Wednesday, 10 Jun 2026 | 07:32 AM

Trending :

EXCLUSIVE

2030 तक खत्म हो जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का सफर:नासा प्रशांत महासागर में गिराएगी मलबा, 9500 करोड़ रुपए का आएगा खर्च

2030 तक खत्म हो जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का सफर:नासा प्रशांत महासागर में गिराएगी मलबा, 9500 करोड़ रुपए का आएगा खर्च

पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर ऊपर पिछले 25 वर्षों से मानवता की सबसे बड़ी अंतरिक्ष प्रयोगशाला के रूप में काम कर रहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नासा ने 2028 से शुरू करके 2030 तक इसे सुरक्षित तरीके से धरती पर गिराने की अपनी योजना को सार्वजनिक किया है। इसके लिए नासा ने 1 अरब डॉलर (करीब 9500 करोड़ रुपए) का प्लान तैयार किया है। आईएसएस निर्धारित उम्र पूरी कर चुका है। इसका कार्यकाल कई बार बढ़ चुका है। पिछले कुछ सालों से इसमें लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं। स्टेशन को सुरक्षित बनाए रखने पर अरबों डॉलर खर्च होते हैं। नासा अब अपने संसाधनों को चंद्रमा और मंगल मिशनों पर केंद्रित करना चाहता है। इसलिए आईएसएस को सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से रिटायर करने का फैसला लिया गया है। कैसे होगा अंतरिक्ष स्टेशन का अंत? करीब 4.5 लाख किलोग्राम वजनी आईएसएस को यूं ही पृथ्वी की ओर गिरने नहीं दिया जाएगा। 2028 के आसपास स्टेशन को कक्षा में बनाए रखने की प्रक्रिया धीरे-धीरे बंद कर दी जाएगी। विशेष अंतरिक्ष यान से उसे नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वायुमंडल में धकेला जाएगा। वायुमंडल में प्रवेश करते ही स्टेशन का अधिकांश हिस्सा घर्षण से जलकर नष्ट हो जाएगा। हालांकि, इसके बाद भी स्पेस के बड़े टुकड़े पृथ्वी पर आबादी वाले क्षेत्रों में गिर सकते हैं। इसलिए नासा ने प्रशांत महासागर के एक दूरस्थ क्षेत्र को चुना है ताकि वायुमंडल में जलने के बाद बचा हुआ मलबा इसी सुनसान समुद्री क्षेत्र में गिरे। NASA के अनुसार, ISS को दक्षिण प्रशांत महासागर के क्षेत्र में क्रैश किया जाएगा। इस जगह का नाम पॉइंट नीमो है। यह जगह वैश्विक स्तर पर खास अंतरिक्ष के पुराने स्पेस स्टेशन, सैटेलाइट और दूसरे कचरे को डिस्पोज करने के लिए चुनी गई है। पॉइंट नीमो के आस पास किसी भी जहाज के जाने पर बैन है। यहां इंसानों के रहने के लिए कोई जगह नहीं है। साल 1971 से लेकर अब तक तकरीबन 300 तरह के अंतरिक्षीय कचरे को यहां गिराया गया है। इसमें अधिकतर अमेरिकी और रूसी कचरा शामिल है। 19 देशों के अंतरिक्ष यात्री ISS का दौरा कर चुके ISS में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां 6 से 8 लोग 6 महीने तक रह सकते हैं। इस पर पृथ्वी से उड़ान भरने वाले बड़े-बड़े अंतरिक्ष यान उतारे जाते हैं। अब तक 19 देशों के 250 से ज्यादा अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS का दौरा किया है। आईएसएस की जगह अब प्राइवेट स्पेस स्टेशन
नासा के नेतृत्व में कई निजी कंपनियां अपने अंतरिक्ष स्टेशन बना रही हैं। इनमें वोस्ट कंपनी का हेवन-2, एक्सिओम का स्पेस स्टेशन, और ब्लू ओरिजिन का ऑर्बिट रीफ प्रमुख हैं। चीन पहले ही अपना स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में स्थापित कर चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भी 2035 तक खुद का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। ——————–
ISS से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हवा का रिसाव:नासा ने एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस क्राफ्ट में छिपने को कहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में हवा का रिसाव बढ़ने के बाद नासा ने तुरंत एक्शन लिया और एस्ट्रोनॉट्स को स्पेसक्राफ्ट में छिपने और सुरक्षित निकलने (इवैक्युएशन) के लिए तैयार रहने का आदेश दिया। हालांकि, करीब दो घंटे की मशक्कत और जांच के बाद स्थिति नियंत्रण में देखकर इस आदेश को वापस ले लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
India Can Buy Russian Crude Oil

