Thursday, 29 Oct 2026 | 03:39 PM

Trending :

EXCLUSIVE

आटा और मैदा में क्या अंतर है? मैदा को क्यों माना जाता है नुकसानदायक, एक्सपर्ट ने बताई असली वजह

authorimg

Last Updated:

Atta vs Maida Difference: आटा और मैदा दोनों गेहूं से बनते हैं. गेहूं को पीसकर आटा बनाया जाता है, जबकि मैदा प्रोसेस्ड प्रोडक्ट है. मैदा बनाने की प्रक्रिया में फाइबर और कई पोषक तत्व कम हो जाते हैं. इस वजह से मैदा को सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता है. ज्यादा मैदा खाने से पाचन, वजन और ब्लड शुगर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.

Zoom

आटा और मैदा दोनों गेहूं से बनाए जाते हैं, लेकिन इनमें पोषक तत्वों की मात्रा अलग होती है.

Atta or Maida Which is Better: गेहूं को पीसकर आटा बनाया जाता है और सदियों से इससे रोटी और पराठे बनाए जा रहे हैं. गेहूं से बना आटा सेहत के लिए फायदेमंद होता है. आजकल आटे के बजाय ज्यादातर चीजें मैदा से बनाई जा रही हैं. पिज्जा, बर्गर, केक, बिस्किट और समोसे जैसी चीजों में मैदा का इस्तेमाल ज्यादा होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मैदा को सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं. कई लोग तो मैदा को सफेद जहर तक बताते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि आटा और मैदा दोनों गेहूं से बनते हैं, लेकिन इनमें पोषक तत्वों में बड़ा अंतर होता है. यह अंतर आटा और मैदा बनाने की प्रक्रिया में आ जाता है. एक्सपर्ट से यह जानने की कोशिश करते हैं कि आटे और मैदा में से कौन सी चीज सेहत के लिए ज्यादा बेहतर है.

नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया आटा साबुत गेहूं को पीसकर बनाया जाता है. मैदा बनाने के लिए गेहूं के छिलके और अंकुर को पूरी तरह से हटा दिया जाता है. इसके बाद बचे हुए हिस्से को बारीक पीसकर ब्लीच किया जाता है, जिससे मैदा का रंग सफेद हो जाता है. यही प्रक्रिया दोनों चीजों में बड़ा अंतर पैदा करती है. आटे में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. मैदा बनाने के दौरान अधिकांश फाइबर और पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं. इसमें सिर्फ स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट ही बचते हैं. यही वजह है कि आटे को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, जबकि मैदा को नुकसानदायक माना जाता है. मैदा का सेवन कई बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है.

मैदा को नुकसानदायक क्यों माना जाता है?

एक्सपर्ट के मुताबिक मैदा में फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है. यही वजह है कि इसे खाने के बाद पेट जल्दी भरता नहीं और भूख जल्दी लग सकती है. मैदा जल्दी पचती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. बार-बार ज्यादा मात्रा में मैदा से बनी चीजें खाने से वजन बढ़ने, मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. यही कारण है कि इसे कम से कम खाना चाहिए. मैदा में फाइबर कम होने की वजह से यह पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. कुछ लोगों को ज्यादा मैदा खाने के बाद कब्ज, गैस या पेट भारी होने जैसी समस्या महसूस हो सकती है. दूसरी तरफ आटे में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर रखने और पेट को लंबे समय तक भरा महसूस कराने में मदद करता है. इसलिए मैदा के बजाय आटे का सेवन करना चाहिए.

क्या मैदा में पोषण बिल्कुल नहीं होता?

