‘द केरल स्टोरी’ के पहले भाग ने देशभर में तीखी बहस को जन्म दिया था। फिल्म को लेकर राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। अब इसका दूसरा भाग एक नई कहानी और नए किरदारों के साथ दर्शकों के सामने आने वाला है। फिल्म के इस भाग में अभिनेता सुमित गहलावत सलीम नामक एक अहम और परतदार किरदार निभा रहे हैं। लगभग 12 वर्षों से इंडस्ट्री में सक्रिय सुमित का कहना है कि यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म, विवाद, संघर्ष और अपने सफर पर खुलकर बात की हैं। आपकी फिल्में, जैसे द केरल स्टोरी और बस्तर: द नक्सल स्टोरी, अक्सर राजनीतिक और वैचारिक बहस को जन्म देती हैं। एक कलाकार के रूप में आप इन प्रतिक्रियाओं और विवादों को किस नजरिए से देखते हैं? मैं व्यक्तिगत रूप से हर फिल्म को सिर्फ सिनेमा के रूप में देखता हूं। एक अभिनेता के तौर पर मेरा काम है अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाना। विषय राजनीतिक है, सामाजिक है या विवादित है यह लेखक और निर्देशक का दृष्टिकोण होता है। मैं स्क्रिप्ट पढ़ते समय यही देखता हूं कि मेरे किरदार में कितनी गहराई है, कितनी चुनौती है और मैं उसमें कितना सच्चापन ला सकता हूं। मैं इस इंडस्ट्री में इसलिए आया हूं ताकि अलग-अलग तरह के रोल निभा सकूं। इसलिए मेरा चयन हमेशा भूमिका और स्क्रिप्ट के आधार पर होता है, किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं। ऐसी फिल्मों में ‘प्रोपेगेंडा बनाम सच्चाई’ की बहस शुरू हो जाती है। क्या यह आपको प्रभावित करती है? बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन कभी-कभी दुख इस बात का होता है कि अभिनय की चर्चा पीछे रह जाती है। हम कलाकार महीनों तैयारी करते हैं, मानसिक रूप से किरदार में उतरते हैं, कई सालों के संघर्ष के बाद ऐसे मौके मिलते हैं। जब फिल्म रिलीज होती है तो चर्चा कहानी से ज्यादा राजनीतिक एंगल पर होने लगती है। मैं राजनीति में नहीं पड़ता। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग यह भी देखें कि कलाकार ने अपना काम कितनी ईमानदारी से किया है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर अनुराग कश्यप और प्रकाश राज जैसे फिल्मी हस्तियों ने आलोचना की। इस पर आपका क्या कहना है? मैं इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देना चाहूंगा। हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। जरूरी नहीं कि हर फिल्म या ट्रेलर सबको पसंद आए। कई बार हमें भी कोई ट्रेलर पसंद नहीं आता और हम आपस में खुलकर बोल देते हैं। अगर किसी को अच्छा नहीं लगा तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है। बहुत से लोग तारीफ भी कर रहे हैं। जो अच्छा कह रहे हैं, उनका भी सम्मान है और जो आलोचना कर रहे हैं, उनका भी। हमारा काम है मेहनत करना और आगे और बेहतर करने की कोशिश करना। ट्रेलर में दिखाए गए एक ‘बीफ’ से जुड़े दृश्य को लेकर विवाद हुआ। क्या उस सीन को हटाने या बदलने पर कोई चर्चा हुई? ऐसे फैसले पूरी तरह निर्देशक और निर्माता के होते हैं। एक अभिनेता के रूप में हमारा काम है कि जो सीन हमें दिया गया है, उसे पूरी सच्चाई और प्रभाव के साथ निभाएं। वह दृश्य भावनात्मक रूप से कठिन था। लेकिन अगर दर्शक मेरे किरदार सलीम से नफरत महसूस करते हैं, तो एक अभिनेता के रूप में मैं समझूंगा कि मैंने अपना काम सही तरीके से किया। नेगेटिव किरदार को इस तरह निभाना