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बंगाल जीता, पंजाब के लिए BJP की क्या तैयारी:MLA-नेताओं की तोड़फोड़ कब, क्या हिंदू-सिख पोलराइजेशन होगा; 3 एक्सपर्ट्स से जानिए

बंगाल जीता, पंजाब के लिए BJP की क्या तैयारी:MLA-नेताओं की तोड़फोड़ कब, क्या हिंदू-सिख पोलराइजेशन होगा; 3 एक्सपर्ट्स से जानिए

‘बंगाल में जीत हमारी है, अब पंजाब की बारी है’ बंगाल में चुनाव जीतने के बाद ये नारे दिल्ली BJP हेडक्वार्टर में लगे, जिसके बाद PM नरेंद्र मोदी ने यहां से वर्करों को संबोधित किया। इस नारे से BJP की पंजाब को लेकर 2027 चुनाव की मंशा साफ जाहिर होती है। जो खेल बंगाल में भाजपा ने ममता बनर्जी के साथ किया, अब वही पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ भी हो सकता है। मगर, क्या ये सब इतना आसान है, क्या पंजाब में भी हिंदू-सिख ध्रुवीकरण जैसी कोई बात होगी, आखिर BJP का पंजाब को लेकर क्या गेम प्लान होगा, इसको लेकर दैनिक भास्कर ने 3 एक्सपर्ट्स से बात की। जिन्होंने बताया कि पंजाब BJP के लिए मुश्किल जरूर है, लेकिन भाजपा कुछ अलग तरीके से यहां पॉलिटिक्स करेगी, जिससे पंजाब के इमोशन से कोई छेड़छाड़ न हो और वह सिखों को अपने साथ भी जोड़ सके। ऐसा इसलिए भी कि विरोधी दल भाजपा को सिर्फ हिंदुओं की पार्टी बताते हैं। 1. क्या भाजपा पंजाब में धर्म के आधार पर पोलराइजेशन करेगी?
इंजीनियर पवनदीप शर्मा कहते हैं- बंगाल की तर्ज पर पंजाब में धर्म के आधार पर पोलराइजेशन संभव नहीं है। भाजपा की खुद की भी नीति है कि वह हिंदुओं और सिखों को अलग-अलग करके नहीं देख सकती। वहीं पंजाब में सिखों की गिनती भी ज्यादा है, ऐसे में पोलराइजेशन से ज्यादा बेनिफिट नहीं होगा। इसके विकल्प के तौर पर भाजपा यहां धर्मांतरण को मुद्दा बनाएगी। इसका इशारा गृहमंत्री अमित शाह मोगा रैली में दे चुके हैं, जब उन्होंने कहा था कि पंजाब में BJP की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में धर्मांतरण के खिलाफ कानून आएगा। BJP की यही चालाकी होगी कि धर्मांतरण के मुद्दे पर ही भाजपा सिख-हिंदू वोटर्स का अपने हक में पोलराइजेशन की कोशिश कर सकती है। 2. धर्मातरण को मुद्दा बनाने से भाजपा को क्या फायदा होगा?
प्रोफेसर केके रत्तू का कहना है कि पंजाब के गुरदासपुर जिले में ईसाई आबादी सबसे तेजी से बढ़ी है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, यहां दलित आबादी 7.68% यानी 1.77 लाख थी, जो अब बढ़कर अनुमानित तौर पर 4 लाख से ज्यादा हो गई है। यहां की 6 विधानसभा सीटों में से 4 पर कांग्रेस और दो पर AAP के विधायक हैं। वैसे धर्म परिवर्तन का ट्रेंड पूरे पंजाब में है, लेकिन बार्डर इलाकों में ज्यादा है। इनमें गुरदासपुर के साथ अमृतसर, पठानकोट, फाजिल्का, तरनतारन, फिरोजपुर, लुधियाना, कपूरथला, बठिंडा और जालंधर जिले शामिल हैं। इस मुद्दे से ये इलाके जरूर प्रभावित हो सकते हैं। 3. भाजपा की 2027 के पंजाब चुनाव के लिए क्या स्ट्रेटजी हो सकती है?
इंजीनियर पवनदीप शर्मा का कहना है कि पंजाब के चुनाव में डेरे अहम भूमिका निभाते हैं, ऐसे में भाजपा डेरों को साधने की स्ट्रेटजी बना चुकी है। भाजपा की टॉप लीडरशिप डेरों के संपर्क में है। प्रधानमंत्री हाल ही में डेरा सचखंड बल्लां गए। उससे पहले राधा स्वामी डेरे में भी भाजपा के शीर्ष नेता जा चुके हैं। डेरों के जरिए भाजपा पंजाब के 38% दलित और OBC वोटर्स को भी साधने में जुटी है। इसका फायदा ये है कि डेरों से हिंदु और सिख, दोनों जुड़े हैं, यहां धर्म के आधार पर पोलराइजेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। 4. पंजाब में BJP के खिलाफ किसान विरोधी नेरेटिव अभी भी है, उसे कैसे सेट करेगी?
