Saturday, 11 Apr 2026 | 08:50 AM

Trending :

सीधी में खेत-तालाब निर्माण को लेकर विवाद:रात में जेसीबी से खुदाई का आरोप, कलेक्टर से शिकायत मध्यप्रदेश पुलिस में सरकारी नौकरी का मौका:679 पदों पर हो रही भर्ती , 19 अप्रैल हैं आवेदन की आखिरी तारीख धुरंधर फिल्म की अभिनेत्री सारा अर्जुन महाकाल मंदिर पहुंची:मां के जन्मदिन पर महाकाल का आशीर्वाद लेने भस्म आरती में शामिल हुई अमेरिका से बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन पाकिस्तान पहुंचा:बैठक से पहले लेबनान में सीजफायर की शर्त; अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस भी आज इस्लामाबाद पहुंचेंगे manipur violence kuki ukhrul bsf jawan murder ग्वालियर में लावारिस शवों को नोच रहे कुत्ते:कब्रों से बाहर खींची लाशें; कहीं हाथ-पैर की हड्डियां तो कहीं खोपड़ियां खुले में बिखरी मिलीं
EXCLUSIVE

Retirement Funds Investment Options Explained

Retirement Funds Investment Options Explained

2 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

भारत में रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर अवेयरनेस बहुत कम है। देश में ऐसे लाखों लोग हैं, जो समय रहते रिटायरमेंट प्लान नहीं करते हैं। इसकी वजह से उन्हें बुढ़ापे में फाइनेंशियल क्राइसिस का सामना करना पड़ता है।

भारत की लीडिंग प्रोफेशनल सर्विस फर्म ‘ग्रांट थॉर्नटॉन’ के एक सर्वे के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त बचत नहीं कर रहे हैं। साल 2025 में हुए इस सर्वे के मुताबिक, प्राइवेट सेक्टर के करीब 50% कर्मचारी रिटायरमेंट के लिए बहुत कम पैसे निवेश करते हैं, जबकि अधिकांश लोग अपनी आय का सिर्फ 1-10% ही इसके लिए अलग रखते हैं।

इसलिए आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि-

  • बुढ़ापे में फाइनेंशियल फ्रीडम क्यों जरूरी है?
  • खुद का रिटायरमेंट फंड कैसे बनाएं?
  • रिटायरमेंट फंड के लिए कहां और कितना निवेश करें?

सवाल- रिटायरमेंट फंड क्या है और यह क्यों जरूरी है?

जवाब- रिटायरमेंट फंड भविष्य की आपात स्थितियों से निपटने में मदद करता है। साथ ही रिटायरमेंट के बाद परिवार और रिश्तेदारों पर निर्भरता खत्म करता है।

क्यों जरूरी है?

  • पेंशन का अभाव: कुछ सरकारी नौकरियों को छोड़कर बाकी में अब पेंशन की सुविधा नहीं है।
  • महंगाई: 6% वार्षिक महंगाई दर के हिसाब से आज का 50,000 रुपए का मासिक खर्च 20 साल बाद 1.6 लाख रुपए हो सकता है।
  • लाइफ एक्सपेक्टेंसी: अभी औसत जीवन दर 75 साल के करीब है। ऐसे में रिटायर होने के बाद भी 15-20 साल का फंड चाहिए।
  • मेडिकल खर्च: बुढ़ापे में स्वास्थ्य संबंधी खर्चे बढ़ जाते हैं, जिनके लिए पर्याप्त बचत जरूरी है।

सवाल- बुढ़ापे में फाइनेंशियल फ्रीडम क्यों जरूरी है?

जवाब- फाइनेंशियल फ्रीडम का मतलब है अपने खर्च खुद उठाना। रिटायरमेंट के बाद नियमित इनकम का सोर्स खत्म हो जाता है। बचत न होने पर दूसरों पर निर्भर होना पड़ सकता है। फाइनेंशियल फ्रीडम इसलिए जरूरी है क्योंकि-

  • यह सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करती है।
  • मानसिक तनाव कम करती है।
  • आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ाती है।

सवाल- रिटायरमेंट फंड बनाने की शुरुआत कैसे करें?

जवाब- रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए एक प्लानिंग की जरूरत होती है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं-

सवाल- जल्दी निवेश शुरू करने से क्या फायदा होता है?

जवाब- सभी फायदे पॉइंटर्स से समझिए-

  • सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का होता है।
  • निवेश पर मिले रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता है।
  • कम उम्र में छोटा निवेश भी बड़ा फंड बना सकता है।
  • जल्दी निवेश शुरू करने से कम मेहनत में बड़ा कॉर्पस (फंड) बनता है।
  • देर से शुरूआत करने पर ज्यादा पैसे लगते हैं।

सवाल- रिटायरमेंट फंड के लिए कहां निवेश करें?

