ने रश्मिका को अपनी बेस्ट फ्रेंड और पत्नी बताते हुए उनका समर्थन किया। कथित फर्जी पोस्ट, एडिटेड स्क्रीनशॉट और भ्रामक कंटेंट फैलाने को लेकर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों से शिकायत की थी।

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Janhvi Kapoor Admits Paddy Sexual Assault Controversy

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4 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘पेड्डी’ में जाह्नवी ने अचियम्मा का किरदार निभाया था। फिल्म का निर्देशन बुच्ची बाबू सना ने किया और इसमें राम चरण मुख्य भूमिका में थे। एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने फिल्म ‘पेड्डी’ में अपने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन पर बात की। उन्होंने माना कि वह इसे रोकने के लिए ज्यादा मजबूती से आवाज उठा सकती थीं। जाह्नवी ने यह बात ‘कॉफी विद करण’ सीजन 9 में बातचीत के दौरान कही। शो के होस्ट करण जौहर ने उनसे ‘पेड्डी’ विवाद के बारे में सवाल किया था। शो में करण जौहर ने कहा, “पेड्डी विवाद को लेकर क्या हुआ था? मुझे पता है कि इसका आप पर कई तरह से असर पड़ा था। जिस दिन यह हुआ, उस दिन मैंने आपसे बात की थी।” उन्होंने आगे कहा, “इसे देखने के दो तरीके हैं। एक, लोग इस बात को लेकर आपके साथ थे कि आपके किरदार को सेक्सुअलाइज किया गया। दूसरा पक्ष कह रहा था कि आप सेट पर थीं, तो आपने इसे रोका क्यों नहीं?” करण ने जाह्नवी से पूछा कि इस पूरे मामले को लेकर उन्हें कैसा महसूस हुआ। जाह्नवी ने कहा, “मुझे बहुत कुछ महसूस हुआ, करण। मैं इस बारे में बात करने से इसलिए हिचक रही थी, क्योंकि कई लोगों ने फिल्म पर बहुत मेहनत की थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या कहना चाहिए। मुझे यह भी नहीं पता था कि वास्तव में कहने के लिए कुछ है या नहीं।” ‘मुझे अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए’ जाह्नवी ने यह भी कहा, “मेरे हिस्से की जिम्मेदारी लेना जरूरी है। उस पूरे विवाद में मेरी जितनी भी भूमिका थी, उसकी जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए। ऐसे नैरेटिव का समाज पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। खासकर मेरे जेंडर यानी महिलाओं पर इसका असर हो सकता है।” उन्होंने कहा, “यह बात मेरे जमीर पर भारी है। इस बात की शर्मिंदगी मेरे साथ हमेशा रहेगी।” जाह्नवी कपूर, वरुण धवन के साथ ‘कॉफी विद करण’ में पहुंची थीं। ‘मैं ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी’ जाह्नवी ने कहा कि वह इसे लेकर ज्यादा बड़ा मुद्दा बना सकती थीं। उन्होंने कहा, “क्या मैं और कुछ कर सकती थी? क्या मैं ज्यादा सतर्क रह सकती थी? क्या मैं इसे लेकर ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी? इन सभी सवालों का जवाब सौ फीसदी हां है।” जाह्नवी ने कहा, “क्या यह प्रॉब्लम वाली बात थी? क्या इसमें बहुत ज्यादा ऑब्जेक्टिफिकेशन था? क्या इसने कहानी के लेवल पर सेक्सुअल असॉल्ट को प्रमोट किया? हां।” उन्होंने कहा, “अब मैं सिर्फ यह सुनिश्चित कर सकती हूं कि ऐसा दोबारा न हो।” जाह्नवी कपूर और राम चरण की फिल्म ‘पेड्डी’ ने दुनियाभर में 341.90 करोड़ रुपए की कमाई की थी। ‘डायरेक्टर की बात मानना प्रोफेशनल जिम्मेदारी लगता है’ जाह्नवी ने कहा कि वह अपनी बात रखते हुए ऐसा नहीं दिखना चाहतीं कि वह जिम्मेदारी किसी और पर डाल रही हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि एक्टर्स कई बार डायरेक्टर के निर्देशों का पालन करने की स्थिति में होते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह बात इसलिए नहीं कह रही कि जिम्मेदारी किसी और पर डाल दूं। लेकिन आप जानते हैं कि यह कैसा होता है। आपको लगता है कि डायरेक्टर जो कह रहे हैं, आपको वही करना है। आपको प्रोफेशनल रहना होता है। आपको डायरेक्टर की बात सुननी होती है।” उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रिप्ट में हर बार यह साफ नहीं होता कि सीन पर्दे पर कैसा दिखेगा। जाह्नवी ने कहा, “स्क्रिप्ट में अक्सर यह नहीं लिखा होता कि कैमरा एंगल क्या होंगे। बहुत कम ऐसा होता है कि पूरी तरह बाउंड स्क्रिप्ट आपके पास हो।” