Monday, 27 Jul 2026 | 09:25 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Companies to Get ₹14.5 Lakh Crore Refund, Supreme Court Slams Trump

Companies to Get ₹14.5 Lakh Crore Refund, Supreme Court Slams Trump
  • Hindi News
  • Business
  • US Trade Tariffs: Companies To Get ₹14.5 Lakh Crore Refund, Supreme Court Slams Trump

वॉशिंगटन32 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिका की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को आदेश दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ का पैसा कंपनियों को लौटाया जाए। टैरिफ से दिसंबर तक 10.79 लाख करोड़ रुपए वसूले गए थे और कुल रिफंड 14.5 लाख करोड़ रु. तक पहुंच सकता है। जज रिचर्ड ईटन ने ने लंबित मामलों में टैरिफ हटाकर दोबारा गणना करने को कहा।

ट्रम्प ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट-1977 के तहत कई देशों पर टैरिफ लगाए थे। अमेरिकी कंपनियों ने कोर्ट में चुनौती दी। 20 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द करते हुए कहा कि टैरिफ तय करने का अधिकार कांग्रेस के पास है राष्ट्रपति के पास नहीं। तब रिफंड पर स्पष्टता नहीं थी। टेनेसी की एटमस फिल्ट्रेशन की याचिका पर जज ने रिफंड का आदेश दिया है।

क्लिंटन ने की थी ईटन की नियुक्ति, टैरिफ रिफंड के केस भी वही सुनेंगे पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने 1999 में जज ईटन की नियुक्ति की थी। ईटन ने कहा कि टैरिफ रिफंड की सुनवाई वही करेंगे, ताकि रिफंड प्रक्रिया उलझे नहीं।

ट्रम्प सरकार के पास अब ये 3 विकल्प

1. अपील: सरकार ऊपरी कोर्ट में चुनौती दे। 2. स्टे: सरकार अस्थायी रोक मांग सकती है। 3. देरी: कस्टम्स में लिक्विडेशन (अंतिम हिसाब) के बाद आयातक को दावा/चुनौती के लिए 180 दिन मिलते हैं। इससे सरकार भी रिफंड 6 माह तक टाल सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प को लगाई थी फटकार, कहा- हर देश से युद्ध की स्थिति में नहीं

ट्रम्प ने पिछले साल अप्रैल में ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया था। (फाइल फोटो)

ट्रम्प ने पिछले साल अप्रैल में ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया था। (फाइल फोटो)

इससे पहले 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को फटकारते हुए कहा था कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है। हालांकि फैसले को लेकर 3 जजों जस्टिस सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कैवनॉ ने इस फैसले से असहमति जताई।

कैवनॉ ने अपने नोट में लिखा कि टैरिफ नीति समझदारी भरी है या नहीं, यह अलग सवाल है, लेकिन उनके मुताबिक यह कानूनी तौर पर वैध थी। कैवनॉ ने अपने नोट में भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए टैरिफ का भी जिक्र किया।

उन्होंने लिखा कि ये टैरिफ विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के तहत लगाए गए थे।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कुल 9 जज हैं। इनमें से 6 जजों को रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किया है, जबकि 3 जज डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए। फैसले के खिलाफ वोट करने वाले तीनों जज रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए थे।

ट्रम्प ने 24 घंटे में ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15% कर दिया था

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज होकर ट्रंप ने अगले ही दिन ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान कर दिया था। ट्रम्प ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर दुनियाभर के देशों पर नया टैरिफ लगा दिया था। यह 15% टैरिफ 24 फरवरी से लागू हो गया है।

इससे पहले उन्होंने कल टैरिफ को अवैध बताने वाले जजों की भी आलोचना की। ट्रम्प ने कहा था- मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है।

ट्रम्प ने 49 साल पुराने कानून के इस्तेमाल कर टैरिफ लगाया था

ट्रम्प के टैरिफ विवाद के केंद्र में एक कानून है, जिसका नाम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) है। यह कानून 1977 में बनाया गया था।

इसका मकसद यह था कि अगर देश पर कोई गंभीर खतरा जैसे युद्ध जैसी स्थिति, विदेशी दुश्मन से बड़ा आर्थिक खतरा या असाधारण अंतरराष्ट्रीय संकट आए तो राष्ट्रपति को कुछ खास शक्तियां दी जा सकें।

इन शक्तियों के तहत राष्ट्रपति विदेशी लेन-देन पर रोक लगा सकता है, उन्हें नियंत्रित कर सकता है या कुछ आर्थिक फैसले तुरंत लागू कर सकता है। ट्रम्प ने टैरिफ लगाने के लिए IEEPA का ही सहारा लिया था।

