Saturday, 08 Aug 2026 | 02:36 PM

Trending :

खतरे में फेसबुक-इंस्टाग्राम की कानूनी सुरक्षा:पब्लिशर माना गया तो होगी सीधी कार्रवाई, मेटा को इंसानी निगरानी बढ़ाने के निर्देश विवाद के बाद कंगना के जेन-जी पर बदले बोल:कहा- ये सरकार की ताकत, इन पर गर्व, कुछ इनका नाम खराब कर रहे हैं; पहले कहा था गटरछाप विवाद के बाद कंगना के जेन-जी पर बदले बोल:कहा- ये सरकार की ताकत, इन पर गर्व, कुछ इनका नाम खराब कर रहे हैं; पहले कहा था गटरछाप Gold Silver Price Hike | India Market Update 2026 बिलखकर रो पड़े प्रदीप रावत के बेटे:कहा- हाथ-पैर कांप रहे हैं, सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे बिलखकर रो पड़े प्रदीप रावत के बेटे:कहा- हाथ-पैर कांप रहे हैं, सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे
EXCLUSIVE

Pakistan Resumes Alcohol Exports After 50 Years

Pakistan Resumes Alcohol Exports After 50 Years

इस्लामाबाद22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कर्ज से जूझ रहे पाकिस्तान ने करीब 50 साल बाद फिर से शराब का एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है। देश की इकलौती लोकल कंपनी मरी ब्रूअरी ने अप्रैल 2026 में ब्रिटेन, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देशों को बीयर और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स भेजी हैं।

कंपनी के एक्सपोर्ट मैनेजर रमीज शाह के मुताबिक, अभी शुरुआत में विदेशों में नेटवर्क बनाया जा रहा है और आगे चलकर प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना है।

पाकिस्तान में मुस्लिम आबादी के लिए करीब 50 साल पहले इस्लामिक नियमों का हवाला देकर शराब पर बैन लगाया गया था। हालांकि, गैर-मुस्लिमों के लिए कुछ छूट है।

अब सरकार ने 2025 में शराब निर्यात की अनुमति दी, जिसके बाद उन देशों में सप्लाई शुरू की गई जो ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) का हिस्सा नहीं हैं।

पाकिस्तान पर 138 अरब डॉलर का बाहरी कर्ज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी सरकार की कमाई और खर्च के बीच बड़ा अंतर है। वित्त वर्ष 2026 में सरकार की वास्तविक आय करीब 11,072 अरब पाकिस्तानी रुपए (40 अरब डॉलर) है, जबकि खर्च 16,286 अरब रुपए (58 अरब डॉलर) तक पहुंच चुका है।

इसमें से करीब 8,200 अरब रुपए (30 अरब डॉलर) सिर्फ कर्ज के ब्याज चुकाने में खर्च हो रहे हैं।

पाकिस्तान पर इस समय लगभग 38,640 अरब पाकिस्तानी रुपए (138 अरब डॉलर) का बाहरी कर्ज है। इसमें सरकारी कर्ज के अलावा निजी क्षेत्र, बैंकों और कंपनियों की देनदारियां भी शामिल हैं। इसमें से करीब 25,760 अरब पाकिस्तानी रुपए (92 अरब डॉलर) सरकारी कर्ज है।

पहले नॉन-अल्कोहलिक प्रोडक्ट ही बेच रही थी मरी ब्रूअरी

पिछले कई सालों से मरी ब्रूअरी सिर्फ नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स का एक्सपोर्ट कर रही थी। इसमें पैकेज्ड जूस, मिनरल वाटर और फ्रूट फ्लेवर वाली ड्रिंक्स शामिल हैं।

पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की कमाई 100 मिलियन डॉलर (28 अरब PKR) रही। कंपनी के CEO इस्फानयार भंडारा ने एक्सपोर्ट लाइसेंस के लिए कोशिश की थी।

2021 में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में एक चीनी कंपनी को भी शराब बनाने की इजाजत दी थी, ताकि वहां काम कर रहे चीनी नागरिकों की जरूरतें पूरी हो सकें।

