Wednesday, 09 Sep 2026 | 11:22 AM

Trending :

EXCLUSIVE

देश की इकोनॉमी 2026-27 में 6.9% की दर से बढ़ेगी:RBI की सालाना रिपोर्ट में दावा, वैश्विक संकट के बावजूद भारत की रफ्तार मजबूत रहेगी

देश की इकोनॉमी 2026-27 में 6.9% की दर से बढ़ेगी:RBI की सालाना रिपोर्ट में दावा, वैश्विक संकट के बावजूद भारत की रफ्तार मजबूत रहेगी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को अपनी साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी। इस दौरान देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9% रहने का अनुमान लगाया गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि भारत के मजबूत फंडामेंटल्स, लगातार बनी हुई घरेलू मांग, निर्यात पर कम निर्भरता और स्थिर पॉलिसी माहौल की वजह से भारतीय इकोनॉमी विपरीत वैश्विक परिस्थितियों का डटकर सामना करने में सक्षम है। दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा भू-राजनीतिक तनाव आरबीआई ने वैश्विक हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि साल 2026 में भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) जोखिम दुनिया की आर्थिक ग्रोथ के लिए सबसे बड़ा रोड़ा बन गए हैं। विशेष रूप से फरवरी 2026 में शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट ने दुनिया की विकास दर और महंगाई के अनुमानों को काफी प्रभावित किया है। रिपोर्ट में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) के बेसलाइन परिदृश्य का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट साल 2026 में घटकर 3.1% रहने का अनुमान है, जो पहले 3.3% आंकी गई थी। इसी तरह वैश्विक व्यापार (ग्लोबल ट्रेड) की ग्रोथ भी धीमी होकर 2.8% पर आने की आशंका है। आरबीआई ने आगाह किया है कि यदि यह तनाव आगे और बढ़ता है, तो वैश्विक आर्थिक आउटलुक और ज्यादा कमजोर हो सकता है। 2026 में महंगाई दर 4.4% होने का अनुमान केंद्रीय बैंक ने दुनिया भर में बढ़ती महंगाई के खतरों की ओर भी इशारा किया है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों की वजह से वैश्विक स्तर पर कीमतों का दबाव काफी अधिक है। साल 2026 में वैश्विक महंगाई दर 4.4% रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पहले के 3.8% के अनुमान से ज्यादा है। आरबीआई का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां और बिगड़ती हैं, तो शेयर बाजारों (इक्विटी मार्केट्स) में बड़ी गिरावट और भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 4 वजहों से बरकरार रहेगी भारत की मजबूत ग्रोथ तमाम वैश्विक अनिश्चितताओं के बाद भी केंद्रीय बैंक ने भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर सकारात्मक नजरिया रखा है। इसके लिए मुख्य रूप से 4 वजह को जिम्मेदार माना गया है… आरबीआई ने उम्मीद जताई है कि यदि पश्चिम एशिया संकट का असर सीमित रहता है, तो भारत की 6.9% की ग्रोथ हासिल करने में कोई बड़ी रुकावट नहीं आएगी। हालांकि वैश्विक उठापटक के चलते नीचे की तरफ जोखिम अभी भी बने हुए हैं। वित्त वर्ष-27 में महंगाई दर 4.6% रहने की उम्मीद मॉनसून पर अल नीनो का साया, नए लेबर कोड से बढ़ेगी प्रोडक्टिविटी कृषि क्षेत्र को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का फार्म आउटपुट काफी हद तक मॉनसून पर निर्भर करेगा। इस साल अल नीनो के कारण मॉनसून को लेकर कुछ जोखिम पैदा हो सकता है, लेकिन साल के आखिरी में इंडियन ओशन डिपोल से कृषि क्षेत्र को सहारा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही देश के लेबर मार्केट में भी बड़े सुधार की उम्मीद जताई गई है। नए लेबर कोड लागू होने से रोजगार के हालातों में सुधार होगा, जिससे न केवल लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी बल्कि देश की ओवरऑल प्रोडक्टिविटी में भी इजाफा होगा। विदेशी व्यापार और बैंकिंग सिस्टम की स्थिति स्थिर बाहरी सेक्टर्स के प्रदर्शन पर आरबीआई ने कहा है कि भारत के सर्विसेज एक्सपोर्ट, विदेशों से आने वाले पैसे (रेमिटेंस) और विभिन्न देशों के साथ हुए नए ट्रेड एग्रीमेंट्स के दम पर देश का करंट अकाउंट बैलेंस काफी मजबूत स्थिति में रहेगा। हालांकि, भारतीय बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का निवेश इस बात पर निर्भर करेगा कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुख कैसा रहता है। केंद्रीय बैंक ने देश के बैंकिंग सेक्टर को लेकर भी आश्वस्त किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय बैंकिंग प्रणाली पूरी तरह स्थिर है और बैंकों के पास पर्याप्त कैपिटल बफर मौजूद है, जिससे वे किसी भी वित्तीय संकट का सामना कर सकते हैं। हालांकि वैश्विक तनाव और मार्केट वोलेटिलिटी के कारण शॉर्ट-टर्म जोखिम लगातार बने रहेंगे। क्या होती है ‘रियल जीडीपी ग्रोथ’? देश की सीमाओं के भीतर उत्पादित कुल वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य में महंगाई के असर को हटाकर (आधार वर्ष की कीमतों पर) जो वास्तविक बढ़त दर्ज की जाती है, उसे रियल जीडीपी ग्रोथ कहते हैं। क्या है ‘अल नीनो’ और ‘इंडियन ओशन डिपोल’?

