Sunday, 05 Apr 2026 | 08:50 PM

Trending :

EXCLUSIVE

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

सूरत7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का भारत पर असर दिखाई देने लगा है। गुजरात में रसोई गैस की कमी के चलते स्ट्रीट फूड की दुकानें, छोटे होटल-ढाबे बंद होने से इनके मालिक बेरोजगार होने लगे हैं। इसके अलावा यूपी-बिहार के श्रमिकों और हजारों स्टूडेंट्‌स को भी अपने घर लौटना पड़ रहा है। इसके चलते सूरत स्टेशन पर लंबी कतारें लगी हुई हैं।

5000 में मिल रहा सिलेंडर, फ्लैट में चूल्हा जला नहीं सकते इस मौके पर भास्कर रिपोर्टर ने सूरत के रेलवे स्टेशन पर मौजूद कुछ लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि छोटे सिलेंडर के लिए जो गैस आम दिनों में 100 रुपए किलो तक में मिल जाती थी, वह अब 300 से 400 रुपए किलो बिक रही है। वहीं, बड़े सिलेडर के रेट तो 5 हजार तक पहुंच गए हैं। फ्लैट में रहने के चलते वे चूल्हा जला नहीं सकते। इसके चलते उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है।

सूरत के रेलवे स्टेशनों पर भीड़ की 3 तस्वीरें…

ज्यादातर लोगों के पास गैस कनेक्शन नहीं टेक्सटाइल और डायमंड हब होने के चलते सूरत शहर में यूपी-बिहार में लाखों की संख्या में श्रमिक रहते हैं। ये लोग रोज कमाकर खाने वाले हैं और छोटे किराये के कमरों में रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों के पास आधिकारिक गैस कनेक्शन नहीं होता है। इनके परिवार छोटे गैस सिलेडर पर ही निर्भर हैं। लेकिन, अब गैस की कमी के चलते इनके चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। और लोग अपने गांव वापस लौट रहे हैं।

पड़ोसी मदद करते हैं, लेकिन कब तक करेंगे: प्रदीप दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में बिहार के एक प्रवासी मजूदर ने कहा- जब से गैस की कमी शुरू हुई है, हमें खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। गैस खत्म होने पर हमारे आस-पास के लोग हमारी हालत देखकर कभी-कभी हमें खाना दे देते हैं, लेकिन हम कब तक दूसरों पर निर्भर रह सकते हैं? वे एक-दो बार ही मदद कर सकते हैं, इससे ज्यादा नहीं।

इसलिए हम गांव जा रहे हैं और वहां जाकर काम ढूंढेंगे। कंपनी के मालिकों का कहना है कि वे भी गैस का इंतजाम नहीं करवा पा रहे हैं। इसलिए हमने कंपनी को भी बता दिया है कि हम गांव जा रहे हैं। हमारे पास राशन तो है, लेकिन खाना पकाने के लिए गैस नहीं।

काम-काज भी ठप्प होने लगा है: नूतनबेन बिहार लौट रहीं नूतनबेन ने कहा- गैस की समस्या के कारण मैं अपने बच्चों के साथ भागलपुर जा रही हूं। गैस की कमी से यहां कामकाज भी ठप होने लगा है। पिछले तीन-चार दिनों से बहुत परेशानी हो रही है। गैस नहीं होने पर बच्चों के लिए किस तरह खाने का इंतजाम कर रही थी, यह सिर्फ मैं ही जानती हूं।

दो-तीन बार तो पड़ोसियों के घर जाकर थोड़ा बहुत खाना पकाया, लेकिन ऐसे रोज तो नहीं कर सकते। पड़ोसियों के घर भी गैस खत्म होने लगी है। जब सब कुछ ठीक हो जाएगा तब हम लौट आएंगे।

—————

गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

हिमाचल में LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप:कमर्शियल सिलेंडरों की भारी किल्लत, होटल-ढाबा-रेस्टोरेंट संचालक परेशान

हिमाचल प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग आज बंद हो गई है। LPG कंपनियों द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि सर्वर डाउन होने से यह परेशानी हो रही है। इससे जिन लोगों ने सिलेंडर लेना है, उन्हें गैंस एजेंसी पहुंचकर LPG की बुकिंग करवानी पड़ रही है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
वर्ल्ड अपडेट्स:नेपाल में हुए GenZ प्रदर्शन में मारे गए 27 छात्रों के परिवारों को सरकारी नौकरी मिलेगी, 35 दिन में अपॉइंटमेंट

March 29, 2026/
2:41 pm

नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने पद संभालते ही बड़ा फैसला लिया है। सितंबर 2025 के प्रदर्शन में मारे...

ट्रॉली किराए के विवाद में गर्भवती महिला से मारपीट:मुरैना ASP के निर्देश, फिर भी FIR के लिए थाने में घंटों बैठाया

March 10, 2026/
10:53 pm

मुरैना जिले के रामपुरकलां थाना क्षेत्र के ग्राम जरौली में ट्रैक्टर ट्रॉली के किराए के विवाद को लेकर एक युवक...

मोहाली में पंजाबी सिंगर करन औजला का कंसर्ट आज:प्रशासन ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, 32 जगह लगाए गए नाके

March 14, 2026/
12:42 pm

मोहाली में पंजाबी सिंगर करन औजला का कंसर्ट आज (शनिवार) शाम को पीसीए के पुराने स्टेडियम में होगा। इसके लिए...

