उज्जैन पुलिस ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक विशेष बलवा ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की क्षमता को सुदृढ़ करना था। इस ड्रिल का मुख्य मकसद पुलिस बल को आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने, समन्वित कार्रवाई करने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैयार करना था। यह सुनिश्चित किया गया कि पुलिसकर्मी किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने में सक्षम हों। अभ्यास के दौरान पुलिस जवानों को हथियारों के उपयोग से पहले उनकी दिशा, सीमा और लक्ष्य की सही पहचान करने का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें यह भी सिखाया गया कि फायरिंग की स्थिति में गोलियों की संख्या और प्रकार का निर्णय परिस्थितियों के अनुसार कैसे लिया जाए। ड्रिल में यह भी शामिल था कि किसी भी कार्रवाई से पहले भीड़ को स्पष्ट चेतावनी दी जाए और उन्हें कानून का उल्लंघन न करने तथा शांति बनाए रखने के लिए समझाया जाए। पत्थरबाजी जैसी स्थितियों से संयम और रणनीति के साथ निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से घायलों को तुरंत अस्पताल भेजने की व्यवस्था का पूर्वाभ्यास कराया गया, ताकि वास्तविक घटना में किसी भी प्रकार की देरी से बचा जा सके। अभ्यास के दौरान नारेबाजी और भीड़ के उग्र रूप की काल्पनिक स्थितियां बनाई गईं। इससे पुलिस बल को मौके पर त्वरित निर्णय लेने और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय बनाए रखने का अवसर मिला। उज्जैन पुलिस ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि वह आमजन की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस प्रशासन आगामी त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।














































