Thursday, 08 Oct 2026 | 07:05 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Indonesia BrahMos Missile Deal | India & Russia Talks $200M-$350M

Indonesia BrahMos Missile Deal | India & Russia Talks $200M-$350M

नई दिल्ली19 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के लिए भारत के साथ एक एग्रीमेंट किया है। इंडोनेशिया डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन रिको रिकार्डो सिरैत ने सोमवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को ये जानकारी दी।

भारत और रूस की को-ओनरशिप वाली कंपनी ब्रह्मोस ने रॉयटर्स को बताया कि वह जकार्ता के साथ $200 मिलियन से $350 मिलियन की डील पर एडवांस्ड बातचीत कर रही है।

रिको ने कहा कि यह एग्रीमेंट मिलिट्री हार्डवेयर और डिफेंस कैपेबिलिटीज़ के मॉडर्नाइजेशन का हिस्सा है। इससे पहले फिलीपींस ने भी ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदा था।

19 अप्रैल 2024: भारत ने फिलीपींस को भेजी थी ब्रह्मोस मिसालइ की पहली खेप, 3130 करोड़ में डील

भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की पहली खेप 19 अप्रैल 2024 को सौंपी थी। ब्रह्मोस पाने वाला फिलीपींस पहला बाहरी देश है। भारत ने जनवरी 2022 में फिलीपींस से ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री के लिए 375 मिलियन डॉलर (3130 करोड़ रुपए) की डील की थी।

इंडियन एयरफोर्स ने C-17 ग्लोब मास्टर विमान के जरिए इन मिसाइलों को फिलीपींस मरीन कॉर्प्स को सौंपा। इन मिसाइलों की स्पीड 2.8 मैक और मारक क्षमता 290 किमी है। एक मैक ध्वनि की गति 332 मीटर प्रति सेकेंड होती है।

फिलीपींस को उस समय मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी मिली है, जब उसके और चीन के बीच साउथ चाइना सी में तनाव बढ़ा हुआ है। फिलीपींस ब्रह्मोस के 3 मिसाइल सिस्टम को तटीय इलाकों (साउथ चाइना सी) में तैनात करेगा, ताकि चीन के खतरे से निपटा जा सके।

ब्रह्मोस के हर एक सिस्टम में दो मिसाइल लॉन्चर, एक रडार और एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर होता है। इसके जरिए सबमरीन, शिप, एयक्राफ्ट से दो ब्रह्मोस मिसाइलें 10 सेकेंड के अंदर दुश्मन पर दागी जा सकती है। इसके अलावा भारत फिलीपींस को मिसाइल ऑपरेट करने की भी ट्रेनिंग देगा। ​​​​पूरी खबर पढ़ें…

भारत ने मिसाइल की खेप C-17 ग्लोबमास्टर विमान के जरिए फिलीपींस को पहुंचाई।

भारत ने मिसाइल की खेप C-17 ग्लोबमास्टर विमान के जरिए फिलीपींस को पहुंचाई।

कैसे नाम पड़ा ब्रह्मोस?

ब्रह्मोस को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के फेडरल स्टेट यूनिटरी इंटरप्राइज NPOM के बीच साझा समझौते के तहत विकसित किया गया है। ब्रह्मोस एक मध्यम श्रेणी की स्टील्थ रैमजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इस मिसाइल को जहाज, पनडुब्बी, एयरक्राफ्ट या फिर धरती से लॉन्च किया जा सकता है।

रक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ब्रह्मोस का नाम भगवान ब्रह्मा के ताकतवर शस्त्र ब्रह्मास्त्र के नाम पर दिया गया। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि इस मिसाइल का नाम दो नदियों भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है। ऐसा माना जाता है कि ये एंटी-शिप क्रूज मिसाइल के रूप में दुनिया में सबसे तेज है।

ब्रह्मोस पर एक नजर

  • ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे पनडुब्बी, शिप, एयरक्राफ्ट या जमीन कहीं से भी छोड़ा जा सकता है।
  • ब्रह्मोस रूस की P-800 ओकिंस क्रूज मिसाइल टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इस मिसाइल को भारतीय सेना के तीनों अंगों, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को सौंपा जा चुका है।
  • ब्रह्मोस मिसाइल के कई वर्जन मौजूद हैं। ब्रह्मोस के लैंड-लॉन्च, शिप-लॉन्च, सबमरीन-लॉन्च एयर-लॉन्च वर्जन की टेस्टिंग हो चुकी है।
  • जमीन या समुद्र से दागे जाने पर ब्रह्मोस 290 किलोमीटर की रेंज में मैक 2 स्पीड से (2500किमी/घंटे) की स्पीड से अपने टारगेट को नेस्तनाबूद कर सकती है।
  • पनडुब्बी से ब्रह्मोस मिसाइल को पानी के अंदर से 40-50 मीटर की गहराई से छोड़ा जा सकता है। पनडुब्बी से ब्रह्मोस मिसाइल दागने की टेस्टिंग 2013 में हुई थी।

