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बिहार के जंगलों में मिलता है ये सूपरफूड फल, त्वचा-बालों के लिए है रामबाण, सिर्फ 2 माह ही है मिलता

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Badahar Khane Ke Fayde: बिहार के वनों में पाया जाने वाला बड़हर (बरहर) प्रकृति का एक बहुउपयोगी और पोषण से भरपूर फल है. यह विटामिन A, विटामिन C और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है. इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है, त्वचा स्वस्थ और चमकदार रहती है तथा बाल मजबूत बनते हैं. इसके औषधीय गुण इम्यूनिटी बढ़ाने, सूजन कम करने और शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होते हैं. इसके अलावा बड़हर का उपयोग सब्जी, अचार, चटनी और सूखे फल के रूप में भी किया जाता है. इस मौसमी फल को अपने आहार में शामिल करके आप प्राकृतिक तरीके से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं.

बड़हर एक अत्यंत पौष्टिक वन्य फल है, जो विटामिन A, C और फाइबर से भरपूर होता है. इसका सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज दूर करता है और आंतों को स्वस्थ रखता है. यह त्वचा को निखारने, मुंहासों से राहत देने और बालों को मजबूत बनाने में सहायक है. एंटीऑक्सीडेंट गुण इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और संक्रमण से बचाव करते हैं. इसके अलावा बड़हर सूजन कम करने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी उपयोगी है. गर्मियों में इसका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. ( एआई फोटो )

बिहार का प्रसिद्ध जंगली फल बड़हर मुख्य रूप से गर्मियों के मौसम में उपलब्ध होता है. यह आमतौर पर मार्च से जून तक मिलता है. सबसे अच्छा समय अप्रैल से मई का महीना है, जब फल पूरी तरह पक जाता है और स्वाद में मीठा-खट्टा होता है. यह फल गर्मी में शरीर को ठंडक प्रदान करता है और पोषण से भरपूर होता है. जून के बाद इसकी उपलब्धता कम हो जाती है. इसलिए स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए इसे पके हुए रूप में मई-जून में ही खाएं. ( एआई फोटो )

बिहार में बड़हर मुख्य रूप से जंगलों और ग्रामीण इलाकों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. यह विशेषकर पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, रोहतास, गया, नवादा, जमुई और सीतामढ़ी के जंगलों में बहुतायत में मिलता है. यह फल मार्च से जून तक उपलब्ध रहता है. सबसे अच्छा समय मई-जून का है. वहीं, गर्मी और लू के मौसम में बड़हर खाना बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह शरीर को ठंडक देता है, प्यास बुझाता है, पाचन सुधारता है और गर्मी से होने वाली थकान व कमजोरी को दूर करता है. ( एआई फोटो )

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बता दें कि बड़हर खाने से त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है. इसमें विटामिन A, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो मुंहासे, दाग-धब्बे कम करने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करते हैं. जहां नियमित सेवन से त्वचा स्वस्थ, नरम और जवां दिखती है. वहीं, बिहार के स्थानीय बाजारों में बड़हर की कीमत मौसम के अनुसार बदलती रहती है. पके बड़हर की कीमत आमतौर पर ₹40 से ₹80 प्रति किलो तक रहती है. इसके अलावा अच्छी क्वालिटी और कम उपलब्धता के समय यह ₹100 प्रति किलो तक भी पहुंच जाता है. ( एआई फोटो )

वैसे तो बड़हर बिहार का प्रसिद्ध जंगली फल है, जो गर्मियों में जंगलों और ग्रामीण इलाकों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, लेकिन पके बड़हर को लोग बड़े चाव से खाते हैं. इसका मीठा-खट्टा स्वाद गर्मी में विशेष रूप से पसंद किया जाता है. बिहार की महिलाएं बड़हर का स्वादिष्ट अचार भी बनाती हैं, जो साल भर खाया जा सकता है. वहीं, पौष्टिकता से भरपूर यह फल न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. ( एआई फोटो )

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बड़हर एक अत्यंत पौष्टिक वन्य फल है, जो विटामिन A, C और फाइबर से भरपूर होता है. इसका सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज दूर करता है और आंतों को स्वस्थ रखता है. यह त्वचा को निखारने, मुंहासों से राहत देने और बालों को मजबूत बनाने में सहायक है. एंटीऑक्सीडेंट गुण इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और संक्रमण से बचाव करते हैं. इसके अलावा बड़हर सूजन कम करने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी उपयोगी है. गर्मियों में इसका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. ( एआई फोटो )

बिहार का प्रसिद्ध जंगली फल बड़हर मुख्य रूप से गर्मियों के मौसम में उपलब्ध होता है. यह आमतौर पर मार्च से जून तक मिलता है. सबसे अच्छा समय अप्रैल से मई का महीना है, जब फल पूरी तरह पक जाता है और स्वाद में मीठा-खट्टा होता है. यह फल गर्मी में शरीर को ठंडक प्रदान करता है और पोषण से भरपूर होता है. जून के बाद इसकी उपलब्धता कम हो जाती है. इसलिए स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए इसे पके हुए रूप में मई-जून में ही खाएं. ( एआई फोटो )

बिहार में बड़हर मुख्य रूप से जंगलों और ग्रामीण इलाकों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. यह विशेषकर पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, रोहतास, गया, नवादा, जमुई और सीतामढ़ी के जंगलों में बहुतायत में मिलता है. यह फल मार्च से जून तक उपलब्ध रहता है. सबसे अच्छा समय मई-जून का है. वहीं, गर्मी और लू के मौसम में बड़हर खाना बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह शरीर को ठंडक देता है, प्यास बुझाता है, पाचन सुधारता है और गर्मी से होने वाली थकान व कमजोरी को दूर करता है. ( एआई फोटो )

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बता दें कि बड़हर खाने से त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है. इसमें विटामिन A, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो मुंहासे, दाग-धब्बे कम करने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करते हैं. जहां नियमित सेवन से त्वचा स्वस्थ, नरम और जवां दिखती है. वहीं, बिहार के स्थानीय बाजारों में बड़हर की कीमत मौसम के अनुसार बदलती रहती है. पके बड़हर की कीमत आमतौर पर ₹40 से ₹80 प्रति किलो तक रहती है. इसके अलावा अच्छी क्वालिटी और कम उपलब्धता के समय यह ₹100 प्रति किलो तक भी पहुंच जाता है. ( एआई फोटो )

वैसे तो बड़हर बिहार का प्रसिद्ध जंगली फल है, जो गर्मियों में जंगलों और ग्रामीण इलाकों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, लेकिन पके बड़हर को लोग बड़े चाव से खाते हैं. इसका मीठा-खट्टा स्वाद गर्मी में विशेष रूप से पसंद किया जाता है. बिहार की महिलाएं बड़हर का स्वादिष्ट अचार भी बनाती हैं, जो साल भर खाया जा सकता है. वहीं, पौष्टिकता से भरपूर यह फल न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. ( एआई फोटो )

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