तमिलनाडु चुनाव 2026: तमिल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, प्रोटोटाइप पारा तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को कोलाथुर सीट से नामांकन के लिए नामांकन कर बिगुल बजा दिया। नामांकन के तुरंत बाद उन्होंने रोड शो किया, जहां गंगा की भीड़ ने संकेत दिया कि इस बार मुकाबला और सबसे ज्यादा तीखा होने वाला है।
स्टालियन ने सबसे पहले अंदाज में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “हमारी जीत इस बार बहुत शानदार होगी। पिछली तीन बार की तुलना में इस बार का फ़ोर्सुअल सपोर्ट मिल रहा है। तमिल दिल्ली के ख़िलाफ़ लड़ रही है। इस बार की जीत बहुत शानदार होने वाली है।”
#देखो | चेन्नई: तमिलनाडु के सीएम और कोलाथुर से डीएमके उम्मीदवार एमके स्टालिन का कहना है, “हमारी जीत बहुत शानदार होगी. पिछली तीन बार की तुलना में इस बार मैं भारी समर्थन देख रहा हूं…तमिलनाडु दिल्ली के खिलाफ लड़ रहा है. इस बार जीत बहुत बड़ी होने वाली है.” https://t.co/UwmGgIYdIG pic.twitter.com/41gqftzAJx
– एएनआई (@ANI) 30 मार्च 2026
उनके इस कथन में सिर्फ नामांकन की पुष्टि नहीं है, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जहां डीएमके खुद “दिल्ली बनाम तमिलनाडु” के नैरावेटिव में स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
इस चुनाव में डीएमके 234 में से 164 में खुद चुनाव लड़ रही है, जबकि 70 आरओएचआई सहयोगी व्यवस्थाएं खत्म हो गई हैं। कांग्रेस को 28 सीटें, सीपीआई और सीपीआई (एम) को 5-5 सीटें, वीसीके को 8 और एमडीएमके को 4 सीटें मिली हैं। इसके अलावा डीएमडीके, आईयूएमएल और अन्य क्षेत्रीय दल भी गठबंधन का हिस्सा हैं। यह गठबंधन सूत्र स्पष्ट करता है कि डीएमके इस बार भी मजबूत सामाजिक और राजनीतिक आधार के साथ मैदान में उतर रही है।
DMK फिर सत्ता में आएगी-कनिमोझी का भरोसा
डीएमके के सांसद मिनिमोझी ने भी पार्टी की वापसी को लेकर भरोसेमंद समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि डीएमके फिर से सत्य में सबसे अच्छी सरकार है।”
उन्होंने आगे कहा, ‘पिछले 5 साल में मुख्यमंत्री ने जो वादे किए, उन्हें पूरा किया और उनसे भी ज्यादा किया।’
#घड़ी | तमिलनाडु चुनाव 2026 | चेन्नई: द्रमुक सांसद कनिमोझी का कहना है, “बहुत विश्वास है कि द्रमुक शासन में वापस आएगी…वे (लोग) बहुत आश्वस्त हैं कि वे किसे वोट देंगे, बहुत आश्वस्त हैं कि द्रमुक सुशासन देने के लिए वापस आएगी।”
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डीएमके का यह बयान नैरावेटिव को मजबूत बनाने का काम करता है, जिसमें वह अपने शासन को “डिलीवरी मॉडल” के रूप में पेश कर रही है।
मत का पलटवार, ‘झूठे वादों’ का आरोप
दूसरी तरफ एआईएडीएमके ने डीएमके के “सुपरस्टार मैनिफेस्टो” पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेता सिटी चेलापांडियन ने आरोप लगाया, “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अब तक 2000 के वादे किए हैं। 2021 के चुनाव में 25 साल से भी कम समय में 525 वार्डों की बात नहीं हुई। राजनीतिक ताकतों की आदत खत्म हो गई है।”
उन्होंने सरकार पर संगठनात्मक विफलता और कानूनी-व्यवस्था के भी आरोप लगाए। उनका कहना है, चुनाव से ठीक पहले दी जा रही है सिर्फ वोट दिलाने की कोशिश है।
मैनीफेस्टो बनाओ निर्विरोध केंद्र
स्टालिन के “सुपरस्टार मैनिफेस्टो” ने इस चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, युवाओं के लिए नौकरी और कोचिंग प्रशिक्षण, किसानों के लिए बेहतर कीमत और मुफ़्त दवाएँ, इन वादों ने राजनीतिक बहस को तेज़ कर दिया है। लेकिन इसे “कॉपी-पेस्ट” और “स्टिकर पॉलिटिक्स” कहना जारी है।
अर्थशास्त्र गणित क्या है?
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे। 234 नामांकन पर होने वाला यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं है, बल्कि नैराविता की जंग भी है – विकास बनाम वादा, और क्षेत्रीय पहचान बनाम राष्ट्रीय राजनीति।
स्टालिन का “बहुत बड़ा” वाला दावा लेकिन कितनी बड़ी उपलब्धि होती है, यह तो स्टालिन के दिन साक्षा होगा, तय है कि इस बार तमिल की राजनीति में दांव बड़ा और मुकाबला भी है।













































