Friday, 23 Oct 2026 | 02:26 PM

Trending :

सनी देओल की फिल्म 'सूर्या' विवादों में आई:इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टरों पर हिंसा दिखाने पर जताई आपत्ति; सरकार को लिखा पत्र सनी देओल की फिल्म 'सूर्या' विवादों में आई:इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने डॉक्टरों पर हिंसा दिखाने पर जताई आपत्ति; सरकार को लिखा पत्र अजमेर दरगाह पहुंचे बॉलीवुड स्टार रितेश देशमुख:पत्नी जीनेलिया-बच्चों संग की जियारत, फैंस में सेल्फी लेने की होड़ मूवी रिव्यू- 'उड़ता तीर':‘धुरंधर’ के अंदाज में आतंकवाद पर कॉमेडी का वार, लॉजिक घर छोड़िए और ठहाकों में डूब जाइए 'ऐश्वर्या को छूने पर सलमान पर भड़के थे भंसाली':एक्ट्रेस स्मिता जयकर ने बताया फिल्म हम दिल दे चुके सनम की शूटिंग का किस्सा Piyush Goyal Leads Germany Trade Summit
EXCLUSIVE

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह नतीजा चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उनकी कंजरवेटिव पार्टी के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी कारोबारी इलॉन मस्क ने भी AfD की जीत पर बधाई दी। AfD पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी जर्मन राज्य में सत्ता के इतने करीब पहुंची है। हालांकि, जर्मनी की मुख्य पार्टियां उसके साथ गठबंधन करने से इनकार करती रही हैं। जर्मनी की राजनीति में AfD की जीत कितनी बड़ी है? AfD की राजनीति में इमिग्रेशन, शरणार्थी और जर्मनी की राष्ट्रीय पहचान बड़े मुद्दे हैं। पार्टी की प्रमुख मांगें और नीतियां: इमिग्रेशन पर रोक: पार्टी जर्मनी में आने वाले प्रवासियों की संख्या कम करने और नियम कड़े करने की समर्थक है। शरणार्थियों पर सख्ती: पार्टी शरणार्थियों के लिए नियम कड़े करने और उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग कक्षाओं की मांग करती है। रूस से बेहतर रिश्ते: AfD रूस के साथ संबंध सुधारना चाहती है। यूक्रेन की मदद कम करना: पार्टी यूक्रेन को जर्मनी की सैन्य मदद कम करने की मांग करती है। यूरो से बाहर निकलना: AfD जर्मनी को यूरो मुद्रा से बाहर निकालने की बात करती रही है। पारंपरिक मूल्यों पर जोर: पार्टी स्कूलों और सांस्कृतिक संस्थानों में पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देना चाहती है। रेनबो झंडे पर रोक: AfD स्कूलों में रेनबो झंडे लगाने पर रोक की समर्थक है। जर्मन पहचान पर जोर: पार्टी स्कूलों में रोज जर्मन झंडा फहराने और कार्यक्रमों में राष्ट्रगान गाने की मांग करती है। विंड फार्म पर रोक: पार्टी नए विंड फार्म बनाने का विरोध करती है। सरकारी मीडिया में बदलाव: AfD सरकारी प्रसारण व्यवस्था में भी बदलाव चाहती है। इन मुद्दों पर AfD को समर्थन क्यों मिल रहा है? AfD खुद को मौजूदा पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश करती है। चुनाव प्रचार में पार्टी ने इमिग्रेशन, सुरक्षा और जर्मन पहचान को लेकर लोगों की चिंता को मुद्दा बनाया। उसके समर्थकों का कहना है कि मौजूदा पार्टियां इन समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं। इसी नाराजगी का फायदा AfD को खासकर पूर्वी जर्मनी में मिल रहा है। सक्सोनी-आनहाल्ट में 44% वोट मिलना इसी बढ़ते समर्थन का बड़ा संकेत है। खबर अपडेट हो रही है…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
149 दिन बाद आज होंगे भगवान बद्रीविशाल के दर्शन:तीन चाबियों से खुलेंगे कपाट; घी में लिपटा कंबल बताएगा कैसा रहेगा पूरा साल

April 23, 2026/
5:30 am

चारधाम यात्रा के पांचवें दिन आज चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट विधिवत रूप से खोले जाएंगे। सुबह 6 बजकर...

भारत की जगह चीन से महंगी बिजली खरीद रहा बांग्लादेश:दोगुनी कीमत चुका रहा, फैसले के लेकर देश में विरोध

September 3, 2026/
12:46 pm

बांग्लादेश भारत से मिलने वाली सस्ती बिजली के बावजूद चीन से महंगी बिजली खरीद रहा है। ढाका के पास अमीनबाजार...

हापुड़ में ट्रक-बस की टक्कर, 6 बारातियों की मौत:टकराने के बाद बस पर गिरा, लोग अंदर दबे, गाड़ी काटकर निकाले गए

April 13, 2026/
7:20 am

यूपी के हापुड़ में रविवार देर रात 1.30 बजे बारातियों से भरी बस को ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे...