कि वह वास्तविक लगे यही अभिनय की सफलता है। द केरला स्टोरी पार्ट 2 में आपका किरदार कितना अलग है? इस बार कहानी पूरी तरह नई है। मैं सलीम का किरदार निभा रहा हूं। यह एक लेयर्ड रोल है। शुरुआत में वह पढ़ा-लिखा, समझदार और सभ्य व्यक्ति दिखाई देता है, लेकिन परिस्थितियों के साथ उसका दूसरा रूप सामने आता है। यह किरदार केवल पूरी तरह नकारात्मक या सकारात्मक नहीं है। उसकी एक यात्रा है एक बदलाव है। उस जर्नी को निभाना मेरे लिए बेहद रोचक और चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। नेगेटिव रोल करने से क्या इमेज या फैन बेस पर असर पड़ सकता है? बिल्कुल नहीं। एक अभिनेता का काम हर तरह के भाव निभाना है। अगर आप उदाहरण देखें तो मनोज बाजपेयी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकारों ने सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की भूमिकाएं की हैं। आज दर्शक समझदार हैं। वे जानते हैं कि अभिनेता और उसका किरदार अलग होते हैं। नेगेटिव रोल में अक्सर ज्यादा चैलेंज होता है और अभिनेता को अपने अभिनय की रेंज दिखाने का मौका मिलता है। एक आउटसाइडर के तौर पर इंडस्ट्री में आपका संघर्ष कैसा रहा? जब मैं मुंबई आया तो मुझे शहर की बुनियादी जानकारी भी नहीं थी। ऑडिशन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। कई बार ‘फिट नहीं’ कहकर मना कर दिया जाता था। मैंने शुरू से तय कर लिया था कि कम से कम 10 साल इस इंडस्ट्री को देने होंगे। यहां कोई गारंटी नहीं है। एक फिल्म मिलने का मतलब यह नहीं कि दूसरी भी मिल जाएगी। हर स्तर पर खुद को साबित करना पड़ता है। धैर्य सबसे जरूरी है। अगर धैर्य नहीं है, तो इस क्षेत्र में टिक पाना मुश्किल है। दर्शकों के लिए द केरला स्टोरी पार्ट 2 खास क्यों है और उन्हें यह फिल्म देखने के लिए क्या संदेश या अनुभव मिलेगा? यह फिल्म बहुत मेहनत से बनी है। निर्देशक से लेकर तकनीकी टीम और कलाकारों तक, सभी ने पूरी लगन से काम किया है। हम नए कलाकार हैं और हमारे लिए दर्शकों का भरोसा बहुत मायने रखता है। हम बस यही चाहते हैं कि दर्शक एक मौका दें। अगर उन्हें हमारा काम पसंद आए, तो वही हमारी सबसे बड़ी सफलता होगी।
Post Views: 16
दैनिक पंचांग
‘अनुराग कश्यप ने ट्रेलर कहा बकवास:सुमित गहलावत बोले- सबकी अपनी सोच है, द केरला स्टोरी 2 का बीफ सीन हर कोई देखें
‘द केरल स्टोरी’ के पहले भाग ने देशभर में तीखी बहस को जन्म दिया था। फिल्म को लेकर राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। अब इसका दूसरा भाग एक नई कहानी और नए किरदारों के साथ दर्शकों के सामने आने वाला है। फिल्म के इस भाग में अभिनेता सुमित गहलावत सलीम नामक एक अहम और परतदार किरदार निभा रहे हैं। लगभग 12 वर्षों से इंडस्ट्री में सक्रिय सुमित का कहना है कि यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म, विवाद, संघर्ष और अपने सफर पर खुलकर बात की हैं। आपकी फिल्में, जैसे द केरल स्टोरी और बस्तर: द नक्सल स्टोरी, अक्सर राजनीतिक और वैचारिक बहस को जन्म देती हैं। एक कलाकार के रूप में आप इन प्रतिक्रियाओं और विवादों को किस नजरिए से देखते हैं? मैं व्यक्तिगत रूप से हर फिल्म को सिर्फ सिनेमा के रूप में देखता हूं। एक अभिनेता के तौर पर मेरा काम है अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाना। विषय राजनीतिक है, सामाजिक है या विवादित है यह लेखक और निर्देशक का दृष्टिकोण होता है। मैं