Sunday, 17 May 2026 | 07:44 AM

Trending :

जयपुर-भोपाल समेत 19 शहरों में हीट एक्शन प्लान अधूरा:20 शहरों में सिर्फ अहमदाबाद में प्लान लागू; 2025 में 40 हजार केस, 110 मौतें आयुर्वेद में क्यों खास मानी जाती है भांग? जानिए इसका उपयोग और सावधानियां राजस्थान में चलती ट्रेन में आग, स्टेशन पर बजे हूटर:त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रही थी, एक कोच से 68 पैसेंजर्स को उतारा गया ईरान होर्मुज के लिए जल्द नया ट्रैफिक सिस्टम लाएगा:कहा- खास सर्विस के लिए टैक्स लगेगा; UAE और ओमान पर हमले की धमकी गर्मियों में भी फिट रखेगा कड़कनाथ, लेकिन ऐसी गलती की तो बिगड़ सकती है तबीयत कांगो में इबोला वायरस से 80 मौतें, 246 संदिग्ध केस:WHO ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित की; युगांडा-सूडान में अलर्ट, केन्या ने भी निगरानी बढ़ाई
EXCLUSIVE

कांगो में इबोला वायरस से 80 मौतें, 246 संदिग्ध केस:WHO ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित की; युगांडा-सूडान में अलर्ट, केन्या ने भी निगरानी बढ़ाई

कांगो में इबोला वायरस से 80 मौतें, 246 संदिग्ध केस:WHO ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित की; युगांडा-सूडान में अलर्ट, केन्या ने भी निगरानी बढ़ाई

कांगो के पूर्वी इटुरी प्रांत में इबोला से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। हालांकि, WHO का कहना है कि यह महामारी की कैटेगरी में नहीं आता है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर कंबा के मुताबिक, पहला मामला एक नर्स का माना जा रहा है, जिसकी 24 अप्रैल को मौत हुई थी। जांच में अब तक इबोला के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के 8 मामलों की पुष्टि हुई है। बीमारी फिलहाल इतुरी प्रांत के बुनीया, रवामपारा और मोंगवालू इलाकों तक पहुंच चुकी है। कांगो में 1976 में पहली बार इबोला सामने आया था। यह देश में इसका 17वां मामला है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बार इबोला का बुंडीबुग्यो स्ट्रेन मिला है, जबकि कांगो में पहले ज्यादातर मामले जायरे स्ट्रेन के रहे हैं। इससे चिंता बढ़ी है, क्योंकि इबोला के मौजूदा कई इलाज और टीके जायरे स्ट्रेन को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। स्थानीय लोगों में डर, कहा- रोज हो रही मौतें इतुरी प्रांत की राजधानी बुनीया में लोगों ने डर का माहौल बताया है। स्थानीय निवासी जीन मार्क असिम्वे ने कहा कि पिछले एक हफ्ते से लगातार मौतें हो रही हैं। कई बार एक ही दिन में 2-3 या उससे ज्यादा लोगों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में लोगों को समझ ही नहीं आया कि बीमारी क्या है। हालांकि बुनीया में बाजार और सार्वजनिक जगहों पर सामान्य गतिविधियां जारी हैं। पड़ोसी देशों में भी खतरा बढ़ा युगांडा में कांगो से जुड़ा इबोला का एक मामला सामने आया है। संक्रमित मरीज की 14 मई को कंपाला के एक अस्पताल में मौत हो गई। बाद में शव कांगो वापस भेज दिया गया। युगांडा ने फिलहाल किसी दूसरे स्थानीय मामले की पुष्टि नहीं की है। अफ्रीका की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने युगांडा और दक्षिण सूडान में बीमारी फैलने का खतरा जताया है। केन्या ने भी क्षेत्रीय आवाजाही को देखते हुए एहतियात बढ़ा दी है। सरकार ने इबोला की तैयारी के लिए अलग टीम बनाई है और सभी एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी कड़ी कर दी है। इबोला वायरस है क्या? पूरी दुनिया में इबोला वायरस डिसीज (EVD) से पीड़ित मरीजों में 25% से 90% की मौत होती है। यह बीमारी इबोला नाम के वायरस की वजह से फैलती है। यह 1976 में पहली बार 2 स्थानों पर एक साथ फैला था। ये हैं- नजारा (सूडान) और यामबुकु (कांगो)। इसका नाम इबोला नदी (कांगो) के ऊपर रखा गया है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
नर्मदापुरम में सीवरेज काम के दौरान मजदूर की पिटाई:ठेकेदार ने लात और थप्पड़ बरसाए, धक्का देकर गिराया, पीठ पर छपे जख्म के निशान

March 18, 2026/
9:09 pm

नर्मदापुरम में मालाखेड़ी रोड स्थित शारदा कॉलोनी में बुधवार को सीवरेज कार्य कर रहे एक मजदूर को दूसरे स्थानीय ठेकेदार...

अश्विन बोले-बटलर को आउट करना गलत नहीं:बोले-लोग इसे ईमानदारी से जोड़ते हैं,जबकि यह नियम है

May 3, 2026/
2:11 pm

टीम इंडिया के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ‘मांकडिंग’ विवाद (नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रन आउट) पर खुलकर बात की।...

