Monday, 06 Apr 2026 | 04:59 AM

Trending :

EXCLUSIVE

हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट में फंड के उपयोग में गड़बड़ियां, परियोजनाओं में देरी, राजस्व वसूली में कमी, अव्यवस्थित वित्तीय नियंत्रण और कई विभागों में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। खनन, सिंचाई, आपदा राहत, विश्वविद्यालय और वन विभाग तक फैली इन खामियों ने शासन-प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि 2024-25 में खर्च की गई बड़ी धनराशि का पूरा हिसाब स्पष्ट नहीं है। कई विभागों ने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं किए। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से गंभीर चूक माना गया। CAG ने पाया कि कई विभागों ने आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं किया और कुछ मामलों में बिना स्वीकृति के खर्च किया गया। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का पालन न होने के मामले भी सामने आए हैं। इससे सरकारी खर्च की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। CAG ने 2024-25 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता जताई है। राजस्व विभाग में गड़बड़ी जयराम सरकार में 2019-20 में आपदा फंड में भी गड़बड़ी SDRF और NDRF फंड के उपयोग में भी बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। 2019-20 में केंद्र सरकार ने ₹61.07 करोड़ रोक लिए थे, क्योंकि राज्य ने SDRF फंड का दुरुपयोग किया था। इसके बावजूद 2019-23 के दौरान भी यह स्थिति जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, ₹254.73 करोड़ की NDRF सहायता जारी ही नहीं हो सकी। क्योंकि राज्य के पास पहले से ही SDRF का बड़ा बैलेंस पड़ा था। इससे राहत कार्यों में 1 से 2 साल तक की देरी हुई। इसके अलावा ₹122.27 करोड़ राशि नियमों के अनुसार निवेश करने के बजाय सेविंग अकाउंट में पड़ी रही, जिससे ब्याज का नुकसान हुआ। कई जगह नियमों के खिलाफ ₹11.76 करोड़ के कार्य कर दिए गए, जैसे सामान्य मरम्मत और नए निर्माण, जो आपदा राहत के दायरे में नहीं आते। आपदा प्रबंधन सिस्टम कमजोर आपदा प्रबंधन सिस्टम भी कमजोर पाया गया। राज्य आपदा योजना अपडेट नहीं हुई, जिला योजनाओं को मंजूरी नहीं मिली और कई जगह आपदा प्रबंधन टीमें बनी ही नहीं। SDRF में स्टाफ की कमी भी सामने आई, जहां 326 पदों में से केवल 193 ही भरे गए। इसके अलावा 9,449 कार्यों (₹172.47 करोड़) का डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया और बड़ी संख्या में उपयोग प्रमाण पत्र लंबित पाए गए। वन विभाग में अनियमितताएं CAMPA फंड में ₹1.33 करोड़ की संभावित कमी वन विभाग की कार्यप्रणाली पर CAG की रिपोर्ट में सवाल उठे हैं। फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट (FCA) के तहत शिमला स्थित नोडल अधिकारी के रिकॉर्ड की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में वन भूमि पर मौजूद पौधों को वन घनत्व की गणना में शामिल नहीं किया गया। इस वजह से CAMPA (कंपनसेटरी एफॉरस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग ऑथोरिटी) फंड के आकलन में कमी की आशंका जताई गई है। इन गड़बड़ियों के कारण करीब ₹1.33 करोड़ की राशि की कम वसूली होने की संभावना है। CAG ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए वन विभाग की प्रक्रियाओं और आकलन प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत बताई है। खनन सेक्टर में बड़ी गड़बड़ियां CAG रिपोर्ट में उद्योग विभाग के तहत खनन सेक्टर की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। 2018-19 से 2022-23 के दौरान राज्य में 40 हजार से अधिक अवैध खनन के मामले सामने आए, जिनमें अकेले 2022-23 में ही 8,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए। खनन विभाग ने 5 साल तक एक्शन प्लान नहीं बनाया ऑडिट में पाया गया कि खनन विभाग ने पांच साल तक वार्षिक कार्ययोजना ही तैयार नहीं की, जिससे निरीक्षण, रॉयल्टी वसूली और परियोजनाओं की निगरानी प्रभावित हुई। राजस्व वसूली में भी खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान 27 खदानों में ₹1.81 करोड़ की रॉयल्टी कम वसूली पाई गई। इसके अलावा, ₹74.81 लाख डेड रेंट और ₹7.27 लाख सरफेस रेंट भी समय पर वसूल नहीं किया गया। जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र बेहद कमजोर पाया गया। कई जिलों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, फ्लाइंग स्क्वॉड और टास्क फोर्स तक नहीं बनाई गई, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
जबलपुर आंदोलन की तैयारी में जुटी युवा कांग्रेस:सीधी पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष ने महंगाई-बेरोजगारी पर सरकार को घेरा; कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली

April 3, 2026/
9:57 pm

सीधी में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पहुंचे। उनके आने पर...

कर्नाटक में कांग्रेस को हराने के लिए मतदाताओं से अपील करते हुए कहा- मरते दम तक याद रखूंगा

April 1, 2026/
10:24 am

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को दावणगेरे दक्षिण...

सिवनी में तेज आवाज बुलेट पर पुलिस की कार्रवाई:मॉडिफाइड साइलेंसर के लिए किया जुर्माना; चालक को सख्त हिदायत

February 25, 2026/
6:55 am

सिवनी शहर में तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगी मोटरसाइकिलों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। ध्वनि...

दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत, बड़ा ही कारगर है उपाय

February 22, 2026/
7:33 pm

X दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें सेहत का ख्याल तो नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत   सर्दियों का...