PAU के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. किरपाल सिंह औलख कहते हैं- भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती किसान विरोधी नेरेटिव ही है। किसान आंदोलन में 700 किसानों की मौत हुई, यह मुद्दा बंगाल रिजल्ट के बाद सीएम भगवंत मान ने भी उठाया। इससे बाहर निकलना BJP की परेशानी है। हां, अगर भाजपा हरियाणा की तर्ज पर फसलों पर MSP और एग्रीकल्चर लोन में छूट दे तो किसान भाजपा का साथ दे सकते हैं। पंजाब के किसानों को अभी तक किसी भी सरकार ने कुछ खास नहीं दिया है। AAP भी MSP का वादा कर आई थी वो भी नहीं दे पाई। इससे पहले कांग्रेस व अकाली दल की सरकारें रही वो भी ऐसा नहीं कर पाई। 5. भाजपा को हिंदुओं की पार्टी माना जाता है, इसीलिए सिख सपोर्ट नहीं करते, यह नैरेटिव कैसे तोड़ेगी?
डॉ किरपाल सिंह औलख का कहना है कि कट्‌टरपंथी सिख भाजपा के खिलाफ हैं और उन्होंने भाजपा के खिलाफ नेरेटिव सेट किया है। भाजपा बंदी सिखों को जेल से रिहा करके सिख विरोधी होने के नैरेटिव को खत्म कर सकती है। ज्यादातर सिख बंदी अपनी सजाएं पूरी कर चुके हैं और उन्हें रिहा करने में कोई कानूनी अड़चन भी नहीं आएगी। इससे सिखों के एक बड़े वर्ग को भाजपा के साथ आने में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। 6. सिख डोमिनेंस वाली ग्रामीण सीटों के लिए भाजपा क्या गेमप्लान बना सकती है?
DAU यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन प्रोफेसर डॉ. केके रत्तू कहते हैं- ये बात भाजपा भी जानती है। इसालिए फोकस शहरी सीटों पर रखती है। मगर, सिर्फ इससे सरकार बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकता। इसीलिए आपने देखा होगा कि भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत जनाधार वाले सिख चेहरों को पार्टी में शामिल कर रही है। इसके जरिए वह रूरल वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। हालांकि जब तक किसानों का विरोध खत्म नहीं होता, तब तक ग्रामीण क्षेत्रों में जीत हासिल करना भाजपा के लिए मुश्किल हो सकता है। 7. क्या भाजपा विरोधी दलों में तोड़फोड़ करेगी?
डॉ. केके रत्तू कहते हैं- BJP के पास पंजाब में ऐसे नेताओं की कमी है, जिन्हें हम विनिंग फेस कह सकें। जीतने की क्षमता वाले नेताओं को लाने के लिए भाजपा जरूर विरोधी दलों में तोड़फोड़ करेगी। भाजपा का ज्यादा फोकस कांग्रेस और AAP को तोड़ना रहेगा क्योंकि इससे एक तरफ भाजपा मजबूत होगी और दूसरी तरफ ये दोनों प्रमुख दल कमजोर होंगे। भाजपा ने इसकी प्लानिंग शुरू भी कर दी होगी। 8. पंजाब में फिलहाल CM भगवंत मान AAP का सबसे बड़ा चेहरा होंगे, उनके लिए क्या प्लान हो सकता है?
इंजीनियर पवनदीप शर्मा कहते हैं- ये बिल्कुल सही है कि पंजाब के मौजूदा पॉलिटिकल माहौल में CM भगवंत मान ही वह चेहरा हैं, जिस पर पूरी AAP डिपेंड है। भाजपा पहले AAP में सेंधमारी करेगी। केंद्र की योजनाओं को लागू न करने को लेकर CM काे फेल करने का नैरेटिव सेट करने की कोशिश होगी। बंगाल की तरह लॉ एंड ऑर्डर को मुद्दा बनाया जाएगा। इसके अलावा भी AAP को वीआईपी कल्चर, रेत माफिया जैसे कई मुद्दों पर सरकार को फेल साबित करने की कोशिश करेगी। अगर वह भगवंत मान के खिलाफ कोई नैरेटिव बना पाए पाए तो परिणाम चौंका सकते हैं। 9. पंजाब चुनाव में BJP से किसकी भूमिका सबसे अहम हो सकती है?