रिपोर्ट- ED ने ₹81 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच की:लोगों को ₹32 हजार करोड़ लौटाए; गिरफ्तारी में 27% की कमी आई, छापेमारी दोगुनी

May 2, 2026/
6:56 pm

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की सालाना रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तारियों में कमी आई। वहीं छापों, संपत्ति...

बीजेपी ने खत्म की क्षेत्रीय राजनीति: बीजेपी ने बनाई गठबंधन दी क्षत्रपों की राजनीति! तीन राज्यों में कमल खिलने से क्षेत्रीय प्रतियोगिता कैसे डूब गई?

May 5, 2026/
12:08 pm

भारत की राजनीति में आज एक क्रांतिकारी बदलाव आया है जब 2026 के चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी...

Karnataka vs J&K Final Live Score: Follow all the updates from Day 2 of the summit clash. (PTI Photo)

February 14, 2026/
5:15 am

आखरी अपडेट:14 फरवरी, 2026, 05:15 IST उदाहरण के लिए, नरेंद्र मोदी की सफल ‘चाय पे चर्चा’ से प्रेरित होकर, बीएनपी...

SRH opener Abhishek Sharma. (X)

May 6, 2026/
7:44 pm

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 19:44 IST सूत्रों ने कहा कि परिसीमन परिवर्तन ने भी परिणाम को आकार देने में भूमिका...

इंदौर में कारीगर पर हमला, चाकू मारकर लूट:नंदबाग में हुई घटना; तिलक नगर में युवक से मोबाइल छीना

April 19, 2026/
10:24 am

इंदौर के नंदबाग इलाके में शनिवार रात फर्नीचर कारीगर के साथ लूट की वारदात हुई। मल्हारगंज थाना क्षेत्र में 4-5...

महाराष्ट्र का 10वीं फेल ढोंगी बाबा:पूजा के नाम पर मर्सिडीज और 6 करोड़ ऐंठे, लड़कियां सप्लाई करने का भी आरोप

March 27, 2026/
4:08 pm

महाराष्ट्र के नासिक में गिरफ्तार स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। गुरुवार को पुणे...

राजनीति

कांगो में इबोला वायरस से 80 मौतें, 246 संदिग्ध केस:WHO ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित की; युगांडा-सूडान में अलर्ट, केन्या ने भी निगरानी बढ़ाई

कांगो में इबोला वायरस से 80 मौतें, 246 संदिग्ध केस:WHO ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित की; युगांडा-सूडान में अलर्ट, केन्या ने भी निगरानी बढ़ाई

कांगो के पूर्वी इटुरी प्रांत में इबोला से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। हालांकि, WHO का कहना है कि यह महामारी की कैटेगरी में नहीं आता है। कांगो के स्वास्थ्य मंत्री सैमुअल-रोजर कंबा के मुताबिक, पहला मामला एक नर्स का माना जा रहा है, जिसकी 24 अप्रैल को मौत हुई थी। जांच में अब तक इबोला के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के 8 मामलों की पुष्टि हुई है। बीमारी फिलहाल इतुरी प्रांत के बुनीया, रवामपारा और मोंगवालू इलाकों तक पहुंच चुकी है। कांगो में 1976 में पहली बार इबोला सामने आया था। यह देश में इसका 17वां मामला है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बार इबोला का बुंडीबुग्यो स्ट्रेन मिला है, जबकि कांगो में पहले ज्यादातर मामले जायरे स्ट्रेन के रहे हैं। इससे चिंता बढ़ी है, क्योंकि इबोला के मौजूदा कई इलाज और टीके जायरे स्ट्रेन को ध्यान में रखकर बनाए गए थे। स्थानीय लोगों में डर, कहा- रोज हो रही मौतें इतुरी प्रांत की राजधानी बुनीया में लोगों ने डर का माहौल बताया है। स्थानीय निवासी जीन मार्क असिम्वे ने कहा कि पिछले एक हफ्ते से लगातार मौतें हो रही हैं। कई बार एक ही दिन में 2-3 या उससे ज्यादा लोगों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में लोगों को समझ ही नहीं आया कि बीमारी क्या है। हालांकि बुनीया में बाजार और सार्वजनिक जगहों पर सामान्य गतिविधियां जारी हैं। पड़ोसी देशों में भी खतरा बढ़ा युगांडा में कांगो से जुड़ा इबोला का एक मामला सामने आया है। संक्रमित मरीज की 14 मई को कंपाला के एक अस्पताल में मौत हो गई। बाद में शव कांगो वापस भेज दिया गया। युगांडा ने फिलहाल किसी दूसरे स्थानीय मामले की पुष्टि नहीं की है। अफ्रीका की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने युगांडा और दक्षिण सूडान में बीमारी फैलने का खतरा जताया है। केन्या ने भी क्षेत्रीय आवाजाही को देखते हुए एहतियात बढ़ा दी है। सरकार ने इबोला की तैयारी के लिए अलग टीम बनाई है और सभी एंट्री पॉइंट्स पर निगरानी कड़ी कर दी है। इबोला वायरस है क्या? पूरी दुनिया में इबोला वायरस डिसीज (EVD) से पीड़ित मरीजों में 25% से 90% की मौत होती है। यह बीमारी इबोला नाम के वायरस की वजह से फैलती है। यह 1976 में पहली बार 2 स्थानों पर एक साथ फैला था। ये हैं- नजारा (सूडान) और यामबुकु (कांगो)। इसका नाम इबोला नदी (कांगो) के ऊपर रखा गया है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.