जवाब- निवेश का विकल्प आपकी उम्र, जोखिम क्षमता और रिटायरमेंट तक बचे समय पर निर्भर करता है। इसे ग्राफिक से समझिए-

सवाल- रिटायरमेंट प्लानिंग में महंगाई का क्या रोल है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • महंगाई भविष्य के खर्च को कई गुना बढ़ा देती है।
  • आज का खर्च भविष्य में काफी ज्यादा हो सकता है।
  • महंगाई को नजरअंदाज करने से फंड कम पड़ सकता है।
  • 6-7% सालाना महंगाई दर मानकर योजना बनानी चाहिए।
  • इससे सही अनुमान लगाने में मदद मिलती है।

सवाल- रिटायरमेंट प्लानिंग के क्या फायदे हैं?

जवाब- सही रिटायरमेंट प्लानिंग के कई फायदे हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- किन लोगों को रिटायरमेंट प्लानिंग पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?

जवाब- रिटायरमेंट प्लानिंग हर किसी के लिए जरूरी है, लेकिन कुछ लोगों को इसे ज्यादा प्राथमिकता देनी चाहिए।

  • जिनकी नौकरी में पेंशन नहीं है।
  • जो लोग फ्रीलांस करते हैं।
  • जिनके पास इमरजेंसी फंड नहीं है।
  • जिनकी अस्थिर और अनियमित इनकम है।
  • युवा प्रोफेशनल्स को जल्दी शुरुआत का फायदा उठाना चाहिए।

सवाल- रिटायरमेंट प्लानिंग के दौरान कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?

जवाब- रिटायरमेंट फंड के समय कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिए। आइए इन्हें ग्राफिक से समझते हैं-

सवाल- रिटायरमेंट के लिए कितनी बचत जरूरी है?

जवाब- इसका जवाब व्यक्ति की लाइफस्टाइल और उसके खर्च पर निर्भर करता है-

  • आमतौर पर वार्षिक जरूरत का 20-25 गुना फंड होना चाहिए।
  • मासिक खर्च के आधार पर लक्ष्य तय किया जाता है।
  • महंगाई, मेडिकल खर्च और लाइफ एक्सपेक्टेंसी ध्यान में रखें।
  • सही प्लानिंग से पूरी उम्र के लिए पर्याप्त फंड बन सकता है।

सवाल- रिटायरमेंट प्लानिंग में हेल्थ इंश्योरेंस कितना जरूरी है?

जवाब- हेल्थ इंश्योरेंस रिटायरमेंट प्लानिंग का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि-

  • उम्र बढ़ने के साथ बीमारियों का खतरा और इलाज का खर्च बढ़ता है।
  • बिना इंश्योरेंस के छोटी मेडिकल इमरजेंसी भी बड़ी आर्थिक समस्या बन सकती है।
  • इससे आपकी जमा की हुई बचत जल्दी खत्म हो सकती है।
  • सही और पर्याप्त कवरेज वाला प्लान लेना जरूरी है।
  • कम उम्र में पॉलिसी लेने पर प्रीमियम कम होता है।
  • यह रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा और मानसिक शांति देता है।
  • बेहतर इलाज फाइनेंशियल स्ट्रेस के बिना संभव हो पाता है।

सवाल- रिटायरमेंट के बाद इनकम के सोर्स कैसे बनाए जा सकते हैं?

जवाब- रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बनाए रखना जरूरी है।

  • पैसिव इनकम के सोर्स तैयार करें।
  • घर किराये पर देना स्थिर आय का विकल्प है।
  • डिविडेंड देने वाले निवेश (शेयर/फंड) मददगार होते हैं।
  • सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) नियमित आय का सोर्स है।
  • स्किल के आधार पर पार्ट-टाइम काम या फ्रीलांसिंग कर सकते हैं।
  • कंसल्टिंग से भी अतिरिक्त इनकम प्राप्त की जा सकती है।

……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- SIP और लंप सम में क्या बेहतर: आपकी जरूरत के मुताबिक क्या सही, एक्सपर्ट से जानें दोनों के जोखिम और फायदे

हर व्यक्ति अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना चाहता है। इसके लिए लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा भविष्य के लिए बचाते हैं या निवेश करते हैं। हालांकि, कुछ लोग यह नहीं जानते हैं कि कहां और कैसे निवेश करें। उन्हें यह नहीं पता होता कि बड़ा फंड बनाने के लिए SIP या लंप सम में कौन सा तरीका बेहतर है? आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भोपाल के होम्योपैथी वैलनेस सेंटर को राष्ट्रीय सम्मान:लकवा समेत जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के सवा लाख मरीजों का हुआ सफल इलाज

March 17, 2026/
12:05 am

भोपाल स्थित आयुष परिसर के शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय चिकित्सालय के होम्योपैथी वैलनेस सेंटर को आयुष और इंटीग्रेटिव मेडिसिन के...