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं उपलब्ध जानकारी के आधार पर चीजों को कम समस्याग्रस्त बनाने की कोशिश कर रही थी।” जाह्नवी ने कहा, “जब-जब मुझे किसी चीज की जानकारी मिलती थी, मैं उसी समय उसे बेहतर बनाने की कोशिश करती थी।” ‘मुझे अपनी प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था’ जाह्नवी ने माना कि वह प्रिविलेज वाली स्थिति से आती हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन इसके साथ ही मुझे अपने हिस्से की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। मैं प्रिविलेज वाली जगह से आती हूं।” जाह्नवी ने कहा, “मुझे इस प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था। वैसे भी प्रिविलेज वाली होने के लिए मुझे आलोचना झेलनी ही है, इसलिए मुझे इसका इस्तेमाल करना चाहिए था।” क्या था ‘पेड्डी’ विवाद? ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा को दिखाने के तरीके पर कई दर्शकों ने सवाल उठाए थे। दर्शकों ने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन को लेकर चिंता जताई थी। फिल्म में किरदार के ट्रीटमेंट को लेकर यह आलोचना भी हुई कि कुछ सीन सेक्सुअल असॉल्ट को सामान्य या सही दिखाते नजर आ सकते हैं। इसके बाद निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि टीम का महिला किरदारों का अपमान या ऑब्जेक्टिफिकेशन करने का कोई इरादा नहीं था। थिएट्रिकल कट में विवादित सीन हटा दिए गए या उनमें बदलाव किया गया था। बुच्ची बाबू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर दर्शकों से माफी भी मांगी थी। जाह्नवी कपूर गूगल पर ट्रेंड कर रही हैं दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Janhvi Kapoor Admits Paddy Sexual Assault Controversy

Janhvi Kapoor Admits Paddy Sexual Assault Controversy

45 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘पेड्डी’ में जाह्नवी ने अचियम्मा का किरदार निभाया था। फिल्म का निर्देशन बुच्ची बाबू सना ने किया और इसमें राम चरण मुख्य भूमिका में थे। एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने फिल्म ‘पेड्डी’ में अपने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन पर बात की। उन्होंने माना कि वह इसे रोकने के लिए ज्यादा मजबूती से आवाज उठा सकती थीं। जाह्नवी ने यह बात ‘कॉफी विद करण’ सीजन 9 में बातचीत के दौरान कही। शो के होस्ट करण जौहर ने उनसे ‘पेड्डी’ विवाद के बारे में सवाल किया था। शो में करण जौहर ने कहा, “पेड्डी विवाद को लेकर क्या हुआ था? मुझे पता है कि इसका आप पर कई तरह से असर पड़ा था। जिस दिन यह हुआ, उस दिन मैंने आपसे बात की थी।” उन्होंने आगे कहा, “इसे देखने के दो तरीके हैं। एक, लोग इस बात को लेकर आपके साथ थे कि आपके किरदार को सेक्सुअलाइज किया गया। दूसरा पक्ष कह रहा था कि आप सेट पर थीं, तो आपने इसे रोका क्यों नहीं?” करण ने जाह्नवी से पूछा कि इस पूरे मामले को लेकर उन्हें कैसा महसूस हुआ। जाह्नवी ने कहा, “मुझे बहुत कुछ महसूस हुआ, करण। मैं इस बारे में बात करने से इसलिए हिचक रही थी, क्योंकि कई लोगों ने फिल्म पर बहुत मेहनत की थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या कहना चाहिए। मुझे यह भी नहीं पता था कि वास्तव में कहने के लिए कुछ है या नहीं।” ‘मुझे अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए’ जाह्नवी ने यह भी कहा, “मेरे हिस्से की जिम्मेदारी