स्क्रिप्ट पढ़ते समय यही देखता हूं कि मेरे किरदार में कितनी गहराई है, कितनी चुनौती है और मैं उसमें कितना सच्चापन ला सकता हूं। मैं इस इंडस्ट्री में इसलिए आया हूं ताकि अलग-अलग तरह के रोल निभा सकूं। इसलिए मेरा चयन हमेशा भूमिका और स्क्रिप्ट के आधार पर होता है, किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं। ऐसी फिल्मों में ‘प्रोपेगेंडा बनाम सच्चाई’ की बहस शुरू हो जाती है। क्या यह आपको प्रभावित करती है? बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन कभी-कभी दुख इस बात का होता है कि अभिनय की चर्चा पीछे रह जाती है। हम कलाकार महीनों तैयारी करते हैं, मानसिक रूप से किरदार में उतरते हैं, कई सालों के संघर्ष के बाद ऐसे मौके मिलते हैं। जब फिल्म रिलीज होती है तो चर्चा कहानी से ज्यादा राजनीतिक एंगल पर होने लगती है। मैं राजनीति में नहीं पड़ता। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग यह भी देखें कि कलाकार ने अपना काम कितनी ईमानदारी से किया है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर अनुराग कश्यप और प्रकाश राज जैसे फिल्मी हस्तियों ने आलोचना की। इस पर आपका क्या कहना है? मैं इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देना चाहूंगा। हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। जरूरी नहीं कि हर फिल्म या ट्रेलर सबको पसंद आए। कई बार हमें भी कोई ट्रेलर पसंद नहीं आता और हम आपस में खुलकर बोल देते हैं। अगर किसी को अच्छा नहीं लगा तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है। बहुत से लोग तारीफ भी कर रहे हैं। जो अच्छा कह रहे हैं, उनका भी सम्मान है और जो आलोचना कर रहे हैं, उनका भी। हमारा काम है मेहनत करना और आगे और बेहतर करने की कोशिश करना। ट्रेलर में दिखाए गए एक ‘बीफ’ से जुड़े दृश्य को लेकर विवाद हुआ। क्या उस सीन को हटाने या बदलने पर कोई चर्चा हुई? ऐसे फैसले पूरी तरह निर्देशक और निर्माता के होते हैं। एक अभिनेता के रूप में हमारा काम है कि जो सीन हमें दिया गया है, उसे पूरी सच्चाई और प्रभाव के साथ निभाएं। वह दृश्य भावनात्मक रूप से कठिन था। लेकिन अगर दर्शक मेरे किरदार सलीम से नफरत महसूस करते हैं, तो एक अभिनेता के रूप में मैं समझूंगा कि मैंने अपना काम सही तरीके से किया। नेगेटिव किरदार को इस तरह निभाना कि वह वास्तविक लगे यही अभिनय की सफलता है। द केरला स्टोरी पार्ट 2 में आपका किरदार कितना अलग है? इस बार कहानी पूरी तरह नई है। मैं सलीम का किरदार निभा रहा हूं। यह एक लेयर्ड रोल है। शुरुआत में वह पढ़ा-लिखा, समझदार और सभ्य व्यक्ति दिखाई देता है, लेकिन परिस्थितियों के साथ उसका दूसरा रूप सामने आता है। यह किरदार केवल पूरी तरह नकारात्मक या सकारात्मक नहीं है। उसकी एक यात्रा है एक बदलाव है। उस जर्नी को निभाना मेरे लिए बेहद रोचक और चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। नेगेटिव रोल करने से क्या इमेज या फैन बेस पर असर पड़ सकता है? बिल्कुल नहीं। एक अभिनेता का काम हर तरह के भाव निभाना है। अगर आप उदाहरण देखें तो मनोज बाजपेयी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकारों ने सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की भूमिकाएं की हैं। आज दर्शक समझदार हैं। वे जानते हैं कि अभिनेता और उसका किरदार अलग होते हैं। नेगेटिव रोल में अक्सर ज्यादा चैलेंज होता है और अभिनेता को अपने अभिनय