हिमाचल में अयोग्य घोषित विधायकों को नहीं मिलेगी पेंशन:विधानसभा में संशोधन विधेयक पारित, दल-बदल पर सख्ती, चैतन्य-देवेंद्र भुट्टो की पेंशन बंद

April 2, 2026/
11:32 am

हिमाचल प्रदेश में अयोग्य घोषित विधायकों को पेंशन नहीं मिलेगी। कांग्रेस सरकार ने विधानसभा बजट सेशन में आज विपक्ष के...

टी-20 वर्ल्डकप में एसोसिएट देशों का बेहतर प्रदर्शन:भारत-पाकिस्तान और इंग्लैंड को टक्कर दी; एसोसिएट देशों की मांग- हमें ज्यादा मैच चाहिए

February 21, 2026/
11:25 am

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में एसोसिएट देशों ने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। नीदरलैंड, नेपाल, अमेरिका,...

राजपाल यादव बोले:‘भूत बंगला’ में हॉरर और कॉमेडी दोनों, प्रियन सर की फिल्म के लिए रोल नहीं पूछता

March 15, 2026/
4:47 pm

अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूत बंगला’ में राजपाल यादव भी नजर आएंगे। तीनों की यह तिकड़ी पहले...

राजनीति

हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट में फंड के उपयोग में गड़बड़ियां, परियोजनाओं में देरी, राजस्व वसूली में कमी, अव्यवस्थित वित्तीय नियंत्रण और कई विभागों में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। खनन, सिंचाई, आपदा राहत, विश्वविद्यालय और वन विभाग तक फैली इन खामियों ने शासन-प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि 2024-25 में खर्च की गई बड़ी धनराशि का पूरा हिसाब स्पष्ट नहीं है। कई विभागों ने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं किए। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से गंभीर चूक माना गया। CAG ने पाया कि कई विभागों ने आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं किया और कुछ मामलों में बिना स्वीकृति के खर्च किया गया। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का पालन न होने के मामले भी सामने आए हैं। इससे सरकारी खर्च की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। CAG ने 2024-25 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता जताई है। राजस्व विभाग में गड़बड़ी जयराम सरकार में 2019-20 में आपदा फंड में भी गड़बड़ी SDRF और NDRF फंड के उपयोग में भी बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। 2019-20 में केंद्र सरकार ने ₹61.07 करोड़ रोक लिए थे, क्योंकि राज्य ने SDRF फंड का दुरुपयोग किया था। इसके बावजूद 2019-23 के दौरान भी यह स्थिति जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, ₹254.73 करोड़ की NDRF सहायता जारी ही नहीं हो सकी। क्योंकि राज्य के पास पहले से ही SDRF का बड़ा बैलेंस पड़ा था। इससे राहत कार्यों में 1 से 2 साल तक की देरी हुई। इसके अलावा ₹122.27 करोड़ राशि नियमों के अनुसार निवेश करने के बजाय सेविंग अकाउंट में पड़ी रही, जिससे ब्याज का नुकसान हुआ। कई जगह नियमों के खिलाफ ₹11.76 करोड़ के कार्य कर दिए गए, जैसे सामान्य मरम्मत और नए निर्माण, जो आपदा राहत के दायरे में नहीं आते। आपदा प्रबंधन सिस्टम कमजोर आपदा प्रबंधन सिस्टम भी कमजोर पाया गया। राज्य आपदा योजना अपडेट नहीं हुई, जिला योजनाओं को मंजूरी नहीं मिली और कई जगह आपदा प्रबंधन टीमें बनी ही नहीं। SDRF में स्टाफ की कमी भी सामने आई, जहां 326 पदों में से केवल 193 ही भरे गए। इसके अलावा 9,449 कार्यों (₹172.47 करोड़) का डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया और बड़ी संख्या में उपयोग प्रमाण पत्र लंबित पाए गए। वन विभाग में अनियमितताएं CAMPA फंड में ₹1.33 करोड़ की संभावित कमी वन विभाग की कार्यप्रणाली पर CAG की रिपोर्ट में सवाल उठे हैं। फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट (FCA) के तहत शिमला स्थित नोडल अधिकारी के रिकॉर्ड की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में वन भूमि पर मौजूद पौधों को वन घनत्व की गणना में शामिल नहीं किया गया। इस वजह से CAMPA (कंपनसेटरी एफॉरस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग ऑथोरिटी) फंड के आकलन में कमी की आशंका जताई गई है। इन गड़बड़ियों के कारण करीब ₹1.33 करोड़ की राशि की कम वसूली होने की संभावना है। CAG ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए वन विभाग की प्रक्रियाओं और आकलन प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत बताई है। खनन सेक्टर में बड़ी गड़बड़ियां CAG रिपोर्ट में उद्योग विभाग के तहत खनन सेक्टर की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। 2018-19 से 2022-23 के दौरान राज्य में 40 हजार से अधिक अवैध खनन के मामले सामने आए, जिनमें अकेले 2022-23 में ही 8,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए। खनन विभाग ने 5 साल तक एक्शन प्लान नहीं बनाया ऑडिट में पाया गया कि खनन विभाग ने पांच साल तक वार्षिक कार्ययोजना ही तैयार नहीं की, जिससे निरीक्षण, रॉयल्टी वसूली और परियोजनाओं की निगरानी प्रभावित हुई। राजस्व वसूली में भी खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान 27 खदानों में ₹1.81 करोड़ की रॉयल्टी कम वसूली पाई गई। इसके अलावा, ₹74.81 लाख डेड रेंट और ₹7.27 लाख सरफेस रेंट भी समय पर वसूल नहीं किया गया। जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र बेहद कमजोर पाया गया। कई जिलों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, फ्लाइंग स्क्वॉड और टास्क फोर्स तक नहीं बनाई गई, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.