लेना जरूरी है। उस पूरे विवाद में मेरी जितनी भी भूमिका थी, उसकी जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए। ऐसे नैरेटिव का समाज पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। खासकर मेरे जेंडर यानी महिलाओं पर इसका असर हो सकता है।” उन्होंने कहा, “यह बात मेरे जमीर पर भारी है। इस बात की शर्मिंदगी मेरे साथ हमेशा रहेगी।” जाह्नवी कपूर, वरुण धवन के साथ ‘कॉफी विद करण’ में पहुंची थीं। ‘मैं ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी’ जाह्नवी ने कहा कि वह इसे लेकर ज्यादा बड़ा मुद्दा बना सकती थीं। उन्होंने कहा, “क्या मैं और कुछ कर सकती थी? क्या मैं ज्यादा सतर्क रह सकती थी? क्या मैं इसे लेकर ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी? इन सभी सवालों का जवाब सौ फीसदी हां है।” जाह्नवी ने कहा, “क्या यह प्रॉब्लम वाली बात थी? क्या इसमें बहुत ज्यादा ऑब्जेक्टिफिकेशन था? क्या इसने कहानी के लेवल पर सेक्सुअल असॉल्ट को प्रमोट किया? हां।” उन्होंने कहा, “अब मैं सिर्फ यह सुनिश्चित कर सकती हूं कि ऐसा दोबारा न हो।” जाह्नवी कपूर और राम चरण की फिल्म ‘पेड्डी’ ने दुनियाभर में 341.90 करोड़ रुपए की कमाई की थी। ‘डायरेक्टर की बात मानना प्रोफेशनल जिम्मेदारी लगता है’ जाह्नवी ने कहा कि वह अपनी बात रखते हुए ऐसा नहीं दिखना चाहतीं कि वह जिम्मेदारी किसी और पर डाल रही हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि एक्टर्स कई बार डायरेक्टर के निर्देशों का पालन करने की स्थिति में होते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह बात इसलिए नहीं कह रही कि जिम्मेदारी किसी और पर डाल दूं। लेकिन आप जानते हैं कि यह कैसा होता है। आपको लगता है कि डायरेक्टर जो कह रहे हैं, आपको वही करना है। आपको प्रोफेशनल रहना होता है। आपको डायरेक्टर की बात सुननी होती है।” उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रिप्ट में हर बार यह साफ नहीं होता कि सीन पर्दे पर कैसा दिखेगा। जाह्नवी ने कहा, “स्क्रिप्ट में अक्सर यह नहीं लिखा होता कि कैमरा एंगल क्या होंगे। बहुत कम ऐसा होता है कि पूरी तरह बाउंड स्क्रिप्ट आपके पास हो।” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं उपलब्ध जानकारी के आधार पर चीजों को कम समस्याग्रस्त बनाने की कोशिश कर रही थी।” जाह्नवी ने कहा, “जब-जब मुझे किसी चीज की जानकारी मिलती थी, मैं उसी समय उसे बेहतर बनाने की कोशिश करती थी।” ‘मुझे अपनी प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था’ जाह्नवी ने माना कि वह प्रिविलेज वाली स्थिति से आती हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन इसके साथ ही मुझे अपने हिस्से की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। मैं प्रिविलेज वाली जगह से आती हूं।” जाह्नवी ने कहा, “मुझे इस प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था। वैसे भी प्रिविलेज वाली होने के लिए मुझे आलोचना झेलनी ही है, इसलिए मुझे इसका इस्तेमाल करना चाहिए था।” क्या था ‘पेड्डी’ विवाद? ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा को दिखाने के तरीके पर कई दर्शकों ने सवाल उठाए थे। दर्शकों ने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन को लेकर चिंता जताई थी। फिल्म में किरदार के ट्रीटमेंट को लेकर यह आलोचना भी हुई कि कुछ सीन सेक्सुअल असॉल्ट को सामान्य या सही दिखाते नजर आ सकते हैं। इसके बाद निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि टीम का महिला किरदारों का अपमान या ऑब्जेक्टिफिकेशन करने का कोई इरादा नहीं था। थिएट्रिकल कट में विवादित सीन हटा दिए गए या उनमें बदलाव किया गया था। बुच्ची बाबू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर दर्शकों से माफी भी मांगी थी। जाह्नवी कपूर गूगल पर ट्रेंड कर रही हैं दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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कॉमेडियन सुनील ग्रोवर गुत्थी और डॉ.गुलाटी के अंदाज में दिखे:जयपुर में आमिर खान के लुक में तकिया लेकर इवेंट में पहुंचे, महिलाओं के साथ गेरुआ गाने पर किया डांस

