जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया है। करीब 16 साल बाद कलेक्टर रुचिका चौहान के न्यायालय ने 51 अवैध कॉलोनियां बसाने वाले 79 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। सभी संबंधित एसडीएम को इन मामलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इन कॉलोनियों में जो खाली प्लॉट बचे हैं, उन्हें कॉलोनाइजर से छीनकर सरकारी कब्जे में लिया जाएगा। वहीं, जिन लोगों ने पहले ही प्लॉट खरीद लिए हैं, उन्हें फिलहाल किसी भी तरह की राहत मिलने की संभावना नहीं है। पहले ही दी जा चुकी थी चेतावनी अधिकारियों के मुताबिक अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदने की चेतावनी पहले ही सार्वजनिक रूप से दी जा चुकी थी। साथ ही संबंधित जमीन की खसरा-खतौनी के कॉलम नंबर-12 में अवैध कॉलोनी की एंट्री भी दर्ज की जा चुकी है। सुनवाई के बाद लिया गया फैसला कलेक्टर न्यायालय ने सभी आरोपियों को विधिवत सुनवाई का मौका दिया, लेकिन कॉलोनी विकसित करने से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद अलग-अलग एसडीएम द्वारा प्रस्तुत प्रकरणों पर सुनवाई कर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कलेक्टर न्यायालय में ऐसे ही 152 और प्रकरण लंबित हैं, जिन पर सुनवाई चल रही है। आने वाले दिनों में इन पर भी बड़े फैसले हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में चला अभियान मुरार: उदयपुर, धनेली, करिगवां, बेरजा, सुनारपुरा ग्वालियर सिटी: ओड़पुरा, सुसैरा, कुलैथ, जिगसौली, इकहरा घाटीगांव, मोहना













































