बाटी बनाने के लिए एक बड़े बर्तन में आटे का आटा, सूजी, मसाले, मीठा सोडा और स्वाद वाले नमक के टुकड़े अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें 3 से 4 देसी घी और दोनों हाथों से अच्छे से मिक्स करें।
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इसके बाद गुनगुने पानी की मदद से थोड़ा सख्त आटा गूंथ लें और 15 मिनट के लिए खरीदकर रख दें। तैयार कारखानों से छोटे-छोटे लो डिजाइन और उन्हें गोल बाटी का आकार दें।
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अब इन बतियों को एक साथ रखा जाता है, रोटी या कुकर में अधपका मोड़ चारों ओर से सुनहरा और खस्ता तक सेकें। अच्छी तरह सिकने के बाद बाटियों को गरम देसी घी में डुबोएं।
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चना, उड़द, अरहर, मूंग और मसूर दाल को ढोकर कुकर में 3 से 4 शहर आने तक। अब एक पैन में घी गरम करके इसमें जीरा, राई और हींग का तड़का शामिल है, फिर प्याज, लहसुन, हरी मिर्च और टमाटर का मसाला भून लें।
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कुल में हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और स्वाद नमक शामिल हैं। अब कुली हुई दाल के हिसाब से पानी डाला और 5 मिनट तक का समय दिया। फाइनल में ऊपर से हरा धनिया मॉड्यूल दाल तैयार करें।
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2 से 3 पकी हुई बाटियों को हाथों से मिठाई के टुकड़े लें। फ़्लोरिडा तो मिक्सी का इस्तेमाल भी कर सकते हैंꓸ अब एक पैन में छोटी-छोटी घी की छड़ें इस मिश्रण को मध्यम प्रभाव पर प्रभाव भून लें ताकि कच्चापन ख़त्म हो जाए।
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जब पूरा मिक्सर ठंडा हो जाए तो इसमें पिसी हुई चीनी या बूरा, इलायची पाउडर और कटे हुए काजू-बादाम का मिश्रण अच्छी तरह से मिलाएं। स्वादिष्ट और स्वादिष्ट चूरमा तैयार हो जाता है।
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एक बड़ी थाली में गरमागरम पंचमेल दालें और बीच में घी में डूबी हुई बाटी की जगह। साथ में मीठा चूरमा सर्व करें। दाल के ऊपर एक स्वादिष्ट देसी घी की दुकान का असली राजस्थानी स्वाद लिया जा सकता है।
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