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अब छत्तीसगढ़ में तरबूज का मौत कनेक्शन ! क्या वाकई जहरीला था यह फल, कहां से आ रहा है यह जहर?

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Watermelon Tragedy in Chhattisgarh: तरबूज खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की घटनाओं ने फलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार कीटनाशकों, गंदगी, गलत स्टोरेज और बैक्टीरिया की वजह से फल दूषित हो सकते हैं. फलों को अच्छी तरह धोकर और सावधानी से खरीदना चाहिए, ताकि फूड पॉइजनिंग समेत अन्य समस्याओं से बचा जा सके.

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तरबूज में आजकल केमिकल्स की मिलावट हो रही है, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ गया है.

Why Fruits Become Poisonous in Summer: तरबूज गर्मियों में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल है. तरबूज में पानी की अच्छी मात्रा होती है और इसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद फ्रूट माना जाता है. हालांकि आजकल तरबूज में खतरनाक केमिकल्स की मिलावट के मामले भी बढ़ गए हैं. पिछले महीने मुंबई में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत का मामला सामने आया था. हालांकि फॉरेंसिक जांच में पता चला कि तरबूज में चूहे मारने की दवा मिलाई गई थी. अब छत्तीसगढ़ में तरबूज खाने से एक लड़के की मौत हो गई और उसी परिवार के 3 अन्य बच्चे बीमार हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. डॉक्टर्स के मुताबिक बच्चे की मौत की शुरुआती वजह फूड पॉइजनिंग हो सकती है, लेकिन अभी इस मामले की जांच की जा रही है और तरबूज के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं.

जानकारी के मुताबिक बच्चों ने जो तरबूज खाया, वह कई घंटे पहले काटकर रखा हुआ था. डॉक्टर्स को अंदेशा है कि इस वजह से तरबूज कंटामिनेटेड हो सकता है और इसी से फूड पॉइजनिंग की नौबत आ सकती है. हालांकि कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फूड पॉइजनिंग की वजह से तुरंत मौत सीवियर मामलों में ही होती है. फिलहाल जांच चल रही है और जांच के बाद ही पता चलेगा कि तरबूज में ऐसा क्या था, जिसकी वजह से एक लड़के की मौत हो गई और 3 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं. तरबूज को लेकर हुई इन घटनाओं के बाद लोगों में तरबूज को लेकर डर बैठ गया है. अब सवाल है कि तरबूज कब सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है और फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए तरबूज खाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें.

इस बारे में क्या है डॉक्टर की राय?

लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया कि आमतौर पर तरबूज सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अगर तरबूज कंटामिनेटेड हो जाए, तो उसे खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है. इसके अलावा तरबूज में मौजूद हानिकारक केमिकल्स, कीटनाशक, मिलावट या बैक्टीरिया स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं. गर्मियों में खुले में कटे हुए फल, गंदे पानी से धोए गए फल या लंबे समय तक खराब तरीके से स्टोर किए गए फल जल्दी कंटामिनेटेड हो सकते हैं. खेती के दौरान कई बार फलों पर अत्यधिक मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है. अगर इन केमिकल्स को सही तरीके से साफ न किया जाए, तो इनके अवशेष फल की सतह पर बने रह सकते हैं. कुछ मामलों में फलों को जल्दी पकाने या ज्यादा लाल और आकर्षक दिखाने के लिए भी हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. हालांकि हर फल में ऐसा हो, यह जरूरी नहीं है.

गर्मी में कटे हुए फल बिल्कुल न खाएं

डॉक्टर के मुताबिक तरबूज और दूसरे कटे हुए फलों में बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा भी काफी बढ़ जाता है. अगर फल को काटने वाला चाकू, पानी या रखने की जगह साफ न हो, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं. गर्म मौसम में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है. दूषित फल खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. खासकर बच्चों में यह परेशानी घातक हो सकती है. सभी लोगों को फल खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए. बहुत ज्यादा चमकदार, असामान्य रूप से बड़े या जरूरत से ज्यादा लाल दिखने वाले फलों को सावधानी से खरीदना चाहिए. खाने से पहले फलों को साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी माना जाता है. तरबूज और अन्य फलों को साफ करने के लिए नमक या बेकिंग सोडा वाले पानी से फलों को धोना चाहिए, ताकि सतह पर मौजूद गंदगी और कुछ केमिकल्स कम हो सकें.

बच्चों को फूड पॉइजनिंग का ज्यादा खतरा

एक्सपर्ट ने बताया कि कटे हुए फल लंबे समय तक खुले में नहीं रखने चाहिए. सड़क किनारे खुले में बिक रहे कटे फलों को खाने से बचना बेहतर माना जाता है, क्योंकि उनमें धूल, मक्खियां और बैक्टीरिया आसानी से लग सकते हैं. अगर फल काटने के बाद उसका स्वाद, गंध या रंग असामान्य लगे, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए. बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में फूड पॉइजनिंग का खतरा ज्यादा हो सकता है. इसलिए अगर फल खाने के बाद उल्टी, तेज पेट दर्द, चक्कर, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. फल सेहत के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं, लेकिन उनकी सफाई और गुणवत्ता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. सही तरीके से खरीदे और साफ किए गए फल आमतौर पर सुरक्षित होते हैं. जागरुकता और सावधानी अपनाकर फलों से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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तरबूज में आजकल केमिकल्स की मिलावट हो रही है, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ गया है.

