Monday, 06 Apr 2026 | 06:50 PM

Trending :

सीधी के सम्राट चौक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:पूर्व मंत्री पटेल के नेतृत्व में महंगाई-बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को लेकर दिया धरना गर्मी में कौन सी रोटी खाएं जिससे पेट रहे हल्का ? जानिए 6 आटों की हेल्दी रोटियां जो दूर करेंगी गैस और कब्ज की समस्या अब बिना एड्रेस प्रूफ के मिल सकेगा 5Kg वाला सिलेंडर:आधार-PAN जैसी सिर्फ एक फोटो-ID दिखानी होगी, स्टूडेंट्स-बैचलर्स और प्रवासी मजदूरों को राहत जिलाध्यक्ष बोले- कई राज्यों में भाजपा सरकार:पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं का सम्मापन; कार्यालय पर झंडा फहराया Summer Fruit Benefits: गर्मी में तुरंत ताजगी और हेल्थ का बूस्टर! जानें ये 5 फल जो शरीर को ठंडक और पोषण देंगे Grooms Brother Decapitated, Youth Stabbed, Wife Scalded
EXCLUSIVE

प्रदूषण से डायबीटीज की चपेट में आ रहे लोग? नोएडा से कानपुर तक नई आफत, पता भी नहीं चलेगा हो जाओगे रोगी

authorimg

Last Updated:

Diabetes Causes : डायबिटीज (शुगर) को अब तक गलत खानपान या खराब लाइफस्टाइल से हुई बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन अब तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण ने इसे और खतरनाक बना दिया है. हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कण सीधे शरीर के अंदर जाकर ऐसी प्रक्रियाएं शुरू कर देते हैं, जो धीरे-धीरे इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती हैं और व्यक्ति को डायबिटीज की ओर धकेल देती हैं. लोकल 18 ने इस बारे में कानपुर के चिकित्सक डॉ. एसके गौतम से बात की. वे बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में डायबिटीज के मामलों में जो तेजी आई है, उसमें प्रदूषण की भूमिका अब साफ दिखने लगी है.

कानपुर. अब डायबिटीज सिर्फ गलत खानपान या खराब लाइफस्टाइल की बीमारी नहीं रह गई है. तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण ने इस बीमारी को और खतरनाक बना दिया है. डॉक्टरों के अनुसार, हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कण सीधे शरीर के अंदर जाकर ऐसी प्रक्रियाएं शुरू कर देते हैं, जो धीरे-धीरे इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती हैं और व्यक्ति को डायबिटीज की ओर धकेल देती हैं. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में डायबिटीज के मामलों में जो तेजी आई है, उसमें प्रदूषण की भूमिका अब साफ दिखाई देने लगी है. पहले जहां इसे सिर्फ खानपान और लाइफस्टाइल से जोड़कर देखा जाता था, अब हवा की गुणवत्ता भी एक बड़ा कारण बन चुकी है.

कैसे करते हैं काम

डॉ. एसके गौतम के मुताबिक, हवा में मौजूद पीएम 2.5 जैसे बेहद महीन कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. ये कण इतने छोटे होते हैं कि सीधे फेफड़ों से होते हुए ब्लडस्ट्रीम तक पहुंच जाते हैं. इसके बाद ये शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और उनसे हानिकारक केमिकल रिलीज कराते हैं. यही केमिकल इंसुलिन के काम करने की क्षमता को कमजोर कर देते हैं. नतीजा यह होता है कि शरीर में शुगर का स्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और व्यक्ति डायबिटीज की चपेट में आ जाता है.

इन शहरों को खतरा ज्यादा

जिन शहरों में प्रदूषण का स्तर ज्यादा है, वहां डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद जैसे शहर इसका बड़ा उदाहरण हैं. यहां की खराब हवा लोगों के शरीर पर लगातार असर डाल रही है. कानपुर जैसे शहरों में भी सर्दियों और गर्मियों में धूल और प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है. लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने वाले लोग धीरे-धीरे इस बीमारी की ओर बढ़ते जाते हैं, उन्हें इसका पता भी नहीं चलता.

फिर करें क्या
डॉ. गौतम का कहना है कि इस खतरे से पूरी तरह बच पाना मुश्किल जरूर है, लेकिन सावधानी से जोखिम कम किया जा सकता है. जहां प्रदूषण अधिक हो, वहां मास्क का उपयोग जरूर करना चाहिए. सुबह-शाम जब हवा में धूल ज्यादा हो, उस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए. शरीर को मजबूत रखना भी जरूरी है, ताकि प्रदूषण का असर कम हो सके. समय-समय पर जांच कराना और शुगर लेवल पर नजर रखना भी बेहद जरूरी है.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
महाकुंभ की 'वायरल गर्ल' ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड से की शादी:केरल पुलिस से मांगी सुरक्षा, पिता से बताया खतरा; डायरेक्टर बोले- ये लव जिहाद

March 11, 2026/
8:04 pm

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हुई मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर...

