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HCLTech Shares Biggest Fall in 11 Years

HCLTech Shares Biggest Fall in 11 Years

मुंबई5 मिनट पहले

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HCLटेक के शेयर बुधवार, 22 अप्रैल को 10% गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 1295 रुपए पर आ गए हैं। यह अक्टूबर 2015 के बाद शेयर का सबसे खराब एक दिन का प्रदर्शन है।

चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों और FY27 की निराशाजनक गाइडेंस के बाद कई ब्रोकरेज ने रेटिंग डाउनग्रेड और प्राइस टारगेट कट किए हैं। इस वजह से शेयरों में ये गिरावट आई है।

चोथी तिमाही के नतीजें…

1. रेवेन्यू में अनुमान से ज्यादा कमी

किसी भी कंपनी के लिए ‘रेवेन्यू’ का मतलब होता है कि उसने कुल कितनी बिक्री की। बाजार को लग रहा था कि इस बार HCL की कमाई में 1% की मामूली कमी आएगी, लेकिन असल में यह 3.3% गिर गई। यानी कंपनी को उम्मीद से ज्यादा नुकसान हुआ है।

2. मुनाफे का मार्जिन गिरा

‘मार्जिन’ वह हिस्सा होता है जो सारे खर्चे निकालने के बाद कंपनी की जेब में बचता है। बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी हर 100 रुपए की कमाई पर करीब ₹17.60 बचाएगी, लेकिन कंपनी केवल ₹16.50 ही बचा पाई। खर्चों के बढ़ने या प्रोजेक्ट्स की कमी से मुनाफे में यह कमी आई है।

3. पूरे साल का लक्ष्य भी चूका

हर साल कंपनियां अपना एक टारगेट तय करती हैं। HCL ने 2026 के लिए लक्ष्य रखा था कि उनकी कमाई 4% से 4.5% की रफ्तार से बढ़ेगी। लेकिन जब साल खत्म हुआ, तो यह रफ्तार सिर्फ 3.9% ही रही। आसान शब्दों में कंपनी ने जो वादा किया था वह उसे पूरा नहीं कर पाई।

टेलीकॉम सेक्टर में सुस्ती का असर

HCLTech के मैनेजमेंट ने बताया कि विदेशी कंपनियों ने अब गैर-जरूरी प्रोजेक्ट्स पर पैसा खर्च करना कम कर दिया है और टेलीकॉम सेक्टर से मिलने वाले काम में भी गिरावट आई है। इसके साथ ही कंपनी के दो बड़े प्रोजेक्ट्स अचानक बंद होने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ा है।

कंपनी को अंदेशा है कि यह सुस्ती अगली तिमाही में भी बनी रह सकती है। इसलिए अब वह डॉलर की कमाई से होने वाले मुनाफे को बचाने के बजाय उसे अपनी सेल्स टीम को मजबूत करने और भविष्य की जरूरत यानी AI जैसी तकनीक को बेहतर बनाने में निवेश करेगी।

ब्रोकरेज फर्मों ने घटाया टारगेट प्राइस

  • इनक्रेड: टारगेट ₹1,616 से घटाकर ₹1,275 किया। कमजोर बुकिंग को वजह बताया।
  • नुवामा: टारगेट ₹1,550 से ₹1,400 किया। कहा ग्रोथ अब TCS और इन्फोसिस के करीब।
  • HSBC: टारगेट ₹1,560 से ₹1,480। कहा कि आगे डबल-डिजिट अर्निंग्स ग्रोथ मुश्किल।
  • JP मॉर्गन:टारगेट ₹1,419 से ₹1,370। प्रोजेक्ट कैंसिलेशन का असर जारी रहने की आशंका।

शेयर का हाल

बुधवार सुबह HCL टेक का शेयर 10% गिरकर ₹1,300 रुपए से नीचे आ गया है। ये इस शेयर का 52 हफ्ते का लो है। बीते 6 महीने में शेयर 15% और एक साल में 20% गिराै है।