प्रोफेसर डॉ केके रत्तू कहते हैं- पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को घेरने के लिए भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को अहम जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी लगातार ममता के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे और इसी वजह से वो उन्हें पटखनी देने में कामयाब हुए। पंजाब में फिलहाल भाजपा के पास ऐसा कोई नेता नहीं है जो कि भगवंत मान को घेर सकता है। सुनील जाखड़ नेता अच्छे हैं लेकिन मास लीडर नहीं हैं। पार्टी रवनीत सिंह बिट्‌टू को भगवंत मान के सामने खड़ा कर सकती है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बंगाल रिजल्ट- पंजाब पर क्या असर, 3 एक्सपर्ट से जानिए:दिल्ली BJP हेडक्वार्टर में मंच से नारे- अब पंजाब की बारी है; PM यहीं आए थे बंगाल चुनाव में जीत के बाद भाजपा अब पंजाब में भी बड़ा उलटफेर करने की तैयारी में है। सोमवार को बंगाल चुनाव का रिजल्ट आने पर PM नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उनके संबोधन से पहले मंच से कार्यकर्ताओं से नारे लगवाए गए- बंगाल में जीत हमारी है, अब पंजाब की बारी है। पढ़ें पूरी खबर…

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डॉ किरपाल सिंह औलख का कहना है कि कट्‌टरपंथी सिख भाजपा के खिलाफ हैं और उन्होंने भाजपा के खिलाफ नेरेटिव सेट किया है। भाजपा बंदी सिखों को जेल से रिहा करके सिख विरोधी होने के नैरेटिव को खत्म कर सकती है। ज्यादातर सिख बंदी अपनी सजाएं पूरी कर चुके हैं और उन्हें रिहा करने में कोई कानूनी अड़चन भी नहीं आएगी। इससे सिखों के एक बड़े वर्ग को भाजपा के साथ आने में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। 6. सिख डोमिनेंस वाली ग्रामीण सीटों के लिए भाजपा क्या गेमप्लान बना सकती है?
DAU यूनिवर्सिटी के पूर्व डीन प्रोफेसर डॉ. केके रत्तू कहते हैं- ये बात भाजपा भी जानती है। इसालिए फोकस शहरी सीटों पर रखती है। मगर, सिर्फ इससे सरकार बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकता। इसीलिए आपने देखा होगा कि भाजपा ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तिगत जनाधार वाले सिख चेहरों को पार्टी में शामिल कर रही है। इसके जरिए वह रूरल वोट बैंक में सेंध लगा सकती है। हालांकि जब तक किसानों का विरोध खत्म नहीं होता, तब तक ग्रामीण क्षेत्रों में जीत हासिल करना भाजपा के लिए मुश्किल हो सकता है। 7. क्या भाजपा विरोधी दलों में तोड़फोड़ करेगी?
डॉ. केके रत्तू कहते हैं- BJP के पास पंजाब में ऐसे नेताओं की कमी है, जिन्हें हम विनिंग फेस कह सकें। जीतने की क्षमता वाले नेताओं को लाने के लिए भाजपा जरूर विरोधी दलों में तोड़फोड़ करेगी। भाजपा का ज्यादा फोकस कांग्रेस और AAP को तोड़ना रहेगा क्योंकि इससे एक तरफ भाजपा मजबूत होगी और दूसरी तरफ ये दोनों प्रमुख दल कमजोर होंगे। भाजपा ने इसकी प्लानिंग शुरू भी कर दी होगी। 8. पंजाब में फिलहाल CM भगवंत मान AAP का सबसे बड़ा चेहरा होंगे, उनके लिए क्या प्लान हो सकता है?
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प्रोफेसर डॉ केके रत्तू कहते हैं- पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को घेरने के लिए भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को अहम जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि शुभेंदु अधिकारी लगातार ममता के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे और इसी वजह से वो उन्हें पटखनी देने में कामयाब हुए। पंजाब में फिलहाल भाजपा के पास ऐसा कोई नेता नहीं है जो कि भगवंत मान को घेर सकता है। सुनील जाखड़ नेता अच्छे हैं लेकिन मास लीडर नहीं हैं। पार्टी रवनीत सिंह बिट्‌टू को भगवंत मान के सामने खड़ा कर सकती है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बंगाल रिजल्ट- पंजाब पर क्या असर, 3 एक्सपर्ट से जानिए:दिल्ली BJP हेडक्वार्टर में मंच से नारे- अब पंजाब की बारी है; PM यहीं आए थे बंगाल चुनाव में जीत के बाद भाजपा अब पंजाब में भी बड़ा उलटफेर करने की तैयारी में है। सोमवार को बंगाल चुनाव का रिजल्ट आने पर PM नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उनके संबोधन से पहले मंच से कार्यकर्ताओं से नारे लगवाए गए- बंगाल में जीत हमारी है, अब पंजाब की बारी है। पढ़ें पूरी खबर…

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