Friday, 31 Jul 2026 | 10:32 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Hospitals Offered Lakhs for NABH Certifications

Hospitals Offered Lakhs for NABH Certifications

आयुष्मान योजना में निजी अस्पतालों के लिए NABH फाइनल लेवल सर्टिफिकेट अनिवार्य किए जाने के फैसले के बाद नया विवाद सामने आया है। नर्सिंग होम एसोसिएशन का दावा है कि इस फैसले के बाद निजी कंपनियां और एजेंट सक्रिय हो गए हैं। ये एजेंट अस्पतालों में पहुंचकर N

.

बैठक में सामने आया एजेंटों का मामला नर्सिंग होम एसोसिएशन की बुधवार को हुई बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान योजना में NABH फाइनल लेवल की अनिवार्यता लागू होते ही कई निजी कंपनियां और एजेंट सक्रिय हो गए हैं। ये एजेंट सीधे अस्पताल संचालकों से संपर्क कर रहे हैं और NABH सर्टिफिकेट दिलाने का भरोसा दे रहे हैं। इसके लिए वे दो से ढाई लाख रुपए तक का पैकेज बता रहे हैं। इस पैकेज में आवेदन करने, जरूरी दस्तावेज तैयार कराने और पूरी प्रक्रिया पूरी कर सर्टिफिकेट दिलाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही जा रही है।

चार बड़े शहरों के अस्पतालों पर सबसे ज्यादा असर सरकार का यह नियम फिलहाल मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के निजी अस्पतालों पर लागू किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक इन शहरों में कुल 395 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं। इनमें से 212 अस्पताल पिछले करीब पांच साल से NABH के एंट्री लेवल सर्टिफिकेट पर ही काम कर रहे हैं। वहीं, केवल 59 अस्पतालों के पास ही फुल NABH सर्टिफिकेट है। ऐसे में करीब 336 अस्पतालों के योजना से बाहर होने की स्थिति बन सकती है।

अस्पतालों को मिला 15 दिन का अतिरिक्त समय स्थिति को देखते हुए आयुष्मान कार्यालय ने सभी अस्पताल संचालकों को एक ई-मेल भेजा है। इसमें NABH सर्टिफिकेट के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब जिन अस्पतालों ने 31 मार्च तक NABH सर्टिफिकेट नहीं कराया है, उन्हें 15 अप्रैल तक का समय दिया गया है। इसके बाद 16 अप्रैल के बाद स्टेट हेल्थ अथॉरिटी इस पूरे मामले की समीक्षा करेगी और आगे का निर्णय लिया जाएगा।

नर्सिंग होम एसोसिएशन जाएगा हाईकोर्ट इस फैसले के विरोध में नर्सिंग होम एसोसिएशन ने कोर्ट जाने का फैसला किया है। एसोसिएशन का कहना है कि इतने कम समय में सभी अस्पतालों के लिए NABH फाइनल लेवल हासिल करना संभव नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर जबलपुर में नर्सिंग होम एसोसिएशन की ओर से एक जनहित याचिका भी दायर की गई है। इस याचिका पर 16 मार्च को सुनवाई होना तय है।

छोटे शहरों के अस्पतालों के सामने बड़ी चुनौती नर्सिंग होम एसोसिएशन के सचिव डॉ. संजय गुप्ता का कहना है कि प्रदेश के कई शहरों में NABH सर्टिफाइड अस्पतालों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उज्जैन में केवल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अस्पताल ही NABH सर्टिफाइड है, जबकि बाकी अस्पतालों के पास यह सर्टिफिकेट नहीं है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार के इस फैसले का पूरे प्रदेश के निजी अस्पताल संचालक विरोध कर रहे हैं और अपनी बात सरकार व अन्य मंचों तक पहुंचाने की रणनीति बनाई जा रही है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
China Engineer Admits Pakistan Ops Sindoor Tech Aid

May 9, 2026/
12:11 pm

बीजिंग47 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने...

टीवी एक्टर रोहित चंदेल पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार:16 साल की नाबालिग से छेड़छाड़, पीछा करने और मारपीट के आरोप

July 11, 2026/
2:59 pm

पांड्या स्टोर फेम एक्टर रोहित चंदेल को नाबालिग से छेड़छाड़ करने और उसका पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार किया...

Rakesh Roshan Denies Hrithiks ₹500 Cr Demand

June 8, 2026/
2:24 pm

4 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड के चर्चित प्रोजेक्ट्स में शामिल ‘कृष 4’ एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले...

टीटीई ने अकेले एक करोड़ वसूले:खंडवा स्टेशन पर टिकट चेकिंग का रिकॉर्ड; यात्रियों पर 10 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगा

April 4, 2026/
7:53 am

पश्चिम मध्य रेलवे के खंडवा जंक्शन पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में टिकट जांच अभियान के दौरान उप मुख्य टिकट निरीक्षक...