बैन से पहले मरी ब्रूअरी भारत, अफगानिस्तान और अमेरिका जैसे देशों में शराब का निर्यात करती थी। अब एक बार फिर कंपनी विदेशी बाजार में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है।

रावलपिंडी स्थित मरी ब्रूअरी की प्रोडक्शन लाइन पर बीयर के डिब्बों की जाँच करते हुए एक कर्मचारी

रावलपिंडी स्थित मरी ब्रूअरी की प्रोडक्शन लाइन पर बीयर के डिब्बों की जाँच करते हुए एक कर्मचारी

भुट्टो ने शराब की बिक्री पर रोक लगाई थी

अप्रैल 1977 में पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो ने देश में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी थी। उस वक्त भुट्टो सरकार के खिलाफ एक बड़ा और हिंसक विरोध आंदोलन चल रहा था।

भुट्टो पर 1977 के चुनाव में धांधली करने के अलावा ‘पश्चिमी लाइफस्टाइल’ अपनाने जैसे आरोप लग रहे थे। जब भुट्टो ने इन विपक्षी नेताओं से बातचीत शुरू की, तो उनकी कुछ मांगें थीं। जैसे नाइट क्लब और बार बंद किए जाएं और शराब की बिक्री पूरी तरह रोकी जाए।

इसी दबाव में भुट्टो सरकार ने कराची में बनने वाले एक बड़े कैसीनो की योजना भी रद्द कर दी। इस कैसिनों को मई 1977 में शुरू होना था। यह कैसीनो एक कारोबारी तुफैल शेख बना रहे थे, जिनके पुराने सैन्य शासक अयूब खान और बाद में भुट्टो सरकार से अच्छे संबंध थे।

शेख पहले से ही कराची के सद्दर इलाके में होटल और नाइट क्लब चलाते थे और उन्हें उम्मीद थी कि नए कैसीनो खाड़ी देशों और यूरोप से बहुत से टूरिस्ट पाकिस्तान आएंगे।

जब भुट्टो ने शराब और नाइट क्लब पर रोक लगाने का फैसला किया, तो शेख परेशना हो गए। लेकिन भुट्टो ने उन्हें भरोसा दिया कि यह सिर्फ कुछ समय के लिए है और हालात ठीक होते ही इसे खत्म कर दिया जाएगा।

जिया उल हक ने और सख्त कानून बनाए

कागज पर भले ही बार और शराब की दुकानें बंद हो गई थीं, लेकिन होटलों और दुकानों के पीछे के रास्तों से शराब आसानी से मिल रही थी। लेकिन भुट्टो ज्यादा दिन सत्ता में नहीं रह पाए। जुलाई 1977 में एक सैन्य शासक जिया उल हक ने उनकी सरकार गिरा दी।

जिया ने सत्ता में आने के बाद इस कानून को और सख्त कर दिया और इसे इस्लामी कानून से जोड़ दिया। इसमें साफ कहा गया कि मुसलमानों के लिए शराब बेचना और पीना गैरकानूनी है और इसके लिए कड़ी सजा होगी।

हालांकि एक रास्ता छोड़ा गया- लाइसेंस वाली शराब की दुकानें। ये दुकानें सिर्फ गैर-मुस्लिम लोगों के नाम पर चल सकती थीं और उन्हें ही शराब बेचने की अनुमति थी। विदेशी लोग भी सरकार से परमिट लेकर वहां से शराब खरीद सकते थे।

जुलाई 1977 में तख्तापलट कर जिया उल हक ने शराब के कानून को और सख्त कर दिया।

जुलाई 1977 में तख्तापलट कर जिया उल हक ने शराब के कानून को और सख्त कर दिया।

मुशरर्फ ने कानून में ढील दी

समय के साथ पाकिस्तान में ऐसी लाइसेंस वाली शराब की दुकानों की संख्या बढ़ती गई, खासकर सिंध और बलूचिस्तान में, जैसे कराची और क्वेटा में। जनरल परवेज मुशर्रफ के दौर (1999–2008) में ये और बढ़ीं।