ईरान का इजराइली शहर डिमोना पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला:20 लोग घायल, यहां इजराइल का न्यूक्लियर प्रोग्राम सेंटर

March 22, 2026/
6:50 am

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 23वां दिन है। ईरान ने शनिवार रात इजराइल के दक्षिणी शहर डिमोना पर बैलिस्टिक...

authorimg

April 1, 2026/
9:45 am

Skin Ke Liye Konsa Vitamin: उम्र के साथ त्वचा की रंगत और लचीलापन भी प्रभावित होता है. लेकिन अगर शरीर...

ग्वालियर में गलत इलाज से नाक हुई विकृत:मेडिकल प्रोटोकॉल तोड़ा, मरीज को 1.12 लाख 45 दिन में देने का आदेश, उपभोक्ता आयोग का फैसला

April 3, 2026/
10:42 am

ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने चिकित्सकीय लापरवाही के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने नाक...

खामेनेई की मौत पर अमेरिका में लगा था सट्‌टा:498 करोड़ का खेला था दांव; अब साइट ने भुगतान रोका, नियमों को लेकर विवाद

March 8, 2026/
2:17 pm

ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को लेकर अमेरिकी प्रेडिक्शन मार्केट साइट काल्शी पर 498 करोड़ रु. का दांव लगाया गया।...

मसाले के रूप में रसोई में रखी ये लकड़ी, बड़े पैमाने पर काम का, प्रवासियों से लेकर उच्च रेलवे तक की छुट्टियों में है राहत; जानिए कैसे उपयोग किया जाता है

February 24, 2026/
9:09 pm

24 फरवरी 2026 को 21:09 IST पर अद्यतन किया गया पियानो वुड की छात्रा जैसी दिखती है। लेकिन ये सिर्फ...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

प्रदूषण से डायबीटीज की चपेट में आ रहे लोग? नोएडा से कानपुर तक नई आफत, पता भी नहीं चलेगा हो जाओगे रोगी

authorimg

Last Updated:

Diabetes Causes : डायबिटीज (शुगर) को अब तक गलत खानपान या खराब लाइफस्टाइल से हुई बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन अब तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण ने इसे और खतरनाक बना दिया है. हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कण सीधे शरीर के अंदर जाकर ऐसी प्रक्रियाएं शुरू कर देते हैं, जो धीरे-धीरे इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती हैं और व्यक्ति को डायबिटीज की ओर धकेल देती हैं. लोकल 18 ने इस बारे में कानपुर के चिकित्सक डॉ. एसके गौतम से बात की. वे बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में डायबिटीज के मामलों में जो तेजी आई है, उसमें प्रदूषण की भूमिका अब साफ दिखने लगी है.

कानपुर. अब डायबिटीज सिर्फ गलत खानपान या खराब लाइफस्टाइल की बीमारी नहीं रह गई है. तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण ने इस बीमारी को और खतरनाक बना दिया है. डॉक्टरों के अनुसार, हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक कण सीधे शरीर के अंदर जाकर ऐसी प्रक्रियाएं शुरू कर देते हैं, जो धीरे-धीरे इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ाती हैं और व्यक्ति को डायबिटीज की ओर धकेल देती हैं. कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में डायबिटीज के मामलों में जो तेजी आई है, उसमें प्रदूषण की भूमिका अब साफ दिखाई देने लगी है. पहले जहां इसे सिर्फ खानपान और लाइफस्टाइल से जोड़कर देखा जाता था, अब हवा की गुणवत्ता भी एक बड़ा कारण बन चुकी है.

कैसे करते हैं काम

डॉ. एसके गौतम के मुताबिक, हवा में मौजूद पीएम 2.5 जैसे बेहद महीन कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. ये कण इतने छोटे होते हैं कि सीधे फेफड़ों से होते हुए ब्लडस्ट्रीम तक पहुंच जाते हैं. इसके बाद ये शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और उनसे हानिकारक केमिकल रिलीज कराते हैं. यही केमिकल इंसुलिन के काम करने की क्षमता को कमजोर कर देते हैं. नतीजा यह होता है कि शरीर में शुगर का स्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगता है और व्यक्ति डायबिटीज की चपेट में आ जाता है.

इन शहरों को खतरा ज्यादा

जिन शहरों में प्रदूषण का स्तर ज्यादा है, वहां डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद जैसे शहर इसका बड़ा उदाहरण हैं. यहां की खराब हवा लोगों के शरीर पर लगातार असर डाल रही है. कानपुर जैसे शहरों में भी सर्दियों और गर्मियों में धूल और प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है. लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने वाले लोग धीरे-धीरे इस बीमारी की ओर बढ़ते जाते हैं, उन्हें इसका पता भी नहीं चलता.

फिर करें क्या
डॉ. गौतम का कहना है कि इस खतरे से पूरी तरह बच पाना मुश्किल जरूर है, लेकिन सावधानी से जोखिम कम किया जा सकता है. जहां प्रदूषण अधिक हो, वहां मास्क का उपयोग जरूर करना चाहिए. सुबह-शाम जब हवा में धूल ज्यादा हो, उस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए. शरीर को मजबूत रखना भी जरूरी है, ताकि प्रदूषण का असर कम हो सके. समय-समय पर जांच कराना और शुगर लेवल पर नजर रखना भी बेहद जरूरी है.

About the Author

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.