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ट्रम्प ने जंग रोकने के लिए ईरान का प्रस्ताव ठुकराया:बोले- मुझे पसंद नहीं आया; अमेरिका ने एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने की शर्त रखी

May 11, 2026/
6:48 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर...

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'वोट कट्ट' के डर से दिल्ली से बंगाल लौट रहे प्रवासी!, कई लोगों ने कहा- अभी तक सूची में नाम नहीं

March 31, 2026/
1:03 pm

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले एक नया ट्रेंड सामने आ रहा है. दिल्ली में काम करने...

सलमान बोले- जिंदगी में किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी:कहा- स्क्रिप्ट लिखी हैं, एक्टर ने 120 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है

May 16, 2026/
3:43 pm

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने आज तक कभी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी।...

ask search icon

April 1, 2026/
4:32 pm

Last Updated:April 01, 2026, 16:32 IST गर्मी के मौसम में नारियल पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता...

अमेरिका में 27 साल रही भारतवंशी महिला हिरासत में:ICE ने पूछताछ के बाद किया डिटेन; वेंकटा के पास 2013 से ग्रीन कार्ड

August 19, 2026/
8:14 am

अमेरिका में 27 साल से रह रहीं भारतीय मूल की वेंकटा वासमसेट्टी को इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) ने हिरासत...

प्लेऑफ की टीमों में क्या रहा कॉमन फैक्टर:टॉप बैटर्स ने औसतन 1550+ रन बनाए; कोई टीम लगातार 3 से ज्यादा मैच नहीं हारी

May 25, 2026/
4:30 am

IPL 2026 के लीग स्टेज के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने प्लेऑफ में...

तमिलनाडु में ‘धुरंधर 2’ पर बैन की मांग:मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा मामला, विधानसभा चुनाव से पहले फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग उठी

March 23, 2026/
6:14 pm

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब तमिलनाडु में फिल्म...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

देश की इकोनॉमी 2026-27 में 6.9% की दर से बढ़ेगी:RBI की सालाना रिपोर्ट में दावा, वैश्विक संकट के बावजूद भारत की रफ्तार मजबूत रहेगी

देश की इकोनॉमी 2026-27 में 6.9% की दर से बढ़ेगी:RBI की सालाना रिपोर्ट में दावा, वैश्विक संकट के बावजूद भारत की रफ्तार मजबूत रहेगी