मुशर्रफ खुद को उदारवादी बताते थे। उन्होंने 1979 के कानून को हटाने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के कारण ऐसा नहीं कर पाए। हालांकि उनके समय में शराब से जुड़े कानून को लागू करने में ढील दे दी गई। इस वजह से मुसलमानों के लिए भी शराब हासिल करना आसान हो गया था।

दावा- शराब बैन की वजह से कई लोग हेरोइन की तरफ चले गए

पाकिस्तान के धार्मिक संगठन आज भी कहते हैं कि सरकारें शराबबंदी को सही तरीके से लागू नहीं करतीं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग कहते हैं कि इस पाबंदी ने अवैध शराब माफिया को जन्म दिया और जहरीली शराब से सैकड़ों लोगों की मौत हुई।

उनका यह भी कहना है कि शराब पर रोक के कारण कई लोग हेरोइन की तरफ चले गए, जो कहीं ज्यादा खतरनाक है।

एक आंकड़ा इस बात को दिखाता है कि 1979 में पाकिस्तान में हेरोइन के सिर्फ दो मामले सामने आए थे, लेकिन 1985 तक पाकिस्तान दुनिया में हेरोइन के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में शामिल हो गया।

धार्मिक लोग अक्सर कहते हैं कि शराब पीना इस्लाम के खिलाफ है और यह आदत अंग्रेजों के समय की देन है। लेकिन इतिहास कुछ और कहता है।

2008 की एक स्टडी में भी पाया गया कि 1977 और 1979 की पाबंदियों के बावजूद पाकिस्तान में शराब का सेवन जारी रहा, क्योंकि अवैध तरीके मौजूद थे। इससे यह बात सामने आती है कि कानून बनाकर लोगों की आदतों को पूरी तरह नहीं बदला जा सकता।

दक्षिण एशिया में 5000 साल से शराब पी जा रही

दक्षिण एशिया में लोग 5000 साल से शराब पी रहे हैं। सिंधु घाटी सभ्यता में भी शराब बनाई जाती थी। तक्षशिला म्यूजियम में दुनिया के सबसे पुराने डिस्टिलर में से एक रखा है, जो मोहनजोदड़ो में मिला था।

मुगल और दिल्ली सल्तनत के दौर में शराब, भांग और अफीम सब आम थे। कई शासक खुद शराब पीते थे। कुछ ने रोक लगाने की कोशिश की, लेकिन यह पूरी तरह सफल नहीं हुई।

————————

ये खबर भी पढ़ें…

पाकिस्तानी PM बोले- कर्ज मांगने में अब शर्म आती है:दूसरे देशों के सामने हमारा सिर झुका रहता है, उनकी शर्तें मानना हमारी मजबूरी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज ने विदेशी कर्ज पर देश की बढ़ती निर्भरता को लेकर नाराजगी जताई है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, शहबाज ने शुक्रवार को माना कि देश की बदहाल आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें बार‑बार विदेशी दौरों पर जाकर कर्ज मांगना पड़ा।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजधानी इस्लामाबाद में कारोबारी नेताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको बताना चाहता हूं कि जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मैं दुनियाभर में पैसे मांगने जाते हैं तो हमें शर्म आती है।’

शहबाज ने कहा- कर्ज लेना हमारे आत्मसम्मान पर बहुत बड़ा बोझ है। कई बार हमें कॉम्प्रोमाइज करना पड़ता है। कई बार हम उनकी शर्तों को ‘ना’ भी नहीं कह पाते। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
राजस्थान में बोलेरो-बाइक टकराए, 4 की मौत:मृतकों में मंदसौर के तीन लोग; एमपी आते समय झालावाड़ में हादसा

February 21, 2026/
12:02 am

राजस्थान के झालावाड़ में बोलेरो और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई। इनमें एमपी...

FII ने फरवरी में भारतीय-बाजार में ₹22,615 करोड़ निवेश किए:यह 17 महीने का सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट; भारत-US ट्रेड डील और बेहतर कॉर्पोरेट अर्निंग्स का असर

March 1, 2026/
6:15 pm

फरवरी महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त वापसी की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के...