मैदा में कुछ मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और एनर्जी जरूर होती है, लेकिन इसमें फाइबर और जरूरी पोषक तत्व काफी कम हो जाते हैं. यही वजह है कि इसे रिफाइंड फ्लोर कहा जाता है. कई देशों में मैदा में कुछ विटामिन और आयरन बाद में मिलाए जाते हैं, लेकिन फिर भी इसे साबुत आटे जितना पौष्टिक नहीं माना जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लगातार ज्यादा मैदा खाने से भविष्य में लाइफस्टाइल डिजीज का खतरा बढ़ सकता है. आजकल फास्ट फूड और बेकरी आइटम्स की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से बच्चे और युवा ज्यादा मात्रा में मैदा का सेवन कर रहे हैं. कई पैकेज्ड फूड्स में भी मैदा का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी जानकारी लोगों को नहीं होती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
गश्मीर महाजनी बोले-गर्लफ्रेंड दूसरी आ जाएगी, एक्टिंग नहीं छोड़ सकता:एरिका फर्नांडिस बोलीं- मैंने हमेशा करियर चुना; '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' घायल जवानों की कहानी

August 14, 2026/
4:59 am

आर्मी हॉस्पिटल की जिंदगी पर आधारित शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ 15 अगस्त से टीवी और ओटीटी पर प्रसारित होने...

अल्लू अर्जुन की पत्नी पीड़ित परिवार से मिलीं:पुष्पा 2 के प्रीमियर में भगदड़ में घायल बच्चे के इलाज और पढ़ाई में मदद का भरोसा दिया

May 8, 2026/
2:47 pm

फिल्म पुष्पा 2 के प्रीमियर के दौरान हुई भगदड़ में घायल हुए बच्चे के परिवार से हाल ही में अल्लू...

फर्स्ट डेट टिप्स: पहली डेट पर क्या आप इम्प्रेस करना चाहते हैं? जानिए 5 खास टोटके जो सामने वाले को कर देंगे आपका दीवाना

June 28, 2026/
8:23 pm

पहली डेट युक्तियाँ: पहली डेट किसी भी नए रिश्ते का सबसे खास होता है। इस मुलाकात के दौरान ज्यादातर लोगों...

GT vs RCB Final Live: Follow all the latest updates from IPL 2026. (BCCI Photo)

May 31, 2026/
4:41 pm

आखरी अपडेट:31 मई, 2026, 16:41 IST शिवकुमार ने कहा कि राजधानी शहर में अराजकता से बचने के लिए 3 जुलाई...

शाहरुख खान लंदन में मना रहे हैं वेकेशन:चेहरा छिपाए गौरी, आर्यन-अबराम के साथ टहलते दिखे; स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर चुप्पी के बीच वायरल हुई थी फर्जी पोस्ट

July 25, 2026/
12:55 pm

स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर फर्जी पोस्ट वायरल होने के बीच शाहरुख खान अपने परिवार के साथ लंदन में वेकेशन मना रहे...

Sunrisers Hyderabad's Travis Head plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Sunrisers Hyderabad and Punjab Kings in Hyderabad, India, Wednesday, May 6, 2026. (AP Photo/Mahesh Kumar A.)

May 6, 2026/
7:57 pm

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 19:57 IST प्रवर्तन निदेशालय के पास टीएमसी सदस्यों और वफादारों के खिलाफ कई मामले लंबित हैं,...

लोन सेटलमेंट के झूठे वादों पर RBI की चेतावनी:गुमराह करने वाले विज्ञापनों से बचें; झांसे में आकर फीस दी तो बड़ा नुकसान होगा

May 5, 2026/
3:22 pm

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को एक बार फिर आम जनता को कर्ज माफी के नाम पर चलाए जा...

राजनीति

आटा और मैदा में क्या अंतर है? मैदा को क्यों माना जाता है नुकसानदायक, एक्सपर्ट ने बताई असली वजह

authorimg

Last Updated:

Atta vs Maida Difference: आटा और मैदा दोनों गेहूं से बनते हैं. गेहूं को पीसकर आटा बनाया जाता है, जबकि मैदा प्रोसेस्ड प्रोडक्ट है. मैदा बनाने की प्रक्रिया में फाइबर और कई पोषक तत्व कम हो जाते हैं. इस वजह से मैदा को सेहत के लिए ठीक नहीं माना जाता है. ज्यादा मैदा खाने से पाचन, वजन और ब्लड शुगर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.

