Thursday, 08 Oct 2026 | 09:31 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Kanpur Primary School Student Police Complaint

Kanpur Primary School Student Police Complaint
  • Hindi News
  • Career
  • Kanpur Primary School Student Police Complaint | Teacher Negligence Case

कुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

कानपुर देहात के प्राइमरी स्कूल का एक छात्र माधव मिश्रा स्कूल प्रशासन से परेशान होकर अपनी शिकायतें पुलिस चौकी करने पहुंचा। वहां उसने कहा – मैडम फोन देखती रहती हैं… बड़े बच्चे मारते-पीटते हैं… शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती।” जब एक छोटा बच्चा अपनी समस्या लेकर पुलिस चौकी पहुंचने को मजबूर हो जाए, तो सवाल सिर्फ एक स्कूल पर नहीं, पूरी व्यवस्था पर खड़ा होता है।

शिक्षक बच्चों के भविष्य की नींव रखते हैं, लेकिन अगर कक्षा में किताबों की जगह मोबाइल और अनुशासन की जगह लापरवाही हो, तो फिर सरकारी शिक्षा का भविष्य कौन संभालेगा?

भारी वेतन, सरकारी सुविधाएं और जवाबदेही शून्य क्या यही है “बेहतर शिक्षा” का मॉडल? बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई से समझौता बिल्कुल नहीं होना चाहिए। जिम्मेदार अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।

पचौर गांव के छात्र स्कूल में कर रहे पुताई

कानपुर के चौबेपुर के पचोर गांव प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे पढ़ने- लिखने के बजाय स्कूल गेट की पुताई करते नजर आ रह हैं। स्कूल में पढ़ने आए बच्चों के हाथों में पेंट और ब्रश दिखाई दे रहे हैं।

एक तो देश के अधिकांश सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नदारद ही हैं। ऊपर से वहां छात्रों के साथ होने वाली मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है।

भारत के चाइल्ड एंड एडोलेसेंट लेबर (Prohibition and Regulation) एक्ट में 2016 के संशोधन के बाद 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को किसी काम में लगाने पर प्रतिबंध है।

—————————————————————

ये खबर भी पढ़ें

यूपी में IAS, IPS, IFS ऑफिसर देंगे करियर टिप्स:स्कूल में जाकर 10वीं के बच्चों से खुद बात करेंगे; योगी सरकार की पहल

उत्तर प्रदेश के इंटरमीडिएट छात्रों को अब पढ़ाई के साथ-साथ अफसरों के अनुभवों का भी फायदा मिलेगा। योगी सरकार एक नई पहल करने जा रही है। इसके तहत हर महीने IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से सीधे बात करेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Kishore Kumar Birth Anniversary; Car Buried Story

August 4, 2026/
4:30 am

1 घंटे पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक किशोर कुमार का बचपन का नाम आभास कुमार गांगुली था। हिंदी सिनेमा के...

तस्वीर का विवरण

April 29, 2026/
10:01 am

अनारदाने, धनिया और पुदीने की चटनी तैयार करने के लिए सूखा अनारदाना सबसे जरूरी है। इसके साथ एल्युमीनियम पुदीने की...

नर्मदापुरम में वकीलों के 2 गुटों में मारपीट:अध्यक्ष के बेटों ने कोषाध्यक्ष को पीटा; वॉट्सऐप पर हिसाब मांगने पर विवाद

April 18, 2026/
9:58 am

नर्मदापुरम में शुक्रवार रात मीनाक्षी चौक के पास अधिवक्ता संघ के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई। संघ...

संडे प्रोफाइल : विनोद खोसला:टेक में जोखिम भरे निवेश के लिए जाने जाते हैं खोसला

September 13, 2026/
2:53 pm

भारतीय मूल के अमेरिकी इन्वेस्टर विनोद खोसला फोर्ब्स की 2026 अमीर इमिग्रेंट्स सूची में सबसे अमीर भारतीय आप्रवासी के रूप...

UPSC Aspirants Struggle Play Delhi

August 27, 2026/
1:10 pm

8 मिनट पहले कॉपी लिंक 1990 के दशक की दिल्ली की पृष्ठभूमि पर आधारित नाटक ‘वो सुबह हमीं से आएगी’...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Kanpur Primary School Student Police Complaint

Kanpur Primary School Student Police Complaint
  • Hindi News
  • Career
  • Kanpur Primary School Student Police Complaint | Teacher Negligence Case

कुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

कानपुर देहात के प्राइमरी स्कूल का एक छात्र माधव मिश्रा स्कूल प्रशासन से परेशान होकर अपनी शिकायतें पुलिस चौकी करने पहुंचा। वहां उसने कहा – मैडम फोन देखती रहती हैं… बड़े बच्चे मारते-पीटते हैं… शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती।” जब एक छोटा बच्चा अपनी समस्या लेकर पुलिस चौकी पहुंचने को मजबूर हो जाए, तो सवाल सिर्फ एक स्कूल पर नहीं, पूरी व्यवस्था पर खड़ा होता है।

शिक्षक बच्चों के भविष्य की नींव रखते हैं, लेकिन अगर कक्षा में किताबों की जगह मोबाइल और अनुशासन की जगह लापरवाही हो, तो फिर सरकारी शिक्षा का भविष्य कौन संभालेगा?

भारी वेतन, सरकारी सुविधाएं और जवाबदेही शून्य क्या यही है “बेहतर शिक्षा” का मॉडल? बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई से समझौता बिल्कुल नहीं होना चाहिए। जिम्मेदार अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए।

पचौर गांव के छात्र स्कूल में कर रहे पुताई

कानपुर के चौबेपुर के पचोर गांव प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे पढ़ने- लिखने के बजाय स्कूल गेट की पुताई करते नजर आ रह हैं। स्कूल में पढ़ने आए बच्चों के हाथों में पेंट और ब्रश दिखाई दे रहे हैं।

एक तो देश के अधिकांश सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नदारद ही हैं। ऊपर से वहां छात्रों के साथ होने वाली मनमानी लगातार बढ़ती जा रही है।

भारत के चाइल्ड एंड एडोलेसेंट लेबर (Prohibition and Regulation) एक्ट में 2016 के संशोधन के बाद 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को किसी काम में लगाने पर प्रतिबंध है।

—————————————————————

ये खबर भी पढ़ें

यूपी में IAS, IPS, IFS ऑफिसर देंगे करियर टिप्स:स्कूल में जाकर 10वीं के बच्चों से खुद बात करेंगे; योगी सरकार की पहल

उत्तर प्रदेश के इंटरमीडिएट छात्रों को अब पढ़ाई के साथ-साथ अफसरों के अनुभवों का भी फायदा मिलेगा। योगी सरकार एक नई पहल करने जा रही है। इसके तहत हर महीने IAS, IPS और IFS अधिकारी स्कूलों में पहुंचकर बच्चों से सीधे बात करेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.