वर्ल्ड अपडेट्स:भारत-कनाडा फ्री ट्रेड डील पर तेजी, कनाडाई PM बोले- यह दोनों देशों के लिए गेम चेंजर होगा

May 26, 2026/
8:18 am

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि भारत के साथ फ्री ट्रेड डील को लेकर बातचीत तेजी से...

गावस्कर बोले- पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़:भारतीय मालिकों को इससे बचना चाहिए, द हंड्रेड में सनराइजर्स ने अबरार को खरीदा था

March 16, 2026/
4:46 pm

इंग्लैंड की टी-20 लीग द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर विवाद खड़ा...

राजगढ़ में स्विमिंग पूल उद्घाटन पर शुल्क विवाद:कांग्रेस ने कहा- पहले मुफ्त था, अब 200 रुपए रोज; विभाग बोला- ₹50 प्रति घंटा ही वास्तविक चार्ज

April 12, 2026/
9:46 pm

राजगढ़ में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग गौतम टेटवाल ने रविवार को जिला मुख्यालय...

जयपुर में मॉडल रह चुकी युवती की मौत, VIDEO:कार बेकाबू होकर डिवाइडर पर चढ़ी, सहेली के घर से लौट रही थी

March 24, 2026/
9:51 am

जयपुर में सोमवार देर रात सड़क हादसे में मॉडल रह चुकी युवती की मौत हो गई। अभी स्टेज एंकरिंग करती...

क्रिकेट नहीं, आर्मी में जाना चाहते थे साकिब:मां ने गहनें गिरवी रखकर दिलाए थे जूते, IPL में डेब्यू मैच में ही लिए 4 विकेट

April 14, 2026/
11:46 am

गोपालगंज के साकिब हुसैन ने IPL के अपने डेब्यू मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवर में 24...

राजनीति

Pakistan Resumes Alcohol Exports After 50 Years

Pakistan Resumes Alcohol Exports After 50 Years

इस्लामाबाद22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कर्ज से जूझ रहे पाकिस्तान ने करीब 50 साल बाद फिर से शराब का एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है। देश की इकलौती लोकल कंपनी मरी ब्रूअरी ने अप्रैल 2026 में ब्रिटेन, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देशों को बीयर और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक्स भेजी हैं।

कंपनी के एक्सपोर्ट मैनेजर रमीज शाह के मुताबिक, अभी शुरुआत में विदेशों में नेटवर्क बनाया जा रहा है और आगे चलकर प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना है।

पाकिस्तान में मुस्लिम आबादी के लिए करीब 50 साल पहले इस्लामिक नियमों का हवाला देकर शराब पर बैन लगाया गया था। हालांकि, गैर-मुस्लिमों के लिए कुछ छूट है।

अब सरकार ने 2025 में शराब निर्यात की अनुमति दी, जिसके बाद उन देशों में सप्लाई शुरू की गई जो ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) का हिस्सा नहीं हैं।

पाकिस्तान पर 138 अरब डॉलर का बाहरी कर्ज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी सरकार की कमाई और खर्च के बीच बड़ा अंतर है। वित्त वर्ष 2026 में सरकार की वास्तविक आय करीब 11,072 अरब पाकिस्तानी रुपए (40 अरब डॉलर) है, जबकि खर्च 16,286 अरब रुपए (58 अरब डॉलर) तक पहुंच चुका है।

इसमें से करीब 8,200 अरब रुपए (30 अरब डॉलर) सिर्फ कर्ज के ब्याज चुकाने में खर्च हो रहे हैं।

पाकिस्तान पर इस समय लगभग 38,640 अरब पाकिस्तानी रुपए (138 अरब डॉलर) का बाहरी कर्ज है। इसमें सरकारी कर्ज के अलावा निजी क्षेत्र, बैंकों और कंपनियों की देनदारियां भी शामिल हैं। इसमें से करीब 25,760 अरब पाकिस्तानी रुपए (92 अरब डॉलर) सरकारी कर्ज है।

पहले नॉन-अल्कोहलिक प्रोडक्ट ही बेच रही थी मरी ब्रूअरी

पिछले कई सालों से मरी ब्रूअरी सिर्फ नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स का एक्सपोर्ट कर रही थी। इसमें पैकेज्ड जूस, मिनरल वाटर और फ्रूट फ्लेवर वाली ड्रिंक्स शामिल हैं।

पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की कमाई 100 मिलियन डॉलर (28 अरब PKR) रही। कंपनी के CEO इस्फानयार भंडारा ने एक्सपोर्ट लाइसेंस के लिए कोशिश की थी।

2021 में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में एक चीनी कंपनी को भी शराब बनाने की इजाजत दी थी, ताकि वहां काम कर रहे चीनी नागरिकों की जरूरतें पूरी हो सकें।

बैन से पहले मरी ब्रूअरी भारत, अफगानिस्तान और अमेरिका जैसे देशों में शराब का निर्यात करती थी। अब एक बार फिर कंपनी विदेशी बाजार में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है।

रावलपिंडी स्थित मरी ब्रूअरी की प्रोडक्शन लाइन पर बीयर के डिब्बों की जाँच करते हुए एक कर्मचारी

रावलपिंडी स्थित मरी ब्रूअरी की प्रोडक्शन लाइन पर बीयर के डिब्बों की जाँच करते हुए एक कर्मचारी

भुट्टो ने शराब की बिक्री पर रोक लगाई थी

अप्रैल 1977 में पाकिस्तान के तत्कालीन पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो ने देश में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी थी। उस वक्त भुट्टो सरकार के खिलाफ एक बड़ा और हिंसक विरोध आंदोलन चल रहा था।

भुट्टो पर 1977 के चुनाव में धांधली करने के अलावा ‘पश्चिमी लाइफस्टाइल’ अपनाने जैसे आरोप लग रहे थे। जब भुट्टो ने इन विपक्षी नेताओं से बातचीत शुरू की, तो उनकी कुछ मांगें थीं। जैसे नाइट क्लब और बार बंद किए जाएं और शराब की बिक्री पूरी तरह रोकी जाए।

इसी दबाव में भुट्टो सरकार ने कराची में बनने वाले एक बड़े कैसीनो की योजना भी रद्द कर दी। इस कैसिनों को मई 1977 में शुरू होना था। यह कैसीनो एक कारोबारी तुफैल शेख बना रहे थे, जिनके पुराने सैन्य शासक अयूब खान और बाद में भुट्टो सरकार से अच्छे संबंध थे।

शेख पहले से ही कराची के सद्दर इलाके में होटल और नाइट क्लब चलाते थे और उन्हें उम्मीद थी कि नए कैसीनो खाड़ी देशों और यूरोप से बहुत से टूरिस्ट पाकिस्तान आएंगे।

जब भुट्टो ने शराब और नाइट क्लब पर रोक लगाने का फैसला किया, तो शेख परेशना हो गए। लेकिन भुट्टो ने उन्हें भरोसा दिया कि यह सिर्फ कुछ समय के लिए है और हालात ठीक होते ही इसे खत्म कर दिया जाएगा।

जिया उल हक ने और सख्त कानून बनाए

कागज पर भले ही बार और शराब की दुकानें बंद हो गई थीं, लेकिन होटलों और दुकानों के पीछे के रास्तों से शराब आसानी से मिल रही थी। लेकिन भुट्टो ज्यादा दिन सत्ता में नहीं रह पाए। जुलाई 1977 में एक सैन्य शासक जिया उल हक ने उनकी सरकार गिरा दी।

जिया ने सत्ता में आने के बाद इस कानून को और सख्त कर दिया और इसे इस्लामी कानून से जोड़ दिया। इसमें साफ कहा गया कि मुसलमानों के लिए शराब बेचना और पीना गैरकानूनी है और इसके लिए कड़ी सजा होगी।

हालांकि एक रास्ता छोड़ा गया- लाइसेंस वाली शराब की दुकानें। ये दुकानें सिर्फ गैर-मुस्लिम लोगों के नाम पर चल सकती थीं और उन्हें ही शराब बेचने की अनुमति थी। विदेशी लोग भी सरकार से परमिट लेकर वहां से शराब खरीद सकते थे।

