कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र के कन्हवारा गांव में एक आदिवासी परिवार दबंगों के डर से दहशत में जीने को मजबूर है। घर में घुसकर मारपीट, किडनैपिंग और जान से मारने की धमकी मिलने के बाद, पीड़ित परिवार ने मंगलवार को एसपी ऑफिस पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई और आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की। पीड़ित सुखदेव कोल ने बताया कि यह खौफनाक घटना 14 मार्च 2026 की रात करीब 2 बजे हुई। आरोप है कि भाजपा युवा मोर्चा के ग्रामीण मंडल अध्यक्ष लखन साहू, दीपक परिहार, अभिषेक पटेल और उनके दर्जनों साथियों ने सुखदेव के घर पर धावा बोल दिया। दबंगों ने जबरन दरवाजा खुलवाया और सुखदेव और उसकी पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। जंगल ले जाकर बेरहमी से पीटा दबंगों ने न सिर्फ सुखदेव, बल्कि पड़ोस में रहने वाले गोरे लाल कोल को भी बंधक बना लिया। आरोप है कि उन्हें घसीटते हुए पास के जंगल ले जाया गया, जहां भीड़ ने दोनों की जमकर पिटाई की। सुखदेव का कहना है कि मारपीट के दौरान उसकी 2 महीने की गर्भवती पत्नी को भी नहीं बख्शा गया। गलतफहमी बनी विवाद की वजह पीड़ितों के मुताबिक, उन्होंने वन विभाग से सिर्फ इतनी विनती की थी कि लकड़ी बीनने वाली महिलाओं के हंसिया-कुल्हाड़ी न छीने जाएं। लेकिन आरोपियों को लगा कि उन्होंने बॉक्साइट के अवैध उत्खनन की शिकायत की है। मारपीट के दौरान आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और सत्ता और पुलिस का धौंस दिखाते हुए जान से मारने की धमकी दी। गिरफ्तारी न होने से परिवार डरा हालांकि पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी अब भी बाहर घूम रहे हैं। इसी वजह से पूरा परिवार घर से निकलने में भी डर रहा है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे सुखदेव और गोरे लाल ने अपनी चोटें दिखाते हुए इंसाफ मांगा। वहां मौजूद अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

















