————-

ये खबर भी पढ़ें…

भारत बना रहा बेबी ब्रह्मोस, 20 गुना कम कीमत:भविष्य की जंग की तैयारी, सुरक्षा का नया फॉर्मूला

रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों ने साफ कर दिया है कि भविष्य की जंग अब महीनों और सालों खिंचेगी। इस हकीकत को देख भारत भी तैयारी में जुट गया है। हाल ही में पिनाका रॉकेट सिस्टम के ‘हवाई संस्करण’ के परीक्षण को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। दरअसल, ब्रह्मोस जैसी अचूक सटीकता और मारक क्षमता के कारण इसे ‘बेबी ब्रह्मोस’ भी कहा जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
दतिया हाईवे पर सड़क हादसे में युवक की मौत:डोंगरपुर निवासी सुमित अहिरवार की पहचान, कार डिवाइडर पार कर गलत साइड से आई

April 5, 2026/
12:52 pm

दतिया में ग्वालियर-झांसी हाईवे पर शनिवार शाम एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान...

authorimg

May 5, 2026/
10:45 pm

Last Updated:May 05, 2026, 22:45 IST डिहाइड्रेशन को नजरअंदाज करना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए जरूरी है...

बुरहानपुर विधायक चिटनिस ने फोफनार क्षेत्र का निरीक्षण किया:5-7 गांवों में कम वोल्टेज, अनियमित बिजली आपूर्ति की समस्या पर अफसरों से चर्चा

May 1, 2026/
5:30 pm

बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही वोल्टेज समस्या को लेकर...

T20 World Cup Super 8: Pakistan vs Namibia Decider

February 18, 2026/
4:19 am

स्पोर्ट्स डेस्क3 दिन पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 स्टेज की 7 टीमें तय हो चुकी हैं। आखिरी...

चीन- खाली फ्लैट खरीद परिजनों की अस्थियां रखने पर बैन:कब्रिस्तान महंगा होने पर लोग प्रोपर्टी खरीद रहे थे, उसमें अस्थियां रखते थे

March 31, 2026/
7:56 pm

चीन की सरकार एक नया कानून लाने जा रही है, जिसके तहत लोग अपने परिजनों की राख को खाली अपार्टमेंट...

IRGC vs President Pezeshkian Control Crisis

April 1, 2026/
4:52 pm

तेहरान2 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान में सरकार और धार्मिक सेना (IRGC) के बीच टकराव बढ़ने की खबर है। तेहरान...

भाजपा सरकार पर भड़कीं सिंगर अनुराधा पौडवाल:कहा- 93 हजार स्कूल बंद पड़े हैं, विश्वगुरु-विश्वगुरु कहना बंद करो या ये नॉनसेंस बंद करो

July 13, 2026/
12:25 pm

नेशनल अवॉर्ड विजेता और पद्मश्री से सम्मानित हो चुकीं सिंगर अनुराधा पौडवाला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार की आलोचना...

श्योपुर में आंधी-बारिश से बदला मौसम:पकी फसलों को होगा नुकसान, किसानों की चिंता बढ़ी

March 20, 2026/
4:39 pm

श्योपुर जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे तेज आंधी के साथ...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Indonesia BrahMos Missile Deal | India & Russia Talks $200M-$350M

Indonesia BrahMos Missile Deal | India & Russia Talks $200M-$350M

नई दिल्ली19 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के लिए भारत के साथ एक एग्रीमेंट किया है। इंडोनेशिया डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन रिको रिकार्डो सिरैत ने सोमवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को ये जानकारी दी।

भारत और रूस की को-ओनरशिप वाली कंपनी ब्रह्मोस ने रॉयटर्स को बताया कि वह जकार्ता के साथ $200 मिलियन से $350 मिलियन की डील पर एडवांस्ड बातचीत कर रही है।

रिको ने कहा कि यह एग्रीमेंट मिलिट्री हार्डवेयर और डिफेंस कैपेबिलिटीज़ के मॉडर्नाइजेशन का हिस्सा है। इससे पहले फिलीपींस ने भी ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदा था।

19 अप्रैल 2024: भारत ने फिलीपींस को भेजी थी ब्रह्मोस मिसालइ की पहली खेप, 3130 करोड़ में डील

भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की पहली खेप 19 अप्रैल 2024 को सौंपी थी। ब्रह्मोस पाने वाला फिलीपींस पहला बाहरी देश है। भारत ने जनवरी 2022 में फिलीपींस से ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री के लिए 375 मिलियन डॉलर (3130 करोड़ रुपए) की डील की थी।

इंडियन एयरफोर्स ने C-17 ग्लोब मास्टर विमान के जरिए इन मिसाइलों को फिलीपींस मरीन कॉर्प्स को सौंपा। इन मिसाइलों की स्पीड 2.8 मैक और मारक क्षमता 290 किमी है। एक मैक ध्वनि की गति 332 मीटर प्रति सेकेंड होती है।

फिलीपींस को उस समय मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी मिली है, जब उसके और चीन के बीच साउथ चाइना सी में तनाव बढ़ा हुआ है। फिलीपींस ब्रह्मोस के 3 मिसाइल सिस्टम को तटीय इलाकों (साउथ चाइना सी) में तैनात करेगा, ताकि चीन के खतरे से निपटा जा सके।

ब्रह्मोस के हर एक सिस्टम में दो मिसाइल लॉन्चर, एक रडार और एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर होता है। इसके जरिए सबमरीन, शिप, एयक्राफ्ट से दो ब्रह्मोस मिसाइलें 10 सेकेंड के अंदर दुश्मन पर दागी जा सकती है। इसके अलावा भारत फिलीपींस को मिसाइल ऑपरेट करने की भी ट्रेनिंग देगा। ​​​​पूरी खबर पढ़ें…

भारत ने मिसाइल की खेप C-17 ग्लोबमास्टर विमान के जरिए फिलीपींस को पहुंचाई।

भारत ने मिसाइल की खेप C-17 ग्लोबमास्टर विमान के जरिए फिलीपींस को पहुंचाई।

कैसे नाम पड़ा ब्रह्मोस?

ब्रह्मोस को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के फेडरल स्टेट यूनिटरी इंटरप्राइज NPOM के बीच साझा समझौते के तहत विकसित किया गया है। ब्रह्मोस एक मध्यम श्रेणी की स्टील्थ रैमजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इस मिसाइल को जहाज, पनडुब्बी, एयरक्राफ्ट या फिर धरती से लॉन्च किया जा सकता है।

रक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ब्रह्मोस का नाम भगवान ब्रह्मा के ताकतवर शस्त्र ब्रह्मास्त्र के नाम पर दिया गया। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि इस मिसाइल का नाम दो नदियों भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है। ऐसा माना जाता है कि ये एंटी-शिप क्रूज मिसाइल के रूप में दुनिया में सबसे तेज है।

ब्रह्मोस पर एक नजर

  • ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे पनडुब्बी, शिप, एयरक्राफ्ट या जमीन कहीं से भी छोड़ा जा सकता है।
  • ब्रह्मोस रूस की P-800 ओकिंस क्रूज मिसाइल टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इस मिसाइल को भारतीय सेना के तीनों अंगों, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को सौंपा जा चुका है।
  • ब्रह्मोस मिसाइल के कई वर्जन मौजूद हैं। ब्रह्मोस के लैंड-लॉन्च, शिप-लॉन्च, सबमरीन-लॉन्च एयर-लॉन्च वर्जन की टेस्टिंग हो चुकी है।
  • जमीन या समुद्र से दागे जाने पर ब्रह्मोस 290 किलोमीटर की रेंज में मैक 2 स्पीड से (2500किमी/घंटे) की स्पीड से अपने टारगेट को नेस्तनाबूद कर सकती है।
  • पनडुब्बी से ब्रह्मोस मिसाइल को पानी के अंदर से 40-50 मीटर की गहराई से छोड़ा जा सकता है। पनडुब्बी से ब्रह्मोस मिसाइल दागने की टेस्टिंग 2013 में हुई थी।

————-

ये खबर भी पढ़ें…

भारत बना रहा बेबी ब्रह्मोस, 20 गुना कम कीमत:भविष्य की जंग की तैयारी, सुरक्षा का नया फॉर्मूला

रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों ने साफ कर दिया है कि भविष्य की जंग अब महीनों और सालों खिंचेगी। इस हकीकत को देख भारत भी तैयारी में जुट गया है। हाल ही में पिनाका रॉकेट सिस्टम के ‘हवाई संस्करण’ के परीक्षण को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। दरअसल, ब्रह्मोस जैसी अचूक सटीकता और मारक क्षमता के कारण इसे ‘बेबी ब्रह्मोस’ भी कहा जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.