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को अपनी साल 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद साल 2026-27 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहेगी। इस दौरान देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 6.9% रहने का अनुमान लगाया गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि भारत के मजबूत फंडामेंटल्स, लगातार बनी हुई घरेलू मांग, निर्यात पर कम निर्भरता और स्थिर पॉलिसी माहौल की वजह से भारतीय इकोनॉमी विपरीत वैश्विक परिस्थितियों का डटकर सामना करने में सक्षम है। दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा भू-राजनीतिक तनाव आरबीआई ने वैश्विक हालातों पर चिंता जताते हुए कहा कि साल 2026 में भू-राजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) जोखिम दुनिया की आर्थिक ग्रोथ के लिए सबसे बड़ा रोड़ा बन गए हैं। विशेष रूप से फरवरी 2026 में शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट ने दुनिया की विकास दर और महंगाई के अनुमानों को काफी प्रभावित किया है। रिपोर्ट में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) के बेसलाइन परिदृश्य का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था की ग्रोथ रेट साल 2026 में घटकर 3.1% रहने का अनुमान है, जो पहले 3.3% आंकी गई थी। इसी तरह वैश्विक व्यापार (ग्लोबल ट्रेड) की ग्रोथ भी धीमी होकर 2.8% पर आने की आशंका है। आरबीआई ने आगाह किया है कि यदि यह तनाव आगे और बढ़ता है, तो वैश्विक आर्थिक आउटलुक और ज्यादा कमजोर हो सकता है। 2026 में महंगाई दर 4.4% होने का अनुमान केंद्रीय बैंक ने दुनिया भर में बढ़ती महंगाई के खतरों की ओर भी इशारा किया है। एनर्जी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों की वजह से वैश्विक स्तर पर कीमतों का दबाव काफी अधिक है। साल 2026 में वैश्विक महंगाई दर 4.4% रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पहले के 3.8% के अनुमान से ज्यादा है। आरबीआई का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां और बिगड़ती हैं, तो शेयर बाजारों (इक्विटी मार्केट्स) में बड़ी गिरावट और भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 4 वजहों से बरकरार रहेगी भारत की मजबूत ग्रोथ तमाम वैश्विक अनिश्चितताओं के बाद भी केंद्रीय बैंक ने भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर सकारात्मक नजरिया रखा है। इसके लिए मुख्य रूप से 4 वजह को जिम्मेदार माना गया है… आरबीआई ने उम्मीद जताई है कि यदि पश्चिम एशिया संकट का असर सीमित रहता है, तो भारत की 6.9% की ग्रोथ हासिल करने में कोई बड़ी रुकावट नहीं आएगी। हालांकि वैश्विक उठापटक के चलते नीचे की तरफ जोखिम अभी भी बने हुए हैं। वित्त वर्ष-27 में महंगाई दर 4.6% रहने की उम्मीद मॉनसून पर अल नीनो का साया, नए लेबर कोड से बढ़ेगी प्रोडक्टिविटी कृषि क्षेत्र को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का फार्म आउटपुट काफी हद तक मॉनसून पर निर्भर करेगा। इस साल अल नीनो के कारण मॉनसून को लेकर कुछ जोखिम पैदा हो सकता है, लेकिन साल के आखिरी में इंडियन ओशन डिपोल से कृषि क्षेत्र को सहारा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही देश के लेबर मार्केट में भी बड़े सुधार की उम्मीद जताई गई है। नए लेबर कोड लागू होने से रोजगार के हालातों में सुधार होगा, जिससे न केवल लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी बल्कि देश की ओवरऑल प्रोडक्टिविटी में भी इजाफा होगा। विदेशी व्यापार और बैंकिंग सिस्टम की स्थिति स्थिर बाहरी सेक्टर्स के प्रदर्शन पर आरबीआई ने कहा है कि भारत के सर्विसेज एक्सपोर्ट, विदेशों से आने वाले पैसे (रेमिटेंस) और विभिन्न देशों के साथ हुए नए ट्रेड एग्रीमेंट्स के दम पर देश का करंट अकाउंट बैलेंस काफी मजबूत स्थिति में रहेगा। हालांकि, भारतीय बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का निवेश इस बात पर निर्भर करेगा कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुख कैसा रहता है। केंद्रीय बैंक ने देश के बैंकिंग सेक्टर को लेकर भी आश्वस्त किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय बैंकिंग प्रणाली पूरी तरह स्थिर है और बैंकों के पास पर्याप्त कैपिटल बफर मौजूद है, जिससे वे किसी भी वित्तीय संकट का सामना कर सकते हैं। हालांकि वैश्विक तनाव और मार्केट वोलेटिलिटी के कारण शॉर्ट-टर्म जोखिम लगातार बने रहेंगे। क्या होती है ‘रियल जीडीपी ग्रोथ’? देश की सीमाओं के भीतर उत्पादित कुल वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य में महंगाई के असर को हटाकर (आधार वर्ष की कीमतों पर) जो वास्तविक बढ़त दर्ज की जाती है, उसे रियल जीडीपी ग्रोथ कहते हैं। क्या है ‘अल नीनो’ और ‘इंडियन ओशन डिपोल’?

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.