Tuesday, 22 Sep 2026 | 02:11 PM

Trending :

राजगढ़ खरीदी केंद्रों पर सैंपल के नाम पर ज्यादा कटौती:500 ग्राम नियम के बावजूद 800 ग्राम तक गेहूं निकाल रहे, बिना तौल प्रक्रिया पर सवाल

राजगढ़ खरीदी केंद्रों पर सैंपल के नाम पर ज्यादा कटौती:500 ग्राम नियम के बावजूद 800 ग्राम तक गेहूं निकाल रहे, बिना तौल प्रक्रिया पर सवाल

राजगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी के बीच अब सैंपल लेने की प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है। कागजों में जहां सैंपल के लिए अधिकतम 500 ग्राम गेहूं लेने का नियम बताया जा रहा है, वहीं जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कई खरीदी केंद्रों पर किसानों की उपज से तय सीमा से अधिक गेहूं निकाले जाने की बात सामने आई है। मंगलवार को दैनिक भास्कर की टीम ने इस पूरे मामले की पड़ताल के लिए खिलचीपुर से करीब 6 किलोमीटर दूर बड़वेली गांव स्थित मां यशोदा वेयरहाउस का दौरा किया। यहां सुबह से ही किसान ट्राली में अपनी उपज लेकर बेचने पहुंचे थे और सात कांटों पर तुलाई का काम चल रहा था। पहली नजर में व्यवस्था सामान्य दिखी, लेकिन जैसे ही टीम ने सैंपल लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया, कई अनियमितताएं सामने आने लगीं। तुलाई के दौरान किसानों की ट्रॉलियों से सैंपल के नाम पर गेहूं निकाला जा रहा था, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी। न तो सैंपल का वजन मौके पर किया जा रहा था और न ही किसानों को यह बताया जा रहा था कि उनकी उपज से कितना गेहूं लिया जा रहा है। प्लास्टिक की पन्नियों में हाथ से गेहूं भरकर अलग किया जा रहा था। अतिरिक्त गेंहू को बेच दिया जाता है
टीम ने मौके पर मौजूद सर्वेयर गिरिराज दांगी से जब पूछा कि सैंपल के लिए कितना गेहूं लिया जा रहा है, तो उन्होंने बताया कि आमतौर पर 600 से 750 ग्राम तक सैंपल लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी माना कि सैंपल लेने की प्रक्रिया में तौल का उपयोग नहीं किया जा रहा है।

स्थिति की सच्चाई जानने के लिए टीम ने मौके पर ही सैंपल का वजन कराने का निर्णय लिया। सर्वेयर द्वारा लाई गई दो अलग-अलग प्लास्टिक की थैलियों का कांटे पर वजन किया गया। पहली थैली में 750 ग्राम गेहूं निकला, जबकि दूसरी में 810 ग्राम। यह अंतर साफ तौर पर दिखाता है कि तय सीमा से ज्यादा गेहूं किसानों की ट्रॉलियों से सैंपल के नाम पर निकाला जा रहा है।

वेयरहाउस के आसपास मौजूद एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सैंपल के नाम पर जो अतिरिक्त गेहूं लिया जाता है, उसे बाद में इकट्ठा कर बेच दिया जाता है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। जब इस मामले को लेकर नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक महेश चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सैंपल के लिए अधिकतम 500 ग्राम गेहूं ही लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस 500 ग्राम में से भी केवल 50 ग्राम गेहूं जांच के लिए उपयोग किया जाता है और शेष मात्रा किसान को वापस करना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि कहीं 800 ग्राम तक गेहूं लिया जा रहा है, तो यह नियमों के खिलाफ है और मैं इसका पता करता हूं। सर्वेयर इंचार्ज बोले- एक किलो तक सैंपल ले सकते हैं
वहीं दूसरी तरफ सर्वेयर इंचार्ज मुकेश दांगी का बयान अधिकारियों के दावों से अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार 500 ग्राम से लेकर 1 किलो तक सैंपल लिया जा सकता है। उनका तर्क था कि सैंपल “राउंड फिगर” में लिया जाता है, इसलिए यह 500, 700 या 800 ग्राम तक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नियम पुस्तिका में 2 किलो तक सैंपल निकालने का प्रावधान है, जिसमें से 500 ग्राम से 700 ग्राम तक हिस्सा हमें रखना है और बाकी वापस किया जाता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
निवाड़ी अस्पताल के सामने सड़क पर ट्रांसफार्मर:लोग बोले- इससे शॉर्ट सर्किट का खतरा; बिजली कंपनी ने अस्पताल प्रबंधन को ठहराया जिम्मेदार

April 18, 2026/
4:04 pm

निवाड़ी जिला मुख्यालय के मुख्य बाजार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक सामने सड़क किनारे बिजली ट्रांसफार्मर लगा है। इसी...

Owaisi Slams Modis Israel Love

February 27, 2026/
8:16 pm

विजयवाड़ा1 घंटे पहले कॉपी लिंक AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवेसी ने हैदराबाद में मस्जिद-ए-चौक पर एक सभा को संबोधित किया। ऑल...