कॉमेडियन सुनील ग्रोवर गुत्थी और डॉ.गुलाटी के अंदाज में दिखे:जयपुर में आमिर खान के लुक में तकिया लेकर इवेंट में पहुंचे, महिलाओं के साथ गेरुआ गाने पर किया डांस

जयपुर में एक बर्थडे सेलिब्रेशन में कॉमेडी, बॉलीवुड के लोकप्रिय किरदारों, पंजाबी संगीत और डांस का अनूठा नजारा दिखाई दिया। इस खास कार्यक्रम में जयपुर की जानी-मानी हस्तियों के बीच कॉमेडियन सुनील ग्रोवर, सुदेश लहरी और पंजाबी सिंगर सुखबीर सिंह ने अपने अंदाज से समां बांध दिया। सुनील ग्रोवर ने गुत्थी, डॉ. मशहूर गुलाटी और आमिर खान से लेकर शाहरुख खान तक के अंदाज में मेहमानों का मनोरंजन किया। वहीं, सुदेश लहरी की कॉमिक टाइमिंग और सुखबीर के पंजाबी गानों ने पार्टी में चार चांद लगा दिए। जयपुर के नेहा मेंशन में हैरी जगतानी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस पार्टी की मेजबानी नेहा जगतानी और हैरी जगतानी ने की। गुत्थी बनकर आए सुनील ग्रोवर, डॉ. गुलाटी के अंदाज में भी खूब हंसाया सुनील ग्रोवर ने अपनी परफॉर्मेंस में अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। वे कभी गुत्थी के अंदाज में नजर आए तो कभी डॉ. मशहूर गुलाटी बनकर लोगों के बीच पहुंचे। उनके हर किरदार में अलग अंदाज और संवादों की कॉमिक टाइमिंग देखने को मिली। मेहमानों के बीच पहुंचकर उन्होंने अपने चिर-परिचित हावभाव और मजेदार पंच से माहौल को खुशनुमा बना दिया। डॉ. मशहूर गुलाटी के रूप में सुनील ग्रोवर महिलाओं के बीच पहुंचे और अपने मजाकिया अंदाज में कहा कि मैं यहां टेस्ट करने आया हूं। मैं कोई छोटा-मोटा डॉक्टर नहीं हूं। पहले मैं इसरो में था, फिर लोगों ने कहा कि आप गलत रो में खड़े हैं, तो मैं इस रो में आ गया। उनके इस संवाद पर वहां मौजूद लोग हंसते नजर आए। इसी किरदार में उन्होंने गाने के जरिए भी कॉमेडी की। ‘क्या तुमसे किसी से प्यार किया’ गाने की पंक्तियों के साथ मेहमानों को आगे गाने के लिए प्रेरित किया और फिर मजाकिया अंदाज में कहा कि तुमने अपना टाइम वेस्ट किया। गाने और कॉमेडी के इस मेल ने पार्टी में मौजूद लोगों का खूब मनोरंजन किया। यहां देखिए परफॉर्मेंस के फोटोज… आमिर खान के एक्सप्रेशन और शाहरुख के अंदाज में किया डांस सुनील ग्रोवर ने बॉलीवुड सितारों की नकल के जरिए भी महफिल लूटी। आमिर खान के अंदाज में वे हाथ में तकिया लेकर मेहमानों के बीच पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संवादों के बजाय आमिर खान के चेहरे के हावभाव और एक्सप्रेशन के जरिए लोगों को हंसाया। उनका यह अंदाज पार्टी में आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं, शाहरुख खान के अंदाज में उन्होंने ‘रंग दे मोहे गेरुआ’ गाने पर महिलाओं के साथ डांस किया और उन पर गुलाब के फूल बरसाए। इस दौरान बॉलीवुड के रोमांटिक अंदाज को कॉमेडी के साथ पेश किया गया। महिलाओं की फरमाइश पर उन्होंने सलमान खान और शाहरुख खान के खास एक्सप्रेशन करके भी दिखाए। सुनील ग्रोवर ने अजय देवगन के अंदाज को भी अपनी परफॉर्मेंस में शामिल किया। उन्होंने अजय देवगन की तरह चलने की नकल की और उनकी हिट फिल्म के गाने का जिक्र किया। इस तरह एक ही शाम में बॉलीवुड के कई लोकप्रिय सितारों के अंदाज देखने को मिले। रॉकस्टार सिंगर बनकर गाए ‘द कपिल शर्मा शो’ के गाने सुनील ग्रोवर ने अपने रॉकस्टार सिंगर वाले अंदाज से भी मेहमानों का मनोरंजन किया। उन्होंने ‘द कपिल शर्मा शो’ में अपने किरदार के दौरान गाए लोकप्रिय मजाकिया गानों की झलक पेश की। इस दौरान ‘स्लोली-स्लोली’ और ‘इसे