नरसिंहपुर की कृषि उपज मंडी में मंगलवार को अव्यवस्थाओं से परेशान होकर किसानों ने जमकर हंगामा किया। उपज रखने की जगह न मिलने और व्यापारियों के रवैये को लेकर किसानों और मंडी प्रबंधन के बीच काफी देर तक खींचतान चलती रही। किसानों का आरोप है कि मंडी के शेडों में पहले से ही व्यापारियों का पुराना अनाज भरा हुआ है। इसकी वजह से जब किसान अपना गेहूं लेकर पहुंचे, तो उन्हें अनाज रखने के लिए कोई खाली जगह नहीं मिली। मजबूरी में किसानों ने अपना गेहूं मंडी की गैलरी में रख दिया, लेकिन व्यापारियों ने यह कहकर बोली लगाने से मना कर दिया कि वहां बोली नहीं लगेगी। किसान बोले- न तौल हुई, न लगी बोली खैरी गांव से आए किसान रमेश कुमार चौधरी ने बताया कि वे करीब 100 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि घंटों इंतजार के बाद भी न तो उनके गेहूं की तौल हुई और न ही व्यापारियों ने बोली लगाई। किसानों ने मांग की है कि मंडी में जगह तय की जाए और सूचना बोर्ड लगाए जाएं ताकि उन्हें पता रहे कि अनाज कहां रखना है। मंडी प्रबंधन की सफाई हंगामे के बाद मंडी सचिव देवेंद्र ठाकुर ने दखल दिया और स्थिति को संभाला। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कुछ किसानों ने गैलरी में अनाज रख दिया था, जिससे दिक्कत हुई थी। हालांकि, बाद में व्यापारियों को समझाकर गैलरी में रखे माल की भी बोली लगवा दी गई और विवाद शांत कराया गया। किसानों ने भविष्य में ऐसी अव्यवस्था न होने देने की अपील की है।














