लिस्टिंग के बाद मस्क ने की लाखों करोड़ की डील:देर से समझ आई रॉकेट-एआई की कहानी; लिस्ट होने के पहले ही महीने 35% गिरे शेयर

July 14, 2026/
3:39 pm

12 जून की वो शाम याद कीजिए, जब एलन मस्क की स्पेसएक्स पहली बार शेयर बाजार में उतरी थी। कंपनी...

बालाघाट पंचायतकर्मियों ने सीईओ के खिलाफ किया प्रदर्शन:कहा- तबादलों पर रोक के बावजूद सचिवों को इधर-उधर भेजा जा रहा

February 27, 2026/
7:22 pm

बालाघाट में जिला पंचायत सीईओ और पंचायत कर्मचारियों के बीच का विवाद अब आंदोलन में बदल गया है। वित्तीय वर्ष...

शाजापुर के गिरवर रोड पर पेड़ में आग:धुएं से अफरा-तफरी; फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

April 27, 2026/
2:32 pm

शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोमवार को दोपहर के समय गिरवर रोड पर नहर के पास स्थित एक खेत...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

राजगढ़ खरीदी केंद्रों पर सैंपल के नाम पर ज्यादा कटौती:500 ग्राम नियम के बावजूद 800 ग्राम तक गेहूं निकाल रहे, बिना तौल प्रक्रिया पर सवाल

राजगढ़ खरीदी केंद्रों पर सैंपल के नाम पर ज्यादा कटौती:500 ग्राम नियम के बावजूद 800 ग्राम तक गेहूं निकाल रहे, बिना तौल प्रक्रिया पर सवाल

राजगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी के बीच अब सैंपल लेने की प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है। कागजों में जहां सैंपल के लिए अधिकतम 500 ग्राम गेहूं लेने का नियम बताया जा रहा है, वहीं जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। कई खरीदी केंद्रों पर किसानों की उपज से तय सीमा से अधिक गेहूं निकाले जाने की बात सामने आई है। मंगलवार को दैनिक भास्कर की टीम ने इस पूरे मामले की पड़ताल के लिए खिलचीपुर से करीब 6 किलोमीटर दूर बड़वेली गांव स्थित मां यशोदा वेयरहाउस का दौरा किया। यहां सुबह से ही किसान ट्राली में अपनी उपज लेकर बेचने पहुंचे थे और सात कांटों पर तुलाई का काम चल रहा था। पहली नजर में व्यवस्था सामान्य दिखी, लेकिन जैसे ही टीम ने सैंपल लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया, कई अनियमितताएं सामने आने लगीं। तुलाई के दौरान किसानों की ट्रॉलियों से सैंपल के नाम पर गेहूं निकाला जा रहा था, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी। न तो सैंपल का वजन मौके पर किया जा रहा था और न ही किसानों को यह बताया जा रहा था कि उनकी उपज से कितना गेहूं लिया जा रहा है। प्लास्टिक की पन्नियों में हाथ से गेहूं भरकर अलग किया जा रहा था। अतिरिक्त गेंहू को बेच दिया जाता है
टीम ने मौके पर मौजूद सर्वेयर गिरिराज दांगी से जब पूछा कि सैंपल के लिए कितना गेहूं लिया जा रहा है, तो उन्होंने बताया कि आमतौर पर 600 से 750 ग्राम तक सैंपल लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी माना कि सैंपल लेने की प्रक्रिया में तौल का उपयोग नहीं किया जा रहा है।

स्थिति की सच्चाई जानने के लिए टीम ने मौके पर ही सैंपल का वजन कराने का निर्णय लिया। सर्वेयर द्वारा लाई गई दो अलग-अलग प्लास्टिक की थैलियों का कांटे पर वजन किया गया। पहली थैली में 750 ग्राम गेहूं निकला, जबकि दूसरी में 810 ग्राम। यह अंतर साफ तौर पर दिखाता है कि तय सीमा से ज्यादा गेहूं किसानों की ट्रॉलियों से सैंपल के नाम पर निकाला जा रहा है।

वेयरहाउस के आसपास मौजूद एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सैंपल के नाम पर जो अतिरिक्त गेहूं लिया जाता है, उसे बाद में इकट्ठा कर बेच दिया जाता है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। जब इस मामले को लेकर नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक महेश चौधरी से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सैंपल के लिए अधिकतम 500 ग्राम गेहूं ही लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस 500 ग्राम में से भी केवल 50 ग्राम गेहूं जांच के लिए उपयोग किया जाता है और शेष मात्रा किसान को वापस करना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि कहीं 800 ग्राम तक गेहूं लिया जा रहा है, तो यह नियमों के खिलाफ है और मैं इसका पता करता हूं। सर्वेयर इंचार्ज बोले- एक किलो तक सैंपल ले सकते हैं
वहीं दूसरी तरफ सर्वेयर इंचार्ज मुकेश दांगी का बयान अधिकारियों के दावों से अलग नजर आया। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार 500 ग्राम से लेकर 1 किलो तक सैंपल लिया जा सकता है। उनका तर्क था कि सैंपल “राउंड फिगर” में लिया जाता है, इसलिए यह 500, 700 या 800 ग्राम तक हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नियम पुस्तिका में 2 किलो तक सैंपल निकालने का प्रावधान है, जिसमें से 500 ग्राम से 700 ग्राम तक हिस्सा हमें रखना है और बाकी वापस किया जाता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.