Ollie Robinson celebrates taking his fifth wicket, the wicket of New Zealand's Matt Henry (Picture credit: AP)

June 5, 2026/
7:24 pm

आखरी अपडेट:05 जून, 2026, 19:24 IST अन्नामलाई के बाद, भाजपा के राज्य उपाध्यक्ष कारू नागराजन और राज्य सचिव सुमति वेंकटेश...

गुरुग्राम की बिजली सप्लाई करेंगे अडानी:ग्रांट ऑफ लाइसेंस के लिए अप्लाई किया; HREC की हियरिंग पूरी, 70% लोग प्राइवेटाइजेशन के पक्ष में

July 8, 2026/
8:36 am

हरियाणा में पहली बार गुरुग्राम की बिजली वितरण व्यवस्था में निजी क्षेत्र की बड़ी एंट्री का रास्ता खुलता दिखाई दे...

एमजी रोड पर धंसी सड़क, फलों से भरा पिकअप फंसा:बड़वानी में घटिया सीवरेज कार्य से लगा जाम, रहवासी बोले-सही तरीके से नहीं हो रहा काम

April 28, 2026/
12:34 pm

बड़वानी जिला मुख्यालय के एमजी रोड पर मंगलवार सुबह एक फलों से भरा पिकअप वाहन सड़क में धंस गया। घटना...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Hospitals Offered Lakhs for NABH Certifications

Hospitals Offered Lakhs for NABH Certifications

आयुष्मान योजना में निजी अस्पतालों के लिए NABH फाइनल लेवल सर्टिफिकेट अनिवार्य किए जाने के फैसले के बाद नया विवाद सामने आया है। नर्सिंग होम एसोसिएशन का दावा है कि इस फैसले के बाद निजी कंपनियां और एजेंट सक्रिय हो गए हैं। ये एजेंट अस्पतालों में पहुंचकर N

.

बैठक में सामने आया एजेंटों का मामला नर्सिंग होम एसोसिएशन की बुधवार को हुई बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में बताया गया कि आयुष्मान योजना में NABH फाइनल लेवल की अनिवार्यता लागू होते ही कई निजी कंपनियां और एजेंट सक्रिय हो गए हैं। ये एजेंट सीधे अस्पताल संचालकों से संपर्क कर रहे हैं और NABH सर्टिफिकेट दिलाने का भरोसा दे रहे हैं। इसके लिए वे दो से ढाई लाख रुपए तक का पैकेज बता रहे हैं। इस पैकेज में आवेदन करने, जरूरी दस्तावेज तैयार कराने और पूरी प्रक्रिया पूरी कर सर्टिफिकेट दिलाने की जिम्मेदारी लेने की बात कही जा रही है।

चार बड़े शहरों के अस्पतालों पर सबसे ज्यादा असर सरकार का यह नियम फिलहाल मध्यप्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के निजी अस्पतालों पर लागू किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक इन शहरों में कुल 395 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं। इनमें से 212 अस्पताल पिछले करीब पांच साल से NABH के एंट्री लेवल सर्टिफिकेट पर ही काम कर रहे हैं। वहीं, केवल 59 अस्पतालों के पास ही फुल NABH सर्टिफिकेट है। ऐसे में करीब 336 अस्पतालों के योजना से बाहर होने की स्थिति बन सकती है।

अस्पतालों को मिला 15 दिन का अतिरिक्त समय स्थिति को देखते हुए आयुष्मान कार्यालय ने सभी अस्पताल संचालकों को एक ई-मेल भेजा है। इसमें NABH सर्टिफिकेट के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब जिन अस्पतालों ने 31 मार्च तक NABH सर्टिफिकेट नहीं कराया है, उन्हें 15 अप्रैल तक का समय दिया गया है। इसके बाद 16 अप्रैल के बाद स्टेट हेल्थ अथॉरिटी इस पूरे मामले की समीक्षा करेगी और आगे का निर्णय लिया जाएगा।

नर्सिंग होम एसोसिएशन जाएगा हाईकोर्ट इस फैसले के विरोध में नर्सिंग होम एसोसिएशन ने कोर्ट जाने का फैसला किया है। एसोसिएशन का कहना है कि इतने कम समय में सभी अस्पतालों के लिए NABH फाइनल लेवल हासिल करना संभव नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर जबलपुर में नर्सिंग होम एसोसिएशन की ओर से एक जनहित याचिका भी दायर की गई है। इस याचिका पर 16 मार्च को सुनवाई होना तय है।

छोटे शहरों के अस्पतालों के सामने बड़ी चुनौती नर्सिंग होम एसोसिएशन के सचिव डॉ. संजय गुप्ता का कहना है कि प्रदेश के कई शहरों में NABH सर्टिफाइड अस्पतालों की संख्या बहुत कम है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उज्जैन में केवल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अस्पताल ही NABH सर्टिफाइड है, जबकि बाकी अस्पतालों के पास यह सर्टिफिकेट नहीं है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार के इस फैसले का पूरे प्रदेश के निजी अस्पताल संचालक विरोध कर रहे हैं और अपनी बात सरकार व अन्य मंचों तक पहुंचाने की रणनीति बनाई जा रही है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.