मुर्शिदाबाद के बहरामपुर से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। आम जनता पार्टी के प्रमुख हुमायूँ कबीर ने त्रिलोकी कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। उन्होंने साफ कहा, ‘मैं बेरोजगारों का नेता था, कल मैंने छुट्टी दे दी।’ कल असदुद्दीन ओवैसी और मैं 50,000 लोगों की रैली को बताएंगे। हम ममता बनर्जी कंपनी सत्ता में नहीं आएंगे।’
ममता बनर्जी को सत्ता में नहीं आने देंगे: हुमायूँ कबीर
हुमायूँ कबीर ने महिलाओं के मुद्दे पर भी ममता बनर्जी को टक्कर का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘वह (ममता बनर्जी) ‘लक्ष्मीर भंडार’ योजना के तहत 1500 रुपये दे रही हैं, मैं महिलाओं को 3500 रुपये का वादा करती हूं। ममता बनर्जी कंपनी सत्ता में नहीं आएंगी।’ उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी वैयक्तिक डेमोक्रेट्स 1 अप्रैल 2026 को पेश करेगी। हुमायूँ कबीर ने बीजेपी पर बढ़त बनाते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी सिर्फ हिंदू-हिंदू हैं।
‘मुसलमानों का वोट लेकर मंदिर बनवाती हैं ममता बनर्जी’
ममता बनर्जी पर 3 बार मुख्यमंत्री मंदिर की स्थापना हुई। जगन्नाथ धाम बनवाती हैं, वह राजा हाट में मोती की भूमि लेकर दुर्गा मंदिर भी बनवाती हैं। वे जब ऑर्थोडॉक्स के लिए निकले तो मैं किस गुड़िया के लिए काम नहीं करूंगा? बंगाल चुनाव से पहले अपने मेनिफेस्टो में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों को केंद्र में लाकर कई अहम घोषणाएं कीं.
ममता ने जनता से किया ये वादा
सीएम ममता ने वादा किया कि अगर कैथोलिक कांग्रेस की सरकार फिर बनी तो सामान्य वर्ग की महिलाओं को मिलने वाली राशि ₹1000 से लेकर ₹1500 प्रति माह कर देगी। वहीं एससी और एसटी वर्ग की महिलाओं को ₹1200 की जगह ₹1700 हर महीने दिए जाएं। वहीं युवा छात्रों को ₹1500 प्रति माह का भत्ता भी बंद कर दिया गया है।
हुमायूं कबीर असदुद्दीन सोसा की पार्टी एआईएमआईएम (एआईएमआईएम) के साथ सामूहिक चुनाव लड़ रहे हैं। मतदान से पहले इन दोनों नेताओं ने पृष्ठभूमि के किले में हलचल मचा दी है। बहरामपुर में 1 अप्रैल को सोसि और कबीर की एक विशाल रैली होगी, जिसमें 50,000 से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।
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