इंदौर में छेड़छाड़ का आरोपी 5 माह बाद गिरफ्तार:एमबीए का छात्र है आरोपी, डी-मार्ट से घर जा रही युवती को छेड़ा था; पुलिस कर रही पूछताछ

March 11, 2026/
12:26 pm

इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में युवती से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को पुलिस ने करीब पांच माह बाद मंगलवार...

authorimg

March 23, 2026/
11:30 pm

आज के समय में नमक को लेकर लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन देखने को मिलता है. बाजार में सफेद नमक...

जीतेंद्र@84, कभी हीरोइन के स्टंट किए, फिर बने स्टार:रेखा को टाइमपास कहा, सरेआम फूट-फूटकर रोईं, महमूद ने हंसाने के लिए उतारी पेंट, जानिए किस्से

April 7, 2026/
4:30 am

हिंदी सिनेमा के जंपिंग जैक कहे जाने वाले जीतेंद्र आज 84 साल के हो गए हैं। कभी मुंबई की चॉल...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Retirement Funds Investment Options Explained

Retirement Funds Investment Options Explained

2 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

  • कॉपी लिंक

भारत में रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर अवेयरनेस बहुत कम है। देश में ऐसे लाखों लोग हैं, जो समय रहते रिटायरमेंट प्लान नहीं करते हैं। इसकी वजह से उन्हें बुढ़ापे में फाइनेंशियल क्राइसिस का सामना करना पड़ता है।

भारत की लीडिंग प्रोफेशनल सर्विस फर्म ‘ग्रांट थॉर्नटॉन’ के एक सर्वे के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त बचत नहीं कर रहे हैं। साल 2025 में हुए इस सर्वे के मुताबिक, प्राइवेट सेक्टर के करीब 50% कर्मचारी रिटायरमेंट के लिए बहुत कम पैसे निवेश करते हैं, जबकि अधिकांश लोग अपनी आय का सिर्फ 1-10% ही इसके लिए अलग रखते हैं।

इसलिए आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि-

  • बुढ़ापे में फाइनेंशियल फ्रीडम क्यों जरूरी है?
  • खुद का रिटायरमेंट फंड कैसे बनाएं?
  • रिटायरमेंट फंड के लिए कहां और कितना निवेश करें?

सवाल- रिटायरमेंट फंड क्या है और यह क्यों जरूरी है?

जवाब- रिटायरमेंट फंड भविष्य की आपात स्थितियों से निपटने में मदद करता है। साथ ही रिटायरमेंट के बाद परिवार और रिश्तेदारों पर निर्भरता खत्म करता है।

क्यों जरूरी है?

  • पेंशन का अभाव: कुछ सरकारी नौकरियों को छोड़कर बाकी में अब पेंशन की सुविधा नहीं है।
  • महंगाई: 6% वार्षिक महंगाई दर के हिसाब से आज का 50,000 रुपए का मासिक खर्च 20 साल बाद 1.6 लाख रुपए हो सकता है।
  • लाइफ एक्सपेक्टेंसी: अभी औसत जीवन दर 75 साल के करीब है। ऐसे में रिटायर होने के बाद भी 15-20 साल का फंड चाहिए।
  • मेडिकल खर्च: बुढ़ापे में स्वास्थ्य संबंधी खर्चे बढ़ जाते हैं, जिनके लिए पर्याप्त बचत जरूरी है।

सवाल- बुढ़ापे में फाइनेंशियल फ्रीडम क्यों जरूरी है?

जवाब- फाइनेंशियल फ्रीडम का मतलब है अपने खर्च खुद उठाना। रिटायरमेंट के बाद नियमित इनकम का सोर्स खत्म हो जाता है। बचत न होने पर दूसरों पर निर्भर होना पड़ सकता है। फाइनेंशियल फ्रीडम इसलिए जरूरी है क्योंकि-

  • यह सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करती है।
  • मानसिक तनाव कम करती है।
  • आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ाती है।

सवाल- रिटायरमेंट फंड बनाने की शुरुआत कैसे करें?

जवाब- रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए एक प्लानिंग की जरूरत होती है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं-

सवाल- जल्दी निवेश शुरू करने से क्या फायदा होता है?

जवाब- सभी फायदे पॉइंटर्स से समझिए-

  • सबसे बड़ा फायदा कंपाउंडिंग का होता है।
  • निवेश पर मिले रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता है।
  • कम उम्र में छोटा निवेश भी बड़ा फंड बना सकता है।
  • जल्दी निवेश शुरू करने से कम मेहनत में बड़ा कॉर्पस (फंड) बनता है।
  • देर से शुरूआत करने पर ज्यादा पैसे लगते हैं।

सवाल- रिटायरमेंट फंड के लिए कहां निवेश करें?