रियलिटी चेक में जीतू पटवारी फेल, भरी सभा में फजीहत:छींक आई और कट गई पंडोखर सरकार की चोटी; सज्जन वर्मा का छलका दर्द

April 2, 2026/
6:03 am

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर...

90 हजार भक्तों ने किए मां शारदा के दर्शन:नवरात्रि के तीसरे दिन करीब 80 हजार लोग सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे दरबार

March 21, 2026/
10:36 pm

चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन शनिवार को मैहर की मां शारदा देवी के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।...

सीनियर एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा का निधन:'सत्ते पे सत्ता', 'कर्ज' जैसी फिल्मों में काम किया था, गाने 'लंबी जुदाई' में भी नजर आई थीं

March 15, 2026/
12:07 pm

सत्ते पे सत्ता, कर्ज, हीरो जैसी फिल्मों में काम करने वाली सीनियर एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा का 72 साल की उम्र...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

सूरत7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का भारत पर असर दिखाई देने लगा है। गुजरात में रसोई गैस की कमी के चलते स्ट्रीट फूड की दुकानें, छोटे होटल-ढाबे बंद होने से इनके मालिक बेरोजगार होने लगे हैं। इसके अलावा यूपी-बिहार के श्रमिकों और हजारों स्टूडेंट्‌स को भी अपने घर लौटना पड़ रहा है। इसके चलते सूरत स्टेशन पर लंबी कतारें लगी हुई हैं।

5000 में मिल रहा सिलेंडर, फ्लैट में चूल्हा जला नहीं सकते इस मौके पर भास्कर रिपोर्टर ने सूरत के रेलवे स्टेशन पर मौजूद कुछ लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि छोटे सिलेंडर के लिए जो गैस आम दिनों में 100 रुपए किलो तक में मिल जाती थी, वह अब 300 से 400 रुपए किलो बिक रही है। वहीं, बड़े सिलेडर के रेट तो 5 हजार तक पहुंच गए हैं। फ्लैट में रहने के चलते वे चूल्हा जला नहीं सकते। इसके चलते उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है।

सूरत के रेलवे स्टेशनों पर भीड़ की 3 तस्वीरें…

ज्यादातर लोगों के पास गैस कनेक्शन नहीं टेक्सटाइल और डायमंड हब होने के चलते सूरत शहर में यूपी-बिहार में लाखों की संख्या में श्रमिक रहते हैं। ये लोग रोज कमाकर खाने वाले हैं और छोटे किराये के कमरों में रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों के पास आधिकारिक गैस कनेक्शन नहीं होता है। इनके परिवार छोटे गैस सिलेडर पर ही निर्भर हैं। लेकिन, अब गैस की कमी के चलते इनके चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। और लोग अपने गांव वापस लौट रहे हैं।

पड़ोसी मदद करते हैं, लेकिन कब तक करेंगे: प्रदीप दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में बिहार के एक प्रवासी मजूदर ने कहा- जब से गैस की कमी शुरू हुई है, हमें खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। गैस खत्म होने पर हमारे आस-पास के लोग हमारी हालत देखकर कभी-कभी हमें खाना दे देते हैं, लेकिन हम कब तक दूसरों पर निर्भर रह सकते हैं? वे एक-दो बार ही मदद कर सकते हैं, इससे ज्यादा नहीं।

इसलिए हम गांव जा रहे हैं और वहां जाकर काम ढूंढेंगे। कंपनी के मालिकों का कहना है कि वे भी गैस का इंतजाम नहीं करवा पा रहे हैं। इसलिए हमने कंपनी को भी बता दिया है कि हम गांव जा रहे हैं। हमारे पास राशन तो है, लेकिन खाना पकाने के लिए गैस नहीं।

काम-काज भी ठप्प होने लगा है: नूतनबेन बिहार लौट रहीं नूतनबेन ने कहा- गैस की समस्या के कारण मैं अपने बच्चों के साथ भागलपुर जा रही हूं। गैस की कमी से यहां कामकाज भी ठप होने लगा है। पिछले तीन-चार दिनों से बहुत परेशानी हो रही है। गैस नहीं होने पर बच्चों के लिए किस तरह खाने का इंतजाम कर रही थी, यह सिर्फ मैं ही जानती हूं।

दो-तीन बार तो पड़ोसियों के घर जाकर थोड़ा बहुत खाना पकाया, लेकिन ऐसे रोज तो नहीं कर सकते। पड़ोसियों के घर भी गैस खत्म होने लगी है। जब सब कुछ ठीक हो जाएगा तब हम लौट आएंगे।

—————

गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

हिमाचल में LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप:कमर्शियल सिलेंडरों की भारी किल्लत, होटल-ढाबा-रेस्टोरेंट संचालक परेशान

हिमाचल प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग आज बंद हो गई है। LPG कंपनियों द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि सर्वर डाउन होने से यह परेशानी हो रही है। इससे जिन लोगों ने सिलेंडर लेना है, उन्हें गैंस एजेंसी पहुंचकर LPG की बुकिंग करवानी पड़ रही है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.