निचली अदालतों ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था

इससे पहले निचली अदालतों (कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड और फेडरल सर्किट कोर्ट) ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था। उनका मानना था कि IEEPA टैरिफ लगाने की इतनी व्यापक शक्ति नहीं देता।

सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में मौखिक बहस सुनी थी, जहां जजों ने ट्रम्प की ओर से पेश की गईं दलीलों पर संदेह जताया था। कोर्ट के 6-3 बहुमत के बावजूद, जस्टिस ने पूछा था कि क्या राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगा सकता है, क्योंकि टैरिफ टैक्स का रूप हैं और यह संसद की जिम्मेदारी हैं।

——————-

ट्रम्प के टैरिफ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद:समझौते से पीछे हटने वाले देशों को ट्रम्प की धमकी, कहा- गेम मत खेलो, ऊंचे टैरिफ लगाऊंगा

अमेरिकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को टैरिफ समझौते से पीछे हटने वाले देशों को चेतावनी दी है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
टॉप-10-कंपनियों में से 8 की वैल्यू 1.87 लाख करोड़ बढ़ी:एयरटेल टॉप गेनर रही, वैल्यू ₹58.83 हजार करोड़ बढ़ी; LIC का मार्केट कैप भी बढ़ा

April 19, 2026/
6:59 pm

मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 8 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार...

Bangladesh Trump Buffalo Eid Sacrifice Stopped

May 28, 2026/
10:37 am

ढाका8 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश में डोनाल्ड ट्रम्प नाम से मशहूर सफेद भैंसे की ईद पर कुर्बानी रोक दी...

मध्यप्रदेश में भी लागू होगा समान नागरिक संहिता कानून:सरकार ने बनाई हाईपावर कमेटी, 60 दिन में सौंपेगी रिपोर्ट

April 28, 2026/
12:01 am

उत्तराखंड और गुजरात की राह पर चलते हुए अब मध्य प्रदेश सरकार ने भी प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC)...

'बंगाल में लोकतंत्र नहीं, टीएमसी का गुंडाराज', आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या पर भड़के राहुल गांधी

April 26, 2026/
1:09 pm

विपक्ष में विपक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल में कांग्रेस कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की चुनाव हत्या के बाद...

गौतम अडाणी फिर बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति:मुकेश अंबानी और मसायोशी सन को पीछे छोड़ा; नेटवर्थ 89.2 अरब डॉलर पहुंची

June 6, 2026/
9:30 pm

अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी एक बार फिर एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। फोर्ब्स की रिपोर्ट...

इंदौर में आज से हाउस लिस्टिंग ब्लॉक सर्वे:41 टीमें गठित, एक माह तक घर-घर पहुंचेंगी; नागरिकों से सहयोग की अपील

May 1, 2026/
12:05 am

इंदौर शहर में जनगणना के तहत हॉउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) सर्वे का शुभारंभ 1 मई से किया जाएगा। सेल्फ इन्युमरेशन...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Companies to Get ₹14.5 Lakh Crore Refund, Supreme Court Slams Trump

Companies to Get ₹14.5 Lakh Crore Refund, Supreme Court Slams Trump
  • Hindi News
  • Business
  • US Trade Tariffs: Companies To Get ₹14.5 Lakh Crore Refund, Supreme Court Slams Trump

वॉशिंगटन32 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिका की इंटरनेशनल ट्रेड कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को आदेश दिया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ का पैसा कंपनियों को लौटाया जाए। टैरिफ से दिसंबर तक 10.79 लाख करोड़ रुपए वसूले गए थे और कुल रिफंड 14.5 लाख करोड़ रु. तक पहुंच सकता है। जज रिचर्ड ईटन ने ने लंबित मामलों में टैरिफ हटाकर दोबारा गणना करने को कहा।

ट्रम्प ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट-1977 के तहत कई देशों पर टैरिफ लगाए थे। अमेरिकी कंपनियों ने कोर्ट में चुनौती दी। 20 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ रद्द करते हुए कहा कि टैरिफ तय करने का अधिकार कांग्रेस के पास है राष्ट्रपति के पास नहीं। तब रिफंड पर स्पष्टता नहीं थी। टेनेसी की एटमस फिल्ट्रेशन की याचिका पर जज ने रिफंड का आदेश दिया है।

क्लिंटन ने की थी ईटन की नियुक्ति, टैरिफ रिफंड के केस भी वही सुनेंगे पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने 1999 में जज ईटन की नियुक्ति की थी। ईटन ने कहा कि टैरिफ रिफंड की सुनवाई वही करेंगे, ताकि रिफंड प्रक्रिया उलझे नहीं।

