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Why High Uric Acid | डाइट सही है फिर भी यूरिक एसिड हाई? खान-पान नहीं, आपके शरीर की ये 5 अंदरूनी गलतियां हैं असली जिम्मेदार

Why High Uric Acid | डाइट सही है फिर भी यूरिक एसिड हाई? खान-पान नहीं, आपके शरीर की ये 5 अंदरूनी गलतियां हैं असली जिम्मेदार

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High Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ने का जिक्र आते ही सबसे पहले हमारी नजर अपनी थाली पर जाती है. अक्सर माना जाता है कि रेड मीट, राजमा या ज्यादा प्रोटीन वाली चीजें खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि उन लोगों का यूरिक एसिड क्यों बढ़ा रहता है जो पूरी तरह शाकाहारी हैं और अपनी डाइट का बेहद ख्याल रखते हैं? एक्सपर्ट का मानना है कि यूरिक एसिड का बढ़ना केवल इस पर निर्भर नहीं करता कि आप क्या ‘खा रहे’ हैं, बल्कि इस पर भी निर्भर करता है कि आपका शरीर उसे कैसे ‘निकाल’ रहा है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

हम जो प्रोटीन वाले खाना खाते हैं उनमें प्यूरिन्स नाम के तत्व होते हैं. जब यह शरीर में जाता है तो पाचन प्रक्रिया के दौरान ये टूटते हैं और इससे यूरिक एसिड नाम का वेस्ट बनता है. फिर यह खून में चला जाता है. खून में मौजूद यूरिक एसिड को किडनी फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकालती है. लेकिन जब प्यूरिन ज्यादा होने लगे तो यूरिक एसिड की मात्रा खून में बढ़ने लगती है. हेवी मील्स, रेड मीट और शराब आदि में प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होती है.  

कई बार प्यूरीन फ्री डाइट फॉलो करने के बावजूद भी यूरिक एसिड की समस्या कम नहीं होती. यूरिक एसिड के स्तर का रिलीज और बाहर निकलना अगर बैलेंस में नहीं रहता तो दिक्कत शुरू हो जाती है. सब कुछ सही कर रहे हैं फिर भी ऐसा क्यों होता है, ये समझ नहीं आता. तो, शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के बाकी कारण क्या हैं? इसे कैसे कंट्रोल में रखें, आइए जानते हैं. अमेरिका के मशहूर नॉन-प्रॉफिट अकादमिक मेडिकल सेंटर मयो क्लिनिक की वेबसाइट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक.

डिहाइड्रेशन- जब शरीर में पानी की कमी होती है तो इसका सबसे ज्यादा असर किडनी पर ही पड़ता है.  हमारे शरीर की कोशिकाओं में भी प्यूरिन्स होते हैं. किडनी खून से यूरिक एसिड को फिल्टर करके यूरिन के जरिए बाहर निकालती है. लेकिन, डिहाइड्रेशन की वजह से यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है. क्योंकि जब शरीर को पर्याप्त लिक्विड नहीं मिलता तो किडनी वेस्ट को अच्छे से फिल्टर नहीं कर पाती. इससे खून में यूरिक एसिड जमा हो जाता है. गर्म मौसम में, ट्रैवलिंग के बाद या कम पानी पीने वालों में ये यूरिक एसिड की समस्या ज्यादा होती है.

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शरीर का इस्तेमाल हमारी बॉडी हर दिन कुछ सेल्स को तोड़कर यूरिक एसिड बनाती है. अगर ये प्रोडक्शन सामान्य से ज्यादा हो जाए, तो डाइट में कोई बदलाव किए बिना भी बॉडी में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है. सेल्स में बदलाव, इंफेक्शन, सूजन या ज्यादा शारीरिक तनाव इस स्थिति को बढ़ा सकते हैं. इसलिए किसी तरह की बीमारी, चोट या बहुत ज्यादा एक्सरसाइज के बाद अचानक बॉडी में यूरिक एसिड स्पाइक हो सकता है.

दवाइयों का इस्तेमाल-कुछ दवाइयों से भी किडनी की क्षमता को नुकसान पहुंचाती हैं. हाई बीपी की दवाइयां, लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों की दवाइयां और कुछ दिल की दवाइयां लेने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. ये दवाइयां यूरिक एसिड के फिल्टर होने में बाधा डालती हैं. इससे गाउट जैसी समस्या हो सकती है.