जुलाई 1977 में तख्तापलट कर जिया उल हक ने शराब के कानून को और सख्त कर दिया।

जुलाई 1977 में तख्तापलट कर जिया उल हक ने शराब के कानून को और सख्त कर दिया।

मुशरर्फ ने कानून में ढील दी

समय के साथ पाकिस्तान में ऐसी लाइसेंस वाली शराब की दुकानों की संख्या बढ़ती गई, खासकर सिंध और बलूचिस्तान में, जैसे कराची और क्वेटा में। जनरल परवेज मुशर्रफ के दौर (1999–2008) में ये और बढ़ीं।

मुशर्रफ खुद को उदारवादी बताते थे। उन्होंने 1979 के कानून को हटाने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के कारण ऐसा नहीं कर पाए। हालांकि उनके समय में शराब से जुड़े कानून को लागू करने में ढील दे दी गई। इस वजह से मुसलमानों के लिए भी शराब हासिल करना आसान हो गया था।

दावा- शराब बैन की वजह से कई लोग हेरोइन की तरफ चले गए

पाकिस्तान के धार्मिक संगठन आज भी कहते हैं कि सरकारें शराबबंदी को सही तरीके से लागू नहीं करतीं। वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग कहते हैं कि इस पाबंदी ने अवैध शराब माफिया को जन्म दिया और जहरीली शराब से सैकड़ों लोगों की मौत हुई।

उनका यह भी कहना है कि शराब पर रोक के कारण कई लोग हेरोइन की तरफ चले गए, जो कहीं ज्यादा खतरनाक है।

एक आंकड़ा इस बात को दिखाता है कि 1979 में पाकिस्तान में हेरोइन के सिर्फ दो मामले सामने आए थे, लेकिन 1985 तक पाकिस्तान दुनिया में हेरोइन के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में शामिल हो गया।

धार्मिक लोग अक्सर कहते हैं कि शराब पीना इस्लाम के खिलाफ है और यह आदत अंग्रेजों के समय की देन है। लेकिन इतिहास कुछ और कहता है।

2008 की एक स्टडी में भी पाया गया कि 1977 और 1979 की पाबंदियों के बावजूद पाकिस्तान में शराब का सेवन जारी रहा, क्योंकि अवैध तरीके मौजूद थे। इससे यह बात सामने आती है कि कानून बनाकर लोगों की आदतों को पूरी तरह नहीं बदला जा सकता।

दक्षिण एशिया में 5000 साल से शराब पी जा रही

दक्षिण एशिया में लोग 5000 साल से शराब पी रहे हैं। सिंधु घाटी सभ्यता में भी शराब बनाई जाती थी। तक्षशिला म्यूजियम में दुनिया के सबसे पुराने डिस्टिलर में से एक रखा है, जो मोहनजोदड़ो में मिला था।

मुगल और दिल्ली सल्तनत के दौर में शराब, भांग और अफीम सब आम थे। कई शासक खुद शराब पीते थे। कुछ ने रोक लगाने की कोशिश की, लेकिन यह पूरी तरह सफल नहीं हुई।

————————

ये खबर भी पढ़ें…

पाकिस्तानी PM बोले- कर्ज मांगने में अब शर्म आती है:दूसरे देशों के सामने हमारा सिर झुका रहता है, उनकी शर्तें मानना हमारी मजबूरी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज ने विदेशी कर्ज पर देश की बढ़ती निर्भरता को लेकर नाराजगी जताई है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, शहबाज ने शुक्रवार को माना कि देश की बदहाल आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें बार‑बार विदेशी दौरों पर जाकर कर्ज मांगना पड़ा।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजधानी इस्लामाबाद में कारोबारी नेताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मैं आपको बताना चाहता हूं कि जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मैं दुनियाभर में पैसे मांगने जाते हैं तो हमें शर्म आती है।’

शहबाज ने कहा- कर्ज लेना हमारे आत्मसम्मान पर बहुत बड़ा बोझ है। कई बार हमें कॉम्प्रोमाइज करना पड़ता है। कई बार हम उनकी शर्तों को ‘ना’ भी नहीं कह पाते। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.