बैतूल पुलिस ग्राउंड में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना 2026 के तहत सैकड़ों जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एक ओर जहां कई परिवारों के चेहरों पर खुशी नजर आई, वहीं भोजन व्यवस्था को लेकर अव्यवस्थाओं ने सवाल भी खड़े कर दिए। कार्यक्रम में शामिल दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों को भोजन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कई नवविवाहित जोड़े लाइन में लगकर भोजन लेते और खुले स्थान पर बैठकर खाते नजर आए। कुछ दुल्हनों को बिना चटाई के जमीन पर बैठकर भोजन करते देखा गया, जिससे व्यवस्थाओं पर सवाल उठे। इसी कार्यक्रम में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए अलग से भोजन व्यवस्था की गई थी। उनके लिए टेबल-कुर्सी लगाकर आरामदायक माहौल तैयार किया गया था। दोनों व्यवस्थाओं के बीच का अंतर साफ नजर आया। दो तस्वीरें देखिएं…
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक सुविधा देना होता है। ऐसे में सभी के लिए समान और गरिमापूर्ण व्यवस्था होना जरूरी है। इस तरह का अंतर आयोजन के मूल उद्देश्य पर सवाल खड़े करता है। हालांकि बड़ी संख्या में जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ और यह कई परिवारों के लिए खुशी का मौका रहा, लेकिन भोजन व्यवस्था में दिखा यह अंतर पूरे कार्यक्रम में चर्चा का विषय बना रहा। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में सभी के लिए समान और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी या नहीं।















