Zoom

आटा और मैदा दोनों गेहूं से बनाए जाते हैं, लेकिन इनमें पोषक तत्वों की मात्रा अलग होती है.

Atta or Maida Which is Better: गेहूं को पीसकर आटा बनाया जाता है और सदियों से इससे रोटी और पराठे बनाए जा रहे हैं. गेहूं से बना आटा सेहत के लिए फायदेमंद होता है. आजकल आटे के बजाय ज्यादातर चीजें मैदा से बनाई जा रही हैं. पिज्जा, बर्गर, केक, बिस्किट और समोसे जैसी चीजों में मैदा का इस्तेमाल ज्यादा होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मैदा को सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं. कई लोग तो मैदा को सफेद जहर तक बताते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि आटा और मैदा दोनों गेहूं से बनते हैं, लेकिन इनमें पोषक तत्वों में बड़ा अंतर होता है. यह अंतर आटा और मैदा बनाने की प्रक्रिया में आ जाता है. एक्सपर्ट से यह जानने की कोशिश करते हैं कि आटे और मैदा में से कौन सी चीज सेहत के लिए ज्यादा बेहतर है.

नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया आटा साबुत गेहूं को पीसकर बनाया जाता है. मैदा बनाने के लिए गेहूं के छिलके और अंकुर को पूरी तरह से हटा दिया जाता है. इसके बाद बचे हुए हिस्से को बारीक पीसकर ब्लीच किया जाता है, जिससे मैदा का रंग सफेद हो जाता है. यही प्रक्रिया दोनों चीजों में बड़ा अंतर पैदा करती है. आटे में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. मैदा बनाने के दौरान अधिकांश फाइबर और पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं. इसमें सिर्फ स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट ही बचते हैं. यही वजह है कि आटे को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, जबकि मैदा को नुकसानदायक माना जाता है. मैदा का सेवन कई बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है.

मैदा को नुकसानदायक क्यों माना जाता है?

एक्सपर्ट के मुताबिक मैदा में फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है. यही वजह है कि इसे खाने के बाद पेट जल्दी भरता नहीं और भूख जल्दी लग सकती है. मैदा जल्दी पचती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. बार-बार ज्यादा मात्रा में मैदा से बनी चीजें खाने से वजन बढ़ने, मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. यही कारण है कि इसे कम से कम खाना चाहिए. मैदा में फाइबर कम होने की वजह से यह पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. कुछ लोगों को ज्यादा मैदा खाने के बाद कब्ज, गैस या पेट भारी होने जैसी समस्या महसूस हो सकती है. दूसरी तरफ आटे में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर रखने और पेट को लंबे समय तक भरा महसूस कराने में मदद करता है. इसलिए मैदा के बजाय आटे का सेवन करना चाहिए.

क्या मैदा में पोषण बिल्कुल नहीं होता?

मैदा में कुछ मात्रा में कार्बोहाइड्रेट और एनर्जी जरूर होती है, लेकिन इसमें फाइबर और जरूरी पोषक तत्व काफी कम हो जाते हैं. यही वजह है कि इसे रिफाइंड फ्लोर कहा जाता है. कई देशों में मैदा में कुछ विटामिन और आयरन बाद में मिलाए जाते हैं, लेकिन फिर भी इसे साबुत आटे जितना पौष्टिक नहीं माना जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लगातार ज्यादा मैदा खाने से भविष्य में लाइफस्टाइल डिजीज का खतरा बढ़ सकता है. आजकल फास्ट फूड और बेकरी आइटम्स की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से बच्चे और युवा ज्यादा मात्रा में मैदा का सेवन कर रहे हैं. कई पैकेज्ड फूड्स में भी मैदा का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी जानकारी लोगों को नहीं होती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

authorimg

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.