पता भी नहीं है’ जैसे गानों को अपने खास अंदाज में गाकर सुनाया। उनकी गायकी में कॉमेडी का पुट और प्रस्तुति में अलग तरह की ऊर्जा देखने को मिली। मेहमानों ने उनके इस अंदाज का आनंद लिया। किरदारों की अदला-बदली, गानों और मजेदार संवादों के बीच सुनील ग्रोवर ने पूरी शाम को मनोरंजन से भर दिया। सुदेश लहरी ने कॉमिक टाइमिंग से जीता दिल कार्यक्रम में कॉमेडियन सुदेश लहरी ने भी अपनी प्रस्तुति से लोगों का मनोरंजन किया। उन्होंने अपने खास अंदाज में गानों की प्रस्तुति दी और बीच-बीच में हास्य का तड़का लगाकर माहौल को जीवंत बनाए रखा। उनकी कॉमिक टाइमिंग और सहज अंदाज ने मेहमानों को खूब हंसाया। सुदेश लहरी की प्रस्तुति में संगीत और कॉमेडी का मेल देखने को मिला। उन्होंने अपनी शैली में गानों को पेश करते हुए पार्टी में मौजूद लोगों को मनोरंजन का एक अलग अनुभव दिया। सुखबीर के पंजाबी गानों पर झूमे मेहमान शाम में पंजाबी सिंगर सुखबीर सिंह की प्रस्तुति भी खास आकर्षण रही। अपने ऊर्जावान अंदाज और पंजाबी संगीत के लिए पहचाने जाने वाले सुखबीर ने पार्टी में म्यूजिक का माहौल बना दिया। उनकी मौजूदगी से बर्थडे सेलिब्रेशन में संगीत और डांस का रंग और गहरा हो गया। मेहमानों ने पंजाबी बीट्स के साथ शाम का आनंद लिया। कॉमेडी और म्यूजिक के इस संगम ने कार्यक्रम को एक यादगार पार्टी का रूप दिया। जहां सुनील ग्रोवर और सुदेश लहरी ने हंसी का माहौल बनाया, वहीं सुखबीर के संगीत ने मेहमानों को झूमने का मौका दिया। रामलीला के दृश्यों से लेकर हनुमान चालीसा पर डांस कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति और धार्मिक प्रसंगों की झलक भी देखने को मिली। यहां रामलीला का एक भव्य दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता को आकर्षक अंदाज में दिखाया गया। इसके बाद डांसिंग क्रू के सदस्यों ने हनुमान चालीसा पर डांस परफॉर्मेंस दी।

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‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

बॉलीवुड एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म ‘बधाई हो’ ने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। ‘बधाई हो’ मेरे लिए मील का पत्थर है। मैं इसे अपने लिए फिल्म ‘शोले’ की तरह मानता हूं। हाल ही दैनिक भास्कर के जयपुर कार्यालय आए एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान उस सफर का आनंद लेना चाहता हूं। नए दोस्त बनाना चाहता हूं। जिंदगी में नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं। एक्टर गजराज राव ने राजस्थान से जुड़ी यादों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा- डूंगरपुर में मेरा जन्म हुआ है। जयपुर में रिश्तेदार हैं और जोधपुर में मेरा ससुराल है, इसलिए यहां आने पर हमेशा अपनापन महसूस होता है। गजराव ने कहा- जोधपुर का खाना बहुत अच्छा है। वहीं जयपुर में कचौड़ियों और मिठाइयों की इतनी वैरायटी है कि उसकी कोई सीमा ही नहीं है। वहीं जयपुर में शूटिंग के दौरान हाल ही ट्रैवलिंग के अनुभवों पर लिखे व्यंग्यात्मक पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी शहर या व्यक्ति का मजाक उड़ाना नहीं था। यह एक वास्तविक समस्या को हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाना था। पढे़ं एक्टर गजराज राव से बातचीत के अंश… सवाल: आप राजस्थान से हैं। अब मुंबई में सक्रिय हैं। राजस्थान से जुड़ी कोई खास याद? गजराज राव: यहां यादें ही यादें हैं। बचपन में मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले गए थे। उन्हें लगा कि गांव में रहकर मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाऊंगा। उस समय मैं चार-पांच साल का था। मुझे बताया जाता है कि जब मुझे स्कूल में दाखिला दिलाया गया तो मैं पट्टी और चॉक लेकर घर की तरफ भाग जाता