की रेंज दिखाने का मौका मिलता है। एक आउटसाइडर के तौर पर इंडस्ट्री में आपका संघर्ष कैसा रहा? जब मैं मुंबई आया तो मुझे शहर की बुनियादी जानकारी भी नहीं थी। ऑडिशन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। कई बार ‘फिट नहीं’ कहकर मना कर दिया जाता था। मैंने शुरू से तय कर लिया था कि कम से कम 10 साल इस इंडस्ट्री को देने होंगे। यहां कोई गारंटी नहीं है। एक फिल्म मिलने का मतलब यह नहीं कि दूसरी भी मिल जाएगी। हर स्तर पर खुद को साबित करना पड़ता है। धैर्य सबसे जरूरी है। अगर धैर्य नहीं है, तो इस क्षेत्र में टिक पाना मुश्किल है। दर्शकों के लिए द केरला स्टोरी पार्ट 2 खास क्यों है और उन्हें यह फिल्म देखने के लिए क्या संदेश या अनुभव मिलेगा? यह फिल्म बहुत मेहनत से बनी है। निर्देशक से लेकर तकनीकी टीम और कलाकारों तक, सभी ने पूरी लगन से काम किया है। हम नए कलाकार हैं और हमारे लिए दर्शकों का भरोसा बहुत मायने रखता है। हम बस यही चाहते हैं कि दर्शक एक मौका दें। अगर उन्हें हमारा काम पसंद आए, तो वही हमारी सबसे बड़ी सफलता होगी।
लेटेस्ट टॉप अपडेट
ग्लोबल करेंसी अपडेट
मनोरंजन
Last Updated:May 13, 2026, 15:56 IST Prateek Yadav Depressed despite being healthy and wealthy : पैसे की कोई कमी नहीं,...
आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 10:12 IST अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती विधायकों को पाला बदलने...
हरदा में मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जनपद परिसर में विधायक प्रतिनिधि और ग्राम पंचायत सचिव के बीच मारपीट...
नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान...
आखरी अपडेट:05 जून, 2026, 10:57 IST एक बयान में, भाजपा ने कहा कि अध्यक्ष नितिन नबीन ने तमिलनाडु भाजपा के...
Last Updated:March 18, 2026, 22:52 IST Easy Healthy Recipe: हेल्दी रहने के लिए हेल्दी फूड्स खाना जरूरी है. इसलिए यहां...
कांग्रेस के AI समिट में हंगामा करने के विरोध में भाजपा शनिवार को दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन...
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में धार की ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर बुधवार को एक...
आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही मध्य प्रदेश में तेज गर्मी का असर शुरू हो गया है। रविवार को 5...
जॉब - शिक्षा
Sarnath UNESCO World Heritage Site
DU Advisory Controversy | Professors Demand Removal Of Post On X
DRDO Long Range Missile Test
Delhi University Advisory | Students Teachers Avoid Jantar Mantar Protest
India Panama Maritime Security Cooperation
JPSC Controversy | Jharkhand Exam Scandal Chairman L Khiangte Resigns
हेल्थ & फिटनेस
हाइपरटेंशन क्यों कहलाता है ‘साइलेंट किलर’? हाई ब्लड प्रेशर किन गंभीर बीमारियों को देता है जन्म, ऐसे करें बीपी कंट्रोल
Yoga Benefits: डिप्रेशन को दूर रखने के आसान तरीके, करें ये 5 योगासन, आयुष मंत्रालय की सलाह
weak bones Symptoms: ऑस्टियोपोरोसिस के शुरुआती लक्षण
honey color purity taste minerals health benefits tips
Ebola Outbreak 2026: कोरोना से कम संक्रामक पर 50% मृत्यु दर, इबोला के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन पर क्यों काम नहीं कर रही पुरानी वैक्सीन? WHO का रेड अलर्ट!
