नई दिल्ली. दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के मौजपुर इलाके से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है. 10 फरवरी 2026 की रात करीब 1:00 बजे एक युवक अपने काम से घर लौट रहा था. तभी ‘गला घोटू गैंग’ के तीन सदस्यों ने उसे पीछे से दबोच लिया. एक बदमाश ने उसका गला इतनी जोर से घोंटा कि वह बेदम होकर सड़क पर गिर पड़ा. इसके बाद बदमाशों ने उसकी जेब से 250 रुपये और बैग छीना और फरार हो गए. सबसे शर्मनाक बात यह रही कि सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि कई गाड़ियां वहां से गुजरीं, लेकिन किसी ने रुककर मदद करना जरूरी नहीं समझा. दिल्ली में ठक-ठक, चड्डी बनियान और बैंड-बाजा गैंग के बाद गला घोटू गैंग ने आतंक फैला रखा है.
दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड और हालिया ‘ऑपरेशन गैंग-बस्ट 2026’ के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली की सड़कों पर फिलहाल एक दर्जन से अधिक छोटे-बड़े गैंग सक्रिय हैं. बढ़ते अपराधों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जनवरी 2026 में एक बड़ा अभियान शुरू कर रखा है. इसके बाद भी इस तरह के वारदा सामने आ रहे हैं, जो हैरान करने वाले हैं. मौजपुर की घटना के बाद पुलिस ने विशेष गश्त बढ़ा दी है और ‘गला घोटू गैंग’ के कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है.
1. गला घोटू गैंग: यह गैंग अंधेरे और सुनसान रास्तों पर पैदल चलने वालों को निशाना बनाता है. एक सदस्य पीछे से अचानक गला दबाता है जिससे शिकार बेहोश या सुन्न हो जाता है और बाकी सदस्य कुछ ही सेकंड में लूटपाट कर भाग जाते हैं.
2. ठक-ठक गैंग: यह दिल्ली का सबसे पुराना और शातिर गैंग है. ये कार की खिड़की थपथपाकर ड्राइवर को झांसा देते हैं कि ‘नीचे तेल गिर रहा है’ या ‘आपका टायर पंचर है’ जैसे ही ड्राइवर बाहर निकलता है, ये कार के अंदर रखे बैग या कीमती सामान लेकर चंपत हो जाते हैं.
3. नमस्ते गैंग: इस गैंग के सदस्य बहुत ही सभ्य बनकर आते हैं. ये राहगीरों को ‘नमस्ते’ करते हैं और ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे वे पुराने जानकार हों. बातों-बातों में ये हाथ मिलाते हैं या गले मिलते हैं और इसी दौरान चेन या मोबाइल उड़ा लेते हैं.
4. छल्ला गैंग: ये सड़क पर नकली ‘सोने का छल्ला’ गिरा देते हैं और राहगीर से पूछते हैं कि क्या यह उनका है. जैसे ही शिकार लालच में आता है, इनके अन्य साथी वहां आकर विवाद शुरू कर देते हैं और इसी शोर-शराबे में शिकार का पर्स या फोन लूट लिया जाता है.
5. बैंड-बाजा गैंग: ये गैंग शादियों के सीजन में सक्रिय होता है. अच्छे कपड़े पहनकर ये शादियों में मेहमान बनकर घुसते हैं और शगुन के लिफाफे या गहनों के बैग पर हाथ साफ करते हैं.
दिल्ली की सड़कों पर ‘गला घोटू गैंग’ जैसी वारदातें एक-दो नहीं बल्कि कई अलग-अलग गिरोहों के सक्रिय होने की वजह से हो रही हैं. दिल्ली में पुलिस की रिपोर्टों के मुताबिक राजधानी में कुल लगभग 95 से ज़्यादा गैंग सक्रिय हैं जो लूट-डकैती, हत्या, रंगदारी, शस्त्र अपराध और अन्य संगठित अपराधों में शामिल हैं.
















