शरीर में यूरिक एसिड के स्तर बढ़ने में किडनी का भी अहम रोल होता है. ये फिल्टर की तरह काम करती हैं और हर दिन बनने वाले यूरिक एसिड का दो तिहाई हिस्सा बाहर निकाल देती हैं. अगर किडनी की काम करने की क्षमता थोड़ी भी कम हो जाए तो खून में यूरिक एसिड जमा होने लगता है. इसलिए किडनी की सेहत को हमेशा ट्रैक करते रहना चाहिए.

मेटाबॉलिक स्ट्रेस और अचानक लाइफस्टाइल में तनाव भी यूरिक एसिड के लेवल को प्रभावित करता है. बहुत ज्यादा एक्सरसाइज, गंभीर बीमारी या इंफेक्शन, अचानक वजन कम करना, उपवास या खाने में कटौती जैसी चीजें मेटाबॉलिक स्ट्रेस का कारण बनती हैं. ये प्यूरीन के ब्रेकडाउन को बढ़ाकर ज्यादा यूरिक एसिड बनने का कारण बनती हैं. एथलीट्स, क्रैश डाइट करने वाले और बीमारी से ठीक हो रहे लोग इस समस्या का ज्यादा सामना करते हैं.

कुछ लोगों के शरीर में ऐसे जीन होते हैं जो यूरिक एसिड की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं. इनके शरीर में या तो ज्यादा यूरिक एसिड बनता है या फिर किडनी उसे अच्छे से फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे लेवल बढ़ जाता है. मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, हाई बीपी जैसी चीजें भी इसमें मुख्य कारण हैं.

क्या करना चाहिए? यूरिक एसिड को बैलेंस करने के लिए खाने के साथ कुछ आदतें भी बदलनी पड़ती हैं. जब आप बहुत थक जाते हैं, भूखे रहते हैं, जल्दी वजन कम करते हैं, बीमार पड़ते हैं या स्ट्रेस में होते हैं, तब शरीर ज्यादा यूरिक एसिड रिलीज करता है. इसलिए खाने के साथ कुछ और एक्टिविटीज भी करें तो यूरिक एसिड का लेवल बैलेंस हो सकता है. जितना कुदरती तरीका अपनाएंगे उतना फायदा होगा. 

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High Uric Acid: यूरिक एसिड बढ़ने का जिक्र आते ही सबसे पहले हमारी नजर अपनी थाली पर जाती है. अक्सर माना जाता है कि रेड मीट, राजमा या ज्यादा प्रोटीन वाली चीजें खाने से यूरिक एसिड बढ़ता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि उन लोगों का यूरिक एसिड क्यों बढ़ा रहता है जो पूरी तरह शाकाहारी हैं और अपनी डाइट का बेहद ख्याल रखते हैं? एक्सपर्ट का मानना है कि यूरिक एसिड का बढ़ना केवल इस पर निर्भर नहीं करता कि आप क्या ‘खा रहे’ हैं, बल्कि इस पर भी निर्भर करता है कि आपका शरीर उसे कैसे ‘निकाल’ रहा है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

हम जो प्रोटीन वाले खाना खाते हैं उनमें प्यूरिन्स नाम के तत्व होते हैं. जब यह शरीर में जाता है तो पाचन प्रक्रिया के दौरान ये टूटते हैं और इससे यूरिक एसिड नाम का वेस्ट बनता है. फिर यह खून में चला जाता है. खून में मौजूद यूरिक एसिड को किडनी फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकालती है. लेकिन जब प्यूरिन ज्यादा होने लगे तो यूरिक एसिड की मात्रा खून में बढ़ने लगती है. हेवी मील्स, रेड मीट और शराब आदि में प्यूरिन की मात्रा ज्यादा होती है.  

कई बार प्यूरीन फ्री डाइट फॉलो करने के बावजूद भी यूरिक एसिड की समस्या कम नहीं होती. यूरिक एसिड के स्तर का रिलीज और बाहर निकलना अगर बैलेंस में नहीं रहता तो दिक्कत शुरू हो जाती है. सब कुछ सही कर रहे हैं फिर भी ऐसा क्यों होता है, ये समझ नहीं आता. तो, शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के बाकी कारण क्या हैं? इसे कैसे कंट्रोल में रखें, आइए जानते हैं. अमेरिका के मशहूर नॉन-प्रॉफिट अकादमिक मेडिकल सेंटर मयो क्लिनिक की वेबसाइट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक.

