खंडवा जिले के मांधाता (ओंकारेश्वर) थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे का निर्माण कर रही एक कंपनी के कैंप में महिला मजदूर के साथ ज्यादती का मामला सामने आया है। पीड़िता मूल रूप से सीधी जिले की रहने वाली है। मोरटक्का चौकी पुलिस ने महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। 22 वर्षीय पीड़िता अपने पति और रिश्तेदारों के साथ इंदौर-एदलाबाद नेशनल हाईवे परियोजना के तहत मोरगढ़ी गांव के पास केदारेश्वर कंस्ट्रक्शन कंपनी में मजदूरी करती है। 4 मार्च (होली) को काम की छुट्टी थी। सुबह करीब 10 बजे पीड़िता के पति सनावद राशन लेने गए हुए थे। महिला नहाने के लिए बाथरूम गई थी, तभी उसी के गांव का रहने वाला मजदूर धरमराज (पिता राजेश साकेत) अंदर घुस आया और उसके साथ ज्यादती की। आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। गांव भाग गया आरोपी, पुलिस की टीम सीधी रवाना घटना के दो दिन बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने पति को आपबीती बताई। आरोपी धरमराज को जब इसका पता चला, तो उसने पीड़िता के पति और रिश्तेदारों से झगड़ा किया और अपने गांव (सीधी) भाग गया। आरोपी ने वहां से भी फोन पर जान से मारने की धमकियां दीं। मोरटक्का चौकी प्रभारी लखन डावर ने बताया कि सोमवार को महिला ने शिकायत की थी। मंगलवार को केस दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल कराया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम सीधी जिले के लिए रवाना कर दी गई है। बाथरूम में दरवाजे नहीं, महिला आरक्षक ने दी साड़ी पुलिस जब मौका मुआयना करने कंस्ट्रक्शन कंपनी के वेयरहाउस पहुंची, तो वहां मजदूरों की स्थिति बेहद खराब मिली। कैंप में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग बाथरूम तो बनाए गए हैं, लेकिन उनमें दरवाजे ही नहीं हैं। इसी लापरवाही का फायदा आरोपी ने उठाया। मजदूरों ने पुलिस को बताया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पिछले चार महीने से उन्हें वेतन नहीं दिया है। पैसे न होने के कारण मजदूरों के पास राशन और कपड़ों तक का अभाव है। पीड़िता के पास भी पहनने के लिए केवल एक साड़ी थी, जिसके बाद एक महिला आरक्षक ने उसे नई साड़ी खरीदकर दी।













