Why Fruits Become Poisonous in Summer: तरबूज गर्मियों में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला फल है. तरबूज में पानी की अच्छी मात्रा होती है और इसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद फ्रूट माना जाता है. हालांकि आजकल तरबूज में खतरनाक केमिकल्स की मिलावट के मामले भी बढ़ गए हैं. पिछले महीने मुंबई में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत का मामला सामने आया था. हालांकि फॉरेंसिक जांच में पता चला कि तरबूज में चूहे मारने की दवा मिलाई गई थी. अब छत्तीसगढ़ में तरबूज खाने से एक लड़के की मौत हो गई और उसी परिवार के 3 अन्य बच्चे बीमार हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. डॉक्टर्स के मुताबिक बच्चे की मौत की शुरुआती वजह फूड पॉइजनिंग हो सकती है, लेकिन अभी इस मामले की जांच की जा रही है और तरबूज के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं.

जानकारी के मुताबिक बच्चों ने जो तरबूज खाया, वह कई घंटे पहले काटकर रखा हुआ था. डॉक्टर्स को अंदेशा है कि इस वजह से तरबूज कंटामिनेटेड हो सकता है और इसी से फूड पॉइजनिंग की नौबत आ सकती है. हालांकि कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि फूड पॉइजनिंग की वजह से तुरंत मौत सीवियर मामलों में ही होती है. फिलहाल जांच चल रही है और जांच के बाद ही पता चलेगा कि तरबूज में ऐसा क्या था, जिसकी वजह से एक लड़के की मौत हो गई और 3 बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं. तरबूज को लेकर हुई इन घटनाओं के बाद लोगों में तरबूज को लेकर डर बैठ गया है. अब सवाल है कि तरबूज कब सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है और फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए तरबूज खाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें.

इस बारे में क्या है डॉक्टर की राय?

लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया कि आमतौर पर तरबूज सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अगर तरबूज कंटामिनेटेड हो जाए, तो उसे खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है. इसके अलावा तरबूज में मौजूद हानिकारक केमिकल्स, कीटनाशक, मिलावट या बैक्टीरिया स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं. गर्मियों में खुले में कटे हुए फल, गंदे पानी से धोए गए फल या लंबे समय तक खराब तरीके से स्टोर किए गए फल जल्दी कंटामिनेटेड हो सकते हैं. खेती के दौरान कई बार फलों पर अत्यधिक मात्रा में कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है. अगर इन केमिकल्स को सही तरीके से साफ न किया जाए, तो इनके अवशेष फल की सतह पर बने रह सकते हैं. कुछ मामलों में फलों को जल्दी पकाने या ज्यादा लाल और आकर्षक दिखाने के लिए भी हानिकारक केमिकल्स का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. हालांकि हर फल में ऐसा हो, यह जरूरी नहीं है.

गर्मी में कटे हुए फल बिल्कुल न खाएं

डॉक्टर के मुताबिक तरबूज और दूसरे कटे हुए फलों में बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा भी काफी बढ़ जाता है. अगर फल को काटने वाला चाकू, पानी या रखने की जगह साफ न हो, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं. गर्म मौसम में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है. दूषित फल खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. गंभीर मामलों में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. खासकर बच्चों में यह परेशानी घातक हो सकती है. सभी लोगों को फल खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए. बहुत ज्यादा चमकदार, असामान्य रूप से बड़े या जरूरत से ज्यादा लाल दिखने वाले फलों को सावधानी से खरीदना चाहिए. खाने से पहले फलों को साफ पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी माना जाता है. तरबूज और अन्य फलों को साफ करने के लिए नमक या बेकिंग सोडा वाले पानी से फलों को धोना चाहिए, ताकि सतह पर मौजूद गंदगी और कुछ केमिकल्स कम हो सकें.

बच्चों को फूड पॉइजनिंग का ज्यादा खतरा

एक्सपर्ट ने बताया कि कटे हुए फल लंबे समय तक खुले में नहीं रखने चाहिए. सड़क किनारे खुले में बिक रहे कटे फलों को खाने से बचना बेहतर माना जाता है, क्योंकि उनमें धूल, मक्खियां और बैक्टीरिया आसानी से लग सकते हैं. अगर फल काटने के बाद उसका स्वाद, गंध या रंग असामान्य लगे, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए. बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में फूड पॉइजनिंग का खतरा ज्यादा हो सकता है. इसलिए अगर फल खाने के बाद उल्टी, तेज पेट दर्द, चक्कर, बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. फल सेहत के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं, लेकिन उनकी सफाई और गुणवत्ता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. सही तरीके से खरीदे और साफ किए गए फल आमतौर पर सुरक्षित होते हैं. जागरुकता और सावधानी अपनाकर फलों से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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