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मुंबई5 मिनट पहले

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HCLटेक के शेयर बुधवार, 22 अप्रैल को 10% गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 1295 रुपए पर आ गए हैं। यह अक्टूबर 2015 के बाद शेयर का सबसे खराब एक दिन का प्रदर्शन है।

चौथी तिमाही के कमजोर नतीजों और FY27 की निराशाजनक गाइडेंस के बाद कई ब्रोकरेज ने रेटिंग डाउनग्रेड और प्राइस टारगेट कट किए हैं। इस वजह से शेयरों में ये गिरावट आई है।

चोथी तिमाही के नतीजें…

1. रेवेन्यू में अनुमान से ज्यादा कमी

किसी भी कंपनी के लिए ‘रेवेन्यू’ का मतलब होता है कि उसने कुल कितनी बिक्री की। बाजार को लग रहा था कि इस बार HCL की कमाई में 1% की मामूली कमी आएगी, लेकिन असल में यह 3.3% गिर गई। यानी कंपनी को उम्मीद से ज्यादा नुकसान हुआ है।

2. मुनाफे का मार्जिन गिरा

‘मार्जिन’ वह हिस्सा होता है जो सारे खर्चे निकालने के बाद कंपनी की जेब में बचता है। बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी हर 100 रुपए की कमाई पर करीब ₹17.60 बचाएगी, लेकिन कंपनी केवल ₹16.50 ही बचा पाई। खर्चों के बढ़ने या प्रोजेक्ट्स की कमी से मुनाफे में यह कमी आई है।

3. पूरे साल का लक्ष्य भी चूका

हर साल कंपनियां अपना एक टारगेट तय करती हैं। HCL ने 2026 के लिए लक्ष्य रखा था कि उनकी कमाई 4% से 4.5% की रफ्तार से बढ़ेगी। लेकिन जब साल खत्म हुआ, तो यह रफ्तार सिर्फ 3.9% ही रही। आसान शब्दों में कंपनी ने जो वादा किया था वह उसे पूरा नहीं कर पाई।

टेलीकॉम सेक्टर में सुस्ती का असर

HCLTech के मैनेजमेंट ने बताया कि विदेशी कंपनियों ने अब गैर-जरूरी प्रोजेक्ट्स पर पैसा खर्च करना कम कर दिया है और टेलीकॉम सेक्टर से मिलने वाले काम में भी गिरावट आई है। इसके साथ ही कंपनी के दो बड़े प्रोजेक्ट्स अचानक बंद होने से उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ा है।

कंपनी को अंदेशा है कि यह सुस्ती अगली तिमाही में भी बनी रह सकती है। इसलिए अब वह डॉलर की कमाई से होने वाले मुनाफे को बचाने के बजाय उसे अपनी सेल्स टीम को मजबूत करने और भविष्य की जरूरत यानी AI जैसी तकनीक को बेहतर बनाने में निवेश करेगी।

ब्रोकरेज फर्मों ने घटाया टारगेट प्राइस

  • इनक्रेड: टारगेट ₹1,616 से घटाकर ₹1,275 किया। कमजोर बुकिंग को वजह बताया।
  • नुवामा: टारगेट ₹1,550 से ₹1,400 किया। कहा ग्रोथ अब TCS और इन्फोसिस के करीब।
  • HSBC: टारगेट ₹1,560 से ₹1,480। कहा कि आगे डबल-डिजिट अर्निंग्स ग्रोथ मुश्किल।
  • JP मॉर्गन:टारगेट ₹1,419 से ₹1,370। प्रोजेक्ट कैंसिलेशन का असर जारी रहने की आशंका।

शेयर का हाल

बुधवार सुबह HCL टेक का शेयर 10% गिरकर ₹1,300 रुपए से नीचे आ गया है। ये इस शेयर का 52 हफ्ते का लो है। बीते 6 महीने में शेयर 15% और एक साल में 20% गिराै है।

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