मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन जैसे बड़े शहरों के लोगों के मुकाबले छोटे शहरों के लोगों ने जनगणना के अंतर्गत मकान गणना की जानकारी खुद भरने में अधिक रुचि दिखाई है। स्वगणना के लिए जनगणना आयुक्त दिल्ली के निर्देश पर 16 से 30 अप्रैल के बीच चलाए अभियान में रायसेन जिला पूरे एमपी में अव्वल रहा है। दूसरे स्थान पर मंदसौर जिले के लोगों ने स्वगणना में मकान से संबंधित 33 सवालों की जानकारी भरी है। प्रदेश में मकानों की स्वगणना आज से बंद हो चुकी है और अब प्रगणक घर-घर जाकर लोगों से जानकारी लेना शुरू कर चुके हैं। 30 अप्रैल तक स्वगणना के सामने आए आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश में सात लाख 46 हजार 157 लोगों ने मोबाइल एप के जरिये स्वगणना की रिपोर्ट भरी है। 29 अप्रैल की आधी रात तक यह आंकड़ा 5 लाख 81 हजार 152 था। बताया जाता है कि इस जानकारी को नहीं भरने के पीछे मुख्य वजह प्रगणकों द्वारा घर आकर भरी गई जानकारी का वेरिफिकेशन किया जाना है। चूंकि प्रगणक घर आकर दोबारा वही सभी जानकारी पूछेंगे, इसलिए लोगों ने डिजिटल फार्मेट में कराई जा रही जनगणना में खुद जानकारी भरने में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई है। इंदौर में 13778, ग्वालियर में 9976 ने भरे स्वगणना फार्म जनगणना निदेशालय द्वारा कराई गई स्वगणना में इंदौर में 13778, ग्वालियर में 9976, जबलपुर में 16813 लोगों ने खुद मकानों की गणना संबंधित सवालों की जानकारी दी। स्वगणना रिपोर्ट भरने में जो जिले टॉप टेन और बॉटम टेन कैटेगरी से बाहर रहे हैं उसमें सागर, विदिशा, जबलपुर, बैतूल, खंडवा, धार, इंदौर, डिंडौरी, नरसिंहपुर, रतलाम, बालाघाट, ग्वालियर, अनूपपुर, गुना, शिवपुरी, झाबुआ, छतरपुर, खरगोन, मंडला, उमरिया, रीवा, नर्मदापुरम, हरदा, सिंगरौली, दमोह, कटनी, अलीराजपुर, बुरहानपुर, सतना, देवास, शहडोल, पन्ना, मैहर, सीहोर, पांढुर्णा शामिल हैं। स्वगणना रिपोर्ट भरने में ये रहे टॉप 10 जिले स्वगणना रिपोर्ट भरने में ये रहे बॉटम 10 जिले















