कनखजूरा गलती से कान में चला जाए तो कैसे जानें, ऐसे में कौन सी सावधानियों का रखें ध्यान? जानें
राजनीति
तमिलनाडु में डीएमके को एक और गठबंधन झटका लगा, वाइको की एमडीएमके ने विजय की टीवीके का समर्थन किया | भारत समाचार
एक घड़ी, एक दावा, एक पंक्ति: कुमारस्वामी की एचएमटी घड़ी ने कर्नाटक में राजनीतिक विवाद को जन्म दिया | भारत समाचार
पंजाब पहेली: कांग्रेस नए राज्य प्रमुख पर विचार कर रही है, लेकिन वह कौन होगा? | राजनीति समाचार
तमिलनाडु के मंत्री ने आईपीएल मैच के वायरल ड्रग्स वीडियो पर सफाई दी: ‘बच्चे के लिए टेबलेट कुचल रहा था’ | भारत समाचार
‘बाबरी मस्जिद दान के बारे में क्या?’: राम मंदिर विवाद के बीच यूपी के डिप्टी सीएम का सपा, कांग्रेस पर हमला | भारत समाचार
विशेष | वर्तमान प्रावधान के तहत, विलय में समस्या हो सकती है: हरीश साल्वे | एन18वी
‘अनुराग कश्यप ने ट्रेलर कहा बकवास:सुमित गहलावत बोले- सबकी अपनी सोच है, द केरला स्टोरी 2 का बीफ सीन हर कोई देखें
‘द केरल स्टोरी’ के पहले भाग ने देशभर में तीखी बहस को जन्म दिया था। फिल्म को लेकर राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। अब इसका दूसरा भाग एक नई कहानी और नए किरदारों के साथ दर्शकों के सामने आने वाला है। फिल्म के इस भाग में अभिनेता सुमित गहलावत सलीम नामक एक अहम और परतदार किरदार निभा रहे हैं। लगभग 12 वर्षों से इंडस्ट्री में सक्रिय सुमित का कहना है कि यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म, विवाद, संघर्ष और अपने सफर पर खुलकर बात की हैं। आपकी फिल्में, जैसे द केरल स्टोरी और बस्तर: द नक्सल स्टोरी, अक्सर राजनीतिक और वैचारिक बहस को जन्म देती हैं। एक कलाकार के रूप में आप इन प्रतिक्रियाओं और विवादों को किस नजरिए से देखते हैं? मैं व्यक्तिगत रूप से हर फिल्म को सिर्फ सिनेमा के रूप में देखता हूं। एक अभिनेता के तौर पर मेरा काम है अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाना। विषय राजनीतिक है, सामाजिक है या विवादित है यह लेखक और निर्देशक का दृष्टिकोण होता है। मैं स्क्रिप्ट पढ़ते समय यही देखता हूं कि मेरे किरदार में कितनी गहराई है, कितनी चुनौती है और मैं उसमें कितना सच्चापन ला सकता हूं। मैं इस इंडस्ट्री में इसलिए आया हूं ताकि अलग-अलग तरह के रोल निभा सकूं। इसलिए मेरा चयन हमेशा भूमिका और स्क्रिप्ट के आधार पर होता है, किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं। ऐसी फिल्मों में ‘प्रोपेगेंडा बनाम सच्चाई’ की बहस शुरू हो जाती है। क्या यह आपको प्रभावित करती है? बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन कभी-कभी दुख इस बात का होता है कि अभिनय की चर्चा पीछे रह जाती है। हम कलाकार महीनों तैयारी करते हैं, मानसिक रूप से किरदार में उतरते हैं, कई सालों के संघर्ष के बाद ऐसे मौके मिलते हैं। जब फिल्म रिलीज होती है तो चर्चा कहानी से ज्यादा राजनीतिक एंगल पर होने लगती है। मैं राजनीति में नहीं पड़ता। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग यह भी देखें कि कलाकार ने अपना काम कितनी ईमानदारी से किया है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर अनुराग कश्यप और प्रकाश राज जैसे फिल्मी हस्तियों ने आलोचना की। इस पर आपका क्या कहना है? मैं इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देना चाहूंगा। हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। जरूरी नहीं कि हर फिल्म या ट्रेलर सबको पसंद आए। कई बार हमें भी कोई ट्रेलर पसंद नहीं आता और हम आपस में खुलकर बोल देते हैं। अगर किसी को अच्छा नहीं लगा तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है। बहुत से लोग तारीफ भी कर रहे हैं। जो अच्छा कह रहे हैं, उनका भी सम्मान है और जो आलोचना कर रहे हैं, उनका भी। हमारा काम है मेहनत करना और आगे और बेहतर करने की कोशिश करना। ट्रेलर में दिखाए गए एक ‘बीफ’ से जुड़े दृश्य को लेकर विवाद हुआ। क्या उस सीन को हटाने या बदलने पर कोई चर्चा हुई? ऐसे फैसले पूरी तरह निर्देशक और निर्माता के होते हैं। एक अभिनेता के रूप में हमारा काम है कि जो सीन हमें दिया गया है, उसे पूरी सच्चाई और प्रभाव के साथ निभाएं। वह दृश्य भावनात्मक रूप से कठिन था। लेकिन अगर दर्शक मेरे किरदार सलीम से नफरत महसूस करते हैं, तो एक अभिनेता के रूप में मैं समझूंगा कि मैंने अपना काम सही तरीके से किया। नेगेटिव किरदार को इस तरह निभाना कि वह वास्तविक लगे यही अभिनय की सफलता है। द केरला स्टोरी पार्ट 2 में आपका किरदार कितना अलग है? इस बार कहानी पूरी तरह नई है। मैं सलीम का किरदार निभा रहा हूं। यह एक लेयर्ड रोल है। शुरुआत में वह पढ़ा-लिखा, समझदार और सभ्य व्यक्ति दिखाई देता है, लेकिन परिस्थितियों के साथ उसका दूसरा रूप सामने आता है। यह किरदार केवल पूरी तरह नकारात्मक या सकारात्मक नहीं है। उसकी एक यात्रा है एक बदलाव है। उस जर्नी को निभाना मेरे लिए बेहद रोचक और चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। नेगेटिव रोल करने से क्या इमेज या फैन बेस पर असर पड़ सकता है? बिल्कुल नहीं। एक अभिनेता का काम हर तरह के भाव निभाना है। अगर आप उदाहरण देखें तो मनोज बाजपेयी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकारों ने सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की भूमिकाएं की हैं। आज दर्शक समझदार हैं। वे जानते हैं कि अभिनेता और उसका किरदार अलग होते हैं। नेगेटिव रोल में अक्सर ज्यादा चैलेंज होता है और अभिनेता को अपने अभिनय की रेंज दिखाने का मौका मिलता है। एक आउटसाइडर के तौर पर इंडस्ट्री में आपका संघर्ष कैसा रहा? जब मैं मुंबई आया तो मुझे शहर की बुनियादी जानकारी भी नहीं थी। ऑडिशन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। कई बार ‘फिट नहीं’ कहकर मना कर दिया जाता था। मैंने शुरू से तय कर लिया था कि कम से कम 10 साल इस इंडस्ट्री को देने होंगे। यहां कोई गारंटी नहीं है। एक फिल्म मिलने का मतलब यह नहीं कि दूसरी भी मिल जाएगी। हर स्तर पर खुद को साबित करना पड़ता है। धैर्य सबसे जरूरी है। अगर धैर्य नहीं है, तो इस क्षेत्र में टिक पाना मुश्किल है। दर्शकों के लिए द केरला स्टोरी पार्ट 2 खास क्यों है और उन्हें यह फिल्म देखने के लिए क्या संदेश या अनुभव मिलेगा? यह फिल्म बहुत मेहनत से बनी है। निर्देशक से लेकर तकनीकी टीम और कलाकारों तक, सभी ने पूरी लगन से काम किया है। हम नए कलाकार हैं और हमारे लिए दर्शकों का भरोसा बहुत मायने रखता है। हम बस यही चाहते हैं कि दर्शक एक मौका दें। अगर उन्हें हमारा काम पसंद आए, तो वही हमारी सबसे बड़ी सफलता होगी।
जॉब - शिक्षा
हेल्थ & फिटनेस
विज्ञापन
राजनीति
लेटेस्ट टॉप अपडेट
ग्लोबल करेंसी अपडेट
Live Cricket