Wednesday, 29 Jul 2026 | 09:34 PM

Trending :

EXCLUSIVE

CJI बोले- AI ज्यूडीशियरी को मजबूत करने में मदद करे:डेटा-रिकॉर्ड संभाले, पैटर्न पहचाने लेकिन फैसले सुनाने के काम में दखल न दे

CJI बोले- AI ज्यूडीशियरी को मजबूत करने में मदद करे:डेटा-रिकॉर्ड संभाले, पैटर्न पहचाने लेकिन फैसले सुनाने के काम में दखल न दे

CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को ज्यूडिशियल सिस्टम में इस तरह से शामिल किया जाना चाहिए जिससे यह हमारी व्यवस्था को मजबूत करे, न कि उसके असली काम को ही कमजोर कर दे। CJI बोले- “AI को बड़ी मात्रा में डेटा और रिकॉर्ड को संभालने, पैटर्न पहचानने और सिस्टम में हो रही देरी को कम करने में मदद करनी चाहिए। वह फैसले सुनाने के काम में दखल न दे, बल्कि फैसले इंसानों के हाथों में ही रहना चाहिए।” चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के बेंगलुरु में हुए राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 में शामिल हुए थे। जहां ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- विवादों की रोकथाम और समाधान’ विषय सेमिनार रखा गया था। CJI के AI पर बयान की बड़ी बातें… लैंगिक समानता पर बोले- सरकारी वकीलों और पैनल में 50% महिलाएं हों CJI सूर्यकांत ने कानूनी पेशे में लैंगिक समानता को लेकर भी सुझाव दिया। CJI ने कहा कि सरकारी वकीलों और मुफ्त कानूनी सहायता पैनल में कम से कम 50% महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिए। देश में 45 से 50% न्यायिक अधिकारी महिलाएं हैं और कई राज्यों में यह आंकड़ा 60% तक पहुंच चुका है। कानून के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन करियर के अगले फेज में भागीदारी घट जाती है। इसके पीछे अनियमित काम के घंटे, मुवक्किलों का भरोसा कम मिलना और आर्थिक अस्थिरता जैसी समस्याएं हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
नक्सलियों ने किडनैप किया, सच्चाई जानकर खाना खिलाया,पैसे भी दिए:कमर में इंजरी ने क्रिकेटर बनने का सपना तोड़ा, 20 हजार किमी की पैदल यात्रा की

March 23, 2026/
7:19 am

कमर में हुई इंजरी ने क्रिकेटर बनने का सपना तोड़ दिया। योग की मदद से ठीक हुए तो सभी को...

विनेश फोगाट महिला कुश्ती प्रतियोगिता में आज भाग लेने पहुंचेंगी:विनेश ने परेशानियों पर कहा- कोई भी दिक्कत आए इन बेशर्मों को क्या फर्क पड़ता है

May 12, 2026/
9:26 am

गोंडा सीनियर नेशनल ओपन कुश्ती चैंपियनशिप में आज यानी मंगलवार विनेश पार्टिसिपेट करने पहुंचेंगी। वह सोमवार को वेरीफिकेशन कराने गोंडा...

बंजिंग जंपिंग- 65 वर्षीय गुरमीत ने खाई में लगाई छलांग:बेटे-बेटी ने चीयर कर कहा- गो मम्मी गो; लोग बोले- ये हैं असली वंडर वुमन

February 24, 2026/
5:30 am

डर? वो क्या होता है? जब नीचे 117 मीटर गहरी खाई देखी, तो डर नहीं, रोमांच महसूस हुआ। बस मन...

मास्टर प्लान सड़क विवाद में हाईकोर्ट का फैसला:नेहरू प्रतिमा से छावनी पुल मार्ग पर निगम का नोटिस निरस्त, कार्रवाई को बताया अनुचित

March 25, 2026/
12:53 am

नेहरू प्रतिमा (मधुमिलन चौराहा) से छावनी पुल तक प्रस्तावित मास्टर प्लान सड़क के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ...

authorimg

March 16, 2026/
11:17 am

Last Updated:March 16, 2026, 11:17 IST Health Tips: सुबह उठते ही पैरों में सुन्नपन, झनझनाहट या झुनझुनी को अक्सर लोग...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

CJI बोले- AI ज्यूडीशियरी को मजबूत करने में मदद करे:डेटा-रिकॉर्ड संभाले, पैटर्न पहचाने लेकिन फैसले सुनाने के काम में दखल न दे

CJI बोले- AI ज्यूडीशियरी को मजबूत करने में मदद करे:डेटा-रिकॉर्ड संभाले, पैटर्न पहचाने लेकिन फैसले सुनाने के काम में दखल न दे

CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को ज्यूडिशियल सिस्टम में इस तरह से शामिल किया जाना चाहिए जिससे यह हमारी व्यवस्था को मजबूत करे, न कि उसके असली काम को ही कमजोर कर दे। CJI बोले- “AI को बड़ी मात्रा में डेटा और रिकॉर्ड को संभालने, पैटर्न पहचानने और सिस्टम में हो रही देरी को कम करने में मदद करनी चाहिए। वह फैसले सुनाने के काम में दखल न दे, बल्कि फैसले इंसानों के हाथों में ही रहना चाहिए।” चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के बेंगलुरु में हुए राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 में शामिल हुए थे। जहां ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- विवादों की रोकथाम और समाधान’ विषय सेमिनार रखा गया था। CJI के AI पर बयान की बड़ी बातें… लैंगिक समानता पर बोले- सरकारी वकीलों और पैनल में 50% महिलाएं हों CJI सूर्यकांत ने कानूनी पेशे में लैंगिक समानता को लेकर भी सुझाव दिया। CJI ने कहा कि सरकारी वकीलों और मुफ्त कानूनी सहायता पैनल में कम से कम 50% महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिए। देश में 45 से 50% न्यायिक अधिकारी महिलाएं हैं और कई राज्यों में यह आंकड़ा 60% तक पहुंच चुका है। कानून के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन करियर के अगले फेज में भागीदारी घट जाती है। इसके पीछे अनियमित काम के घंटे, मुवक्किलों का भरोसा कम मिलना और आर्थिक अस्थिरता जैसी समस्याएं हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.