जवाब- निवेश का विकल्प आपकी उम्र, जोखिम क्षमता और रिटायरमेंट तक बचे समय पर निर्भर करता है। इसे ग्राफिक से समझिए-

सवाल- रिटायरमेंट प्लानिंग में महंगाई का क्या रोल है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • महंगाई भविष्य के खर्च को कई गुना बढ़ा देती है।
  • आज का खर्च भविष्य में काफी ज्यादा हो सकता है।
  • महंगाई को नजरअंदाज करने से फंड कम पड़ सकता है।
  • 6-7% सालाना महंगाई दर मानकर योजना बनानी चाहिए।
  • इससे सही अनुमान लगाने में मदद मिलती है।

सवाल- रिटायरमेंट प्लानिंग के क्या फायदे हैं?

जवाब- सही रिटायरमेंट प्लानिंग के कई फायदे हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- किन लोगों को रिटायरमेंट प्लानिंग पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?

जवाब- रिटायरमेंट प्लानिंग हर किसी के लिए जरूरी है, लेकिन कुछ लोगों को इसे ज्यादा प्राथमिकता देनी चाहिए।

  • जिनकी नौकरी में पेंशन नहीं है।
  • जो लोग फ्रीलांस करते हैं।
  • जिनके पास इमरजेंसी फंड नहीं है।
  • जिनकी अस्थिर और अनियमित इनकम है।
  • युवा प्रोफेशनल्स को जल्दी शुरुआत का फायदा उठाना चाहिए।

सवाल- रिटायरमेंट प्लानिंग के दौरान कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?

जवाब- रिटायरमेंट फंड के समय कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिए। आइए इन्हें ग्राफिक से समझते हैं-

सवाल- रिटायरमेंट के लिए कितनी बचत जरूरी है?

जवाब- इसका जवाब व्यक्ति की लाइफस्टाइल और उसके खर्च पर निर्भर करता है-

  • आमतौर पर वार्षिक जरूरत का 20-25 गुना फंड होना चाहिए।
  • मासिक खर्च के आधार पर लक्ष्य तय किया जाता है।
  • महंगाई, मेडिकल खर्च और लाइफ एक्सपेक्टेंसी ध्यान में रखें।
  • सही प्लानिंग से पूरी उम्र के लिए पर्याप्त फंड बन सकता है।

सवाल- रिटायरमेंट प्लानिंग में हेल्थ इंश्योरेंस कितना जरूरी है?

जवाब- हेल्थ इंश्योरेंस रिटायरमेंट प्लानिंग का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि-

  • उम्र बढ़ने के साथ बीमारियों का खतरा और इलाज का खर्च बढ़ता है।
  • बिना इंश्योरेंस के छोटी मेडिकल इमरजेंसी भी बड़ी आर्थिक समस्या बन सकती है।
  • इससे आपकी जमा की हुई बचत जल्दी खत्म हो सकती है।
  • सही और पर्याप्त कवरेज वाला प्लान लेना जरूरी है।
  • कम उम्र में पॉलिसी लेने पर प्रीमियम कम होता है।
  • यह रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा और मानसिक शांति देता है।
  • बेहतर इलाज फाइनेंशियल स्ट्रेस के बिना संभव हो पाता है।

सवाल- रिटायरमेंट के बाद इनकम के सोर्स कैसे बनाए जा सकते हैं?

जवाब- रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम बनाए रखना जरूरी है।

  • पैसिव इनकम के सोर्स तैयार करें।
  • घर किराये पर देना स्थिर आय का विकल्प है।
  • डिविडेंड देने वाले निवेश (शेयर/फंड) मददगार होते हैं।
  • सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) नियमित आय का सोर्स है।
  • स्किल के आधार पर पार्ट-टाइम काम या फ्रीलांसिंग कर सकते हैं।
  • कंसल्टिंग से भी अतिरिक्त इनकम प्राप्त की जा सकती है।

……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- SIP और लंप सम में क्या बेहतर: आपकी जरूरत के मुताबिक क्या सही, एक्सपर्ट से जानें दोनों के जोखिम और फायदे

हर व्यक्ति अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना चाहता है। इसके लिए लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा भविष्य के लिए बचाते हैं या निवेश करते हैं। हालांकि, कुछ लोग यह नहीं जानते हैं कि कहां और कैसे निवेश करें। उन्हें यह नहीं पता होता कि बड़ा फंड बनाने के लिए SIP या लंप सम में कौन सा तरीका बेहतर है? आगे पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.