ट्रम्प सरकार के पास अब ये 3 विकल्प

1. अपील: सरकार ऊपरी कोर्ट में चुनौती दे। 2. स्टे: सरकार अस्थायी रोक मांग सकती है। 3. देरी: कस्टम्स में लिक्विडेशन (अंतिम हिसाब) के बाद आयातक को दावा/चुनौती के लिए 180 दिन मिलते हैं। इससे सरकार भी रिफंड 6 माह तक टाल सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प को लगाई थी फटकार, कहा- हर देश से युद्ध की स्थिति में नहीं

ट्रम्प ने पिछले साल अप्रैल में ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया था। (फाइल फोटो)

ट्रम्प ने पिछले साल अप्रैल में ग्लोबल टैरिफ का ऐलान किया था। (फाइल फोटो)

इससे पहले 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को फटकारते हुए कहा था कि अमेरिका दुनिया के हर देश के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है। हालांकि फैसले को लेकर 3 जजों जस्टिस सैमुअल एलिटो, क्लेरेंस थॉमस और ब्रेट कैवनॉ ने इस फैसले से असहमति जताई।

कैवनॉ ने अपने नोट में लिखा कि टैरिफ नीति समझदारी भरी है या नहीं, यह अलग सवाल है, लेकिन उनके मुताबिक यह कानूनी तौर पर वैध थी। कैवनॉ ने अपने नोट में भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए टैरिफ का भी जिक्र किया।

उन्होंने लिखा कि ये टैरिफ विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के तहत लगाए गए थे।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कुल 9 जज हैं। इनमें से 6 जजों को रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किया है, जबकि 3 जज डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए। फैसले के खिलाफ वोट करने वाले तीनों जज रिपब्लिकन राष्ट्रपतियों ने नियुक्त किए थे।

ट्रम्प ने 24 घंटे में ग्लोबल टैरिफ बढ़ाकर 15% कर दिया था

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज होकर ट्रंप ने अगले ही दिन ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% करने का ऐलान कर दिया था। ट्रम्प ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर दुनियाभर के देशों पर नया टैरिफ लगा दिया था। यह 15% टैरिफ 24 फरवरी से लागू हो गया है।

इससे पहले उन्होंने कल टैरिफ को अवैध बताने वाले जजों की भी आलोचना की। ट्रम्प ने कहा था- मुझे कोर्ट के कुछ जजों पर शर्म आ रही है। वे देश के लिए कलंक हैं, उनमें हमारे देश के लिए सही काम करने की हिम्मत नहीं है।

ट्रम्प ने 49 साल पुराने कानून के इस्तेमाल कर टैरिफ लगाया था

ट्रम्प के टैरिफ विवाद के केंद्र में एक कानून है, जिसका नाम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) है। यह कानून 1977 में बनाया गया था।

इसका मकसद यह था कि अगर देश पर कोई गंभीर खतरा जैसे युद्ध जैसी स्थिति, विदेशी दुश्मन से बड़ा आर्थिक खतरा या असाधारण अंतरराष्ट्रीय संकट आए तो राष्ट्रपति को कुछ खास शक्तियां दी जा सकें।

इन शक्तियों के तहत राष्ट्रपति विदेशी लेन-देन पर रोक लगा सकता है, उन्हें नियंत्रित कर सकता है या कुछ आर्थिक फैसले तुरंत लागू कर सकता है। ट्रम्प ने टैरिफ लगाने के लिए IEEPA का ही सहारा लिया था।

निचली अदालतों ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था

इससे पहले निचली अदालतों (कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड और फेडरल सर्किट कोर्ट) ने टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया था। उनका मानना था कि IEEPA टैरिफ लगाने की इतनी व्यापक शक्ति नहीं देता।

सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में मौखिक बहस सुनी थी, जहां जजों ने ट्रम्प की ओर से पेश की गईं दलीलों पर संदेह जताया था। कोर्ट के 6-3 बहुमत के बावजूद, जस्टिस ने पूछा था कि क्या राष्ट्रपति कांग्रेस की मंजूरी के बिना इतने बड़े पैमाने पर टैरिफ लगा सकता है, क्योंकि टैरिफ टैक्स का रूप हैं और यह संसद की जिम्मेदारी हैं।

——————-

ट्रम्प के टैरिफ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

ट्रम्प के इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद:समझौते से पीछे हटने वाले देशों को ट्रम्प की धमकी, कहा- गेम मत खेलो, ऊंचे टैरिफ लगाऊंगा

अमेरिकी सरकार आज से राष्ट्रपति ट्रम्प की तरफ से लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को टैरिफ समझौते से पीछे हटने वाले देशों को चेतावनी दी है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.