था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था। इसके बाद हर साल गर्मियों की छुट्टियों में राजस्थान आना होता था। जोधपुर मेरा ससुराल है और जयपुर में मेरे बहुत सारे रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहां जब भी आता हूं तो अपनापन महसूस होता है। गट्टे की सब्जी हो या केर-सांगरी इनमें अपनेपन का स्वाद मिलता है। सवाल: आपकी फिल्म ‘बधाई हो’ को आप किस तरह याद करते हैं? गजराज राव: कई बार किसी कलाकार के जीवन में एक ऐसा प्रोजेक्ट आता है, जो उसके करियर की दिशा बदल देता है। मेरे लिए ‘बधाई हो’ वही फिल्म है। इसने मुझे एक अलग पहचान दी और दर्शकों के बीच मेरे काम को लेकर जो प्यार बना, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सबसे बड़ी बात यही है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी यह फिल्म पुरानी नहीं हुई है। आज भी जब लोग मिलते हैं तो ‘बधाई हो’ की बात करते हैं। नीना गुप्ता और आयुष्मान खुराना के बारे में बातचीत करते हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों के लिए अपने परिवार के विस्तार जैसी बन गई है। सवाल: आपके प्रोजेक्ट्स को देखें तो सलेक्टिव काम करना पसंद करते हैं। प्रोजेक्ट चुनना कितना चुनौतीपूर्ण है? गजराज राव: जब लोग आपके काम को पसंद करने लगते हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आपको लगता है कि दर्शकों ने आपसे कुछ उम्मीदें लगा रखी हैं। अब आपका काम है कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपको खुद उस काम में आनंद आए। रिहर्सल का अनुभव, शूटिंग के दौरान का माहौल और लोगों के साथ काम करने का तरीका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: हाल ही आपने जयपुर से जुड़े अपने ट्रेवल एक्सपीरियंस को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उस अनुभव के बारे में बताइए। गजराज राव: दरअसल इन दिनों जयपुर में कई जगह शूटिंग चल रही है। इसके अलावा यहां कॉरपोरेट इवेंट्स भी बहुत होते हैं। शादियों का सीजन भी रहता है। ऐसे में ट्रैवल कंपनियां व्यस्त हो जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस को जो गाड़ियां और ड्राइवर उपलब्ध होते हैं, वे उन्हें किराए पर ले लेते हैं। कई बार प्राथमिकता इस बात की होती है कि कोई ड्राइवर मिल जाए, जो सुबह 5 बजे कलाकार को लेने आए और एक घंटे दूर स्थित लोकेशन पर समय से पहुंचा दे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले दिन जो गाड़ी आई, उसकी पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं थी। मैंने ड्राइवर साहब से पूछा कि इसमें सीट बेल्ट क्यों नहीं है? उन्होंने बहुत सहजता से कहा कि कोई बात नहीं, यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता। मुझे यह बात अजीब लगी। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मैंने शिकायत की तो दूसरी गाड़ी आई, लेकिन उसमें भी यही स्थिति थी। उस गाड़ी के ड्राइवर ने तो यहां तक कह दिया कि अगर सीट बेल्ट लगाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। मैंने उनसे कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सीट बेल्ट लगाने पर चालान हो जाए? उनका जवाब यही था कि यहां ऐसा ही होता है। मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख दी। वह पोस्ट वायरल हो गई। मेरा मानना है कि जब आप किसी अनुभव को बहुत कड़वाहट के साथ लिखते हैं तो उससे कड़वाहट ही पैदा होती है। मैंने उस अनुभव को हास्य के अंदाज में लिखा था, इसलिए लोगों ने भी उसे उसी तरह लिया। पोस्ट पर आने वाली ज्यादातर प्रतिक्रियाएं मजेदार थीं और लोग उस पर चर्चा कर रहे थे। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना या जयपुर जैसे शहर का मखौल उड़ाना बिल्कुल नहीं था। मैं खुद राजस्थान का हूं, तो अपने ही प्रदेश का मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी बात ड्राइवरों की भी अपनी मजबूरियां होती हैं। वे लगातार काम कर रहे होते हैं और उन पर भी दबाव रहता है। सवाल: अगर कोई अच्छा व्यंग्य लिखना चाहते हैं। उन्हें किन लेखकों को पढ़ना चाहिए? गजराज राव: मेरे जीवन में कई लेखकों का बड़ा योगदान रहा है। मनोहर श्याम जोशी, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल और डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जैसे लेखकों को जरूर पढ़ना चाहिए। इन सभी को पढ़ने में बहुत आनंद आता है और इनकी रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मुझे लगता है कि इन लेखकों को पढ़ना चाहिए और उनकी रचनाओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जीवन में किसी से कोई शिकायत है, तो उसे हमेशा नाराजगी या कड़वाहट के साथ व्यक्त करना जरूरी नहीं है। सवाल: आप एडमेकर और एक्टर दोनों हैं।

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‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

बॉलीवुड एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म ‘बधाई हो’ ने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। ‘बधाई हो’ मेरे लिए मील का पत्थर है। मैं इसे अपने लिए फिल्म ‘शोले’ की तरह मानता हूं। हाल ही दैनिक भास्कर के जयपुर कार्यालय आए एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान उस सफर का आनंद लेना चाहता हूं। नए दोस्त बनाना चाहता हूं। जिंदगी में नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं। एक्टर गजराज राव ने राजस्थान से जुड़ी यादों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा- डूंगरपुर में मेरा जन्म हुआ है। जयपुर में रिश्तेदार हैं और जोधपुर में मेरा ससुराल है, इसलिए यहां आने पर हमेशा अपनापन महसूस होता है। गजराव ने कहा- जोधपुर का खाना बहुत अच्छा है। वहीं जयपुर में कचौड़ियों और मिठाइयों की इतनी वैरायटी है कि उसकी कोई सीमा ही नहीं है। वहीं जयपुर में शूटिंग के दौरान हाल ही ट्रैवलिंग के अनुभवों पर लिखे व्यंग्यात्मक पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी शहर या व्यक्ति का मजाक उड़ाना नहीं था। यह एक वास्तविक समस्या को हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाना था। पढे़ं एक्टर गजराज राव से बातचीत के अंश… सवाल: आप राजस्थान से हैं। अब मुंबई में सक्रिय हैं। राजस्थान से जुड़ी कोई खास याद? गजराज राव: यहां यादें ही यादें हैं। बचपन में मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले गए थे। उन्हें लगा कि गांव में रहकर मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाऊंगा। उस समय मैं चार-पांच साल का था। मुझे बताया जाता है कि जब मुझे स्कूल में दाखिला दिलाया गया तो मैं पट्टी और चॉक लेकर घर की तरफ भाग जाता था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था। इसके बाद हर साल गर्मियों की छुट्टियों में राजस्थान आना होता था। जोधपुर मेरा ससुराल है और जयपुर में मेरे बहुत सारे रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहां जब भी आता हूं तो अपनापन महसूस होता है। गट्टे की सब्जी हो या केर-सांगरी इनमें अपनेपन का स्वाद मिलता है। सवाल: आपकी फिल्म ‘बधाई हो’ को आप किस तरह याद करते हैं? गजराज राव: कई बार किसी कलाकार के जीवन में एक ऐसा प्रोजेक्ट आता है, जो उसके करियर की दिशा बदल देता है। मेरे लिए ‘बधाई हो’ वही फिल्म है। इसने मुझे एक अलग पहचान दी और दर्शकों के बीच मेरे काम को लेकर जो प्यार बना, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सबसे बड़ी बात यही है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी यह फिल्म पुरानी नहीं हुई है। आज भी जब लोग मिलते हैं तो ‘बधाई हो’ की बात करते हैं। नीना गुप्ता और आयुष्मान खुराना के