Shubman Gill (left) and Shreyas Iyer (BCCI Photo)

May 3, 2026/
5:51 pm

आखरी अपडेट:03 मई, 2026, 17:51 IST अद्यतन प्रोफ़ाइल में अब उन्हें “पोलित ब्यूरो सदस्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)” के रूप...

174 घनमीटर अवैध रेत जब्त:देवसर के मझौना में खनिज-राजस्व-पुलिस का एक्शन, भंडारणकर्ता की तलाश जारी

April 10, 2026/
12:00 pm

सिंगरौली जिले के देवसर क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध रेत परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की है। शुक्रवार को...

वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को 5 विकेट से हराकर सीरीज जीती:जोसेफ ने 5 विकेट लिए, होल्डर ने 5 गेंदों पर 21 रन बनाए

June 15, 2026/
10:43 am

वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम ने तीसरे और निर्णायक टी-20 मैच में श्रीलंका को 5 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज...

अमृतसर में कपिल शर्मा के घर के बाहर फायरिंग:हॉलीसीटी स्थित आवास पर हुई घटना, कोई घायल नहीं, पुलिस जांच में जुटी

May 25, 2026/
2:20 pm

मशहूर कॉमेडियन और टीवी स्टार कपिल शर्मा के अमृतसर स्थित आवास के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा फायरिंग करने का एक...

टॉप-10-कंपनियों में से 8 की वैल्यू 1.87 लाख करोड़ बढ़ी:एयरटेल टॉप गेनर रही, वैल्यू ₹58.83 हजार करोड़ बढ़ी; LIC का मार्केट कैप भी बढ़ा

April 19, 2026/
6:59 pm

मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 8 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार...

राजनीति

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी में कट्टर दक्षिणपंथी पार्टी पहली बार सत्ता के करीब:राज्य चुनाव में AfD को 44% वोट; इलॉन मस्क ने दी बधाई

जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) ने सक्सोनी-आनहाल्ट के राज्य चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। एग्जिट पोल के मुताबिक, AfD को करीब 44% वोट मिले हैं और वह सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। यह नतीजा चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और उनकी कंजरवेटिव पार्टी के लिए बड़ा झटका है। अमेरिकी कारोबारी इलॉन मस्क ने भी AfD की जीत पर बधाई दी। AfD पहली बार द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी जर्मन राज्य में सत्ता के इतने करीब पहुंची है। हालांकि, जर्मनी की मुख्य पार्टियां उसके साथ गठबंधन करने से इनकार करती रही हैं। जर्मनी की राजनीति में AfD की जीत कितनी बड़ी है? AfD की राजनीति में इमिग्रेशन, शरणार्थी और जर्मनी की राष्ट्रीय पहचान बड़े मुद्दे हैं। पार्टी की प्रमुख मांगें और नीतियां: इमिग्रेशन पर रोक: पार्टी जर्मनी में आने वाले प्रवासियों की संख्या कम करने और नियम कड़े करने की समर्थक है। शरणार्थियों पर सख्ती: पार्टी शरणार्थियों के लिए नियम कड़े करने और उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग कक्षाओं की मांग करती है। रूस से बेहतर रिश्ते: AfD रूस के साथ संबंध सुधारना चाहती है। यूक्रेन की मदद कम करना: पार्टी यूक्रेन को जर्मनी की सैन्य मदद कम करने की मांग करती है। यूरो से बाहर निकलना: AfD जर्मनी को यूरो मुद्रा से बाहर निकालने की बात करती रही है। पारंपरिक मूल्यों पर जोर: पार्टी स्कूलों और सांस्कृतिक संस्थानों में पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देना चाहती है। रेनबो झंडे पर रोक: AfD स्कूलों में रेनबो झंडे लगाने पर रोक की समर्थक है। जर्मन पहचान पर जोर: पार्टी स्कूलों में रोज जर्मन झंडा फहराने और कार्यक्रमों में राष्ट्रगान गाने की मांग करती है। विंड फार्म पर रोक: पार्टी नए विंड फार्म बनाने का विरोध करती है। सरकारी मीडिया में बदलाव: AfD सरकारी प्रसारण व्यवस्था में भी बदलाव चाहती है। इन मुद्दों पर AfD को समर्थन क्यों मिल रहा है? AfD खुद को मौजूदा पार्टियों के विकल्प के तौर पर पेश करती है। चुनाव प्रचार में पार्टी ने इमिग्रेशन, सुरक्षा और जर्मन पहचान को लेकर लोगों की चिंता को मुद्दा बनाया। उसके समर्थकों का कहना है कि मौजूदा पार्टियां इन समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही हैं। इसी नाराजगी का फायदा AfD को खासकर पूर्वी जर्मनी में मिल रहा है। सक्सोनी-आनहाल्ट में 44% वोट मिलना इसी बढ़ते समर्थन का बड़ा संकेत है। खबर अपडेट हो रही है…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.