March 7, 2026/
4:00 am

नई दिल्ली3 दिन पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर गैस सिलेंडर से जुड़ी रही। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस...

जीवन में लिया संकल्प, मृत्यु के बाद परिवार ने निभाया:इंदौर में 83 वर्षीय महिला की देह दान; नेत्र, त्वचा भी दान कर दी मानवता की सीख

March 4, 2026/
12:48 am

इंदौर में 83 वर्षीय वृद्धा के निधन के बाद उनके लिए गए संकल्प को पूरा करते हुए परिजन ने उनकी...

मासूम शर्मा ने हनुमान जन्मोत्सव पर गाया बैन सॉन्ग 'खटोला':बहादुरगढ़ में सपना संग ठुमके लगाए; आर्यन मान के प्रोग्राम में कई मंत्री-विधायक आए

April 3, 2026/
12:44 pm

झज्जर में स्टेज पर परफॉर्म करते सिंगर मासूम शर्मा और सपना चौधरी। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने बहादुरगढ़ में हनुमान...

अरिजीत सिंह के सपोर्ट में आए अदनान सामी:सिंगर बोले- प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला सोच-समझकर लिया, उनकी प्राइवेसी का सम्मान करें

May 17, 2026/
3:58 pm

सिंगर और कंपोजर अदनान सामी ने अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने के फैसले का समर्थन किया है।...

authorimg

April 20, 2026/
11:59 am

Last Updated:April 20, 2026, 11:59 IST Anxiety and Depression Difference: एंजायटी और डिप्रेशन दोनों मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हैं, लेकिन इनके...

मुंबई इंडियंस को झटका, सैंटनर टूर्नामेंट से बाहर:एक महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे, इंग्लैंड-आयरलैंड टेस्ट से भी बाहर; चेन्नई के मैच में चोट लगी थी

May 1, 2026/
5:17 pm

IPL में लगातार हार का सामना कर रही मुंबई इंडियंस के लिए एक और बुरी खबर आई है। उनके स्टार...

मां का सपना पूरा करने मुंबई पहुंचीं मुस्कान:लोगों ने कहा- गलत काम करती होगी, फिर इंस्पेक्टर अविनाश में देखकर प्राउड फील किया

May 27, 2026/
6:33 am

एक्ट्रेस मुस्कान वर्मा ने छोटे शहर रुड़की से निकलकर मुंबई में अपनी पहचान बनाई। म्यूजिक सीखने वाली मुस्कान के भीतर...

Dhoni Fan Craze in Lucknow

May 15, 2026/
1:46 pm

लखनऊ में IPL का 59वां मुकाबला आज LSG और CSK के बीच खेला गया। इसे लखनऊ ने 7 विकेट से...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

2030 तक खत्म हो जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का सफर:नासा प्रशांत महासागर में गिराएगी मलबा, 9500 करोड़ रुपए का आएगा खर्च

2030 तक खत्म हो जाएगा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन का सफर:नासा प्रशांत महासागर में गिराएगी मलबा, 9500 करोड़ रुपए का आएगा खर्च

पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर ऊपर पिछले 25 वर्षों से मानवता की सबसे बड़ी अंतरिक्ष प्रयोगशाला के रूप में काम कर रहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नासा ने 2028 से शुरू करके 2030 तक इसे सुरक्षित तरीके से धरती पर गिराने की अपनी योजना को सार्वजनिक किया है। इसके लिए नासा ने 1 अरब डॉलर (करीब 9500 करोड़ रुपए) का प्लान तैयार किया है। आईएसएस निर्धारित उम्र पूरी कर चुका है। इसका कार्यकाल कई बार बढ़ चुका है। पिछले कुछ सालों से इसमें लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं। स्टेशन को सुरक्षित बनाए रखने पर अरबों डॉलर खर्च होते हैं। नासा अब अपने संसाधनों को चंद्रमा और मंगल मिशनों पर केंद्रित करना चाहता है। इसलिए आईएसएस को सम्मानजनक और सुरक्षित तरीके से रिटायर करने का फैसला लिया गया है। कैसे होगा अंतरिक्ष स्टेशन का अंत? करीब 4.5 लाख किलोग्राम वजनी आईएसएस को यूं ही पृथ्वी की ओर गिरने नहीं दिया जाएगा। 2028 के आसपास स्टेशन को कक्षा में बनाए रखने की प्रक्रिया धीरे-धीरे बंद कर दी जाएगी। विशेष अंतरिक्ष यान से उसे नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वायुमंडल में धकेला जाएगा। वायुमंडल में प्रवेश करते ही स्टेशन का अधिकांश हिस्सा घर्षण से जलकर नष्ट हो जाएगा। हालांकि, इसके बाद भी स्पेस के बड़े टुकड़े पृथ्वी पर आबादी वाले क्षेत्रों में गिर सकते हैं। इसलिए नासा ने प्रशांत महासागर के एक दूरस्थ क्षेत्र को चुना है ताकि वायुमंडल में जलने के बाद बचा हुआ मलबा इसी सुनसान समुद्री क्षेत्र में गिरे। NASA के अनुसार, ISS को दक्षिण प्रशांत महासागर के क्षेत्र में क्रैश किया जाएगा। इस जगह का नाम पॉइंट नीमो है। यह जगह वैश्विक स्तर पर खास अंतरिक्ष के पुराने स्पेस स्टेशन, सैटेलाइट और दूसरे कचरे को डिस्पोज करने के लिए चुनी गई है। पॉइंट नीमो के आस पास किसी भी जहाज के जाने पर बैन है। यहां इंसानों के रहने के लिए कोई जगह नहीं है। साल 1971 से लेकर अब तक तकरीबन 300 तरह के अंतरिक्षीय कचरे को यहां गिराया गया है। इसमें अधिकतर अमेरिकी और रूसी कचरा शामिल है। 19 देशों के अंतरिक्ष यात्री ISS का दौरा कर चुके ISS में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां 6 से 8 लोग 6 महीने तक रह सकते हैं। इस पर पृथ्वी से उड़ान भरने वाले बड़े-बड़े अंतरिक्ष यान उतारे जाते हैं। अब तक 19 देशों के 250 से ज्यादा अंतरिक्ष यात्रियों ने ISS का दौरा किया है। आईएसएस की जगह अब प्राइवेट स्पेस स्टेशन
नासा के नेतृत्व में कई निजी कंपनियां अपने अंतरिक्ष स्टेशन बना रही हैं। इनमें वोस्ट कंपनी का हेवन-2, एक्सिओम का स्पेस स्टेशन, और ब्लू ओरिजिन का ऑर्बिट रीफ प्रमुख हैं। चीन पहले ही अपना स्पेस स्टेशन अंतरिक्ष में स्थापित कर चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भी 2035 तक खुद का अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है। ——————–
ISS से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में हवा का रिसाव:नासा ने एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस क्राफ्ट में छिपने को कहा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में हवा का रिसाव बढ़ने के बाद नासा ने तुरंत एक्शन लिया और एस्ट्रोनॉट्स को स्पेसक्राफ्ट में छिपने और सुरक्षित निकलने (इवैक्युएशन) के लिए तैयार रहने का आदेश दिया। हालांकि, करीब दो घंटे की मशक्कत और जांच के बाद स्थिति नियंत्रण में देखकर इस आदेश को वापस ले लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.