डिहाइड्रेशन- जब शरीर में पानी की कमी होती है तो इसका सबसे ज्यादा असर किडनी पर ही पड़ता है.  हमारे शरीर की कोशिकाओं में भी प्यूरिन्स होते हैं. किडनी खून से यूरिक एसिड को फिल्टर करके यूरिन के जरिए बाहर निकालती है. लेकिन, डिहाइड्रेशन की वजह से यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है. क्योंकि जब शरीर को पर्याप्त लिक्विड नहीं मिलता तो किडनी वेस्ट को अच्छे से फिल्टर नहीं कर पाती. इससे खून में यूरिक एसिड जमा हो जाता है. गर्म मौसम में, ट्रैवलिंग के बाद या कम पानी पीने वालों में ये यूरिक एसिड की समस्या ज्यादा होती है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

शरीर का इस्तेमाल हमारी बॉडी हर दिन कुछ सेल्स को तोड़कर यूरिक एसिड बनाती है. अगर ये प्रोडक्शन सामान्य से ज्यादा हो जाए, तो डाइट में कोई बदलाव किए बिना भी बॉडी में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है. सेल्स में बदलाव, इंफेक्शन, सूजन या ज्यादा शारीरिक तनाव इस स्थिति को बढ़ा सकते हैं. इसलिए किसी तरह की बीमारी, चोट या बहुत ज्यादा एक्सरसाइज के बाद अचानक बॉडी में यूरिक एसिड स्पाइक हो सकता है.

दवाइयों का इस्तेमाल-कुछ दवाइयों से भी किडनी की क्षमता को नुकसान पहुंचाती हैं. हाई बीपी की दवाइयां, लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों की दवाइयां और कुछ दिल की दवाइयां लेने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. ये दवाइयां यूरिक एसिड के फिल्टर होने में बाधा डालती हैं. इससे गाउट जैसी समस्या हो सकती है.

शरीर में यूरिक एसिड के स्तर बढ़ने में किडनी का भी अहम रोल होता है. ये फिल्टर की तरह काम करती हैं और हर दिन बनने वाले यूरिक एसिड का दो तिहाई हिस्सा बाहर निकाल देती हैं. अगर किडनी की काम करने की क्षमता थोड़ी भी कम हो जाए तो खून में यूरिक एसिड जमा होने लगता है. इसलिए किडनी की सेहत को हमेशा ट्रैक करते रहना चाहिए.

मेटाबॉलिक स्ट्रेस और अचानक लाइफस्टाइल में तनाव भी यूरिक एसिड के लेवल को प्रभावित करता है. बहुत ज्यादा एक्सरसाइज, गंभीर बीमारी या इंफेक्शन, अचानक वजन कम करना, उपवास या खाने में कटौती जैसी चीजें मेटाबॉलिक स्ट्रेस का कारण बनती हैं. ये प्यूरीन के ब्रेकडाउन को बढ़ाकर ज्यादा यूरिक एसिड बनने का कारण बनती हैं. एथलीट्स, क्रैश डाइट करने वाले और बीमारी से ठीक हो रहे लोग इस समस्या का ज्यादा सामना करते हैं.

कुछ लोगों के शरीर में ऐसे जीन होते हैं जो यूरिक एसिड की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं. इनके शरीर में या तो ज्यादा यूरिक एसिड बनता है या फिर किडनी उसे अच्छे से फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे लेवल बढ़ जाता है. मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, हाई बीपी जैसी चीजें भी इसमें मुख्य कारण हैं.

क्या करना चाहिए? यूरिक एसिड को बैलेंस करने के लिए खाने के साथ कुछ आदतें भी बदलनी पड़ती हैं. जब आप बहुत थक जाते हैं, भूखे रहते हैं, जल्दी वजन कम करते हैं, बीमार पड़ते हैं या स्ट्रेस में होते हैं, तब शरीर ज्यादा यूरिक एसिड रिलीज करता है. इसलिए खाने के साथ कुछ और एक्टिविटीज भी करें तो यूरिक एसिड का लेवल बैलेंस हो सकता है. जितना कुदरती तरीका अपनाएंगे उतना फायदा होगा. 

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