बारे में बातचीत करते हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों के लिए अपने परिवार के विस्तार जैसी बन गई है। सवाल: आपके प्रोजेक्ट्स को देखें तो सलेक्टिव काम करना पसंद करते हैं। प्रोजेक्ट चुनना कितना चुनौतीपूर्ण है? गजराज राव: जब लोग आपके काम को पसंद करने लगते हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आपको लगता है कि दर्शकों ने आपसे कुछ उम्मीदें लगा रखी हैं। अब आपका काम है कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपको खुद उस काम में आनंद आए। रिहर्सल का अनुभव, शूटिंग के दौरान का माहौल और लोगों के साथ काम करने का तरीका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: हाल ही आपने जयपुर से जुड़े अपने ट्रेवल एक्सपीरियंस को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उस अनुभव के बारे में बताइए। गजराज राव: दरअसल इन दिनों जयपुर में कई जगह शूटिंग चल रही है। इसके अलावा यहां कॉरपोरेट इवेंट्स भी बहुत होते हैं। शादियों का सीजन भी रहता है। ऐसे में ट्रैवल कंपनियां व्यस्त हो जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस को जो गाड़ियां और ड्राइवर उपलब्ध होते हैं, वे उन्हें किराए पर ले लेते हैं। कई बार प्राथमिकता इस बात की होती है कि कोई ड्राइवर मिल जाए, जो सुबह 5 बजे कलाकार को लेने आए और एक घंटे दूर स्थित लोकेशन पर समय से पहुंचा दे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले दिन जो गाड़ी आई, उसकी पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं थी। मैंने ड्राइवर साहब से पूछा कि इसमें सीट बेल्ट क्यों नहीं है? उन्होंने बहुत सहजता से कहा कि कोई बात नहीं, यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता। मुझे यह बात अजीब लगी। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मैंने शिकायत की तो दूसरी गाड़ी आई, लेकिन उसमें भी यही स्थिति थी। उस गाड़ी के ड्राइवर ने तो यहां तक कह दिया कि अगर सीट बेल्ट लगाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। मैंने उनसे कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सीट बेल्ट लगाने पर चालान हो जाए? उनका जवाब यही था कि यहां ऐसा ही होता है। मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख दी। वह पोस्ट वायरल हो गई। मेरा मानना है कि जब आप किसी अनुभव को बहुत कड़वाहट के साथ लिखते हैं तो उससे कड़वाहट ही पैदा होती है। मैंने उस अनुभव को हास्य के अंदाज में लिखा था, इसलिए लोगों ने भी उसे उसी तरह लिया। पोस्ट पर आने वाली ज्यादातर प्रतिक्रियाएं मजेदार थीं और लोग उस पर चर्चा कर रहे थे। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना या जयपुर जैसे शहर का मखौल उड़ाना बिल्कुल नहीं था। मैं खुद राजस्थान का हूं, तो अपने ही प्रदेश का मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी बात ड्राइवरों की भी अपनी मजबूरियां होती हैं। वे लगातार काम कर रहे होते हैं और उन पर भी दबाव रहता है। सवाल: अगर कोई अच्छा व्यंग्य लिखना चाहते हैं। उन्हें किन लेखकों को पढ़ना चाहिए? गजराज राव: मेरे जीवन में कई लेखकों का बड़ा योगदान रहा है। मनोहर श्याम जोशी, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल और डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जैसे लेखकों को जरूर पढ़ना चाहिए। इन सभी को पढ़ने में बहुत आनंद आता है और इनकी रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मुझे लगता है कि इन लेखकों को पढ़ना चाहिए और उनकी रचनाओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जीवन में किसी से कोई शिकायत है, तो उसे हमेशा नाराजगी या कड़वाहट के साथ व्यक्त करना जरूरी नहीं है। सवाल: आप एडमेकर और एक्टर दोनों हैं।

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